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" याचिका में राजनीतिक रंग है" : सुप्रीम कोर्ट ने COVID-19 के लिए घर- घर जाकर टेस्ट कराने की याचिका पर सुनवाई से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें केंद्र से COVID-19 के लिए घर-घर जाकर परीक्षण करने के निर्देश देने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति एनवी रमना, न्यायमूर्ति एसके कौल और न्यायमूर्ति बीआर गवई की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता, वकील शाश्वत आनंद पेश हुए और उन्हें अपनी याचिका से अवगत कराया, जिसमें पीएम केयर कोष की वैधता को चुनौती भी दी गई थी। पीठ ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए याचिका वापस नहीं लेने पर याचिकाकर्ता पर जुर्माना लगाने की धमकी दी। "याचिका में राजनीतिक...
COVID-19 : महामारी या आपदा को कार्यपालिका द्वारा सबसे अच्छा नियंत्रित किया जा सकता है : मुख्य न्यायाधीश बोबडे
भारत के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे ने कोरोना को लेकर सोमवार को कहा कि इस संकट के समय सरकार के तीन अंगों को संकट से निपटने के लिए सामंजस्य स्थापित करना चाहिए। इससे निपटने के लिए मैन, मनी एंड मैटेरियल यानी कार्यबल, धन, सामग्री - कैसे तैनात किया जाना चाहिए, क्या प्राथमिकता हो, ये कार्यपालिका को तय करना है।मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालत इस संकट के दौरान जो कर सकती है, वो कर रही है। महामारी या किसी भी आपदा को कार्यपालिका द्वारा सबसे अच्छा नियंत्रित किया जा सकता है।...
सुप्रीम कोर्ट ने लॉकडाउन के दौरान अपने घर लौटने वाले प्रवासी मज़दूरों की यात्रा के संबंध में केंद्र से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को शहरों से घर वापस जाने के इच्छुक प्रवासी मज़दूरों की सुरक्षित यात्रा की व्यवस्था के संबंध में केंद्र से अपना जवाब दाखिल करने को कहा। साथ की शीर्ष अदालत ने केंद्र से यह भी कहा कि यदि इस विषय में कोई प्रस्ताव हो तो पेश करे। न्यायमूर्ति एनवी रमना, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति बी आर गवई ने देश भर में फंसे हुए प्रवासी मज़दूरों के मौलिक अधिकार के जीवन के प्रवर्तन करने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र को एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब...
लॉकडाउन के दौरान कर्मियों को वेतन का पूर्ण भुगतान करने के गृह मंत्रालय के आदेश के कार्यान्वयन पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा
कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण लागू लॉकडाउन के दौरान नियोक्ताओं को अपने कर्मचारियों को पूर्ण मजदूरी के भुगतान करने के लिए गृह मंत्रालय की अधिसूचना के कार्यान्वयन पर एक्शन प्लान ( कार्रवाई योजना) के बारे में पूछते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार को इस संबंध में अपनी "नीति को रिकॉर्ड" पर रखने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति एनवी रमना, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति बीआर गवई की खंडपीठ ने निजी कंपनियों द्वारा दायर याचिकाओं के एक बैच की सुनवाई के दौरान केंद्र को अपना जवाब दाखिल...
अगर कारोबार ही शुरू नहीं हुआ तो लोग बिना नौकरी के कब तक रहेंगे? सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया कंपनियों के छंटनी करने के खिलाफ दायर याचिका पर नोटिस जारी किये
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उन सभी मीडिया संगठनों के खिलाफ दायर याचिका पर नोटिस जारी किया, जिन्होंने कर्मचारियों को देेेशव्यापी लॉकडाउन के मद्देनजर या तो उनकी छंटनी कर कर दी है या उन पर काम वेतन लेने का दबाव बनाया है। जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस बी आर गवई ने कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन के बीच कर्मचारियों की नौकरी से छंटनी और उनकी नौकरी समाप्ति के उक्त मुद्दे पर चिंता व्यक्त की और कहा कि इस मुद्दे पर विचार की आवश्यकता है। वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंसाल्वेस ने कई मीडिया संगठनों...
मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार के रमजान महीने में मस्जिदों में चावल बांटने के आदेश के खिलाफ दायर याचिका रद्द की
मद्रास हाईकोर्ट ने रमजान के पवित्र महीने में मस्जिदों में मुफ्त चावल वितरित करने के तमिलनाडु सरकार के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। तमिलनाडु सरकार ने 16 अप्रैल को रमजान के महीने में राज्य की 2,895 मस्जिदों को 5,450 टन चावल वितरित करने आदेश दिया था, ताकि रोजेदारों की मदद हो सके। जस्टिस एम सत्यनारायणन और जस्टिस एम निर्मल कुमार की पीठ ने आदेश की वैधता की पुष्टि करते हुए इसे रद्द करने से इनकार कर दिया। 'हिंदू मुन्नानी' नामक एक संगठन आदेश को रद्द करने के लिए याचिका दायर की थी।पीठ ने...
