इलाहाबाद हाईकोट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2024 के चुनावों के समापन तक पीएम मोदी को राम मंदिर का उद्घाटन करने से रोकने की जनहित याचिका खारिज की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2024 के चुनावों के समापन तक पीएम मोदी को राम मंदिर का उद्घाटन करने से रोकने की जनहित याचिका खारिज की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उस जनहित याचिका (पीआईएल) को 'निरर्थक' बताते हुए खारिज कर दिया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित करने से रोकने की मांग की गई थी।एक्टिंग चीफ जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता और जस्टिस क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने कहा कि चूंकि प्राण प्रतिष्ठा समारोह पहले ही संपन्न हो चुका है, इसलिए जनहित याचिका निरर्थक हो गई।79 वर्षीय भोला दास द्वारा दायर जनहित याचिका में प्रार्थना की गई...

इलाहाबाद हाईकोर्ट में सरकारी वकील, मुख्य सरकारी वकील द्वारा ईमेल के माध्यम से नोटिस स्वीकार करने से इनकार के खिलाफ याचिका
इलाहाबाद हाईकोर्ट में सरकारी वकील, मुख्य सरकारी वकील द्वारा ईमेल के माध्यम से नोटिस स्वीकार करने से इनकार के खिलाफ याचिका

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्य सरकारी वकील से उनके नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें निर्देश दिया गया कि याचिकाओं/आवेदनों की सभी सॉफ्ट प्रतियां पेनड्राइव के माध्यम से उनके कार्यालय को दिए जाएं।मुख्य सरकारी वकील और यूपी राज्य के सरकारी वकील ने 11 अक्टूबर, 2023 को नोटिस प्रकाशित किया, जिसमें कहा गया कि ईमेल के माध्यम से भेजे गए किसी भी नोटिस की कोई भी पीडीएफ कॉपी स्वीकार नहीं की जाएगी। वकील को केवल यूएसबी/थंब ड्राइव के माध्यम से पीडीएफ प्रतियां प्रदान...

इलाहाबाद हाईकोर्ट का रजिस्ट्री अधिकारियों को निर्देश: विनम्र रहें, वकीलों/क्लर्कों के साथ धैर्यपूर्वक व्यवहार करें
इलाहाबाद हाईकोर्ट का रजिस्ट्री अधिकारियों को निर्देश: विनम्र रहें, वकीलों/क्लर्कों के साथ धैर्यपूर्वक व्यवहार करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने अपने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे वकीलों और उनके क्लर्कों के साथ बातचीत करते समय धैर्य और अत्यधिक सम्मान पर जोर देते हुए विनम्र व्यवहार रखें।हाशिए पर मौजूद लोगों का प्रतिनिधित्व करने में वकीलों की उदार भूमिका को स्वीकार करते हुए रजिस्ट्रार जनरल ने अपने अधिकारियों से संयम और विनम्र शिष्टाचार बनाए रखने को कहा। इस संबंध में कल कार्यालय आदेश जारी किया गयाषअधिसूचना में कहा गया,"इस हाईकोर्ट के विभिन्न अनुभागों के सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को वकील और...

बचाव गवाह की पेशी | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 311 और 233 के दायरे की व्याख्या की (न्यायालय की शक्ति बनाम अभियुक्त का अधिकार)
बचाव गवाह की पेशी | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 311 और 233 के दायरे की व्याख्या की (न्यायालय की शक्ति बनाम अभियुक्त का अधिकार)

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में मुकदमे के दौरान बचाव पक्ष के गवाहों की पेशी के संबंध में धारा 311 सीआरपीसी [महत्वपूर्ण गवाह को बुलाने या उपस्थित व्यक्ति की जांच करने की शक्ति] और धारा 233 सीआरपीसी [बचाव में प्रवेश] के दायरे के बीच अंतर को समझाया। कोर्ट ने जोर देकर कहा, "धारा 311 सीआरपीसी के तहत शक्ति केवल अदालतों में निहित है और धारा 233 सीआरपीसी के तहत अधिकार आरोपी के पास है और अदालत का हस्तक्षेप सीमित है।"संदर्भ के लिए, धारा 311 सीआरपीसी न्यायसंगत निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए किसी भी स्तर पर...

