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"एक दिन के लिए स्वतंत्रता से वंचित रखना एक दिन से भी बहुत अधिक है, आपराधिक कानून नागरिकों के चयनात्मक उत्पीड़न के लिए एक उपकरण नहीं बनना चाहिए": सुप्रीम कोर्ट ने अर्नब गोस्वामी की जमानत के फैसले पर कहा
सुप्रीम कोर्ट ने अर्नब गोस्वामी की रिहाई के पीछे एक विस्तृत दलील देते हुए कहा है कि "आपराधिक कानून नागरिकों के चयनात्मक उत्पीड़न के लिए एक उपकरण नहीं बनना चाहिए।" न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की पीठ ने आज फैसला सुनाया और अदालत ने टिप्पणी की,"एक दिन के लिए स्वतंत्रता से वंचित रखना एक दिन से भी बहुत अधिक है .."सुप्रीम कोर्टपीठ ने कहा कि अंतरिम आदेश अगली कार्यवाही तक लागू रहेंगे और यह आगे के उपाय के लिए पक्षों के लिए खुला रहेगा।पीठ ने मानवीय स्वतंत्रता के महत्व और...
जजों को लोकप्रिय मतों के आधार पर नहीं, बल्कि कानून के आधार पर फैसले लेने के लिए स्वतंत्र होना चाहिए; "न्यायिक बर्बरता" जैसे शब्दों की निंदा होनी चाहिए: कानून मंत्री
सुप्रीम कोर्ट द्वारा आयोजित संविधान दिवस समारोह में केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री, और इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने न्यायपालिका की "निष्पक्ष आलोचना" और "परेशान करने वाली प्रवृत्ति" की बात की, जो हाल ही में उभरी है और जिन पर चर्चा किए जाने की जरूरत है।उन्होंने कहा, "कोलेजियम की तरह कई चीजों की आलोचना रही है ... लेकिन हाल ही में लोगों दायर की गई किसी भी याचिका पर फैसला क्या होना चाहिए, इन पर विचार रखने लगे हैं..यह अखबारों में दृष्टिकोण हैं ... और यदि निर्णय...
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को ट्रिब्यूनलों में सदस्यों की नियुक्ति के लिए राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग गठित करने का निर्देश दिया
जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस एस रविंद्र भट की सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने केंद्र को विभिन्न ट्रिब्यूनलों में सदस्यों की नियुक्ति के लिए राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग गठित करने का निर्देश दिया है। राष्ट्रीय आयोग के गठन तक न्यायाधिकरणों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कानून और न्याय मंत्रालय में एक अलग विंग का गठन किया जाना चाहिए।बेंच ने 'ट्रिब्यूनल, अपीलीय ट्रिब्यूनल और अन्य प्राधिकरणों (सदस्यों की सेवा की योग्यता, अनुभव और अन्य शर्तें) नियम, 2020 (' ट्रिब्यूनल रूल्स 2020) 'की...
न्याय तक पहुंच अब तकनीकी पर निर्भर, वर्चुअल सुनवाई का नियम असमानता नया रूप लाया है : सीजेआई बोबडे
भारत के मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे ने कहा, "वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वर्चुअल सुनवाई का ये नियम सतह पर असमानता के एक नए रूप को ले आया है, जिससे निपटना मुश्किल है क्योंकि न्याय तक पहुंच अब तकनीकी पर निर्भर है। उन लोगों के लिए यह मुश्किल है जिनके पास प्रौद्योगिकी तक पहुंच नहीं है। मैं कानून मंत्री का ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा जो इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री भी हैं, यह देखने के लिए कि क्या स्थिति का कोई उपाय तलाशा जा सकता है ... निश्चित रूप से, यह सरकार के लिए एक बड़ी लागत होगी।" वह...
