राज�थान हाईकोट

Section 336(2) Municipalities Act | ट्रांसफर ऑर्डर के लिए अधिकारी की सहमति आवश्यक नहीं, प्रतिनियुक्ति से भिन्न: राजस्थान हाईकोर्ट
Section 336(2) Municipalities Act | ट्रांसफर ऑर्डर के लिए अधिकारी की सहमति आवश्यक नहीं, प्रतिनियुक्ति से भिन्न: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य नगर पालिका अधिनियम, 2009 की धारा 336(2) के अंतर्गत ट्रांसफर ऑर्डर प्रतिनियुक्ति के माध्यम से ट्रांसफर नहीं माना जा सकता, क्योंकि इस प्रावधान में अधिकारी की सहमति का प्रावधान नहीं है, जो प्रतिनियुक्ति के लिए आवश्यक है।अदालत ने कहा कि धारा 336(2) के अंतर्गत आदेश जारी होने के बाद अधिकारी/कर्मचारी के पास स्थानांतरित स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता।बता दें, धारा 336 किसी अधिकारी या सरकारी कर्मचारी के नगर पालिका से दूसरी नगर पालिका में...

राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला: पति की गैरमौजूदगी में मां द्वारा नोटिस ठुकराने के आधार पर पत्नी को दिया गया एकतरफा तलाक अमान्य
राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला: पति की गैरमौजूदगी में मां द्वारा नोटिस ठुकराने के आधार पर पत्नी को दिया गया एकतरफा तलाक अमान्य

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि अगर न्यायालय का नोटिस स्वयं संबंधित व्यक्ति या उसके अधिकृत प्रतिनिधि के अलावा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा ठुकराया जाता है तो उसे कानूनी रूप से वैध अस्वीकार नहीं माना जा सकता।हाईकोर्ट की यह टिप्पणी उस मामले में आई, जिसमें फैमिली कोर्ट ने पत्नी को यह मानते हुए एकपक्षीय तलाक (एक्स-पार्टी डिवोर्स) दे दिया कि पति को भेजा गया नोटिस उसकी मां ने ठुकरा दिया था।जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ पति की अपील पर सुनवाई कर रही थी। पति ने...

राजस्थान हाईकोर्ट ने फोरम शॉपिंग के लिए वादियों की कड़ी आलोचना की, ₹1 लाख का जुर्माना लगाया
राजस्थान हाईकोर्ट ने "फोरम शॉपिंग" के लिए वादियों की कड़ी आलोचना की, ₹1 लाख का जुर्माना लगाया

"फोरम शॉपिंग" की प्रथा को गंभीरता से लेते हुए और इसे बेहद बदनाम बताते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने इसके लिए कई याचिकाकर्ताओं पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया।अदालत उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिनमें कुछ संस्थानों ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 से आगे के लिए बी.एससी. नर्सिंग कोर्स में काउंसलिंग के लिए पात्र संस्थानों की सूची में अपना नाम शामिल करने की मांग की।जस्टिस समीर जैन फोरम शॉपिंग के एक जैसे मुद्दे पर कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे, जिनमें क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र न्यायालय की जयपुर पीठ के समक्ष होने...

स्टूडेंट आत्महत्याएं मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य और केंद्र से मेंटल हेल्थकेयर के लिए उठाए गए कदमों पर जानकारी मांगी
स्टूडेंट आत्महत्याएं मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य और केंद्र से मेंटल हेल्थकेयर के लिए उठाए गए कदमों पर जानकारी मांगी

राजस्थान हाईकोर्ट ने केंद्र, राज्य, यूनिवर्सिटी अनुदान आयोग (UGC) और CBI को मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता उपलब्ध कराने और सभी स्तरों पर मनोवैज्ञानिक रखरखाव और मानसिक स्वास्थ्य विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने का निर्देश दिया।एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें 10 से 30 वर्ष की आयु के स्टूडेंट्स में आत्महत्या की प्रवृत्ति पर प्रकाश डाला गया। याचिका में दावा किया गया कि इसके बावजूद, शैक्षणिक...

