कलकत्ता हाईकोर्ट
पश्चिम बंगाल बुल्डोजर राज्य नहीं: ममता बनर्जी ने हाईकोर्ट में उठाया चुनाव बाद हिंसा का मुद्दा
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद कथित हिंसा और तोड़फोड़ को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई है बुलडोजर कार्रवाई की गई और पुलिस FIR दर्ज नहीं कर रही है।गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य में सत्ता हासिल की है और सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल और...
एक ही शहर में अलग रहना घरेलू निकटता नहीं, ननद और उसके पति पर दर्ज क्रूरता का मामला रद्द: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने दहेज उत्पीड़न मामले में विवाहित ननद और उसके पति के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही रद्द करते हुए कहा कि एक ही शहर में अलग-अलग रहना घरेलू निकटता नहीं माना जा सकता।जस्टिस उदय कुमार ने कहा कि वर्षों से अलग रह रहे रिश्तेदारों को सामान्य और अस्पष्ट आरोपों के आधार पर मामले में घसीटना आपराधिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। अदालत ने यह भी कहा कि वैवाहिक विवादों को उत्पीड़न का हथियार नहीं बनाया जा सकता।अदालत ने टिप्पणी की,“महानगर में भौगोलिक निकटता को घरेलू एकीकरण के बराबर नहीं माना जा...
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट: वन अधिकार कानून उल्लंघन के आरोपों वाली PIL सुनवाई योग्य, आदिवासी 'बेहद संवेदनशील' समुदाय — कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने ग्रेट निकोबार इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से जुड़े वन अधिकार कानून के कथित उल्लंघनों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) को सुनवाई योग्य माना है। कोर्ट ने केंद्र सरकार की उस आपत्ति को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि याचिकाकर्ता हैदराबाद की निवासी हैं और उनका अंडमान-निकोबार द्वीप समूह से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।चीफ़ जस्टिस सुजॉय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ ने कहा कि PIL में लोकस स्टैंडी (locus standi) को लेकर कोई “सख्त नियम” नहीं हो सकता। अदालत ने कहा कि...
बंगाल चुनाव के बाद हिंसा पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका, न्यू मार्केट में बुलडोजर कार्रवाई पर जांच की मांग
कलकत्ता हाईकोर्ट में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद कथित चुनाव बाद हिंसा को लेकर जनहित याचिका दायर की गई। याचिका में हॉग मार्केट और न्यू मार्केट इलाके में हुई कथित तोड़फोड़ तथा बुलडोजर कार्रवाई पर अदालत से हस्तक्षेप की मांग की गई।याचिका में आरोप लगाया गया कि मतगणना वाले दिन रात में हॉग मार्केट के पास फुटपाथ दुकानदारों के अस्थायी ढांचों को कुछ लोगों ने बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। दावा किया गया कि ये लोग भाजपा के झंडे लिए हुए थे और घटना के दौरान पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद...
वीजा अवधि से अधिक रुकने की आरोपी बांग्लादेशी हिंदू महिला को राहत नहीं, धार्मिक उत्पीड़न का दावा साबित करना होगा: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने बांग्लादेशी हिंदू महिला के खिलाफ अवैध रूप से भारत में रहने के मामले में चल रही आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि धार्मिक उत्पीड़न की शिकार होने के कारण उसे कानूनी संरक्षण मिल सकता है या नहीं, इसका फैसला ट्रायल के दौरान साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकता है।जस्टिस अजय कुमार मुखर्जी ने कहा कि Immigration and Foreigners (Exemption) Order, 2025 के तहत बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को संरक्षण दिया गया है, लेकिन यह...
पश्चिम बंगाल चुनाव: हाईकोर्ट में केवल केंद्रीय व PSU कर्मचारियों को काउंटिंग सुपरवाइज़र बनाने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई
कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार (30 अप्रैल) को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के लिए केवल केंद्र सरकार और PSU कर्मचारियों को काउंटिंग सुपरवाइज़र नियुक्त करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की।याचिका में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के उस मेमो को चुनौती दी गई है, जिसमें हर काउंटिंग टेबल पर कम से कम एक केंद्रीय कर्मचारी की नियुक्ति अनिवार्य की गई है।याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट कल्याण बनर्जी ने Representation of the People Act, 1951 का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह का आदेश जारी करना...
