कलकत्ता हाईकोर्ट

ईद-उल-अजहा से पहले पशु वध पर पाबंदियों को महुआ मोइत्रा ने हाईकोर्ट में दी चुनौती

कलकत्ता हाईकोर्ट में बुधवार को पश्चिम बंगाल सरकार की उस अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें ईद-उल-अजहा से पहले मवेशियों के वध को लेकर नए नियम लागू किए गए। याचिकाकर्ताओं में तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा भी शामिल हैं।मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ ने की।तृणमूल कांग्रेस विधायक अखरुज्जमान ने यह याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान महुआ मोइत्रा भी अदालत में उपस्थित रहीं।राज्य सरकार की अधिसूचना में बैल, बछड़े, गाय और भैंस समेत मवेशियों...

मुस्लिम रीति से शादी करने वाली हिंदू महिला को अंतरिम भरण-पोषण का अधिकार: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि यदि कोई हिंदू महिला इस्लाम धर्म अपनाकर मुस्लिम रीति-रिवाज से विवाह करती है तो केवल विवाह की वैधता पर सवाल उठाकर मुस्लिम पति भरण-पोषण देने से बच नहीं सकता। अदालत ने कहा कि जब तक सक्षम अदालत विवाह को शून्य घोषित नहीं करती, तब तक पत्नी और बच्चे को अंतरिम भरण-पोषण पाने का अधिकार रहेगा।जस्टिस चैताली चटर्जी दास ने महिला और उसके नाबालिग बेटे के पक्ष में पारित अंतरिम भरण-पोषण आदेश बहाल करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया विवाह और बच्चे के पितृत्व के प्रमाण होने...

फाल्टा पुनर्मतदान से पहले तृणमूल प्रत्याशी जहांगीर खान पहुंचे हाईकोर्ट, दर्ज मामलों की जानकारी और संरक्षण की मांग

पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को होने वाले पुनर्मतदान से पहले तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी जहांगीर खान ने सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज सभी FIR की जानकारी देने और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी कठोर कार्रवाई से संरक्षण देने की मांग की।पूर्व एडवोकेट जनरल और सीनियर एडवोकेट किशोर दत्ता ने अदालत में मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान उनके मुवक्किल को लगातार निशाना बनाया जा रहा है और हर दिन उनके खिलाफ नए आपराधिक मामले दर्ज...

पश्चिम बंगाल चुनाव बाद हिंसा: कलकत्ता हाईकोर्ट ने पुलिस को विस्थापित लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का दिया निर्देश

कलकत्ता हाईकोर्ट ने 2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद कथित चुनाव बाद हिंसा को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य पुलिस को अंतरिम निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को राजनीतिक संबद्धता की परवाह किए बिना हिंसा के कारण उसके घर, दुकान या संपत्ति से अवैध रूप से बाहर निकाला गया है, तो पुलिस उसकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करे।चीफ जस्टिस सुजय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ ने कहा,“पुलिस यह सुनिश्चित करे कि यदि किसी नागरिक को, चाहे वह किसी भी...

तिलजला फैक्ट्री पर बुल्डोजर कार्रवाई रोकने से कलकत्ता हाईकोर्ट का इनकार, कहा- पहले याचिका दाखिल करें

पश्चिम बंगाल के तिलजला इलाके में आग लगने से दो लोगों की मौत के बाद कथित अवैध फैक्ट्री को ढहाने के आदेश के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में गुरुवार को तत्काल सुनवाई की मांग की गई। हालांकि अदालत ने तुरंत राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि पहले विधिवत याचिका दायर की जाए।मामले का उल्लेख चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ के समक्ष किया गया।याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा फैक्ट्री को ध्वस्त करने का आदेश दिया गया और यह बुलडोजर...

पश्चिम बंगाल बुल्डोजर राज्य नहीं: ममता बनर्जी ने हाईकोर्ट में उठाया चुनाव बाद हिंसा का मुद्दा

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद कथित हिंसा और तोड़फोड़ को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई है बुलडोजर कार्रवाई की गई और पुलिस FIR दर्ज नहीं कर रही है।गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य में सत्ता हासिल की है और सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल और...

एक ही शहर में अलग रहना घरेलू निकटता नहीं, ननद और उसके पति पर दर्ज क्रूरता का मामला रद्द: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने दहेज उत्पीड़न मामले में विवाहित ननद और उसके पति के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही रद्द करते हुए कहा कि एक ही शहर में अलग-अलग रहना घरेलू निकटता नहीं माना जा सकता।जस्टिस उदय कुमार ने कहा कि वर्षों से अलग रह रहे रिश्तेदारों को सामान्य और अस्पष्ट आरोपों के आधार पर मामले में घसीटना आपराधिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। अदालत ने यह भी कहा कि वैवाहिक विवादों को उत्पीड़न का हथियार नहीं बनाया जा सकता।अदालत ने टिप्पणी की,“महानगर में भौगोलिक निकटता को घरेलू एकीकरण के बराबर नहीं माना जा...

