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सभी मेडिकल ग्रेजुएट, चाहे वे भारतीय हों या विदेशी, उन्हें एक जैसा स्टाइपेंड मिलना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) से यह पता लगाने को कहा कि क्या राजस्थान, आंध्र प्रदेश, केरल, गुजरात और झारखंड राज्यों में विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट को स्टाइपेंड का भुगतान किया गया, या नहीं।कोर्ट ने मौखिक रूप से यह भी कहा कि वह इस बारे में विस्तृत निर्देश जारी करेगा कि सभी अंडरग्रेजुएट मेडिकल ग्रेजुएट को - चाहे वे भारतीय हों या विदेशी - स्टाइपेंड मिलना चाहिए और यह भुगतान दोनों के लिए समान होना चाहिए। इसके अलावा, कोर्ट ने कहा कि वह देखेगा कि क्या स्टाइपेंड का भुगतान न होने के मामलों को...

सुप्रीम कोर्ट का सवाल- लोगों ने संयुक्त शिवसेना को वोट दिया था तो 2019 के वोट शेयर को शिंदे गुट के समर्थन का सबूत कैसे माना जा सकता है?
शिवसेना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सवाल उठाया कि क्या 2019 के चुनावों में यूनाइटेड शिवसेना को मिले वोटों को बाद में एकनाथ शिंदे गुट के समर्थन का सबूत माना जा सकता है? शिंदे गुट ने चुनाव आयोग के उस फैसले का बचाव करने के लिए MLA और वोट-शेयर के आंकड़ों का सहारा लिया था, जिसमें उसे असली शिवसेना के तौर पर मान्यता दी गई थी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच उद्धव ठाकरे की उस चुनौती पर सुनवाई कर रही है, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग के उस...

रद्द किए गए नियमों के तहत प्रमोशन का दावा करने का कोई पक्का अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (17 सितंबर) को फिर से कहा कि लागू नियमों के तहत बनने वाली प्रमोशन वाली पोस्ट को ज़रूरी नहीं कि उन्हीं नियमों के तहत भरा जाए, खासकर तब जब वे नियम अब रद्द कर दिए गए हों। कोर्ट ने माना कि ऐसी प्रमोशन वाली पोस्ट को नए नियमों के तहत भरा जा सकता है, जिनमें भर्ती के नए तरीके बताए गए।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने कहा,"सरकार के पॉलिसी फ़ैसले को देखते हुए कर्मचारी को रद्द किए गए नियमों के अनुसार प्रमोशन पर विचार किए जाने का कोई पक्का अधिकार नहीं...

अडानी को दिए गए टेंडर को चुनौती: सुप्रीम कोर्ट ने की COVID-19 के दौरान धारावी के लोगों की सूझ-बूझ की तारीफ
धारावी झुग्गी पुनर्वास परियोजना के री-डेवलपमेंट पर सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने COVID-19 महामारी के समय धारावी झुग्गी के निवासियों और कॉरपोरेशन के अधिकारियों द्वारा दिखाई गई बेहतरीन समझदारी और सूझबूझ की तारीफ़ की।सेकलिंक टेक्नोलॉजीज़ की याचिका पर सुनवाई करते हुए - जिसमें बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फ़ैसले को चुनौती दी गई, जिसमें सेकलिंक को दिया गया टेंडर रद्द कर दिया गया और झुग्गी पुनर्वास के लिए अडानी प्रॉपर्टीज़ को दिया गया टेंडर सही ठहराया गया - जस्टिस पीबी वराले ने मौखिक रूप से निवासियों के...

बंगाली महिला को नागरिकता की जांच किए बिना भेजा बांग्लादेश, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने एक बेटे की याचिका पर नोटिस जारी किया। बेटे का आरोप है कि उसकी माँ को नागरिकता की किसी भी जांच के बिना भारत से बांग्लादेश "भेज" दिया गया। याचिका में महिला को किसी भी नुकसानदेह कार्रवाई से बचाने और उसे तुरंत भारत वापस लाने की मांग की गई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता-बेटे की ओर से सीनियर एडवोकेट डॉ. एस. मुरलीधर पेश हुए।हेबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका में याचिकाकर्ता की माँ को हिरासत...

