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सुप्रीम कोर्ट ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग की पूजा के अधिकार की मांग वाली याचिका पर 21 जुलाई को सुनवाई करेगा
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) सोमवार को 21 जुलाई को उस याचिका को सूचीबद्ध करने पर सहमत हो गया, जिसमें उसके सर्वेक्षण के दौरान ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Case) के परिसर में पाए जाने वाले शिवलिंग की पूजा की अनुमति देने की मांग की गई थी।एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने 21 जुलाई को मामले को सूचीबद्ध करने के लिए भारत के चीफ जस्टिस के समक्ष भारत के संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर रिट याचिका का उल्लेख किया। वकील ने कहा कि अंजुमन इंटेजेमिया मस्जिद समिति (जो ज्ञानवापी मस्जिद का प्रबंधन करती है) द्वारा...
सुप्रीम कोर्ट तलाक ए हसन को चुनौती देने वाली याचिका को शुक्रवार को सूचीबद्ध करने के लिए सहमत
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) मुस्लिम पर्सनल लॉ (Muslim Personal Law) प्रथा के माध्यम से तलाक की प्रथा तलाक-ए-हसन (Talaq-E-Hasan) को चुनौती देने वाली याचिका को शुक्रवार को सूचीबद्ध करने के लिए सहमत हो गया। तलाक-ए-हसन के अनुसार एक आदमी तीन महीने तक, हर महीने एक एक बार "तलाक" का उच्चारण करके अपनी पत्नी को तलाक दे सकता है।याचिका का उल्लेख भारत के चीफ जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस हेमा कोहली की पीठ के समक्ष सीनियर एडवोकेट पिंकी आनंद ने किया।याचिका को सूचीबद्ध करने के लिए पीठ से...
सिर्फ मकान मालिक-किरायेदार के रिश्ते को नकारकर प्रतिवादी किराया जमा किए बिना वाद के लंबित रहने के दौरान संपत्ति का आनंद नहीं ले सकता : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कोई प्रतिवादी सिर्फ मकान मालिक-किरायेदार/पट्टादाता- पट्टेदार के रिश्ते को नकारकर किराए/नुकसान की राशि जमा किए बिना वाद के लंबित रहने के दौरान संपत्ति का आनंद नहीं ले सकता है।जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और अनिरुद्ध बोस की बेंच ने अपील की अनुमति देते हुए कहा, "वादी के टाईटल से इनकार करने और वादी और प्रतिवादी के बीच मकान मालिक और किरायेदार के संबंध से इनकार करने के प्रस्ताव के संदर्भ में, हम यह भी कह सकते हैं कि इस तरह का इनकार सरलीकृत पट्टेदार/किरायेदार बकाया जमा करने के...
अनुच्छेद 136 के तहत विशेष अनुमति द्वारा आपराधिक अपील का दायरा : सुप्रीम कोर्ट ने समझाया
एक आपराधिक अपील को खारिज करते हुए अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत विशेष अनुमति द्वारा आपराधिक अपील के दायरे को समझाया।अदालत ने कहा कि अनुच्छेद 136 के तहत शक्ति का प्रयोग तभी किया जा सकता है जब यह न्यायालय संतुष्ट हो कि न्याय के गंभीर या संगीन पतन को रोकने के लिए हस्तक्षेप करना आवश्यक है। पहले के फैसलों का जिक्र करते हुए जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस कृष्ण मुरारी की बेंच ने निम्नलिखित टिप्पणियां कीं:न्याय के गंभीर या संगीन पतन को रोकने के लिए असाधारण...
कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के लंबित रहने पर भी सेना के अधिकारियों को निलंबित करने से पहले सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के लंबित रहने पर भी उन्हें निलंबित करने से पहले सेना (Army) के अधिकारियों को सुनवाई का अवसर देने की आवश्यकता नहीं है।जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की बेंच ने कहा,"यहां तक कि रेगुलेशन 349 के तहत भी, इस तरह की प्रक्रिया का पालन करने की कोई आवश्यकता नहीं है।"रेगुलेशन 349 का प्रासंगिक भाग निम्नानुसार पढ़ता है: एक अधिकारी को उसके ओसी या किसी अन्य वरिष्ठ प्राधिकारी द्वारा ड्यूटी से (गिरफ्तारी से स्वतंत्र) निलंबित किया जा सकता है, न...
