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वोटर्स का जानने का अधिकार बनाम डोनर्स की गोपनीयता: सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टरोल बॉन्ड मामले में फैसला सुरक्षित रखा
वोटर्स का जानने का अधिकार बनाम डोनर्स की गोपनीयता: सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टरोल बॉन्ड मामले में फैसला सुरक्षित रखा

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (2 नवंबर) को इलेक्टरोल बॉन्ड स्कीम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की संविधान पीठ ने तीन दिनों तक मामले की सुनवाई की।याचिकाकर्ताओं एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), डॉ जया ठाकुर ने वित्त अधिनियम 2017 द्वारा पेश किए गए संशोधनों को चुनौती दी, जिसने इलेक्टरोल बॉन्ड स्कीम का...

तीन साल के चचेरे भाई को लिवर दान देने के लिए व्यक्ति ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी अनुमति, बच्चा ओवरसीज़ भारतीय
तीन साल के चचेरे भाई को लिवर दान देने के लिए व्यक्ति ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी अनुमति, बच्चा ओवरसीज़ भारतीय

सुप्रीम कोर्ट में एक व्यक्ति द्वारा अपने 3 साल के चचेरे भाई, जो ओवरसीज़ भारतीय, को लिवर दान करने की मंजूरी देने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है जिसमें एक व्यक्ति द्वारा अपने अपने चचेरे भाई, 3 साल के बच्चा जो पुरानी लिवर की बीमारी से पीड़ित है, को लिवर दान करने की अनुमति देने की मांग की गई है। मानव अंगों और ऊतकों के प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994 के तहत प्राधिकरण समिति ने धारा 9 में प्रदान की गई रोक का हवाला देते हुए लीवर दान के लिए मंजूरी देने से इनकार कर दिया है।धारा 9 के...

क्या ट्रांस महिला घरेलू हिंसा अधिनियम का उपयोग कर सकती है? सुप्रीम कोर्ट विचार करेगा
क्या ट्रांस महिला घरेलू हिंसा अधिनियम का उपयोग कर सकती है? सुप्रीम कोर्ट विचार करेगा

सुप्रीम कोर्ट इस बात की जांच करने के लिए तैयार है कि क्या एक ट्रांसजेंडर महिला, जिसने सेक्स री-असाइनमेंट सर्जरी करवाई है, घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 के तहत "पीड़ित व्यक्ति" हो सकती है और उसे घरेलू हिंसा के मामले में अंतरिम भरण-पोषण मांगने का अधिकार है। मामले को 2025 में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस राजेश बिंदल की पीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर एक अपील में अनुमति दे दी, जिसमें कहा गया था कि एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति जिसने लिंग को महिला में बदलने के लिए...

सर्विस लॉ | सुप्रीम कोर्ट ने सीनियारिटी लिस्ट की एंटी-डेटिंग को बरकरार रखा; कहा-डिग्री और डिप्लोमा धारकों के लिए अलग-अलग कोटा निर्धारित होने से कोई पूर्वाग्रह नहीं होता
सर्विस लॉ | सुप्रीम कोर्ट ने सीनियारिटी लिस्ट की एंटी-डेटिंग को बरकरार रखा; कहा-डिग्री और डिप्लोमा धारकों के लिए अलग-अलग कोटा निर्धारित होने से कोई पूर्वाग्रह नहीं होता

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कानूनी रूप से अस्थिर होने के कारण वरिष्ठता सूची की एंटी-डेटिंग के खिलाफ दायर एक अपील खारिज कर दी।इस मामले में अपीलकर्ता केरल हाईकोर्ट की एक खंडपीठ के आदेश को चुनौती दे रहा था, जिसने निजी उत्तरदाताओं की वरिष्ठता में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। शीर्ष अदालत ने पाया कि वरिष्ठता सूची की एंटी-डेटिंग से अपीलकर्ता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा क्योंकि डिग्री धारकों और डिप्लोमा धारकों के लिए अलग-अलग कोटा निर्धारित किया गया था। अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि अपीलकर्ता एक...

भेदभाव को स्वीकार करने के बाद भी समलैंगिक जोड़ों की रक्षा न करना अपने कर्तव्यों का त्याग: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका
'भेदभाव को स्वीकार करने के बाद भी समलैंगिक जोड़ों की रक्षा न करना अपने कर्तव्यों का त्याग': सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका

सुप्रियो बनाम यून‌ियन ऑफ इंडिया में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ एक पुनर्विचार याचिका दायर की गई है।चार याचिकाकर्ताओं (उदित सूद, सात्विक, लक्ष्मी मनोहरन और गगनदीप पॉल) ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा समलैंगिक जोड़ों के साथ होने वाले भेदभाव को स्वीकार करने के बावजूद उन्हें कोई कानूनी सुरक्षा नहीं देने के फैसले को गलत ठहराया है। पुनर्विचार याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि यह मौलिक अधिकारों को बनाए रखने और उनकी रक्षा करने के न्यायालय के कर्तव्य से विमुख होने जैसा है। उल्लेखनीय है कि सुप्रियो बनाम यूनियन ऑफ...

