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COVID-19 : 50 साल से अधिक उम्र के कैदियों को इमरजेंसी पैरोल देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका
COVID-19 : 50 साल से अधिक उम्र के कैदियों को इमरजेंसी पैरोल देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका

सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है, जिसमें जेल से ऐसे कैदियों को रिहा करने के निर्देश देने की मांग की गई है, जिनकी उम्र 50 साल से अधिक है और साथ ही ऐसे लोग जो किसी बीमारी से पीड़ित हैं उन्हें मेडिकल शर्तों पर कोरोना वायरस के संकट को देखते हुए आपातकालीन पैरोल या अंतरिम जमानत पर छोड़ने के निर्देश देने की मांग की गई है। शीर्ष अदालत द्वारा 23 मार्च को दिए गए एक आदेश का हवाला देते हुए, जिसमें कई दिशा-निर्देश दिए गए थे कि जेलों में भीड़ भाड़ कम करने के प्रयास में कुछ श्रेणियों...

केरल हाईकोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई सुनवाई,  लाइव स्ट्रीमिंग करके इतिहास रचा
केरल हाईकोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई सुनवाई, लाइव स्ट्रीमिंग करके इतिहास रचा

केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अति आवश्यक मामलों पर सुनवाई की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग करके इतिहास रचा। जस्टिस ए के जयसकरण नांबियार और जस्टिस शाजी पी चैली की पीठ ने अपने-अपने घर से कार्यवाही में हिस्सा लिया। पीठ ने लगभग 30 जरूरी मामलों पर विचार किया, जिसमें जमानत याचिकाएं और रिट याचिकाएं शामिल रहीं। अधिवक्ताओं ने अपने ऑफिस/ घर से 'ज़ूम' ऐप के माध्यम से कार्यवाही में भाग लिया। राज्य और केंद्र के कानून अधिकारी भी कार्यवाही में शामिल हुए। कोई भी व्यक्ति 'ज़ूम'...

बांग्लादेश मेडिकल कॉलेज होस्टल में फंसे भारतीय छात्रों की देखभाल करने के लिए अनुरोध किया है, MEA ने दिल्ली हाईकोर्ट में बताया
बांग्लादेश मेडिकल कॉलेज होस्टल में फंसे भारतीय छात्रों की देखभाल करने के लिए अनुरोध किया है, MEA ने दिल्ली हाईकोर्ट में बताया

विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया कि बांग्लादेश के सभी मेडिकल कॉलेज, जहाँ भारतीय छात्र रह रहे हैं, उनसे अनुरोध किया गया है कि वे छात्रों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए कम से कम एक मेस सुविधा खोलें। कोर्ट में सरकार का यह जवाब बांग्लादेश में अपने कॉलेज के हॉस्टल में फंसे भारतीय छात्रों की ओर से अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल द्वारा दायर याचिका पर आया है। भारत सरकार द्वारा उड़ानों पर लगाई गई अस्थायी रोक के कारण, भारतीय छात्र अपने देश में वापस आने और अपने परिवार के सदस्यों से...

COVID ​​-19 : सुप्रीम कोर्ट ने प्रवासी मजदूरों के पलायन पर केंद्र सरकार से पूछा क्या कदम उठाए, स्टेटस रिपोर्ट मांगी 
COVID ​​-19 : सुप्रीम कोर्ट ने प्रवासी मजदूरों के पलायन पर केंद्र सरकार से पूछा क्या कदम उठाए, स्टेटस रिपोर्ट मांगी 

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र को राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा के बारे में उठाए गए कदमों पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की पीठ ने उस जनहित याचिका पर सुनवाई की जिसमें शहरों से प्रवासी कामगारों के भारी पलायन के मद्देनज़र अदालत के हस्तक्षेप की मांग की गई हैं क्योंकि वो कोरोनावायरस लॉकडाउन में बुनियादी आवश्यकताओं के बिना छोड़ दिए गए थे। केंद्र को जवाब दाखिल करने की अनुमति देते हुए मामले को अगली...

