बॉम्बे हाईकोर्ट

सीनियर एडवोकेट जूनियर को डरा नहीं सकते: बॉम्बे हाईकोर्ट ने नवनियुक्त राज्य वकील पर आवाज उठाने के लिए सीनियर वकील को फटकार लगाई
सीनियर एडवोकेट जूनियर को डरा नहीं सकते: बॉम्बे हाईकोर्ट ने नवनियुक्त राज्य वकील पर आवाज उठाने के लिए सीनियर वकील को फटकार लगाई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को सीनियर एडवोकेट को आपराधिक मामले में बहस करते समय नवनियुक्त सहायक लोक अभियोजक (APP) को धमकाने के लिए फटकार लगाई।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस पृथ्वीराज चव्हाण की खंडपीठ ने उस समय अपनी चिंता जाहिर की, जब नामित सीनियर वकील ने अपनी आवाज उठाकर महिला APP को डराने की कोशिश की।जस्टिस मोहिते-डेरे ने खुली अदालत में सीनियर एडवोकेट से कहा,"एडवोकेट आपको इसे रोकने की आवश्यकता है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। आप उसे इस तरह से नहीं डरा सकते। सीनियर एडवोकेट से इसकी अपेक्षा नहीं...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सनातन संस्था और हिंदू जनजागृति समिति के पांच सदस्यों को जमानत दी, 2018 सनबर्न फेस्ट में बम विस्फोट की साजिश रचने के आरोप में हुई थी गिरफ्तारी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सनातन संस्था और हिंदू जनजागृति समिति के पांच सदस्यों को जमानत दी, 2018 सनबर्न फेस्ट में बम विस्फोट की साजिश रचने के आरोप में हुई थी गिरफ्तारी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही हिंदू दक्षिणपंथी संगठनों- 'सनातन संस्था' और 'हिंदू जनजागृति समिति' पांच कथित सदस्यों को जमानत दी। इन्हें 2018 में पुणे जिले में आयोजित सनबर्न फेस्टिवल में प्रतिभागियों को आतंकित करने के लिए बम विस्फोट की कथित साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने जमानत देते हुए कहा कि हालांकि आरोप यह है कि पांच लोगों - सुजीत रंगास्वामी, अमित बड्डी, गणेश मिस्किन, श्रीकांत पंगारकर और भरत कुराने ने फेस्टिवल में बम विस्फोट करने...

झगड़े के दौरान महिला के बाल खींचना, उसे धक्का देना उसकी शील भंग नहीं करता: बॉम्बे हाईकोर्ट ने बागेश्वर बाबा के 5 अनुयायियों को राहत दी
झगड़े के दौरान महिला के बाल खींचना, उसे धक्का देना उसकी शील भंग नहीं करता: बॉम्बे हाईकोर्ट ने बागेश्वर बाबा के 5 अनुयायियों को राहत दी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि झगड़े के दौरान किसी महिला के बाल खींचना या धक्का देना उसका शील भंग करने के बराबर नहीं है, क्योंकि उसका शील भंग करने का 'इरादा' होना चाहिए।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और ज‌स्टिस पृथ्वीराज चव्हाण की खंडपीठ ने मुंबई पुलिस को पांच लोगों - अभिजीत करंजुले, मयूरेश कुलकर्णी, ईश्वर गुंजाल, अविनाश पांडे और लक्ष्मण पंत - के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354 लगाने का निर्देश देने से इनकार कर दिया - ये सभी धीरेंद्र शास्त्री उर्फ ​​बागेश्वर बाबा के अनुयायी हैं।जजों...