COVID-19 लॉकडाउन के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने 593 मामलों पर सुनवाई की, 215 मामलों में फैसला सुनाया
सुप्रीम कोर्ट ने अभूतपूर्व राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक माह की अवधि में 593 मामलों की सुनवाई की और उनमें से 215 मामलों पर फैसला सुनाया। देश में COVID -19 के संक्रमण फैलते ही, सुप्रीम कोर्ट ने लॉकडाउन लागू होने से दो दिन पहले 23 मार्च को वादियों और वकीलों के लिए अपने दरवाजे बंद कर दिए थे, लेकिन कम वर्क फ़ोर्स के साथ कार्य करने का एक नया तरीका खोल दिया। सामान्य समय में शीर्ष अदालत एक महीने में औसतन लगभग 3,500 मामलों का निपटारा करती है। लॉकडाउन अवधि...
(यौन शोषण) समय पर जांच से इनकार करना पीड़ित के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन, सुप्रीम कोर्ट ने भारत सरकार को पूर्व रॉ कर्मचारी को मुआवजा देने को कहा
रॉ की एक पूर्व कर्मचारी की यौन उत्पीड़न की शिकायत को 'उचित तरीके से हैंडल' नहीं करने पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने भारत सरकार याचिकाकर्ता के मौलिक अधिकारों का हनन होने के कारण एक लाख रुपए का 'संवैधानिक मुआवजा' देने का निर्देश दिया है। जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता को यौन उत्पीड़न की शिकायत के बाद "असंवेदनशील और अनिच्छुक परिस्थितियों" का सामना करना पड़ा। संगठन ने विसाखा और अन्य बनाम राजस्थान राज्य और अन्य में निर्धारित...
मंहगाई भत्ते को फ्रीज करने के केंद्र के फैसले के खिलाफ सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी
एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है जिसमें सेवानिवृत्त रक्षा कर्मियों पर बकाया महंगाई भत्ता देने के लिए केंद्र से दिशा-निर्देश मांगे गए हैं। एक अप्रैल से शुरू होने सप्ताह में सेवानिवृत्त अधिकारियों को ये महंगाई भत्ता दिया जाना था लेकिन COVID19 महामारी संकट के मद्देनज़र बड़े पैमाने पर संकट को देखते हुए 20 अप्रैल को वित्त मंत्रालय द्वारा जनवरी 2020 से पूर्वव्यापी रूप से इसे फ्रीज कर दिया। केंद्र के इस आदेश को चुनौती देते हुए सेवानिवृत्त सैन्य...
सुप्रीम कोर्ट ने RAW के कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्त करने के नियम को संवैधानिक ठहराया
एक महत्वपूर्ण फैसले में, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को RAW (भर्ती, कैडर और सेवा) नियम, 1975 के नियम 135 की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा, जो केंद्र सरकार को उन अधिकारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्त करने की शक्ति प्रदान करता है जिनकी पहचान उजागर या समझौता चुकी है।न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने रॉ की एक पूर्व महिला कर्मचारी द्वारा दायर एक अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया, जिसे रॉ के दो वरिष्ठ अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने के बाद अनिवार्य...
सुप्रीम कोर्ट ने आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 43 बी के खंड (एफ) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा
कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले को पलटते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 43 बी के खंड (एफ) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा। 2005 के एपीओ नंबर 301 में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 27.06.2007 के आदेश को रद्द कर दिया था और कहा था कि उक्त खंड भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 के अनुसार मनमाना और उल्लंघनकारी है। क्लॉज (एफ) को पहले से मौजूद धारा 43 बी फाइनेंस एक्ट, 2001 में 1.4.2002 के प्रभाव से डाला गया था। इस क्लॉज को शुरू करने का उद्देश्य लीव इनकैशमेंट स्कीम के...
COVID-19 : महामारी से मृत हुए भारतीयों के शवों को वापस लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है कि COVID-19 के संक्रमण के कारण मौत होने पर विदेशों में रखे गए भारतीय नागरिकों के शवों को वापस लाने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। ये याचिका एक एनजीओ, प्रवासी लीगल सेल ने दाखिल की है। याचिकाकर्ता एनजीओ ने कहा है कि इस महत्वपूर्ण स्तर पर, भारत में अधिकारियों द्वारा यहां अनापत्ति प्रमाण पत्र की मांग करने की असामान्य प्रक्रिया, पूरे प्रत्यावर्तन को एक थकाऊ प्रक्रिया बनाती है, इसके परिणामस्वरूप, कई भारतीयों के मृत शरीर...
COVID-19 : स्थिति सामान्य होने तक सभी चुनाव स्थगित करने के निर्देश देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका
सर्वोच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर कर मांग की गई है कि राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (एनईसी) के अध्यक्ष को निर्देश दिया जाए कि वह सामान्य स्थिति होने तक देश में कहीं भी और किसी भी तरह का चुनाव होने से रोकने के लिए उचित कदम उठाएं।इस प्रकार याचिकाकर्ता ने प्रार्थना की है कि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 (डीएमए) के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा गठित एनईसी के अध्यक्ष को केंद्रीय और सभी राज्य चुनाव आयोगों को आवश्यक निर्देश जारी करने के लिए अपनी शक्तियों का...
सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की दिल्ली हाईकोर्ट के पदोन्नति मानदंडों के खिलाफ दायर याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट के उन प्रस्तावों और नियमों की संवैधानिक वैधता को दी गई चुनौती को खारिज कर दिया, जिनके तहत न्यायिक अधिकारी को जिला और सत्र न्यायाधीश के पद पर नियुक्त किए जाने के मानदंडों को रेखांकित किया गया था। जस्टिस एएम खानविलकर और दिनेश माहेश्वरी की खंडपीठ ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुजाता कोहली की याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में कहा गया था कि पदोन्नति के लिए उन पर न्यायपूर्ण और उचित तरीके से विचार नहीं किया गया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि...
नागपुर में 8 साल के बच्चे का अपहरण कर हत्या : सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों की मौत की सजा को उम्रक़ैद में तब्दील किया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 2014 में नागपुर के एक दंत चिकित्सक दंपति के आठ वर्षीय बेटे के अपहरण और हत्या के मामले में ट्रायल कोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा मौत की सजा पाए दो व्यक्तियों को न्यूनतम 25 साल की जेल की सजा सुनाई है।न्यायमूर्ति यूयू ललित, न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने ट्रायल कोर्ट और उच्च न्यायालय के फैसले पर सहमति जताई कि अभियोजन पक्ष ने अरविंद सिंह और उसके सहयोगी के अपराध के बारे में संदेह से परे मामले को साबित कर दिया और 1 सितंबर, 2014 को दंत...
' नियोक्ता के अधिकारों में अनुचित और मनमाना हस्तक्षेप' : लॉकडाउन के दौरान कर्मियों को पूरा वेतन देने की अधिसूचना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक अन्य याचिका
कर्नाटक की एक कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में दो सरकारी आदेशों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी है, जिसमें नियोक्ताओं को अपने कर्मचारियों को बनाए रखने और चल रहे राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की अवधि के दौरान पूरी मजदूरी का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है।याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि सचिव (श्रम और रोजगार) द्वारा 20 मार्च को अधिसूचित एडवाइज़री और 29 मार्च को गृह मंत्रालय द्वारा अधिसूचित आदेश का खंड (iii) संविधान के प्रावधानों के विपरीत हैं।याचिकाकर्ता कंपनी, जिसने लॉकडाउन से पहले 176 स्थायी...
दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में किए अपराधों की जांच के लिए सीबीआई को उस राज्य की सहमति की जरूरत नहीं, जहां अभियुक्त कार्यरत होः सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सेंट्रल ब्यूरो एजेंसी (सीबीआई) किसी अभियुक्त द्वारा किसी अन्य राज्य में किए गए अपराध की जांच के संबंध में, सबंधित राज्य की अनुमति के बिना, किसी केंद्र शासित प्रदेश में भी जांच कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक मामले में अभियुक्त ने सवाल उठाया था कि क्या बिहार सरकार के मामलों के संबंध में नियोजित लोक सेवकों के खिलाफ सीबीआई को मामला दर्ज का अधिकार है। कथित तौर पर धोखाधड़ी के एक मामले में आरोपी अभियुक्त की तर्क था कि आईएएस ऑफिसर होने के कारण बिहार सरकार के मामलों के...
निजी संस्थानों द्वारा कर्मचारियों को नौकरी से हटाने, बर्खास्त करने और वेतन में कटौती करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में नई जनहित याचिका
राजेश इनामदार और राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी सेना (पुणे में आईटी/ आईटीईएस/ बीपीओ/ केपीओ कर्मचारियों के कल्याण के लिए काम करने वाली एक यूनियन ) ने सर्वोच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की है, जिसमें मांग की गई है कि श्रम और रोजगार मंत्रालय की तरफ से 20 मार्च को जारी एडवाइजरी, केंद्र सरकार के 29 मार्च के जीओ (GO) और विभिन्न राज्य सरकार के प्रस्तावों को लागू किया जाए। इन सभी के तहत निजी और सार्वजनिक, दोनों कंपनियों के नियोक्ताओं को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे कोरोना के चलते केंद्र द्वारा...
लॉकडाउन के दौरान पूरे देश में ब्लॉक स्तर पर सामुदायिक किचन चलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका
COVID-19 महामारी के दौरान पूरे देश में अस्थाई रूप से ब्लॉक स्तर पर सामुदायिक किचन चलाने के लिए राज्यों और केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिसमें कहा गया है सामुदायिक किचन चलाना इसलिए आवश्यक है, ताकि कोई व्यक्ति भूखा न रहे। यह याचिका एडवोकेट फूज़ैल अहमद अय्यूबी और अशिमा मंडला के माध्यम से दायर की गई है। इसमें कहा गया है कि राज्य के फंड से सामुदायिक किचन चलाने की परिकल्पना देश और दुनिया के लिए कोई नयी बात नहीं है और तमिलनाडु (अम्मा...