COVID-19 : सांसद ने सुप्रीम कोर्ट में कर्नाटक के केरल की सीमा पर नाकाबंदी को चुनौती दी 
COVID-19 : सांसद ने सुप्रीम कोर्ट में कर्नाटक के केरल की सीमा पर नाकाबंदी को चुनौती दी 

COVID-19 महामारी के मद्देनजर केरल के साथ अपनी सड़क सीमाओं को बंद करने की कर्नाटक सरकार की कार्रवाई को चुनौती देते हुए सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की है। यह याचिका कासरगोड जिले से चुने गए कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन ने दायर की है, जो कर्नाटक के साथ सीमा साझा करता हैं।वकील हैरिस बीरन के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि सीमाओं के बंद होने से केरल को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हुई है। याचिका में यह भी कहा गया है कि कासरगोड के निवासी सालों से मंगलूरू जिले में...

शाहीन बाग : दिल्ली की अदालत ने आरोपियों को ज़मानत दी कहा, CAA-NRC-NPR पर सोशल मीडिया में कोई पोस्ट न करें
शाहीन बाग : दिल्ली की अदालत ने आरोपियों को ज़मानत दी कहा, CAA-NRC-NPR पर सोशल मीडिया में कोई पोस्ट न करें

दिल्ली की एक अदालत ने रविवार को कोरोनावायरस के प्रकोप के मद्देनजर लगाए गए लॉकडाउन को लेकर राज्य और केंद्र सरकार के निर्देशों की अवहेलना करने के आरोपी तीन लोगों को जमानत दे दी। आरोप लगाया गया था कि COVID -19 महामारी के मद्देनजर कर्फ्यू मानदंडों का उल्लंघन करते हुए आरोपी शाहीन बाग में सीएए विरोधी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थे। ड्यूटी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट, साकेत कोर्ट दिल्ली ने गए 11 जमानत शर्तें लगाईं, उनमें एक एक शर्त इस इस प्रकार हैं। "आवेदक किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर नागरिकता...

किसी वकील को किराए के अभाव में निकाला न जाए : BCD ने दिल्ली हाईकोर्ट को लिखा पत्र, निर्देश मांगे 
'किसी वकील को किराए के अभाव में निकाला न जाए' : BCD ने दिल्ली हाईकोर्ट को लिखा पत्र, निर्देश मांगे 

राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के चलते एक ओर जहां कई वकीलों के पास काम नहीं है, बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) ने दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीशों को एक पत्र लिखा है, जिसमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है कि COIDID19 महामारी के चलते लॉकडाउन के दौरान किसी भी वकील को बेघर न किया जाए। परिषद ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को निर्देश जारी करने के लिए कहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी वकील मासिक किराए का भुगतान करने में विफल रहने पर अपने किराए के आवास से बाहर...

सुप्रीम कोर्ट एडमिन ने रजिस्ट्री के अधिकारियों से COVID 19 राहत के लिए पीएम केयर फंड में योगदान देने की अपील की
सुप्रीम कोर्ट एडमिन ने रजिस्ट्री के अधिकारियों से COVID 19 राहत के लिए पीएम केयर फंड में योगदान देने की अपील की

सुप्रीम कोर्ट ने COVID-19 राहत के लिए प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपातकालीन राहत [PM CARES] फंड में स्वैच्छिक योगदान करने के लिए रजिस्ट्री के अधिकारियों से एक अपील की है। राजेश कुमार गोयल, रजिस्ट्रार [एजे / कैश एंड एकाउंट्स] द्वारा जारी एक सर्कुलर के अनुसार, दान निम्नानुसार किए जा सकते हैं: सभी राजपत्रित अधिकारी: 3 दिन का वेतन सभी अराजपत्रित कर्मचारी: 2 दिन का वेतन सभी ग्रुप सी, नॉन क्लेरिकल स्टाफ : 1day का वेतन मार्च, 2020 के महीने के वेतन में से कटौती की जाएगी। सर्कुलर स्पष्ट करता है कि...