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट: वन अधिकार कानून उल्लंघन के आरोपों वाली PIL सुनवाई योग्य, आदिवासी बेहद संवेदनशील समुदाय — कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने ग्रेट निकोबार इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से जुड़े वन अधिकार कानून के कथित उल्लंघनों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) को सुनवाई योग्य माना है। कोर्ट ने केंद्र सरकार की उस आपत्ति को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि याचिकाकर्ता हैदराबाद की निवासी हैं और उनका अंडमान-निकोबार द्वीप समूह से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।चीफ़ जस्टिस सुजॉय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ ने कहा कि PIL में लोकस स्टैंडी (locus standi) को लेकर कोई “सख्त नियम” नहीं हो सकता। अदालत ने कहा कि...

बंगाल चुनाव के बाद हिंसा पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका, न्यू मार्केट में बुलडोजर कार्रवाई पर जांच की मांग

कलकत्ता हाईकोर्ट में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद कथित चुनाव बाद हिंसा को लेकर जनहित याचिका दायर की गई। याचिका में हॉग मार्केट और न्यू मार्केट इलाके में हुई कथित तोड़फोड़ तथा बुलडोजर कार्रवाई पर अदालत से हस्तक्षेप की मांग की गई।याचिका में आरोप लगाया गया कि मतगणना वाले दिन रात में हॉग मार्केट के पास फुटपाथ दुकानदारों के अस्थायी ढांचों को कुछ लोगों ने बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। दावा किया गया कि ये लोग भाजपा के झंडे लिए हुए थे और घटना के दौरान पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद...

वीजा अवधि से अधिक रुकने की आरोपी बांग्लादेशी हिंदू महिला को राहत नहीं, धार्मिक उत्पीड़न का दावा साबित करना होगा: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने बांग्लादेशी हिंदू महिला के खिलाफ अवैध रूप से भारत में रहने के मामले में चल रही आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि धार्मिक उत्पीड़न की शिकार होने के कारण उसे कानूनी संरक्षण मिल सकता है या नहीं, इसका फैसला ट्रायल के दौरान साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकता है।जस्टिस अजय कुमार मुखर्जी ने कहा कि Immigration and Foreigners (Exemption) Order, 2025 के तहत बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को संरक्षण दिया गया है, लेकिन यह...

पश्चिम बंगाल चुनाव: हाईकोर्ट में केवल केंद्रीय व PSU कर्मचारियों को काउंटिंग सुपरवाइज़र बनाने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई

कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार (30 अप्रैल) को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के लिए केवल केंद्र सरकार और PSU कर्मचारियों को काउंटिंग सुपरवाइज़र नियुक्त करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की।याचिका में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के उस मेमो को चुनौती दी गई है, जिसमें हर काउंटिंग टेबल पर कम से कम एक केंद्रीय कर्मचारी की नियुक्ति अनिवार्य की गई है।याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट कल्याण बनर्जी ने Representation of the People Act, 1951 का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह का आदेश जारी करना...

ट्रबलमेकर की सूची बनाकर गिरफ्तारी क्यों? कलकत्ता हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा सवाल

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले कथित “ट्रबलमेकर” सूची के आधार पर गिरफ्तारी के निर्देशों को लेकर भारत निर्वाचन आयोग से सवाल किया है कि जब कानून और वैधानिक प्राधिकरण पहले से मौजूद हैं, तो ऐसे आदेश की जरूरत क्या है।चीफ जस्टिस सुजय पॉल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ यह सुनवाई एक जनहित याचिका पर कर रही थी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग ने “गुप्त रूप से” एक सूची तैयार की है, जिसके आधार पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा सकता है।सभी पक्षों की दलीलें...

सूचना का अधिकार मौलिक अधिकार, 15 दिन में जवाब दें: कलकत्ता हाईकोर्ट का सख्त निर्देश

कलकत्ता हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में स्पष्ट किया कि सूचना का अधिकार (RTI) संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) से उत्पन्न मौलिक अधिकार है और इसमें देरी स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने पश्चिम बंगाल सूचना आयोग के राज्य लोक सूचना अधिकारी को लंबित आरटीआई आवेदन का निपटारा 15 दिनों के भीतर करने का निर्देश दिया।जस्टिस राय चट्टोपाध्याय इस मामले की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें याचिकाकर्ता ने वर्ष 2018 में मांगी गई जानकारी समय पर न मिलने और सूचना आयोग की कार्यवाही को चुनौती दी थी।अदालत ने अपने आदेश में कहा,“सूचना का...

