सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी द्वारा पति की बहन के खिलाफ दर्ज POCSO केस रद्द किया; पारिवारिक झगड़ों में ससुराल वालों को घसीटने के चलन पर चिंता जताई

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि वैवाहिक झगड़ों से जुड़े आपराधिक मामलों में ससुराल वालों को घसीटना एक आम बात हो गई और अक्सर बच्चों का इस्तेमाल एक-दूसरे को बदनाम करने के लिए किया जाता है।कोर्ट ने कहा,"यह आम बात है, बल्कि एक चलन बन गया कि वैवाहिक कलह से जुड़े मामलों में हिसाब-किताब बराबर करने के लिए ससुराल वालों को घसीटा जाता है और अक्सर बच्चों का इस्तेमाल एक-दूसरे को बदनाम करने के लिए किया जाता है।" कोर्ट ने यह टिप्पणी एक महिला के खिलाफ POCSO केस रद्द करते हुए की, जिस पर अपने पांच साल के भतीजे...

धोखाधड़ी की रकम आरोपी के अकाउंट में ट्रांसफर होने से ही FIRs को एक साथ जोड़ने का आधार नहीं बनता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (24 जुलाई) को साइबर धोखाधड़ी के आरोपी व्यक्ति को FIRs को एक साथ जोड़ने (क्लबिंग) की राहत देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि धोखाधड़ी की रकम ट्रांसफर करने के लिए आरोपी के बैंक अकाउंट का इस्तेमाल होना ही यह साबित करने के लिए काफी नहीं है कि ये घटनाएं एक ही ट्रांज़ैक्शन का हिस्सा हैं, जिससे FIRs को एक साथ जोड़ा जा सके।कोर्ट ने गौर किया कि हर FIR अलग-अलग शिकायतकर्ता ने दर्ज कराई, जिन्हें अलग-अलग मौकों पर पैसे देने के लिए बहलाया-फुसलाया गया। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ इस बात से...

MHADA री-डेवलप की जा रही बिल्डिंग में रहने वालों के पुनर्वास के लिए डेवलपर के वादे को लागू करवा सकता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) के पास यह अधिकार है कि वह री-डेवलपमेंट के दौर से गुज़र रही 'सेस्ड' बिल्डिंग (जिन पर सेस या टैक्स लगता है) में रहने वालों को स्थायी वैकल्पिक आवास देने की डेवलपर की ज़िम्मेदारी को लागू करवाए। कोर्ट ने मुंबई के एक डेवलपर को निर्देश दिया कि वह 'स्थायी वैकल्पिक आवास समझौता' (PAAA) करे और दो महीने के भीतर एक निवासी के कानूनी उत्तराधिकारियों को तीन फ्लैटों का कब्ज़ा सौंपे।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की...

राजस्थान में नदियों के प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, प्रदूषण फैलाने वालों पर गंभीर धाराएं लगाने का दिया निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान में नदियों और जल स्रोतों के बढ़ते प्रदूषण पर गंभीर चिंता जताते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया। अदालत ने कहा कि यदि समाचारों में प्रकाशित आरोप सही पाए जाते हैं तो यह पर्यावरण कानूनों के पालन में व्यापक प्रशासनिक विफलता का संकेत है।इसके साथ ही अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि बिना शोधन किए औद्योगिक अपशिष्ट छोड़ने वाले उद्योगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की गंभीर धाराएं क्यों नहीं लगाई गईं।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप...

गिरफ्तारी के आधार अपर्याप्त होने मात्र से गिरफ्तारी अवैध नहीं होती, आरोपी को वास्तविक नुकसान साबित करना होगा: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी के आधारों की पूरी तरह जानकारी न देना और आधारों की अपर्याप्त जानकारी देना, दोनों अलग-अलग स्थितियां हैं। यदि गिरफ्तारी के आधार बिल्कुल नहीं बताए गए हों तो गिरफ्तारी अवैध हो सकती है, लेकिन यदि आधार बताए गए और केवल उनकी पर्याप्तता पर विवाद है तो अदालत यह देखेगी कि इससे आरोपी को वास्तव में कोई नुकसान हुआ या नहीं।जस्टिस एम.एम. सुन्दरेश और जस्टिस पी.बी. वराले की खंडपीठ ने मेघालय के चर्चित हनीमून हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को दी गई जमानत रद्द करते हुए...

