ताज़ा खबरें
भारतीय पक्षकार मध्यस्थता के लिए विदेशी सीट चुन सकते हैं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक अनुबंध में शामिल पक्ष में जो भारतीय नागरिक हैं या भारत में निगमित कंपनियां हैं, भारत के बाहर मध्यस्थता के लिए एक सीट चुन सकते हैं।न्यायमूर्ति रोहिंटन फली नरीमन की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि दोनों पक्षों के भारतीय नागरिक होने पर भी भारत के बाहर मध्यस्थता की सीट निर्धारित करने में पक्षकारों की स्वायत्तता के रास्ते में कुछ नहीं खड़ा है।पीठ पीएएसएल विंड सॉल्यूशंस लिमिटेड लिमिटेड बनाम जीई पावर कंवर्जन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड मामले में इस सवाल पर विचार कर रही थी कि क्या...
पक्षकारों की सहमति के बावजूद हाईकोर्ट जमानत देने या इनकार करने के कारण देने के कर्तव्य से बच नहीं सकते : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पक्षकारों की सहमति के बावजूद उच्च न्यायालय उन कारणों को दर्शाने के कर्तव्य से बच नहीं सकते जिन कारणों से या तो जमानत दी है या जमानत देने से इंकार किया है।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने कहा कि जमानत देने वाली अदालत न्यायिक विवेक लगाने और कारणों को दर्ज करने के लिए अपने कर्तव्य का पालन करने से बच नहीं सकती, भले ही ये संक्षिप्त हो सकता है, यह तय करने के उद्देश्य से कि वह जमानत देना चाहती है या नहीं।अदालत ने गुजरात हाईकोर्ट ने आपराधिक प्रक्रिया की...
COVID-19 : सुप्रीम कोर्ट 22 अप्रैल से अर्जेंट मामलों की ही सुनवाई करेगा
COVID -19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर, सुप्रीम कोर्ट ने 21 अप्रैल से प्रभावी सुनवाई के लिए केवल अर्जेंट मामलों को सूचीबद्ध करने का निर्णय लिया है।22 अप्रैल के लिए विविध मामलों की अंतिम सूची और नियमित सुनवाई के मामलों को स्थगित कर दिया गया है।सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के कई कर्मचारी COVID-19 से संक्रमित हो गए हैं।न्यायालय ने एक सर्कुलर जारी किया है जिसमें मामलों की श्रेणियों का संकेत दिया गया है जिन्हें अर्जेंट माना जाएगा।
"उच्च न्यायालय संकट की स्थिति में हैं " : सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालयों में जजों की नियुक्ति के लिए समय- सीमा तैयार की
उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की बढ़ते रिक्तियों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जोर दिया कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा नामों को मंज़ूरी देने के तुरंत बाद केंद्र सरकार को नियुक्तियां करने के लिए आगे बढ़ना चाहिए।यदि सरकार को कॉलेजियम की सिफारिशों पर कोई आपत्ति है, तो उसे आपत्ति के विशिष्ट कारणों के साथ नामों को वापस भेजना चाहिए। एक बार सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने नामों को दोहराया है, तो केंद्र को इस तरह की पुन : प्रक्रिया के 3-4 सप्ताह के भीतर नियुक्ति करनी...
सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालयों को आपराधिक प्रणाली के लिए मसौदा नियमों को 6 महीने में अपनाने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उच्च न्यायालयों को आपराधिक प्रैक्टिस के लिए एमिकस क्यूरी वरिष्ठ अधिवक्ता आर बसंत, सिद्धार्थ लूथरा और अधिवक्ता के परमेश्वर द्वारा तैयार मसौदा नियमों को 6 महीने की अवधि के भीतर अपनाने का निर्देश दिया।सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि उक्त मसौदा नियमों को अपनाने के लिए उच्च न्यायालय त्वरित कदम उठाएंगे और सुनिश्चित करेंगे कि मौजूदा नियमों को 6 महीने के भीतर संशोधित किया जाए।न्यायालय ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार को 6 महीने की अवधि के भीतर पुलिस नियमों में परिणामी संशोधन करने...
सुप्रीम कोर्ट ने COVID-19 के चलते पांच शहरों में लॉकडाउन के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस फैसले पर रोक लगा दी जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार को COVID19 महामारी को देखते हुए प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर के पांच शहरों में 26 अप्रैल तक लॉकडाउन लगाने का निर्देश दिया था।भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलें सुनने के बाद फैसले के संचालन पर रोक लगा दी। सॉलिसिटर जनरल ने आज सुबह सीजेआई के समक्ष याचिका का उल्लेख किया और आज ही इस मामले की सुनवाई के लिए अनुरोध किया। इस...
सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा द्वारा दिल्ली को छोड़े गए यमुना के पानी की गुणवत्ता और मात्रा की जांच के लिए समिति का गठन किया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हरियाणा राज्य द्वारा पल्ला (दिल्ली में यमुना नदी के मुहाने पर ), वज़ीराबाद बैराज द्वारा छोड़े गए पानी की गुणवत्ता और मात्रा और क्या दिल्ली सरकारइस पानी को वजीराबाद बैंक पहुंचने से पहले इस पानी को वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में भेज देती है, इस संबंध में स्थानीय निरीक्षण करने के लिए एक समिति नियुक्त की है।जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम की पीठ दिल्ली जल बोर्ड द्वारा रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें...
"एडहॉक जजों की नियुक्तियां नियमित नियुक्तियों का विकल्प नहीं " : सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 224 ए के तहत दिशानिर्देश जारी किए
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को संविधान के अनुच्छेद 224 ए के तहत उच्च न्यायालय में एडहॉक जजों की नियुक्ति के बारे में दिशानिर्देश जारी किएं।भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने आदेशों को लोक प्रहरी बनाम भारत संघ में पारित किया। लोक प्रहरी, एक गैर सरकारी संगठन, ने अनुच्छेद 324 के तहत दायर जनहित याचिका के माध्यम से उच्च न्यायालयों में बढ़ते लंबित मामलों की समस्या से निपटने के लिए दायर जनहित याचिका के माध्यम से शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया...
केंद्र सरकार ने 1 मई से 18 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति को COVID19 टीकाकरण देने का निर्णय लिया
केंद्र सरकार ने सोमवार को 1 मई से 18 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति को COVID19 टीकाकरण देने का निर्णय लिया।भारत सरकार ने 1 मई से COVID19 टीकाकरण की "उदार और त्वरित" चरण 3 रणनीति की घोषणा की।स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एक बैठक में 1 मई से 18 वर्ष की आयु से ऊपर के सभी लोगों को टीकाकरण की अनुमति देने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।राष्ट्रीय COVID -19 टीकाकरण रणनीति का फेज -1 16 जनवरी 2021 को शुरू...
सुप्रीम कोर्ट ने 100% वीवीपीएटी वेरीफिकेशन की मांग करने वाली तृणमूल कांग्रेस नेता की याचिका को खारिज किया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के नेता गोपाल सेठ द्वारा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में वोटर वेरिफ़ाइबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) के साथ वोटों की 100% वेरीफिकेश की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया।भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि न्यायालय चुनाव प्रक्रिया के बीच में हस्तक्षेप नहीं करना चाहता।सेठ ने अपनी याचिका पर विचार करने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के इनकार को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।सेठ की ओर से पेश वकील पीयूष रॉय ने पीठ के...
"पक्षकारों के लिए सिविल कार्यवाही का मतलब कुछ भी नहीं है, क्योंकि अदालतें बहुत ढीली हैं " : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मौखिक रूप से टिप्पणी की कि न्यायालय की शिथिलता के कारण पक्षकार सिविल कार्यवाही को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।सिविल अपील की सुनवाई करते हुए जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा,"... पक्षकारों के लिए सिविल कार्यवाही का मतलब कुछ भी नहीं है। यह इसलिए है क्योंकि अदालतें बहुत ढीली हैं।""हमारी (सिविल न्याय) प्रणाली एक 'प्रतिवादी' प्रणाली है। इसी कारण है कि अदालतें प्रावधानों को गंभीरता से नहीं लेती हैं।"जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस एम आर शाह की पीठ दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के...
COVID-19 मामलों के ' चरम ' पर होने के चलते प्रदेश ग्राम पंचायत राज चुनाव पर रोक के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका
सुप्रीम कोर्ट में इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ याचिका दायर की गई है जिसमें COVID-19 मामलों की बढ़ती संख्या के बीच उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत राज चुनाव को जारी रखने की अनुमति दी गई है।याचिका में कहा गया है,"यह बताना प्रासंगिक है कि 16.04.2021 तक उत्तर प्रदेश राज्य हर दिन COVID मामलों के मामले में हर दिन उच्चतम रिकॉर्ड तोड़ता हुआ देख रहा है। इस उछाल ने सार्वजनिक जीवन को पूरी तरह से पंगु बना दिया है और सारी चिकित्सा सहायता प्रणाली पूर्ण संतृप्ति के स्तर पर पहुंच गई हैं।"एडवोकेट तल्हा...
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश, जस्टिस मनोज कुमार मुखर्जी का 87 वर्ष की आयु में निधन
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश, न्यायमूर्ति मनोज कुमार मुखर्जी का शनिवार (17 अप्रैल 2021) को कलकत्ता में निधन हो गया।87 वर्षीय न्यायमूर्ति मुखर्जी का जन्म 1 दिसंबर 1933 को हुआ था और उन्होंने बी.एससी, एल.एल.बी पास की और नवंबर 1956 में आसनसोल बार में शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने 1971 तक उप-मंडल और जिला न्यायालय और श्रम न्यायाधिकरण में प्रैक्टिस की।उन्होंने 14 दिसंबर, 1962 को हाईकोर्ट के एक वकील के रूप में दाखिला लिया और वह आपराधिक अपील, आपराधिक संशोधन और संदर्भ मामलों में हैबियस कॉर्पस और...