"यह सब बाहर से बहुत आसान प्रतीत होता है ... हम देखेंगे": सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 128 के तहत अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति की याचिका पर अपने सेकेट्ररी जनरल को 4 हफ्ते में जवाब देने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अपने सेकेट्ररी जनरल को शीर्ष अदालत में अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति की याचिका पर प्रतिक्रिया देने के लिए 4 सप्ताह का समय दिया। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे, जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस वी रामसुब्रमण्यन की पीठ एनजीओ लोक प्रहरी द्वारा 2019 की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।एस एन शुक्ला, महासचिव, लोक प्रहरी ने शुरू किया, "यह एक प्रतिकूल मामला नहीं है। लेकिन 15 उत्तरदाताओं (भारत संघ, सुप्रीम कोर्ट और 13 उच्च न्यायालयों के होने के नाते) में से किसी ने भी अब तक जवाब...
बिहार जज पर पुलिस का हमला : सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को उप निरीक्षक को पक्षकार बनाने के निर्देश दिए
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बिहार के औरंगाबाद में हुई उस घटना की न्यायिक जांच की मांग करने वाली याचिका पर दो सप्ताह के लिए सुनवाई टाल दी, जिसमें एक पुलिस उप- निरीक्षक द्वारा जिला न्यायाधीश डॉ दिनेश कुमार प्रधान को कथित तौर पर धमकी दी गई, उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उनका पीछा किया गया। न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश एडवोकेट विशाल तिवारी को निर्देश दिया कि वह संबंधित पुलिस अधिकारी को एक पक्षकार बनाए और फिर अदालत का दरवाजा खटखटाए।तिवारी ने आज अदालत...
सुप्रीम कोर्ट ने उत्सर्जन डिवाइस लगाने में कथित धोखाधड़ी के आरोप में स्कोडा-फॉक्सवैगन पर दर्ज एफआईआर को रद्द करने संंबंंधित याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय कार निर्माता स्कोडा-फॉक्सवैगन द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें वाहनों में स्थापित उत्सर्जन उपकरणों (emissions devices) लगाने मेंं धोखाधड़ी के आरोप मेंं दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई थी।चार नवंबर को भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्कोडा फॉक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा था जिसमें यूपी पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर को चुनौती दी गई थी।इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अक्टूबर...
बोझिल माहौल का एक सामान्य आरोप ट्रायल को एक कोर्ट से दूसरे कोर्ट में ट्रांसफर करने के लिए पर्याप्त नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने देखा है कि बोझिल माहौल का एक सामान्य आरोप ट्रायल को एक कोर्ट से दूसरे कोर्ट में ट्रांसफर करने के लिए पर्याप्त नहीं है। न्यायमूर्ति ह्रषिकेश रॉय ने भटिंडा, मोगा और फरीदकोट जिलों में न्यायालयों के समक्ष लंबित आपराधिक मामलों के ट्रायल को दिल्ली या किसी भी नजदीकी राज्य में स्थानांतरित करने की मांग करने वाली जतिंदरवीर अरोड़ा और अन्य द्वारा दायर की गई याचिका को खारिज करते हुए कहा, "एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रायल का स्थानांतरण अनिवार्य रूप से राज्य की न्यायपालिका की विश्वसनीयता...
'कोई भी मशीन अचूक नहीं है' : सुप्रीम कोर्ट में आगामी चुनाव में EVM की बजाए बैलेट पेपर का उपयोग करने की याचिका
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें चुनाव आयोग से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का उपयोग बंद करने और आगामी चुनावों में इसकी बजाय बैलेट पेपर का उपयोग करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि ईवीएम में त्रुटि होने का खतरा अधिक है और कई अन्य देशों ने इसके उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है क्योंकि इसकी पारदर्शिता और सटीकता पर संदेह उठाया गया है।याचिका में कहा गया है, "लोकतंत्र को बचाने के लिए, हमें देश में चुनावी प्रक्रिया में बैलेट पेपर सिस्टम को वापस लाना...
न्यायिक नियुक्तियों पर फैसले नहीं लेना कार्यपालिका के "शस्त्रागार में नया हथियार" हैः गोपाल सुब्रमणियम
सीनियर एडवोकेट गोपाल सुब्रमणियम ने कहा है कि कॉलेजियम की सिफारिशों पर फैसले नहीं लेना कार्यपालिका के "शस्त्रागार में नया हथियार" है।23 नवंबर को आयोजित एक वेबिनार में, जिसका विषय था, "भारतीय लोकतंत्र में कानून का शासन और न्यायिक स्वतंत्रता के अस्थायी अर्थ" पर कहा, "एक स्वतंत्र न्यायपालिका के बिना, संविधान कुछ भी नहीं है, बल्कि कोरे वादों का संग्रह है।"सुब्रमणियम, जिन्होंने 2014 में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा प्रस्तावित चार नामों में से, केंद्र सरकार द्वारा उनकी नियुक्ति पर रोक लगाने के...