सुप्रीम कोर्ट ने 2 से अधिक बच्चे होने के कारण अयोग्य घोषित निर्वाचित व्यक्तियों को पंचायत सदस्य के रूप में भाग लेने की अनुमति देने के पटना हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने हाल ही में पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) के उस आदेश का विरोध करने वाली विशेष अनुमति याचिका (SLP) में नोटिस जारी किया जिसमें कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग द्वारा दो से अधिक बच्चे पैदा करने के लिए अयोग्य घोषित किए गए तीन निर्वाचित व्यक्तियों को पंचायत के सदस्य के रूप में भाग लेने की अनुमति दी गई थी।जस्टिस एसके कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश की बेंच ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए कहा,"इस बीच, आक्षेपित निर्णय के संचालन पर रोक लगा दी गई है लेकिन निर्वाचित व्यक्ति...
पूर्व के फैसलों पर विचार के उपरांत निर्णित शीर्ष अदालत के फैसले हाईकोर्ट पर बाध्यकारी होते हैं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पहले के फैसले पर विचार करने के उपरांत आए उसके पृथक फैसले हाईकोर्ट पर बाध्यकारी होते हैं। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा इस कोर्ट के बाध्यकारी दृष्टांतों का पालन नहीं करना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 141 के विपरीत है ।इस मामले में, कर्नाटक हाईकोर्ट ने भूमि अधिग्रहण के कुछ दावों में एक संदर्भ न्यायालय द्वारा पारित निर्णय और अवार्ड को रद्द कर दिया तथा मामले को अपने पास वापस ले लिया। ऐसा करते समय, हाईकोर्ट ने इस दलील को खारिज करने...
स्टाम्प ड्यूटी की गणना के लिए बना रेडी रेकनर भूमि अधिग्रहण के मुआवजे के निर्धारण का आधार नहीं हो सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि स्टाम्प शुल्क की गणना के लिए रेडी रेकनर में उल्लिखित कीमतें भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत मुआवजे के निर्धारण का आधार नहीं हो सकती हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मामले में भूमि मालिकों / दावेदारों की अपील की अनुमति देते हुए, मुख्य रूप से भूमि की प्रचलित रेडी रेकनर दरों पर निर्भर करते हुए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे की राशि में वृद्धि की।सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपील में अपीलकर्ता ने तर्क दिया कि हाईकोर्ट ने केवल मौजूदा रेडी रेकनर दरों पर भरोसा करते हुए मुआवजे की राशि को बढ़ाने...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (11 जुलाई, 2022 से 15 जुलाई, 2022) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।अग्रिम जमानत आवेदनों की जांच आवेदक के मामले तक सीमित होनी चाहिए, इसे तीसरे पक्ष के खिलाफ निर्देशित नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्टसुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि हाईकोर्ट के लिए आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 438 के तहत शक्तियों के प्रयोग में तीसरे पक्ष के खिलाफ अभियोग चलाना खुला नहीं है। उक्त...
न्यायिक रिक्तियों को न भरना मामलों के लंबित होने का प्रमुख कारण : सीजेआई एन वी रमना
भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने शनिवार को देश में बड़े पैमाने पर केस बैकलॉग के बारे में केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं के जवाब में दोहराया कि देश में न्यायिक रिक्तियों (judicial vacancies) को न भरना मामलों के लंबित होने का प्रमुख कारण है।विधि मंत्री और मुख्य न्यायाधीश जयपुर में अखिल भारतीय कानूनी सेवा प्राधिकरण बैठक में भाग ले रहे थे।अपने संबोधन में कानून मंत्री ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि आजादी के 75वें वर्ष में देश भर की अदालतों में 5 करोड़ से...
हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली में प्रक्रिया ही सजा बन गई है: सीजेआई एनवी रमना
भारत के प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना ने जल्दबाजी में अंधाधुंध गिरफ्तारी और जमानत पाने में कठिनाई पर जोर देते हुए शनिवार को कहा कि जिस प्रक्रिया के कारण विचाराधीन कैदियों को लंबे समय तक जेल में रखा गया, उस पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। सीजेआई ने कहा," हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली में, प्रक्रिया ही सजा है। जल्दबाजी में हुई अंधाधुंध गिरफ्तारी से लेकर जमानत पाने में कठिनाई तक, विचाराधीन कैदियों को लंबे समय तक जेल में रखने की प्रक्रिया पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। "जयपुर में 18वीं अखिल भारतीय...