'ट्रबलमेकर' की सूची बनाकर गिरफ्तारी क्यों? कलकत्ता हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा सवाल
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले कथित “ट्रबलमेकर” सूची के आधार पर गिरफ्तारी के निर्देशों को लेकर भारत निर्वाचन आयोग से सवाल किया है कि जब कानून और वैधानिक प्राधिकरण पहले से मौजूद हैं, तो ऐसे आदेश की जरूरत क्या है।चीफ जस्टिस सुजय पॉल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ यह सुनवाई एक जनहित याचिका पर कर रही थी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग ने “गुप्त रूप से” एक सूची तैयार की है, जिसके आधार पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा सकता है।सभी पक्षों की दलीलें...
सूचना का अधिकार मौलिक अधिकार, 15 दिन में जवाब दें: कलकत्ता हाईकोर्ट का सख्त निर्देश
कलकत्ता हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में स्पष्ट किया कि सूचना का अधिकार (RTI) संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) से उत्पन्न मौलिक अधिकार है और इसमें देरी स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने पश्चिम बंगाल सूचना आयोग के राज्य लोक सूचना अधिकारी को लंबित आरटीआई आवेदन का निपटारा 15 दिनों के भीतर करने का निर्देश दिया।जस्टिस राय चट्टोपाध्याय इस मामले की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें याचिकाकर्ता ने वर्ष 2018 में मांगी गई जानकारी समय पर न मिलने और सूचना आयोग की कार्यवाही को चुनौती दी थी।अदालत ने अपने आदेश में कहा,“सूचना का...
पत्नी द्वारा झूठे केस दर्ज कराने से पति की गिरफ्तारी, 17 साल की अलगाव की अवधि मानसिक क्रूरता के बराबर: कलकत्ता हाईकोर्ट ने तलाक को सही ठहराया
कलकत्ता हाईकोर्ट की जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य और जस्टिस सुप्रतिम भट्टाचार्य की बेंच ने पत्नी द्वारा दायर अपील खारिज की, जिसमें उसने पति को दिए गए तलाक के आदेश को चुनौती दी थी। ट्रायल कोर्ट ने क्रूरता के आधार पर तलाक मंजूर किया। साथ ही यह भी माना था कि शादी अब ठीक नहीं हो सकती।डिवीजन बेंच ने दोनों पक्षों द्वारा पेश किए गए सबूतों केस शुरू होने से पहले और बाद में पत्नी के बर्ताव, उसके द्वारा शुरू की गई आपराधिक कार्रवाइयों और लगभग 17 साल के लंबे अलगाव की जांच करने के बाद इन निष्कर्षों को सही...
नाबालिग को नौकरानी की तरह रखने वाली महिला 'वैध अभिभावक' नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट ने अपहरण का दोष निरस्त किया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि किसी नाबालिग को अपने घर में नौकरानी के रूप में रखने वाली महिला को उसका “वैध अभिभावक” नहीं माना जा सकता। अदालत ने इसी आधार पर वर्ष 2007 के अपहरण के मामले में दोषसिद्धि रद्द की।जस्टिस चैताली चटर्जी दास की पीठ ने अपील स्वीकार करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में पूरी तरह विफल रहा कि लड़की को किसी “वैध अभिभावक” की अभिरक्षा से ले जाया गया, जो धारा 363 के तहत अपराध का आवश्यक तत्व है।मामले में नाबालिग लड़की चंदा बीबी के घर रह रही थी। अभियोजन का दावा था...
बंगाल को निशाना नहीं बना रहा ECI, चुनाव वाले दूसरे राज्यों में ज़्यादा अधिकारियों का तबादला हुआ: हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
कलकत्ता हाईकोर्ट ने वकील अर्का कुमार नाग की दायर जनहित याचिका (PIL) खारिज की। इस याचिका में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा 15 मार्च को चुनाव की घोषणा के बाद IAS और IPS अधिकारियों के बड़े पैमाने पर किए गए तबादलों को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने माना कि यह चुनौती मूल रूप से ही गलत है, क्योंकि याचिका में खुद इस बात पर कभी विवाद नहीं उठाया गया कि "स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद अधिकारियों का तबादला/स्थानांतरण करने की शक्ति ECI के पास है।"बेंच की ओर से...