पत्नी द्वारा झूठे केस दर्ज कराने से पति की गिरफ्तारी, 17 साल की अलगाव की अवधि मानसिक क्रूरता के बराबर: कलकत्ता हाईकोर्ट ने तलाक को सही ठहराया

कलकत्ता हाईकोर्ट की जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य और जस्टिस सुप्रतिम भट्टाचार्य की बेंच ने पत्नी द्वारा दायर अपील खारिज की, जिसमें उसने पति को दिए गए तलाक के आदेश को चुनौती दी थी। ट्रायल कोर्ट ने क्रूरता के आधार पर तलाक मंजूर किया। साथ ही यह भी माना था कि शादी अब ठीक नहीं हो सकती।डिवीजन बेंच ने दोनों पक्षों द्वारा पेश किए गए सबूतों केस शुरू होने से पहले और बाद में पत्नी के बर्ताव, उसके द्वारा शुरू की गई आपराधिक कार्रवाइयों और लगभग 17 साल के लंबे अलगाव की जांच करने के बाद इन निष्कर्षों को सही...

नाबालिग को नौकरानी की तरह रखने वाली महिला वैध अभिभावक नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट ने अपहरण का दोष निरस्त किया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि किसी नाबालिग को अपने घर में नौकरानी के रूप में रखने वाली महिला को उसका “वैध अभिभावक” नहीं माना जा सकता। अदालत ने इसी आधार पर वर्ष 2007 के अपहरण के मामले में दोषसिद्धि रद्द की।जस्टिस चैताली चटर्जी दास की पीठ ने अपील स्वीकार करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में पूरी तरह विफल रहा कि लड़की को किसी “वैध अभिभावक” की अभिरक्षा से ले जाया गया, जो धारा 363 के तहत अपराध का आवश्यक तत्व है।मामले में नाबालिग लड़की चंदा बीबी के घर रह रही थी। अभियोजन का दावा था...

बंगाल को निशाना नहीं बना रहा ECI, चुनाव वाले दूसरे राज्यों में ज़्यादा अधिकारियों का तबादला हुआ: हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

कलकत्ता हाईकोर्ट ने वकील अर्का कुमार नाग की दायर जनहित याचिका (PIL) खारिज की। इस याचिका में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा 15 मार्च को चुनाव की घोषणा के बाद IAS और IPS अधिकारियों के बड़े पैमाने पर किए गए तबादलों को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने माना कि यह चुनौती मूल रूप से ही गलत है, क्योंकि याचिका में खुद इस बात पर कभी विवाद नहीं उठाया गया कि "स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद अधिकारियों का तबादला/स्थानांतरण करने की शक्ति ECI के पास है।"बेंच की ओर से...

मरते समय न कोई बयान, न क्रूरता का सबूत: कलकत्ता हाईकोर्ट ने दहेज उत्पीड़न मामले में 24 साल बाद पति को किया बरी

कलकत्ता हाईकोर्ट ने अहम फैसले में 24 साल पुराने मामले में पति को धारा 498ए के आरोप से बरी किया। अदालत ने कहा कि न तो क्रूरता का ठोस सबूत पेश किया गया और न ही कोई वैध मरते समय का बयान (डाइंग डिक्लेरेशन) मौजूद था जिससे दोष सिद्ध किया जा सके।जस्टिस चैताली चटर्जी दास ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष के आरोप अस्पष्ट, विरोधाभासी और भावनात्मक दावों पर आधारित थे, जिनमें कानूनी रूप से दोष साबित करने के लिए जरूरी ठोस आधार का अभाव था।मामला बोरेन मंडल की अपील से जुड़ा था जिन्हें 2002 में मालदा सेशन...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने रेप केस में व्यक्ति को बरी किया, कहा - रिश्ता टूटने के बाद रंजिश में शिकायत दर्ज की गई

कलकत्ता हाईकोर्ट ने 2008 में रेप का दोषी पाए गए व्यक्ति की सज़ा रद्द की। कोर्ट ने माना कि प्रॉसिक्यूशन के केस में कई विरोधाभास, ज़रूरी बातों की कमी और सबूतों की पुष्टि का अभाव था — खासकर शिकायतकर्ता का यह कबूलनामा कि उसने बाद में आरोपी से शादी कर ली थी और उसकी पत्नी के तौर पर उसके साथ रही थी।जस्टिस चैताली चटर्जी दास ने क्रिमिनल अपील CRA 76 of 2009 (मिथुन पॉल बनाम पश्चिम बंगाल राज्य) पर फैसला सुनाते हुए कहा कि लिखित शिकायत में ही शादी की बात छिपाई गई। यह बात ट्रायल के दौरान ही सामने आई, जिससे...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने विश्व हिंदू परिषद की राम नवमी रैली की अर्जी मंज़ूर की, प्रतिभागियों की संख्या 500 तक सीमित की

कलकत्ता हाईकोर्ट ने विश्व हिंदू परिषद को 26 मार्च, 2026 को हावड़ा में राम नवमी रैली आयोजित करने की अनुमति दी। कोर्ट ने उन्हें पिछले साल वाले ही रास्ते का इस्तेमाल करने की इजाज़त दी है, लेकिन साथ ही सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई शर्तें भी लगाईं।जस्टिस सौगत भट्टाचार्य विश्व हिंदू परिषद द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें पुलिस अधिकारियों को रैली में मदद करने के निर्देश देने की मांग की गई।याचिकाकर्ताओं ने 4 अप्रैल, 2025 के एक पिछले बेंच के आदेश का हवाला दिया, जिसमें कुछ...