मूल्यांकन आदेश में प्रत्येक प्रश्न पर संतुष्टि का उल्लेख हो, यह अनिवार्य नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
मूल्यांकन आदेश में प्रत्येक प्रश्न पर संतुष्टि का उल्लेख हो, यह अनिवार्य नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में माना कि मूल्यांकन आदेशों में उठाए गए प्रत्येक प्रश्न के संबंध में अपनी संतुष्टि प्रकट करने के लिए संदर्भ और/या चर्चा शामिल करना अनिवार्य नहीं है। जस्टिस केआर श्रीराम और जस्टिस जितेंद्र जैन की पीठ ने कहा है कि चूंकि आदेश में खतरनाक अपशिष्ट के मुद्दे पर कोई चर्चा या निष्कर्ष नहीं है, इसलिए प्रतिवादी विभाग को याचिकाकर्ता के स्पष्टीकरण को स्वीकार कर लेना चाहिए।याचिकाकर्ता/करदाता चिकित्सा उपकरणों के आयात, निर्माण और आपूर्ति में लगा हुआ है। व्यवसाय के दौरान,...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की लड़की बहिन और युवा कार्य योजनाओं को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की 'लड़की बहिन' और 'युवा कार्य' योजनाओं को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की 'लड़की बहिन योजना' और 'युवा कार्य' योजनाओं को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) खारिज की।लड़की बहिन योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता देना है। जबकि युवा कार्य योजना राज्य के तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नामांकित 18 से 35 वर्ष के युवाओं को 6000 रुपये से लेकर 10000 रुपये प्रति माह तक का वजीफा प्रदान करेगी।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस अमित बोरकर की खंडपीठ ने याचिका खारिज...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गणेश चतुर्थी पर सब्सिडी वाले खाद्य किट वितरित करने के लिए आनंदचा सिद्धा योजना के लिए जारी टेंडर को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गणेश चतुर्थी पर सब्सिडी वाले खाद्य किट वितरित करने के लिए "आनंदचा सिद्धा" योजना के लिए जारी टेंडर को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज

महाराष्ट्र सरकार को राहत देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिसमें राज्य द्वारा "आनंदचा सिद्धा" (खुशी की किट) योजना को लागू करने के लिए शुरू की गई टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए थे। इस योजना के तहत राज्य आगामी गणेश चतुर्थी उत्सव के लिए 1.7 करोड़ लाभार्थियों को सब्सिडी वाले खाद्य किट वितरित करेगा।पिछले साल दिवाली के त्यौहार के लिए शुरू की गई इस योजना के अनुसार, 1 किलो सूजी, चीनी, चना दाल और सोयाबीन तेल युक्त खाद्य किट 100 रुपये में उपलब्ध कराए जाएंगे। इस योजना को...

भूमि अधिग्रहण के 36 साल बाद भी मुआवज़ा न देना संवैधानिक और मानवाधिकारों का उल्लंघन: बॉम्बे हाईकोर्ट
भूमि अधिग्रहण के 36 साल बाद भी मुआवज़ा न देना संवैधानिक और मानवाधिकारों का उल्लंघन: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) को व्यक्ति को मुआवज़ा न देने के लिए फटकार लगाई, जिसकी ज़मीन 36 साल पहले उसके द्वारा अधिग्रहित की गई थी। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि यह निष्क्रियता व्यक्ति के संवैधानिक और मानवाधिकारों का उल्लंघन है।याचिकाकर्ता की ज़मीन का प्लॉट MHADA/प्रतिवादी नंबर 2 द्वारा महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास अधिनियम 1976 (MHADA Act) के तहत 1988 में अधिग्रहित किया गया था।इस मामले पर पहली बार 2003 में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने विचार किया। विशेष भूमि...

हाईकोर्ट ने जज द्वारा सीनियर एडवोकेट को तरजीह देने का आरोप लगाने वाले वकील की फेसबुक पोस्ट पर नाराजगी जताई
हाईकोर्ट ने 'जज द्वारा सीनियर एडवोकेट को तरजीह देने' का आरोप लगाने वाले वकील की फेसबुक पोस्ट पर नाराजगी जताई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक वकील की फेसबुक पोस्ट पर नाराजगी जताई। उक्त पोस्ट में वकील ने जजों पर सीनियर एडवोकेट को तरजीह देने और आदेश पारित करने में उनके फेस वैल्यू का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने यह देखकर परेशान हुए कि वकील ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर दो जजों के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट करते हुए कुछ तुच्छ आरोप लगाए। हालांकि बाद में पोस्ट हटा दी गई।जस्टिस गडकरी ने सीनियर एडवोकेट गिरीश कुलकर्णी से कहा, जो आपराधिक मामले के लिए पीठ...