मरते समय न कोई बयान, न क्रूरता का सबूत: कलकत्ता हाईकोर्ट ने दहेज उत्पीड़न मामले में 24 साल बाद पति को किया बरी
कलकत्ता हाईकोर्ट ने अहम फैसले में 24 साल पुराने मामले में पति को धारा 498ए के आरोप से बरी किया। अदालत ने कहा कि न तो क्रूरता का ठोस सबूत पेश किया गया और न ही कोई वैध मरते समय का बयान (डाइंग डिक्लेरेशन) मौजूद था जिससे दोष सिद्ध किया जा सके।जस्टिस चैताली चटर्जी दास ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष के आरोप अस्पष्ट, विरोधाभासी और भावनात्मक दावों पर आधारित थे, जिनमें कानूनी रूप से दोष साबित करने के लिए जरूरी ठोस आधार का अभाव था।मामला बोरेन मंडल की अपील से जुड़ा था जिन्हें 2002 में मालदा सेशन...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने रेप केस में व्यक्ति को बरी किया, कहा - रिश्ता टूटने के बाद "रंजिश" में शिकायत दर्ज की गई
कलकत्ता हाईकोर्ट ने 2008 में रेप का दोषी पाए गए व्यक्ति की सज़ा रद्द की। कोर्ट ने माना कि प्रॉसिक्यूशन के केस में कई विरोधाभास, ज़रूरी बातों की कमी और सबूतों की पुष्टि का अभाव था — खासकर शिकायतकर्ता का यह कबूलनामा कि उसने बाद में आरोपी से शादी कर ली थी और उसकी पत्नी के तौर पर उसके साथ रही थी।जस्टिस चैताली चटर्जी दास ने क्रिमिनल अपील CRA 76 of 2009 (मिथुन पॉल बनाम पश्चिम बंगाल राज्य) पर फैसला सुनाते हुए कहा कि लिखित शिकायत में ही शादी की बात छिपाई गई। यह बात ट्रायल के दौरान ही सामने आई, जिससे...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने विश्व हिंदू परिषद की राम नवमी रैली की अर्जी मंज़ूर की, प्रतिभागियों की संख्या 500 तक सीमित की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने विश्व हिंदू परिषद को 26 मार्च, 2026 को हावड़ा में राम नवमी रैली आयोजित करने की अनुमति दी। कोर्ट ने उन्हें पिछले साल वाले ही रास्ते का इस्तेमाल करने की इजाज़त दी है, लेकिन साथ ही सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई शर्तें भी लगाईं।जस्टिस सौगत भट्टाचार्य विश्व हिंदू परिषद द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें पुलिस अधिकारियों को रैली में मदद करने के निर्देश देने की मांग की गई।याचिकाकर्ताओं ने 4 अप्रैल, 2025 के एक पिछले बेंच के आदेश का हवाला दिया, जिसमें कुछ...
मजिस्ट्रेट खुद करेंगे प्रारंभिक जांच, पुलिस को नहीं सौंप सकते जिम्मेदारी: कलकत्ता हाइकोर्ट
कलकत्ता हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 175(3) के तहत मजिस्ट्रेट पुलिस को “जांच” (इन्क्वायरी) करने का निर्देश नहीं दे सकते। यह जिम्मेदारी स्वयं मजिस्ट्रेट को निभानी होगी, और उसके बाद ही वे जांच के आदेश दे सकते हैं।जस्टिस अजय कुमार मुखर्जी ने कहा कि कानून के तहत जांच का अर्थ न्यायिक प्रक्रिया से है, जिसे केवल मजिस्ट्रेट या अदालत ही कर सकती है। यदि इस कार्य को पुलिस को सौंप दिया जाए खासकर तब जब पुलिस पहले ही FIR दर्ज करने से इनकार...