पटना में गंगा किनारे हुए अतिक्रमण को छह हफ़्ते में हटाये राज्य सरकार: सुप्रीम कोर्ट

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को पटना में गंगा किनारे नौज़र घाट और नूरपुर घाट के बीच सभी अनधिकृत ढांचों, निर्माणों और अतिक्रमणों को हटाने के लिए छह हफ़्ते का समय दिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि हाई कोर्ट या ज़िला अदालतों द्वारा पारित किसी भी अंतरिम आदेश के बावजूद उसके आदेश का पालन किया जाए।कोर्ट ने आदेश दिया,"हम बिहार राज्य को छह हफ़्ते का समय देते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पटना में नौज़र घाट से नूरपुर घाट के बीच हर एक अनधिकृत ढांचे/निर्माण और अतिक्रमण को हटा दिया जाए। हम...

सुप्रीम कोर्ट ने TTZ में इंडस्ट्रियल एक्टिविटी पर रोक लगाने वाले अपने पुराने आदेश में ढील दी, एप्लीकेशन पर प्रोसेसिंग की मंज़ूरी दी

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ताज ट्रेपेज़ियम ज़ोन (TTZ) में बिना मंज़ूरी के नई इंडस्ट्रियल एक्टिविटी पर लगी रोक वाले अपने पुराने आदेश में ढील दी। कोर्ट ने TTZ अथॉरिटी को लगभग 410 पेंडिंग एप्लीकेशन पर प्रोसेसिंग करने की इजाज़त दी। इनमें से ज़्यादातर एप्लीकेशन माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज़ (MSME) की थीं, जो इंडस्ट्री लगाने, उसे बढ़ाने या दूसरी जगह ले जाने की मंज़ूरी मांग रही थीं।चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने "ताज ट्रेपेज़ियम ज़ोन...

अभियोजन की स्वीकृति (Sanction) में देरी कर किसी नागरिक की स्वतंत्रता नहीं छीनी जा सकती: भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने लोक सेवक को दी जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (Prevention of Corruption Act) के एक मामले में आरोपी लोक सेवक को नियमित जमानत (Regular Bail) देते हुए कहा है कि अभियोजन की स्वीकृति (Sanction) देने में हुई देरी का नुकसान किसी नागरिक को उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता से वंचित करके नहीं पहुंचाया जा सकता।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की खंडपीठ ने यह आदेश उस मामले में पारित किया, जिसमें आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोपी को 9 दिसंबर 2025 को...

सिर्फ वाहन का घटना से जुड़ा होना मुआवजे के लिए पर्याप्त नहीं, मौत और वाहन के उपयोग के बीच सीधा संबंध होना जरूरी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु से जुड़ी घटनाओं की श्रृंखला में केवल किसी मोटर वाहन का शामिल होना, मोटर वाहन अधिनियम के तहत मुआवजे की जिम्मेदारी तय करने के लिए पर्याप्त नहीं है। अदालत ने कहा कि मुआवजा तभी दिया जा सकता है जब वाहन के उपयोग और मृत्यु के बीच स्पष्ट एवं प्रत्यक्ष (proximate) संबंध स्थापित हो।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) के उन आदेशों को रद्द कर दिया, जिनमें वाहन मालिक को मृतक...

अटेंडेंस कम होने की वजह से लॉ स्टूडेंट्स को चल रहे एकेडमिक सेशन की परीक्षाओं से नहीं रोका जा सकता: सुप्रीम कोर्ट ने एक बार के लिए राहत दी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिन लॉ स्टूडेंट्स का एकेडमिक सेशन उस समय चल रहा था, जब दिल्ली हाईकोर्ट ने 3 नवंबर, 2025 को अटेंडेंस के नियमों में ढील देने वाला फैसला सुनाया था (जिस पर बाद में रोक लगा दी गई थी), उन्हें अटेंडेंस कम होने के आधार पर उस एकेडमिक सेशन की फाइनल परीक्षाओं में बैठने से नहीं रोका जा सकता।कोर्ट ने निर्देश दिया,"हम यह निर्देश देते हैं और व्यवस्था करते हैं कि जिन स्टूडेंट्स का एकेडमिक सेशन उस समय चल रहा था, जब दिल्ली हाईकोर्ट ने 3 नवंबर, 2025 को फैसला सुनाया था, उन्हें उस एकेडमिक...

पार्टियों के बीच हुए और लागू हो चुके समझौते को बदलने के लिए आर्टिकल 142 का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संविधान के आर्टिकल 142 के तहत अपनी खास शक्तियों (Inherent Jurisdiction) का इस्तेमाल पार्टियों के बीच आपसी सहमति से हुए समझौतों की शर्तों को बदलने या उनमें संशोधन करने के लिए नहीं किया जा सकता।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने एक पत्नी की याचिका खारिज की। पत्नी ने अपने और अपने पति के बीच हुए तलाक के समझौते को फिर से तय करने के लिए संविधान के आर्टिकल 142 का इस्तेमाल करने की मांग की। कोर्ट ने अपील करने वाली पत्नी की उस मांग को मानने से इनकार किया,...