'क्या आपको लगता है महिलाएं LPG सिलेंडर नहीं उठा सकतीं?': सुप्रीम कोर्ट ने महिला को ₹12 लाख मुआवजा दिलाया
सुप्रीम कोर्ट ने जेंडर के आधार पर नौकरी से वंचित की गई एक महिला के मामले में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) को ₹12 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया है। महिला एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में रिफिलिंग हेल्पर के पद के लिए योग्य थी, लेकिन उसे नियुक्ति नहीं दी गई।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने कहा कि महिला अब सेवानिवृत्ति की उम्र पार कर चुकी है, इसलिए नियुक्ति के बजाय उसे एकमुश्त मुआवजा दिया जाना उचित है।'सिर्फ इसलिए नियुक्ति नहीं दी कि वह महिला है?'IOC की ओर से दलील दी गई कि रिफिलिंग...

सुप्रीम कोर्ट ने डिस्टेंस/ओपन मोड से बैचलर डिग्री लेने वाले लॉ ग्रेजुएट एडवोकेट के तौर पर प्रोविज़नल एनरोलमेंट की इजाज़त दी
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में तेलंगाना स्टेट बार काउंसिल को निर्देश दिया कि वे उन आवेदकों के एक ग्रुप को एडवोकेट के तौर पर प्रोविज़नल रूप से एनरोल करें, जिन्होंने रेगुलर मोड से तीन साल की LL.B. डिग्री हासिल की थी, लेकिन जिनका एनरोलमेंट इस आधार पर रोक दिया गया कि उनकी पिछली एजुकेशनल क्वालिफिकेशन (बैचलर डिग्री) ओपन, डिस्टेंस या कॉरेस्पोंडेंस मोड से हासिल की गई।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने यह अंतरिम आदेश उन आवेदनों पर दिया जिनमें प्रोविज़नल एनरोलमेंट की मांग की गई। यह मामला बार...

NDPS Act | 'सैंपल की कस्टडी में बिना वजह 5 दिन का गैप, धारा 52A का उल्लंघन': सुप्रीम कोर्ट ने 20 साल बाद दो लोगों को बरी किया
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (16 सितंबर) को NDPS Act के एक मामले में दो लोगों की सज़ा बीस साल बाद रद्द की। यह मामला कमर्शियल मात्रा में चरस बरामद होने और रखने से जुड़ा था। कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष ज़ब्त किए गए प्रतिबंधित सामान की कस्टडी की चेन में कड़ी जोड़ने में नाकाम रहा। कोर्ट ने ज़ब्त सामान को FSL टेस्टिंग के लिए भेजने की तारीख और FSL को उसके असल में मिलने की तारीख के बीच बिना वजह पांच दिन के गैप पर ध्यान दिया।कोर्ट ने सैंपल पैकेट पर पहचान के निशान/हस्ताक्षर न होने, मालखाना से निकलने की कोई...

सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर के राहत शिविरों में हुई असामान्य मौतों पर हैरानी जताई और जांच के निर्देश दिए
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (17 सितंबर) को मणिपुर के राहत शिविरों में असामान्य मौतों की खबरों पर हैरानी जताई, जिसमें कथित तौर पर यौन उत्पीड़न का एक मामला भी शामिल है। कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वे मौतों के हालात और विस्थापित लोगों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करें।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस मोहना की बेंच ने 2023 की मणिपुर जातीय हिंसा से जुड़े यौन हिंसा के मामलों की जांच...

Delhi SIR : नोटिस पाने वाले वोटरों के नाम और 'लॉजिकल विसंगतियों' के आधार जानने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की गई। इसमें भारत के चुनाव आयोग (ECI) और दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने दिल्ली में चल रहे मतदाता सूची के 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) के दौरान नोटिस पाने वाले वोटरों के नाम और नोटिस जारी करने के खास कारण नहीं बताए।अंजली भारद्वाज और अमृता जौहरी ने वकील प्रशांत भूषण के ज़रिए यह याचिका दायर की। इसमें 'लॉजिकल विसंगतियों' (Logical Discrepancies) की श्रेणी में वोटरों के वर्गीकरण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मापदंडों, परिभाषाओं, एल्गोरिदम...

PC Act | बिचौलिये को रिश्वत देना सरकारी कर्मचारी का अपराध साबित करने के लिए काफ़ी नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (16 सितंबर) को कहा कि सिर्फ़ यह साबित हो जाने से कि शिकायतकर्ता और बिचौलिये (जिसने किसी सरकारी कर्मचारी का नाम लिया था) के बीच पैसों का लेन-देन हुआ, यह साबित नहीं होता कि उस सरकारी कर्मचारी ने रिश्वत ली है।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस नोंगमेइकापम कोटिश्वर सिंह की बेंच ने भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व रेलवे सुरक्षा बल (RPF) अधिकारी भरत राज मीणा को बरी करते हुए यह टिप्पणी की। अभियोजन पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा कि अपीलकर्ता ने बिचौलिये के ज़रिए गैर-कानूनी तौर पर पैसे...

सुप्रीम कोर्ट का RBI को निर्देश- बैंकों और NBFCs द्वारा ज़बरदस्ती गाड़ियां ज़ब्त करने से रोकने के लिए निर्देश जारी करे
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (16.09.2026) को रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) को निर्देश दिया कि वह नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFC) और शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों से रिकवरी के तरीकों पर जारी गाइडलाइंस, मास्टर सर्कुलर और स्पष्टीकरणों का सही ढंग से पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए। कोर्ट ने कहा कि ये नियम "सिर्फ़ कागज़ों पर ही मौजूद रहे हैं और RBI ने इन्हें लागू करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।"यह देखते हुए कि दो दशकों से ज़्यादा समय से गाइडलाइंस होने के बावजूद ऐसी हरकतें बिना रुके जारी...

Shiv Sena Row | ECI ने एकनाथ शिंदे गुट को न्यूट्रल चुनाव चिह्न क्यों नहीं दिया? सुप्रीम कोर्ट
शिवसेना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज सवाल किया कि अगर भारत के चुनाव आयोग (ECI) को यह तय करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले टेस्ट में कमियां दिखीं कि कौन सा गुट असली शिवसेना है तो उसने एक गुट को मौजूदा पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न देने के बजाय दोनों गुटों को अपनी ताकत के दम पर चुनाव लड़ने देने का न्यूट्रल रास्ता क्यों नहीं अपनाया?चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच उद्धव ठाकरे की उस चुनौती पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग के उस...

'₹370 बिरयानी' विवाद में FIR से राहत के लिए कॉमेडियन प्रणीत मोरे पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
'₹370 बिरयानी' विवाद पर भारी आलोचना झेलने के बाद कॉमेडियन प्रणीत मोरे ने महाराष्ट्र और हरियाणा में अपने खिलाफ दर्ज FIR को एक साथ जोड़ने (क्लब करने) के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।मोरे की याचिका में भारत सरकार और महाराष्ट्र व हरियाणा राज्यों को पक्षकार बनाया गया। इस मामले की सुनवाई 21 सितंबर को होने की संभावना है।संक्षेप में मामलामोरे तब लोगों की कड़ी आलोचना का शिकार हुए, जब उनके शो में मौजूद एक दर्शक, हिमांशु जांगड़ा ने महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी की। जांगड़ा ने कहा कि डेट पर चिकन...

आर्टिकल 220 के तहत पूर्व हाईकोर्ट जजों को बार काउंसिल में महिला सदस्य के तौर पर शामिल करने पर कोई रोक नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया कि संविधान का आर्टिकल 220, जो भारत में अदालतों और अधिकारियों के सामने प्रैक्टिस करने से पूर्व हाईकोर्ट चीफ जस्टिसों और जजों को रोकता है, उन्हें संबंधित राज्य बार काउंसिल में महिला सदस्य के तौर पर शामिल करने से नहीं रोकता।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने यह स्पष्टीकरण तब दिया, जब वह राज्य बार काउंसिल में महिला सदस्यों को शामिल करने के बारे में कोर्ट के पहले के निर्देशों में बदलाव की मांग करने वाली अलग-अलग...

