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किसानों का विरोध-प्रदर्शन : सुप्रीम कोर्ट ने सड़क नाकेबंदी के खिलाफ दायर याचिका पर जनवरी 2022 तक सुनवाई स्थगित की
किसानों का विरोध-प्रदर्शन : सुप्रीम कोर्ट ने सड़क नाकेबंदी के खिलाफ दायर याचिका पर जनवरी 2022 तक सुनवाई स्थगित की

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर सीमा पर सड़क नाकेबंदी के खिलाफ नोएडा निवासी द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई जनवरी 2022 तक के लिए स्थगित कर दी।भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अनुरोध किया कि मामले को "बदली हुई परिस्थितियों" को देखते हुए स्थगित कर दिया जाए।यह ध्यान दिया जा सकता है कि किसानों द्वारा जिन तीन कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है, उन्हें पिछले सप्ताह संसद द्वारा निरस्त कर दिया गया है।जस्टिस एसके कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ ने अनुरोध को स्वीकार करते हुए...

सुप्रीम कोर्ट ने भीमा कोरेगांव केस में सुधा भारद्वाज को मिली डिफॉल्ट जमानत के खिलाफ एनआईए की याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने भीमा कोरेगांव केस में सुधा भारद्वाज को मिली डिफॉल्ट जमानत के खिलाफ एनआईए की याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें वकील- एक्टिविस्ट सुधा भारद्वाज को भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ्तारी के तीन साल बाद 1 दिसंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा दी गई डिफ़ॉल्ट जमानत को चुनौती दी गई थी।न्यायमूर्ति यूयू ललित, न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी की पीठ ने कहा कि बॉम्बे उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं है और एनआईए की विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया।सुधा भारद्वाज को 1 दिसंबर को...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे, राज्य सरकारों और नगर निगमों से बेदखल झुग्गीवासियों के पुनर्वास की योजना तैयार करने के लिए कहा

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को रेल मंत्रालय, राज्य सरकारों और नगर निगमों को गुजरात और हरियाणा में रेलवे ट्रैक से सटे झुग्गी बस्तियों में रहने वालों के पुनर्वास के संबंध में योजना तैयार करने के लिए कहा।जस्टिस एएम खानविलकर और सीटी रविकुमार की पीठ गुजरात और पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के बेदखल करने के आदेशों के खिलाफ दायर एसएलपी पर सुनवाई कर रही थी।पीठ ने कहा, "आप में से हर एक एक-दूसरे की प्रतीक्षा कर रहा है। निगम आपकी प्रतीक्षा कर रहा है, राज्य निगम की प्रतीक्षा कर रहा है और आप सभी एक-दूसरे की...

मेरिट की संकीर्ण अवधारणा ऊंची जाति के व्यक्तियों को अपने जाति विशेषाधिकार को छिपाने का मौका देती है: जस्टिस चंद्रचूड़
'मेरिट' की संकीर्ण अवधारणा ऊंची जाति के व्यक्तियों को अपने जाति विशेषाधिकार को छिपाने का मौका देती है: जस्टिस चंद्रचूड़

जस्टिस धनंजय वाई चंद्रचूड़ ने कहा है कि मेरिट की संकीर्ण अवधारणा केवल ऊंची जाति के व्यक्तियों को अपने स्पष्ट जाति विशेषाधिकार को छिपाने का मौका देती है। इस प्रकार की संकीर्ण अवधारणा के कारण ऊंची जाति के व्यक्ति दलितों और अन्य आरक्षित वर्गों की उपलब्धियों को जाति-आधारित आरक्षण खारिज करने का मौका देते हैं।प्रसिद्ध न्यायविद माइकल जे सैंडल की किताब "टायरनी ऑफ मेरिट" का उल्लेख करते हुए जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि विशेषाधिकार प्राप्त व्यक्ति अपनी पहचान और सफलता को अपने विशेषाधिकार के नतीजे के रूप में...

सीपीसी - डिक्री संपत्ति पर अवरोधक के दावे पर निष्पादन कार्यवाही में विचार हो, अलग से दायर वाद पर नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सीपीसी - डिक्री संपत्ति पर अवरोधक के दावे पर निष्पादन कार्यवाही में विचार हो, अलग से दायर वाद पर नहीं : सुप्रीम कोर्ट

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को माना कि निर्णय देनदार के खिलाफ डिक्री धारक द्वारा दायर निष्पादन कार्यवाही में संपत्ति के अधिकार, टाइटल या हित से संबंधित प्रश्नों सहित किसी अवरोधक द्वारा उठाए गए दावों को निष्पादन की कार्यवाही के दौरान स्वयं निष्पादन न्यायालय द्वारा तय किया जाना है।बेंच ने माना है कि आदेश XXI नियम 101 सीपीसी के अनुसार, आदेश XXI नियम 97 के तहत दायर एक आवेदन अचल संपत्ति के कब्जे को लेकर प्रतिरोध या बाधा के संबंध में दाय आवेदन को सुनवाई कर रहे न्यायालय द्वारा निर्धारित किया जाना...