अग्रिम जमानत आवेदनों की जांच आवेदक के मामले तक सीमित होनी चाहिए, इसे तीसरे पक्ष के खिलाफ निर्देशित नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि हाईकोर्ट के लिए आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 438 के तहत शक्तियों के प्रयोग में तीसरे पक्ष के खिलाफ अभियोग चलाना खुला नहीं है। उक्त प्रावधान अग्रिम जमानत से संबंधित है।पटना हाईकोर्ट के एक अंतरिम आदेश में प्रमोद कुमार सैनी नामक एक व्यक्ति और सह-आरोपियों की अग्रिम जमानत की कार्यवाही में सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय की उपस्थिति के लिए नोटिस जारी किया गया था। आदेश के खिलाफ दायर याचिका में जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस जेबी पारदीवाला ने कहा, "हम मानते हैं कि हाईकोर्ट...
"सिर्फ अंग्रेज़ी बोलेने वाले वकीलों को अधिक फीस, अधिक केस नहीं मिलने चाहिए" : कानून मंत्री ने अदालतों में क्षेत्रीय भाषाओं के इस्तेमाल पर ज़ोर दिया
केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरणों से प्रयास करने की अपील की ताकि भारत की स्वतंत्रता के 75वें साल के दिन 15 अगस्त, 2022 तक अधिकतम विचाराधीन कैदियों को रिहा किया जा सके।कानून मंत्री ने कहा,"मैं सभी राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरणों से अपील करता हूं कि वे विचाराधीन कैदियों को कानूनी सलाह/सहायता प्रदान करने के अपने प्रयासों को और तेज करें ताकि 15 अगस्त 2022 को या उससे पहले आजादी का अमृत महोत्सव मनाते हुए अधिकतम संख्या में विचाराधीन कैदियों को रिहा किया जा...
साक्ष्य अधिनियम की धारा 27 : केवल इसलिए कि हथियार की खोज आरोपी के कहने पर हुई थी, इसका मतलब यह नहीं है कि उसने इसे छुपाया या इस्तेमाल किया : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केवल इसलिए कि हथियार की खोज आरोपी के कहने पर हुई थी, इसका मतलब यह नहीं है कि उसने इसे छुपाया या इस्तेमाल किया।पीठ ने हत्या के दोषी द्वारा दायर एक अपील पर विचार करते हुए इस प्रकार कहा, जिसकी धारा 302 आईपीसी के तहत सजा को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बरकरार रखा था। अपीलकर्ता द्वारा उठाए गए तर्कों में से एक यह था कि इस मामले में चश्मदीद गवाह अविश्वसनीय गवाह हैं।अपील में, सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि दोनों अदालतों ने दो चश्मदीद गवाहों पर सही विश्वास किया। हालांकि, इसने निचली अदालत...
हाईकोर्ट के जस्टिस एचपी संदेश की प्रतिकूल टिप्पणी के खिलाफ कर्नाटक के आईएएस अधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
कर्नाटक के आईएएस अधिकारी जे मंजूनाथ ने कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) के जस्टिस एचपी संदेश (HP Sandesh) द्वारा की गई टिप्पणी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का दरवाजा खटखटाया है। जे मंजूनाथ को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने हाल ही में रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया था।मंजूनाथ बेंगलुरु के पूर्व उप शहरी आयुक्त थे, जिन्हें जस्टिस संदेश द्वारा की गई कुछ आलोचनात्मक टिप्पणियों के बाद एसीबी ने गिरफ्तार किया था।जस्टिस संदेश ने डिप्टी अर्बन कमिश्नर के कार्यालय के खिलाफ रिश्वत मामले में एसीबी...