फाइनेंसर ज़बरदस्ती गाड़ियां ज़ब्त नहीं कर सकते: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रक मालिक को 10 लाख रुपये का मुआवज़ा देने का आदेश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गिरवी रखी गई गाड़ी को खुद से ज़ब्त करने का फाइनेंसर का अधिकार ज़बरदस्ती, धोखे या लोन एग्रीमेंट की शर्तों का उल्लंघन करके इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। लोन की वसूली या गाड़ी ज़ब्त करने का काम सिर्फ़ कानूनी तरीकों से ही किया जा सकता है।कोर्ट ने एक ट्रक मालिक को मुआवज़ा देने का भी आदेश दिया, जिसकी गाड़ी को बिना किसी पहले नोटिस के रात 1 बजे स्टीयरिंग लॉक तोड़कर ज़ब्त कर लिया गया।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश रद्द करते हुए यह...

₹2,000 से ज़्यादा UPI ट्रांज़ैक्शन पर चार्ज को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की गई, जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा 14 और 15 सितंबर को जारी गैज़ेट नोटिफ़िकेशन रद्द करने की मांग की गई, जिनमें ₹2,000 से ज़्यादा के कमर्शियल UPI ट्रांज़ैक्शन पर चार्ज लगाने की घोषणा की गई है।यह याचिका वकील अंजन दत्ता ने दायर की। उन्होंने इन नोटिफ़िकेशन को इस आधार पर चुनौती दी है कि नए लगाए गए चार्ज का असर आखिरकार आम नागरिक पर ही पड़ेगा।यह याचिका केंद्र सरकार, रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI), नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) और UPI एंड...

बीमा कंपनी के ऑफिस की जगह से मोटर दुर्घटना के दावे के लिए अधिकार क्षेत्र तय नहीं होता: सुप्रीम कोर्ट ने MV Act की धारा 166(2) की व्याख्या की
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हालांकि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 166(2) दावेदार को उस जगह पर मुआवज़े का दावा दायर करने की अनुमति देती है, जहां वह खुद "कारोबार करता है," लेकिन यही बात बीमा कंपनी पर लागू नहीं होती। सिर्फ़ इसलिए कि बीमा कंपनी किसी जगह पर कारोबार करती है, उसे उस जगह पर केस चलाने के अधिकार क्षेत्र (टेरिटोरियल ज्यूरिस्डिक्शन) के मकसद से प्रतिवादी (डिफेंडेंट) नहीं माना जा सकता।जस्टिस उज्ज्वल भुयान और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की बेंच ने दावेदार की अपील खारिज करते हुए यह बात कही।बेंच ने...

बिना दावे वाले मोटर दुर्घटना और लेबर मुआवज़े के मामले: डैशबोर्ड बनाने में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को जारी किया नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग और श्रम एवं उद्योग विभाग के सचिवों को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने मोटर दुर्घटना के दावों और लेबर कोर्ट के मामलों में जमा मुआवज़े की रकम के बारे में लाइव अपडेट दिखाने वाला डैशबोर्ड बनाने के निर्देशों का असरदार तरीके से पालन करने को कहा।बता दें, अप्रैल 2025 में जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने कई निर्देश जारी किए थे। यह कदम एक रिटायर्ड ज़िला जज बीबी पाठक के कोर्ट को लिखे पत्र के बाद उठाया गया था, जिसमें उन्होंने चिंता जताई थी कि कोर्ट के...

सुप्रीम कोर्ट ने 'कॉलेज ऑफ़ फिजिशियंस एंड सर्जन्स, मुंबई' (CPS) के स्टूडेंट्स को परीक्षा में बैठने की इजाज़त दी
सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उन 962 स्टूडेंट्स के लिए परीक्षा आयोजित करें, जिन्होंने अपना कोर्स तो बहुत पहले पूरा कर लिया था, लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा CPS के सभी पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स की मान्यता रद्द करने के फैसले के बाद परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए।बता दें, CPS की मान्यता रद्द होने के बाद अलग-अलग तरह के स्टूडेंट्स ने याचिकाएं दायर की थीं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भारत के अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी से दखल देने और स्टूडेंट्स का भविष्य सुरक्षित करने के लिए कोई...