कोविड से हुई मौतें : सुप्रीम कोर्ट ने पारसी समूह की धार्मिक प्रथाओं के अनुसार अंतिम संस्कार की अनुमति की याचिका पर नोटिस जारी किया
कोविड से हुई मौतें : सुप्रीम कोर्ट ने पारसी समूह की धार्मिक प्रथाओं के अनुसार अंतिम संस्कार की अनुमति की याचिका पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सूरत पारसी पंचायत बोर्ड की एक याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उसे और उसके सदस्यों को उनकी धार्मिक प्रथाओं के अनुसार कोविड 19 के कारण मरने वाले अपने सदस्यों के डोखमास में दोखमेनाशिनी / अंतिम संस्कार करने की अनुमति देने का निर्देश मांगा गया है जो संविधान द्वारा विधिवत संरक्षित है।जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ गुजरात उच्च न्यायालय के जुलाई के फैसले के खिलाफ एसएलपी पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याणमंत्रालय द्वारा जारी...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
"अंततः आप परिवार के सदस्य हैं": सुप्रीम कोर्ट ने ललित मोदी, उनकी मां बीना मोदी और भाई-बहनों को भारत में मध्यस्थता के जरिए से संपत्ति विवाद को हल करने का सुझाव दिया

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ललित मोदी, उनकी मां बीना मोदी और उनके भाई और बहन को भारत में मध्यस्थता (मी‌डिएशन) के जरिए चल रहे पारिवारिक संपत्ति विवाद को हल करने का सुझाव दिया।ललित मोदी ने परिवार में संपत्ति विवाद को लेकर सिंगापुर में मध्यस्थता की कार्यवाही शुरू की थी। इसका ललित मोदी की मां बीना मोदी, उनकी बहन चारू और भाई समीरस ने विरोध किया था, जिन्होंने उन कार्यवाही को रोकने के लिए एक मुकदमा दायर किया था।चीफ ज‌स्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमाना, जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस हिमा कोहली की खंडपीठ ललित मोदी...

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री के सलाहकार के रूप में प्रशांत किशोर की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा किया
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री के सलाहकार के रूप में प्रशांत किशोर की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा किया

सुप्रीम कोर्ट ने इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने इस साल चार अगस्त को पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सलाहकार के पद से इस्तीफा दे दिया, सोमवार को उस याचिका का निपटारा किया जिसमें मुख्यमंत्री के सलाहकार के रूप में उनकी नियुक्त को चुनौती दी गई थी।कोर्ट ने आदेश में कहा,"सलाहकार ने खुद चार अगस्त, 2021 को मुख्यमंत्री के सलाहकार के पद से इस्तीफा दे दिया है। इसलिस याचिका सुनवाई योग्य नहीं हैं।"न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश की...

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के लोकल बॉडी चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27% आरक्षण पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के लोकल बॉडी चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27% आरक्षण पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के लोकल बॉडी चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27% आरक्षण पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ ने महाराष्ट्र अध्यादेश के खिलाफ दायर रिट याचिकाओं पर आदेश पारित किया, जिसके तहत स्थानीय निकाय चुनावों में 27% ओबीसी कोटा पेश किया गया था। राज्य चुनाव आयोग ने उसे प्रभावी करने के लिए अधिसूचनाएं जारी की थी।पीठ ने कहा कि 27% ओबीसी कोटा एक आयोग का गठन किए बिना और स्थानीय सरकार के अनुसार प्रतिनिधित्व की अपर्याप्तता के बारे में डेटा...

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि परम बीर सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल ना हो, मामले की जांच लेने पर सीबीआई से रुख पूछा
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि परम बीर सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल ना हो, मामले की जांच लेने पर सीबीआई से रुख पूछा

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र पुलिस को निलंबित हो चुके मुंबई पुलिस के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह के खिलाफ प्राथमिकी में चार्जशीट दाखिल करने पर रोक लगा दी, लेकिन जांच को आगे बढ़ने की अनुमति दी।अदालत ने कदाचार और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर परम बीर सिंह के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में जांच शुरू करने के संबंध में केंद्रीय जांच ब्यूरो से विचार भी मांगे।जस्टिस एसके कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश की बेंच बॉम्बे हाईकोर्ट के 16 सितंबर के फैसले के खिलाफ सिंह द्वारा दायर एक...