Rape On Pretext Of Marriage | किराए का घर मुहैया कराना पीड़िता से शादी करने की मंशा नहीं बल्कि उसे आसानी से उपलब्ध रखने की मंशा दर्शाता है: बॉम्बे हाईकोर्ट
Rape On Pretext Of Marriage | किराए का घर मुहैया कराना पीड़िता से शादी करने की मंशा नहीं बल्कि उसे आसानी से उपलब्ध रखने की मंशा दर्शाता है: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि अगर कोई व्यक्ति किसी महिला के लिए किराए का घर मुहैया कराता है तो इससे यह साबित नहीं होता कि उसका उससे शादी करने का इरादा है बल्कि यह दर्शाता है कि उसका इरादा उसे अपनी मौज-मस्ती के लिए आसानी से उपलब्ध रखने का है।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने एक व्यक्ति की इस दलील को स्वीकार करने से इनकार किया कि उसने शिकायतकर्ता महिला के लिए किराए का घर मुहैया कराया था, जिससे यह साबित होता है कि उसका उससे शादी करने का इरादा है।जजों ने कहा,"पीड़िता के...

Hate Speech : BJP नेता विक्रम पावस्कर के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति प्राप्त करने के लिए हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस को 4 सप्ताह का समय दिया
Hate Speech : BJP नेता विक्रम पावस्कर के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति प्राप्त करने के लिए हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस को 4 सप्ताह का समय दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र पुलिस को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्य उपाध्यक्ष विक्रम पावस्कर के खिलाफ Hate Speech के आरोपों के लिए चार सप्ताह के भीतर मुकदमा चलाने की अनुमति प्राप्त करने का आदेश दिया।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस पृथ्वीराज चव्हाण की खंडपीठ ने मुख्य लोक अभियोजक हितेन वेनेगावकर की दलीलों पर गौर किया। उन्होंने न्यायाधीशों को बताया कि सांगली में नफरत फैलाने वाले भाषण के मामले में आरोपपत्र पावस्कर सहित आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ दायर किया गया।वेनेगावकर ने जजों से...

तलाक लेने का अधिकार व्यक्ति का निजी अधिकार, बेटे की मौत के बाद परिवार कार्यवाही नहीं कर सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
तलाक लेने का अधिकार व्यक्ति का निजी अधिकार, बेटे की मौत के बाद परिवार कार्यवाही नहीं कर सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि तलाक लेने का अधिकार किसी व्यक्ति का निजी अधिकार है। इसे किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी उसके परिवार के सदस्यों तक नहीं बढ़ाया जा सकता।जस्टिस मंगेश पाटिल और जस्टिस शैलेश ब्रह्मे की खंडपीठ ने पुणे के व्यक्ति की मां और भाइयों द्वारा दायर अपील खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया, जिन्होंने COVID-19 प्रकोप के दौरान उस व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी के खिलाफ आपसी सहमति से तलाक की कार्यवाही जारी रखने की मांग की थी।जजों ने कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13बी(2) के तहत तलाक...

पाकिस्तान या किसी खाड़ी देश में चले जाओ, भारत के उदार रवैये का अनुचित लाभ मत उठाओ: बॉम्बे हाईकोर्ट ने निर्धारित समय से अधिक वक्त रुकने वाले शरणार्थी से कहा
पाकिस्तान या किसी खाड़ी देश में चले जाओ, भारत के उदार रवैये का अनुचित लाभ मत उठाओ: बॉम्बे हाईकोर्ट ने निर्धारित समय से अधिक वक्त रुकने वाले शरणार्थी से कहा

भारत में निर्धारित समय से अधिक समय तक रहने वाले शरणार्थी पर कड़ी फटकार लगाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को यमन के नागरिक से कहा कि वह यहां निर्धारित समय से अधिक समय तक रहने के बजाय पाकिस्तान या किसी अन्य खाड़ी देश में चला जाए।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस पृथ्वीराज चव्हाण की खंडपीठ ने कहा कि शरणार्थी भारत के उदार रवैये का अनुचित लाभ नहीं उठा सकता।जजों ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा,"आप पाकिस्तान जा सकते हैं, जो पड़ोस में है। या आप किसी भी खाड़ी देश में जा सकते हैं। भारत के उदार...