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, चुनाव आयोग सभी राजनीतिक दलों को 30 सितंबर तक मिले चुनावी बांड फंडिंग का डाटा पेश करे
सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, चुनाव आयोग सभी राजनीतिक दलों को 30 सितंबर तक मिले चुनावी बांड फंडिंग का डाटा पेश करे

चुनावी बांड के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। श‌ीर्ष अदालत ने गुरुवार को चुनाव आयोग को सभी राजनीतिक दलों को 30 सितंबर तक उन्हें चुनाव बांड से प्राप्त धन का ब्योरा जुटाने और उसे कोर्ट के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया।उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट की एक संविधान पीठ चुनावी बांड स्कीम के खिलाफ दायर या‌चिकाओं पर सुनवाई कर रही है। चीफ जस्टिस ऑफ इं‌डिया डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने चुनावी बांड डोनेशन का डाटा उपलब्ध नहीं होने पर चुनाव आयोग से नाराज़गी...

यदि अभियुक्त ने स्थिति का अनुचित लाभ उठाया तो आईपीसी की धारा 300 का अपवाद 4 लागू नहीं होगा : सुप्रीम कोर्ट
यदि अभियुक्त ने स्थिति का "अनुचित लाभ" उठाया तो आईपीसी की धारा 300 का अपवाद 4 लागू नहीं होगा : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने अपनी पत्नी की हत्या के लिए एक पति की सजा को बरकरार रखते हुए कहा कि एक अपराधी जो किसी स्थिति का अनुचित लाभ उठाता है वह भारतीय दंड संहिता की धारा 300 के अपवाद 4 को लागू करने का हकदार नहीं है। इस मामले में मृतक (पत्नी) ने अपने पति (अपीलकर्ता) के साथ झगड़े के बाद आगे की यातना से बचने के लिए खुद पर मिट्टी का तेल डाल लिया था। पति ने कथित तौर पर उसे मारने के इरादे से माचिस की तीली जलाई और "तुम मर जाओ" कहते हुए उस पर फेंक दी।आईपीसी की धारा 302 और 498ए के तहत अपनी सजा को चुनौती देते...

विधेयकों को मंजूरी देने में राज्यपाल की निष्क्रियता के खिलाफ केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
विधेयकों को मंजूरी देने में राज्यपाल की निष्क्रियता के खिलाफ केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

केरल सरकार ने यह कहते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है कि केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान राज्य विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों पर विचार करने में देरी कर रहे हैं। राज्य सरकार ने तर्क दिया है कि 8 से अधिक लंबित विधेयकों पर विचार करने में अनुचित देरी करके राज्यपाल अपने संवैधानिक कर्तव्यों में विफल रहे हैं। राज्य सरकार की याचिका में कहा गया कि“ राज्यपाल का आचरण, जैसा कि वर्तमान में प्रदर्शित किया गया है, राज्य के लोगों के अधिकारों को पराजित करने के अलावा, कानून के शासन और लोकतांत्रिक सुशासन...

आवारा कुत्तों का मुद्दा - सुप्रीम कोर्ट ने मामले को अंतिम सुनवाई के लिए 10 जनवरी को लिस्ट किया
आवारा कुत्तों का मुद्दा - सुप्रीम कोर्ट ने मामले को अंतिम सुनवाई के लिए 10 जनवरी को लिस्ट किया

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (01.11.2023) को देश में आवारा कुत्तों के हमलों पर अंकुश लगाने से संबंधित मामले को अंतिम सुनवाई के लिए 10 जनवरी को सूचीबद्ध किया। जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ कई मामलों पर विचार कर रही है, जिसमें केरल राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (केएससीपीसीआर) द्वारा केरल में आवारा कुत्तों के हमलों में वृद्धि का हवाला देते हुए दायर याचिका भी शामिल है। जिसमें विशेष रूप से बच्चों पर खतरों की आशंका के खिलाफ निर्देश देने की मांग की गई है।वैधानिक निकाय ने एक लंबित...