'अडानी को हवाई अड्डों के प्रबंधन में कोई पिछला अनुभव नहीं है': केरल सरकार ने अडानी समूह को तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डा लीज़ पर देने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका
केरल सरकार ने अडानी एंटरप्राइजेज को तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे को लीज पर देने के भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के कदम को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। केरल सरकार ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की मनमानी और अवैध कार्रवाई को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है।19 अक्टूबर को केरल उच्च न्यायालय ने तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन, प्रबंधन और विकास के लिए अडानी एंटरप्राइजेज को दिए गए टेंडर के खिलाफ दायर रिट याचिकाओं को खारिज कर दिया था।उच्च न्यायालय के...
अनुशासनात्मक कार्यवाही के संबंध में रिट क्षेत्राधिकार का प्रयोग करते समय, उच्च न्यायालय को सबूतों का पुनर्मूल्यांकन नहीं करना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया
सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया है कि अनुशासनात्मक कार्यवाही के संबंध में रिट क्षेत्राधिकार का प्रयोग करते समय, उच्च न्यायालय को एक अपील प्राधिकारी के रूप में कार्य नहीं करना चाहिए, और जांच अधिकारी के समक्ष दिए गए साक्ष्य का फिर से मूल्यांकन नहीं करना चाहिए। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने रेलवे सुरक्षा बल के एक उप-निरीक्षक के खिलाफ अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश को बहाल करते हुए इस प्रकार अवलोकन किया।इस मामले में, बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने...
अनुच्छेद 32 के तहत हम तथ्यों के पहलुओं में नहीं जा सकते : सुप्रीम कोर्ट ने बदले की भावना से किये गये तबादले को चुनौती देने वाली बैंक कर्मचारी की याचिका सुनने से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा, "संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत हम तथ्यों की तह में नहीं जा सकते। यदि हम इस तरह कार्य करते हैं तो हमारी अदालती प्रणाली ध्वस्त हो जायेगी।" न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित, न्यायमूर्ति विनीत सरन और न्यायमूर्ति एस रवीन्द्र भट की खंडपीठ यस बैंक के एक कर्मचारी शीलेश शिवशंकरण की याचिका की सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने बैंक में गड़बड़ी के खिलाफ आवाज उठाने के कारण बदले की भावना से किये गये तबादले को चुनौती दी थी तथा इस मामले की जांच का भारतीय रिजर्व बैंक को आदेश देने की...
क्या डी वी एक्ट के तहत साझा घर में रहने वाली महिला के अधिकार को वरिष्ठ नागरिक अधिनियम की धारा 23 के तहत बेदखली की शक्ति से हराया जा सकता है : सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को विचार किया कि घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 की धारा 17 के तहत साझा घर में रहने वाली महिला के अधिकार को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण पोषण और कल्याण अधिनियम , 2007 की धारा 23 के तहत बेदखली की शक्ति से हराया जा सकता है। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी की पीठ एक विवाहित हिंदू महिला की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो ससुराल में रह रही थी और उसने उपायुक्त द्वारा उसके खिलाफ पारित निष्कासन के आदेश को चुनौती दी थी। विचाराधीन...
सुप्रीम कोर्ट ने अमरावती भूमि घोटाले की FIR पर मीडिया रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया टिप्पणियों पर प्रतिबंध लगाने वाले आंध्र हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अमरावती भूमि घोटाले की एफआईआर की सामग्री पर मीडिया रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया टिप्पणियों पर प्रतिबंध लगाने वाले आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी।जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एम आर शाह की पीठ ने 15 सितंबर को उच्च न्यायालय द्वारा पारित अंतरिम आदेश को चुनौती देने वाली आंध्र प्रदेश राज्य द्वारा दायर एक विशेष अनुमति याचिका पर स्थगन आदेश पारित किया।शीर्ष अदालत ने मामले को जनवरी में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है और इस बीच पक्षों को इस...