रिश्वत मांगने के आरोप में फंसे आबकारी अधिकारी को राहत नहीं, कलकत्ता हाइकोर्ट ने कार्यवाही रद्द करने से किया इनकार
कथित तौर पर लाइसेंस देने के बदले रिश्वत मांगने के मामले में फंसे एक आबकारी अधिकारी को कलकत्ता हाइकोर्ट से राहत नहीं मिली।अदालत ने भ्रष्टाचार से जुड़ी आपराधिक कार्यवाही रद्द करने की मांग खारिज करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया पर्याप्त सबूत मौजूद हैं, जिनकी जांच ट्रायल के दौरान ही की जाएगी।जस्टिस अपूर्व सिन्हा राय ने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 482 के तहत दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा कि इस स्तर पर अदालत को केवल यह देखना होता है कि क्या प्रथम दृष्टया मामला बनता है, न कि पूरे मामले का...
3 साल की हिरासत के बाद PMLA में ज़मानत मिली, कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा - लंबे समय तक हिरासत के मामलों में अनुच्छेद 21, दोहरी शर्तों पर भारी पड़ सकता है
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में आरोपी को ज़मानत दी। कोर्ट ने माना कि तीन साल से ज़्यादा समय तक ट्रायल से पहले हिरासत में रखना, अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। साथ ही यह मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) की धारा 45 के तहत तय सख्त 'दोहरी शर्तों' में ढील देने का उचित आधार बन सकता है।जस्टिस सुव्रा घोष ने टिप्पणी की कि कोई भी दंडात्मक कानून कितना भी सख्त क्यों न हो, एक संवैधानिक अदालत को हमेशा संविधानवाद और कानून के शासन के पक्ष में ही...
पति पर अवैध संबंध व बच्चे को मारने की झूठी आरोपबाजी 'मानसिक क्रूरता': कलकत्ता हाइकोर्ट ने दिया तलाक का आदेश
कलकत्ता हाइकोर्ट ने कहा कि पति या पत्नी के खिलाफ बिना सबूत के गंभीर और अपमानजनक आरोप लगाना मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है और यह विवाह समाप्त करने का आधार बन सकता है। अदालत ने इसी आधार पर पति की अपील स्वीकार करते हुए उसे तलाक दे दिया।जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य और जस्टिस सुप्रतिम भट्टाचार्य की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया। हाइकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें पति की तलाक याचिका खारिज कर दी गई थी।मामले में पति ने मानसिक क्रूरता के आधार पर तलाक की मांग की थी। हालांकि बांकुड़ा जिले के...
स्टांप पेपर पर किया गया 'कॉन्ट्रैक्ट विवाह' हिंदू कानून में अमान्य: कलकत्ता हाइकोर्ट
कलकत्ता हाइकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि केवल गैर-न्यायिक स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर कर किया गया तथाकथित “कॉन्ट्रैक्ट विवाह” हिंदू कानून के तहत मान्य नहीं है। इसलिए ऐसे संबंध के आधार पर द्विविवाह या वैवाहिक क्रूरता के आपराधिक आरोप नहीं लगाए जा सकते।जस्टिस उदय कुमार की पीठ ने एक व्यक्ति के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द करते हुए कहा कि हिंदू विवाह के लिए कानून में निर्धारित रीति-रिवाज और धार्मिक अनुष्ठान आवश्यक होते हैं। केवल स्टांप पेपर पर किया गया समझौता वैध विवाह का स्थान नहीं...
चार्जशीट दाखिल होना जमानत का आधार नहीं: कलकत्ता हाइकोर्ट ने POCSO आरोपी की जमानत रद्द की
कलकत्ता हाइकोर्ट ने 14 वर्षीय बालिका से कथित गंभीर दुष्कर्म के मामले में आरोपी kr जमानत रद्द करते हुए स्पष्ट किया कि केवल चार्जशीट दाखिल हो जाने के आधार पर POCSO जैसे गंभीर मामलों में जमानत नहीं दी जा सकती। अदालत ने कहा कि जमानत का विवेक स्वतः या रूटीन में नहीं, बल्कि आरोपों की गंभीरता, पीड़िता की संवेदनशीलता और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।जस्टिस बिवास पट्टनायक ने सेशंस कोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए कहा कि जमानत आदेश में स्पष्ट रूप से विचार का अभाव...

