कास्ट सर्टिफिकेट देर से जमा करने की अनुमति देने में भेदभाव: सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को आवेदन करने के 16 साल बाद 2 उम्मीदवारों को नियुक्त करने का निर्देश दिया
कास्ट सर्टिफिकेट देर से जमा करने की अनुमति देने में भेदभाव: सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को आवेदन करने के 16 साल बाद 2 उम्मीदवारों को नियुक्त करने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कुछ उम्मीदवारों को नियुक्ति प्रक्रिया में कट-ऑफ डेट से परे अपने कास्ट सर्टिफिकेट (Caste Certificates) जमा करने की अनुमति देने के लिए गुजरात राज्य की खिंचाई की।मामला वर्ष 2007 में विद्या सहायक (संगीत) के पद के लिए चयन प्रक्रिया से संबंधित है। दृष्टिबाधित दो आवेदकों ने सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़ा वर्ग (एसईबीसी) श्रेणी के तहत आवेदन किया था, लेकिन अपना आवेदन जमा करने में विफल रहे। कास्ट सर्टिफिकेट निर्धारित समय सीमा के अंदर अत: इन्हें सामान्य श्रेणी में माना...

भीमा कोरेगांव केस - सुप्रीम कोर्ट ने कहा, देखेंगे कि ज्योति जगताप की जमानत याचिका वर्नोन फैसले के फॉर्मूले में फिट होगी या नहीं
भीमा कोरेगांव केस - सुप्रीम कोर्ट ने कहा, देखेंगे कि ज्योति जगताप की जमानत याचिका 'वर्नोन' फैसले के फॉर्मूले में फिट होगी या नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (1 नवंबर) को कार्यकर्ता और भीमा कोरेगांव की आरोपी ज्योति जगताप की जमानत याचिका पर सुनवाई 30 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी। जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस संजय करोल की पीठ जगताप की जमानत याचिका खारिज करने के बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पुणे के भीमा कोरेगांव में 2018 में हुई जाति-आधारित हिंसा और प्रतिबंधित लोगों के साथ कथित संबंध रखने के सिलसिले में गिरफ्तार होने के बाद वह गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत अपराधों...

जमानत की मंजूरी सह-अभियुक्त के आत्मसमर्पण करने पर निर्भर नहीं रखी जा सकती: सुप्रीम कोर्ट
जमानत की मंजूरी सह-अभियुक्त के आत्मसमर्पण करने पर निर्भर नहीं रखी जा सकती: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट की एक डिवीजन बेंच ने जमानत याचिका की अनुमति देते हुए कहा कि सह-अभियुक्त व्यक्ति को जमानत देना किसी अन्य आरोपी के आत्मसमर्पण पर निर्भर नहीं हो सकता, जो इस मामले में मुख्य आरोपी भी है। कोर्ट ने कहा,"हमारी राय में सह-अभियुक्त व्यक्ति को जमानत देने का सवाल किसी अन्य आरोपी के आत्मसमर्पण पर निर्भर नहीं किया जा सकता, जिसे इस मामले में मुख्य आरोपी व्यक्ति के रूप में वर्णित किया गया है।"जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी की खंडपीठ ने दहेज हत्या के एक मामले में एक आरोपी की...

सेवारत कर्मियों को भविष्य की तारीख से पूर्व सैनिक नहीं माना जा सकता: सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरी के लिए पूर्व सैनिकों की याचिका खारिज की
'सेवारत कर्मियों को भविष्य की तारीख से पूर्व सैनिक नहीं माना जा सकता': सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरी के लिए पूर्व सैनिकों की याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में यह कहते हुए कि सशस्त्र बल के सेवारत कर्मियों को भावी तिथि से पूर्व सैनिक नहीं माना जा सकता है, उत्तर प्रदेश राज्य सेवा में ग्राम विकास अधिकारियों के रूप में नियुक्तियों के लिए तीन अपीलकर्ताओं के दावे को खारिज कर दिया।अपीलकर्ताओं ने सशस्त्र बलों में सेवा करते हुए भी पूर्व सैनिकों की श्रेणी के तहत 2016 में यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा विज्ञापित ग्राम विकास अधिकारियों के पदों पर आवेदन किया था। हालांकि अपीलकर्ताओं को पद के लिए आवेदन की अंतिम तिथि (10.02.2016) के कुछ...

इलेक्टरोल बॉन्ड स्कीम कम वोट शेयर वाले दलों को बाहर करने में भेदभावपूर्ण है? सुप्रीम कोर्ट ने चल रहे मामले में विचार करने से किया इनकार
इलेक्टरोल बॉन्ड स्कीम कम वोट शेयर वाले दलों को बाहर करने में भेदभावपूर्ण है? सुप्रीम कोर्ट ने चल रहे मामले में विचार करने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (1 नवंबर) को 'दलित पैंथर्स' पार्टी द्वारा दायर हस्तक्षेप आवेदन पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें इलेक्टरोल बॉन्ड स्कीम को भेदभावपूर्ण बताते हुए कम वोट शेयर वाले दलों को बॉन्ड स्वीकार करने की अनुमति नहीं देने को चुनौती दी गई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की संविधान पीठ ने कहा कि इस आधार पर स्कीम को चुनौती को हस्तक्षेप आवेदन में नहीं माना जा सकता। साथ ही सुझाव दिया कि...