गृह मंत्रालय का निर्देश, लॉक डाउन की अवधि में बिना किसी कटौती के देनी होगी मजदूरी, मजदूर और छात्रों से किराया वसूलने पर रोक
गृह मंत्रालय का निर्देश, लॉक डाउन की अवधि में बिना किसी कटौती के देनी होगी मजदूरी, मजदूर और छात्रों से किराया वसूलने पर रोक

COVID-19 की महामारी के कारण लागू किए गए देशव्यापी लॉकडाउन के बीच गृह मंत्रालय ने रविवार को जारी एक नए आदेश में कहा कि लॉकडाउन की अवधि में नियोक्ता अपने कर्मचारी को कार्यस्‍थल पर ही बिना किसी कटौती के मजदूरी का भुगतान करे। गृह मंत्रालय के आदेश में यह भी कहा गया है कि मकान मालिक एक महीने की अवधि के लिए को मजदूरों से किराया न वसूलें। इनमें प्रवासी मजदूर भी शामिल हैं, जो कि किराए के मकानों में रहते हैं। "सभी नियोक्ता, चाहे वह उद्योग में हों या दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में, लॉकडाउन की...

 COVID19 : आपदा रोकने में सरकार की अनुभवहीनता और अक्षमता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल
 COVID19 : आपदा रोकने में सरकार की अनुभवहीनता और अक्षमता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल

 COVID19 महामारी से निपटने के लिए सरकार के उपायों को अपर्याप्त बताने हुए चल रहे संकट में तत्काल हस्तक्षेप के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि "एक तरफ ये महामारी आशंंका से भी आगे निकल रही है" और दूसरी तरफ वित्तीय और सामाजिक परिणामों को रोकने के लिए दी गई सहायता अपर्याप्त हैं। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, केंद्र और संबंधित प्राधिकरण भारतीय नागरिकों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए असंबद्ध और अक्षम हैं क्योंकि कार्यान्वयन से पहले राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के...

केरल हाईकोर्ट के जज ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर किया अनुरोध, बेहद जरूरी न हो तो लॉकडाउन तोड़ने वालों के खिलाफ बल प्रयोग न करें
केरल हाईकोर्ट के जज ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर किया अनुरोध, बेहद जरूरी न हो तो लॉकडाउन तोड़ने वालों के खिलाफ बल प्रयोग न करें

केरल हाईकोर्ट के जज, जस्टिस देवन रामचंद्रन ने पुलिस महानिदेशक लोकनाथ बेहेरा को पत्र लिखा है और अनुरोध किया है कि वे पुलिस अधिकारियों को निर्देश दें कि वे लॉकडाउन का उल्लंघन कर रहे लोगों के खिलाफ बल प्रयोग न करें, जब तक कि बहुत ही जरूरी न हो। उन्होंने पत्र में लिखा है- "सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियों क्लिपिंग प्रसारित हो रही हैं, जिनमें पुलिस अधिकारी ऐसे लोगों की पिटाई कर रहे हैं, जिन्होंने जानबूझकर लॉक डाउन का उल्लंघन किया है। मुझे नहीं पता कि उनमें से कोई केरल का है या नहीं। लेकिन, मेरा अनुरोध है...

COVID19: लॉकडाउन के दौरान समाज के वंचित वर्ग को बुनियादी आवश्यकता की चीज़ें मुहैया करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका
COVID19: लॉकडाउन के दौरान समाज के वंचित वर्ग को बुनियादी आवश्यकता की चीज़ें मुहैया करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका

सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता अमित साहनी ने एक याचिका दायर की है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट से यह मांग की गई है कि केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश दिए जाएं कि वे देश भर में वंचित और हाशिए पर रह रहे वर्गों को बुनियादी आवश्यकता की चीज़ें उपलब्ध करवाएं। इसके अलावा, याचिकाकर्ता ने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के बीच एक अस्थायी अवधि के लिए कोरोनवायरस के उपचार के लिए जीवन रक्षक आवश्यकताओं पर जीएसटी, कस्टम ड्यूटी और आईजीएसटी की छूट की मांग की है। भारत में वंचित और हाशिए पर रह रहे के वर्गों की दुर्दशा को सामने...

COVID-19 : प्रवासी मजदूरों का उनके कार्यस्थल पर ही सुविधा उपलब्ध करवाएं, लोगों की आवाजाही रोकें, केंद्र ने दिए राज्यों को निर्देश
COVID-19 : प्रवासी मजदूरों का उनके कार्यस्थल पर ही सुविधा उपलब्ध करवाएं, लोगों की आवाजाही रोकें, केंद्र ने दिए राज्यों को निर्देश

COVID-19 के प्रसार को फैलने से रोकने के लिए किए गए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के बाद केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए हैं कि शहरों में या राजमार्गों पर लोगों की आवाजाही न हो। जिला और राज्य की सीमाओं को प्रभावी रूप से सील करने के निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देश में कहा गया कि केवल माल की आवाजाही की अनुमति दी जानी चाहिए। डीएम एक्ट के तहत जारी किए गए इन निर्देशों के कार्यान्वयन के लिए DM और SP को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार बनाए जाने चाहिए। यह कहा गया है कि...