चयन प्रक्रिया शुरू होने के बाद पात्रता नियम बदल गए: हाइकोर्ट ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के अपात्र घोषित उम्मीदवार को मुआवजा देने का निर्देश दिया
चयन प्रक्रिया शुरू होने के बाद पात्रता नियम बदल गए: हाइकोर्ट ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के अपात्र घोषित उम्मीदवार को मुआवजा देने का निर्देश दिया

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने महीने की इलाहाबाद यूनिवर्सिटी को 50,000 रुपये का जुर्माने का भुगतान यदि पंजीकरण फॉर्म बंद होने के बाद मानदंड नहीं बदले गए होते तो उम्मीदवार को 50,000 रुपये दिए जाते, जो पात्र है।इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में दूसरे पोस्ट-ग्रेजुएट कोर्स में एडमिश चाहने वाले उम्मीदवार द्वारा दायर याचिका में जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा पहले ही आवेदन करने के बाद पात्रता मानदंड बदल दिया गया, इसलिए बदले हुए नियमों को पूरा करने में विफल रहने पर उसे अयोग्य नहीं ठहराया जा...

ज्ञानवापी मस्जिद के वुजुखाने का सर्वेक्षण करने के लिए ASI को निर्देश देने से इनकार के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से इलाहाबाद हाईकोर्ट जज ने खुद को अलग किया
ज्ञानवापी मस्जिद के वुजुखाने का सर्वेक्षण करने के लिए ASI को निर्देश देने से इनकार के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से इलाहाबाद हाईकोर्ट जज ने खुद को अलग किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस मनीष कुमार निगम ने वाराणसी जिला जज के आदेश (दिनांक 21 अक्टूबर, 2023) को चुनौती देने वाली सिविल पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को वज़ुखाना ('शिव लिंग' को छोड़कर) ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर का सर्वेक्षण करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया गया था।मामला अब दूसरी पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा और इस महीने के अंत तक सुनवाई होने की संभावना है।पुनर्विचार याचिका राखी सिंह (अधिवक्ता सौरभ तिवारी के माध्यम से)...

ज्ञानवापी मस्जिद के वुजुखाना का सर्वेक्षण करने से इनकार के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करेगा इलाहाबाद हाईकोर्ट
ज्ञानवापी मस्जिद के वुजुखाना का सर्वेक्षण करने से इनकार के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करेगा इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट वाराणसी जिला जज के आदेश (दिनांक 21 अक्टूबर, 2023) को चुनौती देने वाली सिविल पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करेगा। उक्त आदेश में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को वजुखाना (को छोड़कर) का सर्वेक्षण करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया गया था।जस्टिस मनीष कुमार निगम की बेंच मामले की सुनवाई करेगी।पुनर्विचार याचिका राखी सिंह (सौरभ तिवारी के माध्यम से) द्वारा दायर की गई, जो शृंगार गौरी पूजन वाद 2022 में वादी नंबर 1 (वर्तमान में वाराणसी न्यायालय में लंबित) है।वाराणसी कोर्ट के समक्ष...

पत्नी की वापसी के लिए पति के कहने पर हेबियस कॉर्पस रिट उपलब्ध नहीं: इलाहाबाद हाइकोर्ट
पत्नी की वापसी के लिए पति के कहने पर हेबियस कॉर्पस रिट उपलब्ध नहीं: इलाहाबाद हाइकोर्ट

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने कहा कि क्रिमिनल और सिविल कानून के तहत इस उद्देश्य के लिए उपलब्ध अन्य उपायों को देखते हुए पति द्वारा अपनी पत्नी को वापस पाने के लिए हेबियस कॉर्पस रिट (Habeas Corpus Writ) की आवश्यकता दुर्लभ और निश्चित रूप से उपलब्ध नहीं हो सकती।जस्टिस योगेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी रिट आसानी से उपलब्ध नहीं हो सकती। इसका प्रयोग केवल असाधारण परिस्थितियों में ही किया जाना चाहिए, जब कोई बाध्यकारी मामला प्रस्तुत किया जाता है।कोर्ट ने कहा,“ऐसी स्थिति में जहां पति यह...

पूर्व विधायक सुनील केदार ने खुद दर्ज कराई FIR, ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियां साक्ष्य के विपरीत: बॉम्बे हाइकोर्ट ने NDCC बैंक धोखाधड़ी मामले में कांग्रेस नेता की सजा निलंबित की
पूर्व विधायक सुनील केदार ने खुद दर्ज कराई FIR, ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियां साक्ष्य के विपरीत: बॉम्बे हाइकोर्ट ने NDCC बैंक धोखाधड़ी मामले में कांग्रेस नेता की सजा निलंबित की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में पाया कि ट्रायल कोर्ट ने पूर्व कांग्रेस विधायक सुनील केदार को दोषी ठहराते समय पेश किए गए सबूतों के विपरीत टिप्पणियां कीं। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने इस बात को नजरअंदाज कर दिया कि केदार ने खुद एफआईआर दर्ज कराई थी।जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के ने 153 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक घोटाला मामले में दोषी केदार की सजा निलंबित कर दी। यह बताया गया कि केदार ने दोषसिद्धि के खिलाफ अपनी अपील में विवादास्पद मुद्दे उठाए हैं।अदालत ने कहा,“ट्रायल कोर्ट की यह टिप्पणी कि कार्रवाई करने...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदुस्तान में गज़वा-ए-हिंद की स्थापना के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति को जमानत दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदुस्तान में 'गज़वा-ए-हिंद' की स्थापना के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति को जमानत दी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में UAPA Act आरोपी (मोहम्मद अरकम) को जमानत दे दी, जिसे भारत में 'गज़वा-ए-हिंद' की स्थापना के लिए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) संगठन को मजबूत करने में सक्रिय रूप से भाग लेने के आरोप में सितंबर, 2022 में गिरफ्तार किया गया।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस अजय कुमार श्रीवास्तव-I की खंडपीठ ने उन्हें जमानत दे दी, क्योंकि उन्होंने कहा कि मामले में मुकदमा अभी भी लंबित है। इसके जल्द पूरा होने की कोई संभावना नहीं है। इस तथ्य के साथ कि अपीलकर्ता का कोई आपराधिक इतिहास और उसका नाम नहीं...