वोहरा समिति की रिपोर्ट में बताई गई "आपराधिक-राजनीतिक सांठगांठ" की लोकपाल की निगरानी में जांच हो : सुप्रीम कोर्ट में याचिका
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें वोहरा समिति की रिपोर्ट में बताई गई "आपराधिक-राजनीतिक सांठगांठ" की लोकपाल की निगरानी में जांच की मांग की गई है। अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दायर याचिका में राष्ट्रीय जांच प्राधिकरण, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय, खुफिया ब्यूरो, एसएफआईओ, रॉ, सीबीडीटी, एनसीबी द्वारा जांच की निगरानी के लिए लोकपाल की मांग की गई है।यह कहते हुए कि कार्रवाई का कारण तब हुआ जब वोहरा समिति ने आपराधिक- राजनीतिक सांठगांठ पर अपनी रिपोर्ट केंद्र को...
बुजुर्ग और बीमार मां- बाप की देखभाल के लिए सुप्रीम कोर्ट ने UAPA के दो दोषियों को दी अंतरिम जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने यूएपीए के दो दोषियों को अपने माता-पिता की देखभाल करने के लिए एक महीने के लिए अंतरिम जमानत दी है। दरअसल हाफिज अब्दुल मजीद और अरुण कुमार जैन और कुछ अन्य को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की धारा 18, 18 बी और 20 के तहत अपराध के लिए दोषी ठहराया गया था और आजीवन कारावास की सजा दी गई थी। उच्च न्यायालय ने सजा को बरकरार रखा और सजा को 14 साल के कठोर कारावास में बदल दिया। आरोपियों के खिलाफ मामला यह था कि उन्होंने कथित तौर पर गोला-बारूद और जाली भारतीय मुद्रा संग्रहीत की, और पाकिस्तान...
सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति के युवक की हत्या के आरोपी की बेल के खिलाफ जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए गुजरात सरकार को 'एक आखिरी अवसर' दिया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हत्या के उस आरोपी को दी गई जमानत को चुनौती देने वाली अपील पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए गुजरात सरकार को एक अंतिम अवसर दिया, जिसमें राजकोट के पास एक कारखाने के परिसर में एक अनुसूचित जाति के युवक की कथित तौर पर पिटाई कर दी गई थी। "राज्य के वकील से प्रार्थना के लिए एक सप्ताह का समय, एक अंतिम अवसर के रूप में, जवाबी हलफनामा दायर करने के लिए दिया गया है," जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एम आर शाह की पीठ ने आदेश दिया। पीठ ने एक सप्ताह के बाद मामले को...
संपत्ति का अधिकार एक मूल्यवान संवैधानिक अधिकार बना हुआ है : सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया
हालांकि संपत्ति का अधिकार एक मौलिक अधिकार नहीं है,लेकिन यह एक मूल्यवान संवैधानिक अधिकार बना हुआ है, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को मालिक को जमीन पर कब्जा वापस करने का निर्देश देते हुए दोहराया।जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस एस रवींद्र भट ने कहा, अनुच्छेद 300-ए का पुन: निर्धारण व्यवस्थित है और अनुच्छेद 21 और 265 के साथ इसकी समानता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है- वे वास्तव में, कानून के शासन की सर्वोच्चता की गारंटी हैं, इससे कम कम नहीं।इस मामले में, हालांकि हाईकोर्ट ने भूमि स्वामी द्वारा सूट...
सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी पुलिस स्टेशनों में सीसीटीवी लगाने की याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को देश भर के पुलिस थानों में सीसीटीवी लगाने से संबंधित एक मामले में आदेश सुरक्षित रख लिया। जस्टिस रोहिंटन एफ. नरीमन, जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की एक बेंच ने 45 दिनों से अधिक के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने और एकत्रित करने के सवाल पर शुक्रवार तक वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे, एमिकस क्यूरी को एक व्यापक नोट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।2018 में सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ती हिरासत यातना के मामले से निपटनने के लिए देश के हर पुलिस स्टेशन में सीसीटीवी लगाने का...


