समन्वय पीठ की टिप्पणियां किसी फैसले को रिव्यू करने का आधार नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने रिव्यू के दायरे पर 8 सिद्धांत तय किए
समन्वय पीठ की टिप्पणियां किसी फैसले को रिव्यू करने का आधार नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने रिव्यू के दायरे पर 8 सिद्धांत तय किए

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य कर अधिकारी बनाम रेनबो पेपर्स लिमिटेड 2022 लाइवलॉ (एससी) 743 मामले में 2022 के फैसले के खिलाफ दायर रिव्यू पीटिशन्स को खारिज करते हुए कहा कि किसी फैसले पर की गई समन्वय पीठ की टिप्पणियां इसके रिव्यू का आधार नहीं हो सकती हैं। रेनबो पेपर्स में, जस्टिस इंदिरा बनर्जी (सेवानिवृत्त) और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने कहा कि आईएंडबी कोड, 2016 के तहत एक समाधान योजना टिकाऊ नहीं हो सकती है, अगर इसमें सरकार को वैधानिक बकाया की अनदेखी की जाती है।रेनबो पेपर्स की रिव्यू की मांग करने वाले...

सुप्रीम कोर्ट ने दान-गबन मामले में तीस्ता सीतलवाड और उनके पति को अंतरिम अग्रिम जमानत देने के आदेश की पुष्टि की
सुप्रीम कोर्ट ने दान-गबन मामले में तीस्ता सीतलवाड और उनके पति को अंतरिम अग्रिम जमानत देने के आदेश की पुष्टि की

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (1 नवंबर) को सोशल एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति जावेद आनंद को अग्रिम जमानत दे दी। तीस्ता और उनके पति 2002 के गुजरात दंगों के पीड़ितों की मदद और स्मृति के लिए जुटाए गए धन के गबन के आरोपों का सामना कर रहे हैं। कोर्ट ने जबरदस्ती कार्रवाई से सुरक्षा की दोनों को अंतरिम जमानत देने के पहले के आदेश की पुष्टि की।जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ सीतलवाड, आनंद, गुजरात पुलिस और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा फरवरी 2015...

केवल बयानों, सामाजिक पृष्ठभूमि और समग्र परिस्थितियों में विरोधाभास से गवाह की विश्वसनीयता पर संदेह नहीं होता, उस पर अवश्य विचार किया जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
केवल बयानों, सामाजिक पृष्ठभूमि और समग्र परिस्थितियों में विरोधाभास से गवाह की विश्वसनीयता पर संदेह नहीं होता, उस पर अवश्य विचार किया जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में गवाहों के बयानों में विरोधाभासों और गवाहों की समग्र विश्वसनीयता के बीच अंतर करने के महत्व पर जोर दिया। न्यायालय ने फिर से पुष्टि की कि किसी गवाह के दो बयानों में विरोधाभास जरूरी नहीं कि उस गवाह की विश्वसनीयता पर संदेह न करे। साक्ष्य अधिनियम (Evidence Act) की धारा 145 और 155 को मामले की समग्र परिस्थितियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए सोच-समझकर लागू किया जाना था।अदालत ने रम्मी बनाम मध्य प्रदेश राज्य (1999) 8 एससीसी 649 पर भरोसा किया, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया कि...

क्या कोई सरकार मंत्रियों के माध्यम से मुकदमा कर सकती है? : एसडब्ल्यूएम समिति प्रमुख के रूप में एलजी की नियुक्ति के खिलाफ दिल्ली सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट
'क्या कोई सरकार मंत्रियों के माध्यम से मुकदमा कर सकती है?' : एसडब्ल्यूएम समिति प्रमुख के रूप में एलजी की नियुक्ति के खिलाफ दिल्ली सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (31 अक्टूबर) को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पैनल के प्रमुख के रूप में उपराज्यपाल वीके सक्सेना की नियुक्ति के खिलाफ दिल्ली सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सवाल किया कि क्या कोई सरकार किसी मंत्री के माध्यम से मुकदमा कर सकती है या मुकदमा दायर कर सकती है। जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के गठन के आदेश के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (एनसीटीडी) की आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा...