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सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख में स्टेट बार काउंसिल के गठन की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

Brij Nandan
30 July 2022 3:05 AM GMT
सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख में स्टेट बार काउंसिल के गठन की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
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सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख (Jammu-Kashmir & Ladakh) में बार काउंसिल (Bar Council) के गठन की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया।

जम्मू स्थित वकील सुप्रिया पंडित ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पारदीवाला ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया।

याचिका में तर्क दिया गया कि जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख में पूरी कानूनी बिरादरी के पास कोई सरकारी संस्था नहीं है जहां वे अपना नामांकन करा सकें। वे अन्य राज्यों के वकीलों को उनके संबंधित बार काउंसिल से मिलने वाले लाभों से भी वंचित हैं।

याचिका में कहा गया है,

"यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि वर्तमान में कानूनी बिरादरी के सदस्य जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की सदस्यता लेते हैं और उनकी सभी शिकायतों को उपरोक्त बार एसोसिएशन द्वारा निपटाया जाता है, लेकिन "दरबार मूव" की प्रणाली के कारण सदस्य कानूनी बिरादरी को विभिन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण उनके लिए जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख में प्रैक्टिस करना मुश्किल हो जाता है।"

यह तर्क देते हुए कि राज्य परिषद की अनुपलब्धता के कारण एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उपस्थित होने के लिए निकटता कार्ड के लिए आवेदन करने से वंचित हैं।

याचिकाकर्ता ने जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख के एडवोकेट सदस्यों को निकटता कार्ड जारी करने के संबंध में दिशा-निर्देश भी मांगे हैं जो सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश होना चाहते हैं।

सुप्रिया पंडिता ने अपनी याचिका में आगे तर्क दिया है कि 6 फरवरी, 2017 को बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष कहा था कि उसने जम्मू-कश्मीर राज्य बार काउंसिल नियमों को मंजूरी दे दी थी, लेकिन इसके बावजूद, बीसीआई ने स्टेट बार काउंसिल की स्थापित करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया है।

याचिका एओआर ओम प्रकाश परिहार के जरिए दायर की गई है।

केस टाइटल: सुप्रिया पंडिता बनाम भारत संघ एंड अन्य | डायरी नंबर 17380 ऑफ 2022

आदेश पढ़ने/डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें:




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