Maratha Reservation | समुदाय असाधारण रूप से पिछड़ा है, कई लोग अंधविश्वास होने के कारण बेटियों की शादी 18 साल की उम्र से पहले कर देते हैं: MSCBC ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया
Maratha Reservation | समुदाय असाधारण रूप से पिछड़ा है, कई लोग अंधविश्वास होने के कारण बेटियों की शादी 18 साल की उम्र से पहले कर देते हैं: MSCBC ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया

मराठा समुदाय को आरक्षण प्रदान करने की अपनी सिफारिश को उचित ठहराते हुए महाराष्ट्र राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग (MSCBC) ने मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि समुदाय को मुख्यधारा के समाज के 'अंधकारमय छोर' पर धकेल दिया गया और मराठा अपनी बेटियों की शादी 18 साल की उम्र से पहले ही कर देते हैं और अंधविश्वास का भी पालन करते हैं।पूर्व हाईकोर्ट जज जस्टिस (रिटायरमेंट) सुनील शुक्रे की अध्यक्षता वाले MSCBC को आयोग की रिपोर्ट में छेद करने वाली विभिन्न याचिकाओं का जवाब देते हुए हलफनामा दायर करने का आदेश दिया गया,...

मूल्यांकन आदेश में प्रत्येक प्रश्न पर संतुष्टि प्रकट करने वाला संदर्भ शामिल होना आवश्यक नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
मूल्यांकन आदेश में प्रत्येक प्रश्न पर संतुष्टि प्रकट करने वाला संदर्भ शामिल होना आवश्यक नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना कि मूल्यांकन आदेशों में प्रत्येक प्रश्न के संबंध में संतुष्टि प्रकट करने के लिए संदर्भ और/या चर्चा शामिल होना अनिवार्य नहीं है।जस्टिस के.आर. श्रीराम और जस्टिस जितेंद्र जैन की खंडपीठ ने कहा कि चूंकि आदेश में खतरनाक अपशिष्ट के मुद्दे पर कोई चर्चा या निष्कर्ष नहीं है। इसलिए प्रतिवादी विभाग को याचिकाकर्ता के स्पष्टीकरण को स्वीकार करने के रूप में माना जाना चाहिए।याचिकाकर्ता/करदाता मेडिकल उपकरणों के आयात निर्माण और आपूर्ति में लगा हुआ है। व्यवसाय के दौरान याचिकाकर्ता 2008 से...

विवाहित पुरुष के साथ सहमति से संबंध, महिला पर्याप्त वयस्क थी: बॉम्बे हाईकोर्ट ने महिला से 31 साल तक बलात्कार करने के आरोपी व्यक्ति के खिलाफ मामला खारिज किया
"विवाहित पुरुष के साथ सहमति से संबंध, महिला पर्याप्त वयस्क थी": बॉम्बे हाईकोर्ट ने महिला से 31 साल तक बलात्कार करने के आरोपी व्यक्ति के खिलाफ मामला खारिज किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को 73 वर्षीय एक व्यक्ति के खिलाफ बलात्कार के मामले को खारिज कर दिया, जिसने कथित तौर पर पीड़िता के साथ 31 साल तक बलात्कार किया था। ज‌स्टिस अजय गडकरी और डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने एफआईआर का अध्ययन करने के बाद माना कि दोनों के बीच सहमति से संबंध थे।उन्होंने कहा, "एफआईआर की सामग्री स्पष्ट रूप से सहमति से संबंध का संकेत देती है। दोनों पक्ष 31 साल से यौन संबंध बना रहे थे। शिकायतकर्ता ने कभी भी संबंध पर अपनी कथित आपत्ति के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा। एफआईआर की सामग्री में...