NDPS Act की धारा 50 सिर्फ़ व्यक्ति की तलाशी पर लागू होती है, न कि तब जब आरोपी के पास मौजूद सामान से कोई चीज़ बरामद हो: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (21 जुलाई) को कहा कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 (NDPS Act) की धारा 50 के तहत मिलने वाली सुरक्षा - यानी किसी गजेटेड ऑफिसर या मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तलाशी - सिर्फ़ आरोपी की व्यक्तिगत तलाशी के दौरान ही मिलेगी। यह सुरक्षा तब लागू नहीं होती जब आरोपी के पास कोई बैग, कंटेनर या कोई अन्य चीज़ हो।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस नोंगमेइकापम कोटिश्वर सिंह की बेंच ने एक व्यक्ति की सज़ा बरकरार रखते हुए कहा,"धारा 50 के तहत सुरक्षा उन मामलों तक ही सीमित है, जहां...

महाराष्ट्र में बाकी स्थानीय निकाय चुनाव 50% आरक्षण की सीमा का उल्लंघन किए बिना कराए जा सकते हैं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि महाराष्ट्र राज्य में 20 ज़िला परिषदों और 211 पंचायत समितियों के चुनाव, जो अभी होने बाकी हैं, 50 प्रतिशत की आरक्षण सीमा का उल्लंघन किए बिना कराए जा सकते हैं।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। ये चुनाव अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण से जुड़े मुद्दों के कारण 2022 से 2025 के बीच रुके हुए थे।मई 2025 में कोर्ट ने एक अंतरिम आदेश पारित...

आतंकवाद से जुड़े मामलों में भी संवैधानिक सुरक्षा और निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार को कम नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने फिर कहा कि आतंकवादी हिंसा और समाज की सामूहिक अंतरात्मा को झकझोर देने वाले अपराधों के मामलों में भी संवैधानिक सुरक्षा और आपराधिक न्यायशास्त्र के स्थापित सिद्धांतों से समझौता नहीं किया जा सकता।कोर्ट ने माना कि निर्दोष नागरिकों पर बम धमाकों से डर, दुख और जनता में गुस्सा पैदा होता है। हालांकि, कोर्ट ने जोर दिया कि ऐसे मामलों में संवैधानिक मानकों को कम करने के बजाय संवैधानिक सिद्धांतों का और भी सख्ती से पालन करने की ज़रूरत होती है।कोर्ट ने कहा,"ये सिद्धांत तब और भी महत्वपूर्ण हो जाते...

4 भारतीय मिशनों में कॉन्सुलर सर्विस को आउटसोर्स करने के लिए MEA का टेंडर रद्द करने का फैसला सही: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार की याचिका खारिज की, जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने अपने उक्त आदेश के तहत अबू धाबी, कुवैत, सिंगापुर और कैनबरा में भारतीय मिशनों में कॉन्सुलर, पासपोर्ट और वीज़ा (CPV) सेवाओं को आउटसोर्स करने के टेंडर रद्द कर दिए गए थे। हालांकि, कोर्ट ने विदेश मंत्रालय (MEA) और इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) को अंतरिम व्यवस्था करने की अनुमति दी ताकि नई टेंडर प्रक्रिया पूरी होने तक सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी रह सकें।चीफ जस्टिस ऑफ...

न्यायिक नियुक्तियों के लिए वाइवा-वोस में न्यूनतम कट-ऑफ तय करना उचित: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में न्यायिक पद के उम्मीदवार की सिविल अपील खारिज की। उम्मीदवार ने राजस्थान न्यायिक सेवा नियम, 2010 के नियम 41 के एक प्रावधान को चुनौती दी थी, जबकि उसने बिना किसी आपत्ति के पूरी प्रक्रिया में भाग लिया था। इस प्रावधान में एडवोकेट कोटे से एडिशनल जिला जजों की नियुक्ति के लिए इंटरव्यू में कम-से-कम 25% अंक लाना ज़रूरी था, जिसे बाद में 2017 में राज्य सरकार ने स्पष्ट रूप से हटा दिया था।कोर्ट ने उच्च न्यायिक सेवा में नियुक्तियों के लिए वाइवा-वोस (मौखिक परीक्षा) में न्यूनतम योग्यता...