वैक्सीनेटर नर्स नहीं, काम और जिम्मेदारियाँ अलग: राजस्थान हाईकोर्ट ने नियुक्ति की याचिका खारिज की
वैक्सीनेटर नर्स नहीं, काम और जिम्मेदारियाँ अलग: राजस्थान हाईकोर्ट ने नियुक्ति की याचिका खारिज की

राजस्थान हाईकोर्ट ने उन उम्मीदवारों की याचिका खारिज कर दी, जिन्होंने नर्स ग्रेड-II पद पर नियुक्ति का दावा अपने टीकाकरण (Vaccinator) के अनुभव के आधार पर किया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दोनों पद अलग-अलग हैं और इनके कार्य व जिम्मेदारियाँ भिन्न हैं।याचिकाकर्ताओं ने नर्स ग्रेड-II की भर्ती में बोनस अंक देने की मांग की थी। यह बोनस अंक उन अभ्यर्थियों को दिए जाते हैं जिनके पास विज्ञापित पद के समान प्रकृति के कार्य का अनुभव प्रमाणपत्र होता है। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि उसके पास मुख्य चिकित्सा एवं...

पूर्व चीफ जस्टिस की पेंशन याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने कहा-दोहरी पेंशन का कोई कानूनी आधार नहीं
पूर्व चीफ जस्टिस की पेंशन याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने कहा-दोहरी पेंशन का कोई कानूनी आधार नहीं

राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस फरजंद अली के नेतृत्व वाली खण्डपीठ ने झारखण्ड हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस प्रकाश टाटिया द्वारा राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद की पेंशन के लिए दायर याचिका खारिज की।जस्टिस फरजंद अली और जस्टिस सिंघी की खण्डपीठ ने रिपोर्टेबल जजमेंट में स्पष्ट किया कि राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को अलग से पेंशन का अधिकार नहीं है, यदि वह पहले से उच्च संवैधानिक पद से पेंशन प्राप्त कर रहे हों।जस्टिस टाटिया ने राज्य सरकार द्वारा पेंशन लाभ से वंचित करने के आदेशों को चुनौती...

राजस्व गांवो का निर्माण विधायी नहीं, प्रशासनिक कार्य, मनमाना न हो तो हस्तक्षेप नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्व गांवो का निर्माण विधायी नहीं, प्रशासनिक कार्य, मनमाना न हो तो हस्तक्षेप नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने ग्राम सभा की बैठक बुलाए बिना नए राजस्व ग्रामों के निर्माण को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं को खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा कि किसी ग्राम का निर्माण या राजस्व ग्राम की सीमा में परिवर्तन ग्राम की विशिष्ट आवश्यकताओं पर निर्भर करता है। इसलिए यह अनिवार्य रूप से एक प्रशासनिक कार्य है।याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि नए राजस्व ग्रामों के निर्माण का प्रस्ताव पंचायती राज अधिनियम और नियमों के प्रावधानों के अनुसार ग्राम सभा की बैठक बुलाए बिना ही प्रस्तुत किया गया।इसके अलावा यह भी तर्क...

सिर्फ़ संदेह के आधार पर जनप्रतिनिधि को निलंबित करना जनता के हितों के विपरीत : राजस्थान हाईकोर्ट
सिर्फ़ संदेह के आधार पर जनप्रतिनिधि को निलंबित करना जनता के हितों के विपरीत : राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने जैतारण नगरपालिका बोर्ड के चेयरमैन का निलंबन आदेश रद्द करते हुए कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि को बिना ठोस आरोप या प्रमाण के केवल संदेह या शिकायत के आधार पर निलंबित करना न केवल उसे चुनने वाली जनता की इच्छा के खिलाफ़ है, बल्कि उसके स्वयं के हितों को भी नुकसान पहुंचाता है।जस्टिस कुलदीप माथुर की सिंगल बेंच ने कहा कि जनप्रतिनिधि से अपेक्षा की जाती है कि वे शासकीय अधिकारियों की सलाह और रिपोर्ट के आधार पर कार्य करें। यदि कोई फ़ाइल अधिकारियों द्वारा जांच-परख कर रखी जाती है तो सामान्य...