सुप्रीम कोर्ट ने व्यक्तिपरक राय या संतुष्टि के आधार पर प्रशासनिक प्राधिकरण की कार्रवाई की न्यायिक समीक्षा के दायरे की व्याख्या की
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी व्यक्तिपरक राय या संतुष्टि के आधार पर प्रशासनिक प्राधिकरण की कार्रवाई की न्यायिक समीक्षा के दायरे की व्याख्या की।बेंच, जिसमें जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जेबी पारदीवाला शामिल थे,ने कहा, "व्यक्तिपरक राय या संतुष्टि के आधार पर कार्रवाई की न्यायिक रूप से समीक्षा की जा सकती है ताकि तथ्यों या परिस्थितियों के अस्तित्व का पता लगाया जा सके जिसके आधार पर प्राधिकरण पर राय बनाने का आरोप लगाया गया है।"गुवाहाटी हाईकोर्ट के समक्ष रिट याचिका में असम राइफल्स में राइफलमैन ने लेफ्टिनेंट कर्नल...
पुलिस का घर जाना, राउडी शीट खोलना, थाने में बुलाना, निजता का उल्लंघन : एपी हाईकोर्ट
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में माना कि उपद्रवी (Rowdy) के रूप में ब्रांड लोगों की शीट खोलना, उनकी तस्वीरें जमा करके उनका प्रदर्शन करना, अउनके घर जाना और मौजूदा पुलिस सरकारी आदेश के अनुसार पुलिस स्टेशन को समन करना " निजता के अधिकार का सीधा उल्लंघन" है। कोर्ट ने माना कि पुलिस के आदेश अनुच्छेद 21 के अर्थ में "कानून" के रूप में योग्य नहीं हैं और कानून की मंजूरी के बिना, पुलिस लोगों की व्यक्तिगत जानकारी एकत्र नहीं कर सकती और उनके घर जा सकती है।जस्टिस डीवीएसएस सोमजायुलु की एकल पीठ...
सुप्रीम कोर्ट में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में मिले शिवलिंग की पूजा करने की अनुमति की मांग वाली याचिका दायर
ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Mosque) परिसर में सर्वेक्षण के दौरान जिस स्थान पर शिवलिंग (Shivling) मिला था, उस स्थान पर धार्मिक अनुष्ठान करने की अनुमति देने की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में दायर की गई है।कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल के अध्यक्ष राजेश मणि त्रिपाठी ने याचिका दायर की है।याचिका में कहा गया है,"आवेदक वाराणसी कोर्ट द्वारा पारित आदेश के अनुसरण में किए गए सर्वेक्षण के दौरान पाए गए "शिव लिंग" पर भारत के संविधान के तहत गारंटी के रूप में अपनी धार्मिक प्रथाओं का प्रदर्शन करना...
सुप्रीम कोर्ट ने 1964 में दायर मुकदमे में अपील 16 साल बाद नए फैसले के लिए हाईकोर्ट में भेजी
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने हाल ही में एक संपत्ति विवाद (Property Dispute) में 1964 में दायर एक मुकदमे से उत्पन्न एक अपील इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) में भेज दी। मुकदमे में दूसरी अपील 1975 में हाईकोर्ट के समक्ष दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने 31 साल बाद 2006 में दूसरी अपील का फैसला किया था।हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील 2006 में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दायर की गई थी। 16 वर्षों के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने अब यह देखते हुए हाईकोर्ट में अपील को वापस भेज दिया है कि कुछ अस्वीकार्य साक्ष्य...
इसरो जासूसी मामला : सीबीआई ने केरल के पूर्व डीजीपी सिबी मैथ्यूज को दी गई अग्रिम जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केरल हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सीबीआई की ओर से दायर याचिका की सुनवाई टाल दी। केरला हाईकोर्ट ने इसरो जासूसी मामले में पूर्व डीजीपी सिबी मैथ्यूज को सत्र न्यायालय की ओर से दी गई गिरफ्तारी पूर्व जमानत पर लगाई गई 60 दिनों की समय सीमा को रद्द कर दिया था। स्थगन को अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू द्वारा किए गए अनुरोध के मद्देनजर दिया गया था, जिसमें केंद्रीय एजेंसी द्वारा दायर याचिका के साथ संबंधित याचिका को उसी हाईकोर्ट द्वारा चार पुलिस और इंटेलीजेंस ब्यूरो अधिकारियों को...

