दिल्ली प्रदूषण: सुप्रीम कोर्ट ने बिल्डरों की निर्माण प्रतिबंध हटाने की मांग वाली याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया
दिल्ली प्रदूषण: सुप्रीम कोर्ट ने बिल्डरों की निर्माण प्रतिबंध हटाने की मांग वाली याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया

सुप्रीम कोर्ट ने बिगड़ती वायु गुणवत्ता के कारण दिल्ली-एनसीआर में निर्माण गतिविधियों पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध को हटाने के लिए बिल्डरों के एक समूह की ओर से दायर याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार करते हुए खारिज कर दिया।वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने "डेवलपर्स एंड बिल्डर्स फोरम" द्वारा दायर आवेदन का उल्लेख करते हुए दिल्ली-एनसीआर में निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के लिए 24 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश को रद्द करने की मांग की।सिंह ने भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष आवेदन...

दहेज विरोधी कानून : दिए गए गहने और संपत्ति को सात साल तक पत्नी के नाम पर रखे जाने की प्रार्थना : सुप्रीम कोर्ट ने विधि आयोग को सुझाव पर विचार करने को कहा
दहेज विरोधी कानून : दिए गए गहने और संपत्ति को सात साल तक पत्नी के नाम पर रखे जाने की प्रार्थना : सुप्रीम कोर्ट ने विधि आयोग को सुझाव पर विचार करने को कहा

दहेज की सामाजिक बुराई को रोकने के लिए कुछ ठोस निर्देशों की मांग वाली एक रिट याचिका पर, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि अगर भारतीय विधि आयोग इस मुद्दे पर अपने सभी दृष्टिकोणों के तहत विचार करता है तो ये उचित हो सकता है।न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं को विधि आयोग के लाभ के लिए सभी प्रासंगिक पहलुओं पर शोध का एक नोट प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता प्रदान करते हुए रिट याचिका का निपटारा किया जिस पर विधायी सुधारों के दायरे पर विचार करने के लिए आगे के कदमों पर विधिवत विचार किया जा सकता है।न्यायमूर्ति डी वाई...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
जेलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा का आदेश ईडी के यूनिटेक के पूर्व प्रमोटरों की हिरासत में पूछताछ के लिए आवेदन के रास्ते में नहीं आएगा : सुप्रीम कोर्ट

यूनिटेक मामले के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उसका ये आदेश कि जिन जेलों में आरोपी चंद्रा बंधुओं को रखा गया है, वहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध कराए जाएं ताकि वे अदालती कार्यवाही में अपनी उपस्थिति दर्ज कर सकें, जहां उनकी उपस्थिति होनी है, प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में पूछताछ की मांग के उद्देश्य से मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन दाखिल करने में बाधा नहीं बनेगा।26 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चंद्रा बंधुओं से मिलीभगत करके जेल मैनुअल का उल्लंघन...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाई जिसमें रक्षा प्राधिकरण द्वारा भूमि अधिग्रहण मुआवजे को संदर्भित करने को सुनवाई योग्य नहीं बताया था

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के उस फैसले के संचालन पर रोक लगा दी, जिसमें कहा गया था कि रक्षा अधिकारियों को रक्षा कार्य अधिनियम, 1903 की धारा 18 के तहत भूमि मालिकों को दिए गए मुआवजे के खिलाफ संदर्भ देने का कोई अधिकार नहीं है।मामले की पृष्ठभूमिजुलाई 2021 में, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने मप्र उच्च न्यायालय के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें भूमि मालिकों को मुआवजे के रूप में कलेक्टर के पास रक्षा मंत्रालय द्वारा जमा किए गए 1.96 करोड़ रुपये की राशि...

मुल्लापेरियार मामला: बांध की सुरक्षा की मांग को लेकर तमिलनाडु के वकील ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
मुल्लापेरियार मामला: बांध की सुरक्षा की मांग को लेकर तमिलनाडु के वकील ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

मुल्लापेरियार बांध पर तत्काल सुरक्षा के लिए किसी भी केंद्रीय सुरक्षा बल को तैनात किए जाने को मांग को लेकर तमिलनाडु के एक वकील ने भारत के सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। वकील ने अपनी याचिका में बांध की सुरक्षा के लिए भारत संघ को निर्देश देने की मांग की।126 साल पुराने मुल्लापेरियार बांध की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश की मांग करते हुए केरल स्थित याचिकाकर्ताओं (डॉ जो जोसेफ और अन्य बनाम भारत संघ) द्वारा दायर रिट याचिका में स्टालिन भास्करन द्वारा अभियोग के लिए एक आवेदन दायर किया गया।आवेदक ने तर्क...