ई-फाइलिंग पोर्टल पर गड़बड़ियों की शिकायत: राजस्थान हाईकोर्ट ने टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की समय-सीमा बढ़ाई
ई-फाइलिंग पोर्टल पर गड़बड़ियों की शिकायत: राजस्थान हाईकोर्ट ने टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की समय-सीमा बढ़ाई

राजस्थान हाईकोर्ट ने टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की समय-सीमा एक महीने बढ़ाई। राजस्थान हाईकोर्ट की जस्टिस (डॉ.) पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस बिपिन गुप्ता की खंडपीठ ने आयकर अधिनियम, 1961 (Income Tax Act) की धारा 44AB के तहत समय-सीमा 30 सितंबर, 2025 से आगे एक (एक) महीने के लिए बढ़ाई।यह दलील दी गई कि पिछले वर्षों में, CBDT ने समान परिस्थितियों में लगातार ऐसे विस्तार दिए हैं। वर्तमान स्थिति में ऐसा करने से इनकार करना मनमाना, अनुचित और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(g) और 21 का उल्लंघन...

पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण केवल एक बार का लाभ, करियर उन्नति का साधन नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण केवल एक बार का लाभ, करियर उन्नति का साधन नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि सरकारी नौकरियों में पूर्व सैनिकों को दिया जाने वाला आरक्षण एक बार का लाभ है, जिसका उद्देश्य केवल पुनर्नियोजन की सुविधा देना है। इसे करियर में बार-बार उन्नति पाने का साधन नहीं बनाया जा सकता।जस्टिस समीर जैन की पीठ ने पूर्व सैनिक की याचिका खारिज कर दी, जिसमें उसने ग्राम विकास अधिकारी (VDO) के पद पर आरक्षण का लाभ लेकर नियुक्ति के बाद दोबारा जूनियर अकाउंटेंट पद पर उसी आरक्षण का दावा किया था।मामलायाचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि वह अभी दो साल की...

पंचायत प्रधान की बहाली के आदेश पर अमल क्यों नहीं? राजस्थान हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
पंचायत प्रधान की बहाली के आदेश पर अमल क्यों नहीं? राजस्थान हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य अधिकारियों से जवाब तलब किया कि उन्होंने पंचायत समिति उचैन के प्रधान की बहाली के अदालत के आदेश पर अब तक अमल क्यों नहीं किया और न ही आदेश को चुनौती दी।जस्टिस गणेश राम मीणा ने सख़्त टिप्पणी करते हुए पूछा कि क्या राज्य अधिकारी अदालत के आदेश पर बिना अमल किए लंबे समय तक बैठे रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों को उनके कार्यकाल से वंचित रखना जबकि संवैधानिक अदालत उनके पक्ष में आदेश दे चुकी है, गंभीर मामला है और इसे सख्ती से निपटाया जाना चाहिए।मामला एक अवमानना...

बेटी पढ़ाओ अभियान के बावजूद बेटियों की पढ़ाई की अनदेखी: राजस्थान हाईकोर्ट
'बेटी पढ़ाओ' अभियान के बावजूद बेटियों की पढ़ाई की अनदेखी: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एक व्यक्ति की तबादला स्थगित करने की अर्जी खारिज कर दी गई थी। याचिकाकर्ता ने अपनी बेटी की कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा को देखते हुए मार्च 2026 तक वर्तमान पदस्थापन स्थल पर बने रहने की मांग की थी।जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने कहा कि जब केंद्र और राज्य सरकारें “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान चला रही हैं, तब उनके अधिकारी बेटियों की वास्तविक ज़रूरतों के प्रति पूरी तरह उदासीन हैं। कोर्ट...

समय पर नगर निकाय चुनाव न कराना लोकतंत्र के खिलाफ: राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग को लगाई फटकार
समय पर नगर निकाय चुनाव न कराना लोकतंत्र के खिलाफ: राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग को लगाई फटकार

राजस्थान हाईकोर्ट ने शहरी निकायों में समय पर चुनाव न कराने पर राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि यह देरी संविधान में निहित लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करती है।जस्टिस अनुप कुमार धाण्ड की एकल पीठ ने उन याचिकाओं को खारिज करते हुए टिप्पणी की, जो पूर्व सरपंचों द्वारा दायर की गई थीं। इन सरपंचों को उनकी पंचायतों के नगरपालिकाओं में विलय के बाद चेयरपर्सन नियुक्त किया गया था। अदालत ने कहा कि चुनाव आयोग और सरकार ने पांच वर्ष की निर्धारित अवधि समाप्त होने से पहले...