केंद्र सरकार एपोस्टिल कन्वेंशन से बंधी हुई है, अन्य देशों के एपोस्टिल दस्तावेज़ पर अविश्वास नहीं कर सकती: इलाहाबाद हाइकोर्ट
केंद्र सरकार एपोस्टिल कन्वेंशन से बंधी हुई है, अन्य देशों के एपोस्टिल दस्तावेज़ पर अविश्वास नहीं कर सकती: इलाहाबाद हाइकोर्ट

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने माना कि केंद्र सरकार विदेशी सार्वजनिक दस्तावेजों (Apostille Conventio) के लिए वैधीकरण (Ligalisation) की आवश्यकता को समाप्त करने वाले 5 अक्टूबर 1961 के कन्वेंशन से बंधी है, क्योंकि भारत इसका हस्ताक्षरकर्ता है। न्यायालय ने माना कि सरकार एपोस्टिल कन्वेंशन पर हस्ताक्षर करने वाले देशों द्वारा जारी किए गए एपोस्टिल दस्तावेजों पर अविश्वास नहीं कर सकती है।विदेशी सार्वजनिक दस्तावेजों के लिए वैधीकरण की आवश्यकता को समाप्त करने वाला 5 अक्टूबर, 1961 का कन्वेंशन, जिसे एपोस्टिल कन्वेंशन के...

डीएम की निगेटिव रिपोर्ट वीज़ा और नागरिकता के लिए दावे का फैसला नहीं करती, सक्षम अधिकारियों द्वारा तय किया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
डीएम की निगेटिव रिपोर्ट वीज़ा और नागरिकता के लिए दावे का फैसला नहीं करती, सक्षम अधिकारियों द्वारा तय किया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि जिला मजिस्ट्रेट की निगेटिव रिपोर्ट वीजा और नागरिकता के दावे का फैसला नहीं करती। आगे कहा गया कि अधिकारियों को गुण-दोष के आधार पर यह निर्णय लेना होगा।जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस शिव शंकर प्रसाद की खंडपीठ ने कहा:"प्राधिकरणों को मौजूदा दावे और उनके समक्ष लंबित दावे पर निर्णय लेने का अधिकार है। हम इस स्तर पर केवल जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्रस्तुत निगेटिव रिपोर्ट के आधार पर याचिकाकर्ता के मामले को बंद नहीं कर सकते।"याचिकाकर्ता/ब्राज़ीलियाई नागरिक ने वीज़ा विस्तार के...

CrPc  की धारा 482 की कार्यवाही में झूठे आरोप के बारे में अभियुक्त की दलील की जांच नहीं की जा सकती: इलाहाबाद हाइकोर्ट
CrPc की धारा 482 की कार्यवाही में झूठे आरोप के बारे में अभियुक्त की दलील की जांच नहीं की जा सकती: इलाहाबाद हाइकोर्ट

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPc) की धारा 482 के तहत आवेदन पर फैसला करते समय हाइकोर्ट आरोपी के इस तर्क की जांच नहीं कर सकता है कि उसे मामले में झूठा फंसाया गया।जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने कहा,"CrPc की धारा 482 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते समय न्यायालय के पास बहुत सीमित क्षेत्राधिकार है और उसे इस बात पर विचार करना आवश्यक है कि 'आरोपी के खिलाफ आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है या नहीं, जिसके लिए आरोपी पर मुकदमा चलाया जाना आवश्यक है, या नहीं।"CrPc की धारा 482 के तहत...