सुप्रीम कोर्ट ने अलग हुई पत्नी के रुख को अस्वीकार किया कि वैकल्पिक आवास में उसके वैवाहिक घर के समान विलासिता होनी चाहिए
सुप्रीम कोर्ट ने अलग हुई पत्नी के रुख को अस्वीकार किया कि वैकल्पिक आवास में उसके वैवाहिक घर के "समान" विलासिता होनी चाहिए

एक वैवाहिक विवाद में, सुप्रीम कोर्ट ने अलग हुई पत्नी द्वारा अपनाए गए इस रुख को अस्वीकार कर दिया कि उसे पेश किए गए वैकल्पिक आवास में उसके वैवाहिक घर के "समान" विलासिता होनी चाहिए, जहां वह अपने पति के साथ रहती थी।अदालत ने वैवाहिक घर में रहने की अनुमति मांगने वाली उसकी याचिका को भी यह देखते हुए खारिज कर दिया कि "पक्षों के बीच संबंध इतने तनावपूर्ण हैं कि अगर उन्हें उक्त घर में रहने की अनुमति दी जाती है, तो इससे आगे आपराधिक कार्यवाही के अलावा और कुछ नहीं होगा।"दंपति मुंबई के पॉश इलाके में रहता था और...

बाद में पर्यावरणीय मंज़ूरी के नियम बदलने पर बिल्डर को मान्य तरीके से किए निर्मित ढांचे को ढहाने को नहीं कहा जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
बाद में पर्यावरणीय मंज़ूरी के नियम बदलने पर बिल्डर को मान्य तरीके से किए निर्मित ढांचे को ढहाने को नहीं कहा जा सकता : सुप्रीम कोर्ट

हाल ही में दिए एक फैसले में, सुप्रीम कोर्ट ने वैध अपेक्षा के सिद्धांत को लागू करते हुए प्रासंगिक समय पर मौजूद कानूनी ढांचे के अनुसार प्राप्त पर्यावरण मंज़ूरी (ईसी) के आधार पर एक परियोजना प्रस्तावक द्वारा किए गए पूर्व-मौजूदा निर्माण को मान्य ठहराया। हालांकि, शीर्ष अदालत ने मौजूदा पर्यावरण व्यवस्था के तहत नए ईसी प्राप्त करने के बाद ही आगे निर्माण करने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की पीठ ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश का इस हद तक समर्थन किया कि अपीलकर्ता...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
क्या समझौते के आधार पर POCSO मामले रद्द किए जा सकते हैं? सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली एसएलपी पर नोटिस जारी किया

क्या आरोपी और पीड़िता के बीच हुए समझौते के आधार पर पॉक्सो के मामलों को रद्द किया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ दायर एक विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर नोटिस जारी किया है जिसमें यह मुद्दा उठाया गया था। इस मामले में आरोपी पीड़िता का शिक्षक था। उसके खिलाफ यह आरोप था कि उसने उसके गालों को छुआ और उसके माथे पर चूमा था। शिकायत के बाद, यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012 की धारा 9 (एफ) और 10 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए एक केस दर्ज किया गया था।...

अदालती कार्यवाही की लाइव-स्ट्रीमिंग का समय, हमें पारदर्शिता रखनी चाहिए : जस्टिस ए एस ओका
अदालती कार्यवाही की लाइव-स्ट्रीमिंग का समय, हमें पारदर्शिता रखनी चाहिए" : जस्टिस ए एस ओका

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अभय श्रीनिवास ओका ने शनिवार को एक समारोह में बोलते हुए अदालती कार्यवाही की लाइव-स्ट्रीमिंग के विचार का समर्थन किया।इस बात पर प्रकाश डालते हुए कि लाइव-स्ट्रीमिंग से अदालती कार्यवाही की पारदर्शिता बढ़ेगी, न्यायमूर्ति ओक ने कहा, "मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि चयनित मामलों में सीमित रूप में लाइव स्ट्रीमिंग होनी चाहिए। हमें पारदर्शिता रखनी चाहिए। पारदर्शिता में कुछ भी गलत नहीं है। यदि संसदीय कार्यवाही लाइव स्ट्रीम की जाती है, अदालती कार्यवाही क्यों नहीं, बेशक...

शपथ पर गवाहों के परीक्षण के संबंध में सीआरपीसी की धारा 202 (2) एनआई अधिनियम धारा 138 के तहत शिकायतों पर लागू नहीं होती : सुप्रीम कोर्ट
शपथ पर गवाहों के परीक्षण के संबंध में सीआरपीसी की धारा 202 (2) एनआई अधिनियम धारा 138 के तहत शिकायतों पर लागू नहीं होती : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया है कि शपथ पर गवाहों के परीक्षण के संबंध में सीआरपीसी की धारा 202 (2) एनआई अधिनियम की धारा 138 के तहत शिकायतों पर लागू नहीं होती।अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता की ओर से गवाहों के साक्ष्य को हलफनामे पर अनुमति दी जानी चाहिए।न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत शिकायत को खारिज करने से इनकार करने वाले गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर एक अपील को खारिज करते हुए कहा, "यदि मजिस्ट्रेट स्वयं जांच करता...