सरकारी फाइल में की गई टिप्पणी का कोई कानूनी महत्व नहीं, निलंबन रद्द नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
सरकारी फाइल में की गई टिप्पणी का कोई कानूनी महत्व नहीं, निलंबन रद्द नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि सरकारी अधिकारियों द्वारा फाइलों में की गई टिप्पणियां या टिपण्णी केवल उनके बीच का आंतरिक पत्राचार है, इसका कोई कानूनी महत्व नहीं होता।जस्टिस अनूप कुमार ढांड एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसे एक प्रधान ने अपने निलंबन आदेश के खिलाफ दायर किया था। याचिकाकर्ता को राजस्थान पंचायती राज अधिनियम की धारा 38 के तहत निलंबित किया गया था। यह निलंबन 2017 में उसके सरपंच कार्यकाल के दौरान हुई एक घटना से संबंधित आरोप पत्र के बाद किया गया था।याचिकाकर्ता का तर्क था कि उस पर...

जिस फैसले के आधार पर नौकरी मिली, वह रद्द होने पर नियुक्ति भी रद्द: राजस्थान हाईकोर्ट
जिस फैसले के आधार पर नौकरी मिली, वह रद्द होने पर नियुक्ति भी रद्द: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि अगर किसी व्यक्ति को अदालत के एक फैसले के आधार पर नौकरी मिलती है और बाद में वह फैसला रद्द हो जाता है तो उसकी नियुक्ति भी बरकरार नहीं रह सकती।जस्टिस रेखा बोराना याचिका पर सुनवाई कर रही थीं, जिसमें याचिकाकर्ता की नियुक्ति रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता को यादवेंद्र शांडिल्य बनाम राज्य मामले में दिए गए फैसले के आधार पर भर्ती प्रक्रिया में बोनस अंक और बाद में नौकरी मिली थी।कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब...

राजस्थान हाईकोर्ट का अहम कदम: केस से जुड़ी सभी जानकारी के लिए आधिकारिक व्हाट्सएप चैनल बनाने पर नोटिस जारी
राजस्थान हाईकोर्ट का अहम कदम: केस से जुड़ी सभी जानकारी के लिए आधिकारिक व्हाट्सएप चैनल बनाने पर नोटिस जारी

राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में जनहित याचिका (PIL) पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में हाईकोर्ट के लिए एक आधिकारिक व्हाट्सएप चैनल बनाने की मांग की गई ताकि केस लिस्ट, ई-फाइलिंग विवरण, आदेश/निर्णय आदि से संबंधित सभी जानकारी एक ही जगह पर मिल सके।जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस बिपिन गुप्ता की खंडपीठ ने प्रैक्टिसिंग वकील द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया।याचिकाकर्ता ने बताया कि 2023 से हाईकोर्ट ने टेलीग्राम चैनल पर केस लिस्ट अपलोड करना शुरू कर दिया था। इसके अलावा, कोर्ट की ई-कोर्ट्स वेबसाइट...

दुकानदार किसी क्षेत्र पर एकाधिकार का दावा नहीं कर सकते: राजस्थान हाईकोर्ट ने नई उचित मूल्य की दुकानें खोलने के खिलाफ याचिकाएं खारिज कीं
दुकानदार किसी क्षेत्र पर एकाधिकार का दावा नहीं कर सकते: राजस्थान हाईकोर्ट ने नई उचित मूल्य की दुकानें खोलने के खिलाफ याचिकाएं खारिज कीं

राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार द्वारा एक ही क्षेत्र में नई उचित मूल्य की दुकानें (Fair Price Shops- FPS) खोलने के प्रस्ताव को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मौजूदा दुकान मालिक किसी क्षेत्र पर एकाधिकार का दावा नहीं कर सकते।जस्टिस सुनील बेनिवाल की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि नई FPS खोलना सरकार का नीतिगत निर्णय है। फिर जो लोग 20 साल से FPS चला रहे हैं, वे किसी क्षेत्र पर एकाधिकार का दावा नहीं कर सकते।अदालत ने आगे कहा कि कुछ FPS में 500 से कम राशन कार्ड धारक हैं, जबकि...