Begin typing your search above and press return to search.
ताजा खबरें

नेशनल लॉकडाउन के दौरान लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने के दिशा निर्देश तैयार करने की मांग करने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल

LiveLaw News Network
28 March 2020 7:53 AM GMT
नेशनल लॉकडाउन के दौरान लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने के दिशा निर्देश तैयार करने की मांग  करने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल
x

राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान जनता की आवाजाही के बारे में उचित दिशा-निर्देश तैयार करने के लिए सरकार को निर्देश देने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

याचिका में कहा गया है कि

"... बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जनता की आवाजाही के बारे में दिशा निर्देश हों जिससे पुलिस और जनता के बीच आवाजाही पर एक स्पष्ट समझ बन सके या फिर उन क्षेत्रों को पूरी तरह से 2-3 दिनों के लिए बंद रखा जाए और उसके बाद किसी विशेष समय के लिए इसे खोला जाए। लोगों की भीड़ लॉकडाउन के उद्देश्य को विफल करेगी।"

याचिका में कहा गया है कि

भले ही गृह मंत्रालय द्वारा स्पष्ट रूप से दिशानिर्देश जारी किए गए हैं जो लॉकडाउन से "आवश्यक सेवाओं" को छूट देते हैं, लेकिन लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों पर पुलिस की क्रूरता के कई उदाहरण हैं।

याचिकाकर्ता के अनुसार, ऐसे दिशानिर्देशों का अभाव भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है।

याचिकाकर्ता ने आगे कहा,

" पश्चिम बंगाल में एक विशेष मामले में, एक व्यक्ति की पुलिस द्वारा पिटाई के बाद मौत हो गई क्योंकि वह लॉकडाउन के दौरान दूध खरीदने के लिए बाहर निकला था।"

इसी संदर्भ में याचिकाकर्ता ने गुवाहाटी में एक और "चौंकाने वाली घटना" को उजागर करके दिशानिर्देशों की एक रूपरेखा की आवश्यकता पर जोर दिया। इस घटना में लोग छह निर्दिष्ट स्थानों पर प्रतिबंधित बिक्री के कारण सब्जियां खरीदने के लिए बाहर आए।

याचिकाकर्ता ने दुकानों के खुलने की छूट, बुनियादी आवश्यकता, एलपीजी वाहक आदि के बारे में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। जैसे कि यदि यही स्थिति जारी रहेगी, तो इससे जनता में घबराहट पैदा होगी।

अदालत द्वारा विचार करने के लिए सुझावों की एक सूची भी याचिकाकर्ता द्वारा दी गई है, जिनमें से कुछ सुझाव इस प्रकार हैं:

* किराने की दुकानों पर साफ सफाई रखी जाए साथ ही उसका लगातार निरीक्षण किया जाए।

* किराने की दुकानों पर कार्ड स्वाइपिंग मशीन लगाई जाएं।

* यह सुनिश्चित किया जाए कि एक बार में केवल एक व्यक्ति को किराने की दुकान में प्रवेश करना है और वहां प्रतिनिधियों तैनात किए जाएं।

* स्टोर पर जाने के लिए केवल एक व्यक्ति को अनुमति दी जाए।

* सरकारी सील आईडी प्रमाणों बांटे जाएं, जिसे किराने की दुकान पर जाने के बाद मुहर लगाई जा सके।

*कोई भी व्यक्ति अपने निकटतम किराना स्टोर से आगे नहीं जाएगा।

* सभी किराने की दुकानों में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना।

* फार्मेसियों द्वारा दवाओं की होम डिलीवरी।

* बुखार, सर्दी, सिरदर्द के लिए दवाओं का अनुरोध करने वाला कोई भी व्यक्ति तुरंत टेस्ट करवा सके।

* बैंकों को प्रत्येक एटीएम का सुचारु रूप से संचालन सुनिश्चित करना चाहिए, जहां गार्ड मौजूद रहे। प्रति परिवार एक व्यक्ति को अनुमति दी जानी चाहिए।

याचिका अधिवक्ता कौशिक चौधरी द्वारा दायर और तैयार की गई है।

Next Story