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किसी सेलिब्रिटी की पर्सनैलिटी का शोषण करने का लाइसेंस नहीं देती: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अरिजीत सिंह के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किसी सेलिब्रिटी की पर्सनैलिटी का शोषण करने का लाइसेंस नहीं देती: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अरिजीत सिंह के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की

इस तथ्य पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कि सेलिब्रिटी, विशेष रूप से कलाकार, अनधिकृत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सामग्री निर्माताओं द्वारा लक्ष्यित किए जाने के प्रति संवेदनशील हैं, बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह तीसरे पक्ष को बॉलीवुड गायक अरिजीत सिंह के व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन करने से रोक दिया।जस्टिस रियाज छागला ने कई संस्थाओं को अरिजीत सिंह के नाम, आवाज/गायन शैली और तकनीक/गायन व्यवस्था और व्याख्या, गायन के तरीके, फोटोग्राफ, छवि या उसकी समानता, हस्ताक्षर, व्यक्तित्व और/या उनके व्यक्तित्व की...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने क्रूरता की एफआईआर को खारिज करने से इनकार किया; कहा- पत्नी को घर साफ करने और वीडियो कॉल पर ससुराल वालों को दिखाने के लिए कहना पीड़ादायी दुर्व्यवहार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने क्रूरता की एफआईआर को खारिज करने से इनकार किया; कहा- पत्नी को घर साफ करने और वीडियो कॉल पर ससुराल वालों को दिखाने के लिए कहना "पीड़ादायी दुर्व्यवहार"

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक परिवार के पांच सदस्यों के खिलाफ धारा 498-ए के तहत दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने से इनकार करते हुए कहा कि एक महिला से घर की सफाई करने और उसे व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर ससुराल वालों को दिखाने के लिए कहना दुर्व्यवहार का एक क्रूर तरीका है।जस्टिस अजय गडकरी और डॉ नीला गोखले की खंडपीठ हार्दिक शाह और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा दायर एक याचिका पर विचार कर रही थी, जो उनकी अलग रह रही पत्नी द्वारा दायर की गई शिकायत पर दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि याचिकाकर्ता,...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल की अंतरिम जमानत बढ़ाई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल की अंतरिम जमानत बढ़ाई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल को इस साल मई में दी गई अंतरिम जमानत की अवधि 2 महीने के लिए बढ़ा दी। यह मामला केनरा बैंक द्वारा जेट एयरवेज को दिए गए 538 करोड़ रुपये के कथित लोन चूक से संबंधित धन शोधन मामले से जुड़ा है।एकल जज जस्टिस निजामुद्दीन जमादार ने गोयल के वकील सीनियर एडवोकेट आबाद पोंडा की दलील सुनने के बाद अंतरिम जमानत बढ़ा दी। आबाद पोंडा ने जज को बताया कि उनके मुवक्किल की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी हुई है। उन्हें कैंसर का कुछ ट्रीटमेंट करवाना है। सीनियर एडवोकेट ने...

महाराष्ट्र सहकारी सोसायटी अधिनियम की धारा 91 के तहत संपत्ति वसूली विवादों में सहकारी न्यायालय को अधिकार क्षेत्र प्राप्त: बॉम्बे हाईकोर्ट
महाराष्ट्र सहकारी सोसायटी अधिनियम की धारा 91 के तहत संपत्ति वसूली विवादों में सहकारी न्यायालय को अधिकार क्षेत्र प्राप्त: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना कि सहकारी न्यायालय को महाराष्ट्र सहकारी समिति अधिनियम, 1960 (एमसीएस अधिनियम) की धारा 91 के तहत सहकारी समितियों द्वारा संपत्ति और मध्यवर्ती लाभ की वसूली की मांग करने वाले विवादों का निपटारा करने का अधिकार है। न्यायालय ने कहा कि ऐसे विवाद 'सोसायटी के प्रबंधन' की श्रेणी में आते हैं और इसलिए धारा 91 के दायरे में आते हैं। एमसीएस अधिनियम की धारा 91 में उन विवादों के प्रकारों का प्रावधान है जिनका निपटारा सहकारी न्यायालय द्वारा किया जा सकता है। धारा 91 के प्रावधान के अनुसार...