सुप्रीम कोर्ट ने अमेज़न -फ्यूचर मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय में आगे की कार्यवाही पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अमेज़न -फ्यूचर-रिलायंस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश और डिवीजन बेंच के समक्ष आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी।जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस हृषिकेश रॉय की एक बेंच ने अमेज़न डॉट कॉम, एनवी इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स एलएलसी द्वारा दायर एक विशेष अनुमति याचिका में आदेश पारित किया।अमेज़न ने दिल्ली उच्च न्यायालय की एकपीठ द्वारा पारित 22 मार्च के उस आदेश को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी जिसने रिलायंस-फ्यूचर डील को लेकर...
सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेट इंडियन बस्टर्ड को बचाने के लिए हेड पावर लाइन्स के अंडर ग्राउंड करने की व्यवहार्यता का अध्ययन करने के लिए समिति का गठन किया
सुप्रीम कोर्ट ने (सोमवार) निर्देश दिया कि गोडावणा ( ग्रेट इंडियन बस्टर्ड; वैज्ञानिक नाम: Ardeotis nigriceps) को विलुप्त होने से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राजस्थान और गुजरात में हेड इलेक्ट्रिक लाइनों के अंडर-ग्राउंड करने की व्यवहार्यता का अध्ययन करने के संबंध में निर्देश दिए।ओवर हेड पावर लाइनों के अंडर-ग्राउंडिंग की व्यवहार्यता की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि समिति की सिफारिशों को बिजली-जनरेटर और अन्य हितधारकों द्वारा लागू किया...
इटली ने अभी तक दस करोड़ रुपये मुआवजा जमा नहीं कराया है, केंद्र सरकार ने एनरिका लेक्सी इतालवी मरीन केस में सुप्रीम कोर्ट को बताया
2012 में इतालवी मरीन द्वारा दो भारतीय मछुआरों की हत्या से संबंधित एनरिका लेक्सी मामले में इटली गणतंत्र द्वारा केंद्र सरकार को मुआवजे के रूप में 10 करोड़ रुपये जमा कराना बाकी है।ये जानकारी भारत संघ ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दी।भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली एक पीठ, इटली द्वारा पेश किए गए मुआवजे को स्वीकार करने के बाद, भारत में दो इतालवी मरीन के खिलाफ आपराधिक मामलों को बंद करने की मांग करने को लेकर केंद्र द्वारा दायर आवेदन पर सुनवाई कर रही थी।9 अप्रैल को, सुप्रीम कोर्ट ने...
सुप्रीम कोर्ट ने गोकर्ण महाबलेश्वर मंदिर का प्रबंधन पूर्व जज जस्टिस बीएन श्रीकृष्ण की निगरानी समिति को सौंपा
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को गोकर्ण महाबलेश्वर मंदिर का प्रबंधन सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बीएन श्रीकृष्ण की अध्यक्षता वाली एक निगरानी समिति को सौंप दिया।न्यायालय ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के 2018 के फैसले को चुनौती देते हुए दायर अपील में अंतरिम आदेश पारित किया जिसने गोकर्ण के महाबलेश्वर मंदिर के प्रबंधन को रामचंद्रपुरा मठ को सौंपने के सरकार के आदेश को रद्द कर दिया था। सीजेआई बोबडे, न्यायमूर्ति बोपन्ना और न्यायमूर्ति रामासुब्रमण्यम की तीन-न्यायाधीश पीठ ने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा...
'जब पक्षकार आपसी समझौते से मध्यस्थता का स्थान ' बदल देते हैं, तो नया स्थान ' मध्यस्थता की सीट' बन जाएगा : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जब पक्षकार आपसी समझौते से मध्यस्थता के स्थान / जगह 'को बदल देते हैं, तो नया स्थान / जगह ' मध्यस्थता की सीट' बन जाएगा।इसलिए, मध्यस्थता के बदले हुए स्थान / जगह स्थित न्यायालयों का मध्यस्थता की कार्यवाही पर अधिकार क्षेत्र होगा।जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन और जस्टिस हृषिकेश रॉय की पीठ ने मैसर्स आईनॉक्स रिन्यूएबल्स लिमिटेड बनाम जयेश इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड मामले में यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। पीठ ने बीजीएस एसजीएस सोमा जेवी बनाम एनएचपीसी लिमिटेड के फैसले का पालन किया, जिसने...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़रएक निजी वाहन एनडीपीएस एक्ट की धारा 43 में दी गई व्याख्या के अनुसार "सार्वजनिक स्थान" नहीं है : सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक निजी वाहन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस एक्ट, 1985 की धारा 43 में दी गई व्याख्या के अनुसार "सार्वजनिक स्थान" की अभिव्यक्ति में नहीं आएगा। जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस केएम जोसेफ की पीठ ने कहा कि धारा 42 का पूरा गैर-अनुपालन असंभव है, हालांकि इसकी कठोरता कुछ...


