आईपीसी की धारा 506 के तहत उत्तर प्रदेश में किए गए अपराध, संज्ञेय अपराध है: इलाहाबाद हाइकोर्ट
आईपीसी की धारा 506 के तहत उत्तर प्रदेश में किए गए अपराध, संज्ञेय अपराध है: इलाहाबाद हाइकोर्ट

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने कहा कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 506 के तहत कोई अपराध यदि उत्तर प्रदेश राज्य में किया जाता है तो वह संज्ञेय अपराध है।जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने यूपी में प्रकाशित अधिसूचना का हवाला दिया। उक्त अधिसूचना दिनांक 31 जुलाई 1989, यूपी के तत्कालीन राज्यपाल द्वारा की गई घोषणा को अधिसूचित करता है कि IPC की धारा 506 के तहत दंडनीय कोई भी अपराध उत्तर प्रदेश में होने पर संज्ञेय और गैर-जमानती होगा।न्यायालय ने यह भी कहा कि अधिसूचना को मेटा सेवक उपाध्याय बनाम यूपी राज्य, 1995...

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने लंबित मामलों के सामूहिक निपटाने पर राजस्व सचिव से जवाब मांगा
इलाहाबाद हाइकोर्ट ने लंबित मामलों के सामूहिक निपटाने पर राजस्व सचिव से जवाब मांगा

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने राजस्व अधिकारियों द्वारा अभियोजन की कमी के कारण मामलों के सामूहिक निपटान पर उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व सचिव से जवाब मांगा था।एक्टिंग चीफ जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता और जस्टिस क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने कहा,"हम बकाया राशि में कमी के लिए किए गए राज्य सरकार के प्रयास की सराहना करते। लेकिन जिस तरीके से उक्त उद्देश्य को प्राप्त किया जा रहा है, हम उसे स्वीकार नहीं करते।"यूपी राज्य ने 5 अक्टूबर, 2023 को अधिसूचना जारी कर सभी राजस्व अधिकारियों को लंबित मामले को समय पर और शीघ्र...

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने प्रयागराज के अस्पताल में चूहों की समस्या पर स्वत: संज्ञान लिया
इलाहाबाद हाइकोर्ट ने प्रयागराज के अस्पताल में चूहों की समस्या पर स्वत: संज्ञान लिया

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में चूहों के आतंक के संबंध में अमर उजाला समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया।एक्टिंग चीफ जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता और जस्टिस क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने मामले को स्वत: संज्ञान जनहित याचिका के रूप में दर्ज करने का निर्देश दिया। यही नहीं कोर्ट ने अधिकारियों को इस खतरे को नियंत्रित करने के लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी प्रस्तुत करने का भी आदेश दिया।मीडिया में यह खबर 17 जनवरी को...

Krishna Janmabhoomi-Shahi Eidgah Dispute| मस्जिद की जगह का पता लगाने के लिए राजस्व सर्वेक्षक की नियुक्ति की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका
Krishna Janmabhoomi-Shahi Eidgah Dispute| मस्जिद की जगह का पता लगाने के लिए राजस्व सर्वेक्षक की नियुक्ति की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका

मथुरा के कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद के संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष लंबित मुकदमे में महत्वपूर्ण घटनाक्रम में अब शाही मस्जिद ईदगाह के सटीक स्थान का पता लगाने के लिए राजस्व सर्वेक्षक की नियुक्ति के लिए आवेदन दायर किया गया।जस्टिस मयंक कुमार जैन की पीठ ने आवेदन को रिकॉर्ड पर लेते हुए 17 जनवरी को प्रतिवादियों (यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड सहित) को इस पर अपनी आपत्तियां दर्ज करने की स्वतंत्रता दी।मामले की सुनवाई अब 30 जनवरी को तय की गई।गौरतलब है कि यह आवेदन सुप्रीम कोर्ट द्वारा...

इलाहाबाद हाईकोर्ट का हरिद्वार और बिजनौर के डीएम को आदेश: यूपी और उत्तराखंड के बीच राज्य की सीमाओं का निर्धारण करने वाले खंभे लगाए जाएं
इलाहाबाद हाईकोर्ट का हरिद्वार और बिजनौर के डीएम को आदेश: यूपी और उत्तराखंड के बीच राज्य की सीमाओं का निर्धारण करने वाले खंभे लगाए जाएं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हरिद्वार (उत्तराखंड में) और बिजनौर (उत्तर प्रदेश में) जिलों में तैनात जिला मजिस्ट्रेटों को 23 जनवरी को दोनों राज्यों के बीच सीमाओं का सीमांकन करने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में स्तंभों के निर्माण का निर्देश देने का निर्देश दिया।जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश गुरप्रीत सिंह (बिजनौर जिले के निवासी) द्वारा दायर रिट याचिका का निपटारा करते हुए पारित किया।अपनी याचिका में याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच राज्य की...