COVID-19 :  सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस एनवी रमाना ने  राहत के लिए 3 लाख रुपए दान किए
COVID-19 : सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस एनवी रमाना ने राहत के लिए 3 लाख रुपए दान किए

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री एनवी रमाना ने शनिवार को चेक के माध्यम से प्रधानमंत्री राहत कोष, आंध्रप्रदेश मुख्यमंत्री राहत कोष और तेलंगाना मुख्यमंत्री राहत कोष में एक-एक लाख रुपये का दान दिया।राहत के लिए चेक आंध्रप्रदेश और तेलंगाना भवन के संबंधित अधिकारियों को सौंप दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के दूसरे वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस रमाना ने COVID 19 के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए आम जनता से सरकार के निर्देशों का पालन करने, उचित कदम उठाने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के तरीके का पालन करने...

सुप्रीम कोर्ट की फटकार का असर : मणिपुर विधानसभा स्पीकर ने बीजेपी विधायक को अयोग्य करार दिया 
सुप्रीम कोर्ट की फटकार का असर : मणिपुर विधानसभा स्पीकर ने बीजेपी विधायक को अयोग्य करार दिया 

सुप्रीम कोर्ट द्वारा कड़ा रुख अपनाने के बाद मणिपुर विधानसभा स्पीकर ने पूर्व मंत्री विधायक टीएच श्यामकुमार सिंह को अयोग्य घोषित करने का निर्णय लिया है।शनिवार को विधानसभा के स्पीकर वाई खेमचंद सिंह ने आखिरकार विधायक के खिलाफ अयोग्य ठहराने वाली याचिकाओं पर फैसला दे दिया जो दो साल से ज्यादा समय से लंबित थीं। सिंह को अब वर्तमान कार्यकाल के अंत तक, दलबदल के लिए संविधान की तेरहवीं अनुसूची के तहत अयोग्य घोषित कर दिया गया है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने 18 मार्च को एक बड़ा कदम उठाते हुए...

COVID-19: सात साल तक की सजा वाले अपराधों में जेल में बंद कैदियों को 8 सप्ताह की अंतरिम जमानत दी जाए :  यूपी हाई पावर्ड कमेटी ने सिफारिश की
COVID-19: सात साल तक की सजा वाले अपराधों में जेल में बंद कैदियों को 8 सप्ताह की अंतरिम जमानत दी जाए : यूपी हाई पावर्ड कमेटी ने सिफारिश की

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य में एक उच्चाधिकार समिति ने COVID-19 महामारी को देखते हुए जेलों में भीड़ कम करने के लिए कैदियों की एक श्रेणी को पैरोल पर रिहा करने की सिफारिश की है।सोमवार, 23 मार्च को मुख्य न्यायाधीश एस. ए .बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश दिया था कि वे 'उच्च स्तरीय समिति गठित करें, जो कैदियों की उस श्रेणी का निर्धारण कर सके, जिनको चार से छह सप्ताह के लिए पैरोल पर रिहा किया जा सके। यह भी कहा गया था कि जेलों...

नेशनल लॉकडाउन के दौरान लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने के दिशा निर्देश तैयार करने की मांग  करने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल
नेशनल लॉकडाउन के दौरान लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने के दिशा निर्देश तैयार करने की मांग करने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल

राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान जनता की आवाजाही के बारे में उचित दिशा-निर्देश तैयार करने के लिए सरकार को निर्देश देने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।याचिका में कहा गया है कि "... बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जनता की आवाजाही के बारे में दिशा निर्देश हों जिससे पुलिस और जनता के बीच आवाजाही पर एक स्पष्ट समझ बन सके या फिर उन क्षेत्रों को पूरी तरह से 2-3 दिनों के लिए बंद रखा जाए और उसके बाद किसी विशेष समय के लिए इसे खोला जाए। लोगों की भीड़ लॉकडाउन के उद्देश्य को...