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हुक्का बार केस में कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी को राहत, हाईकोर्ट ने लगाई ट्रायल कोर्ट की कार्रवाई पर रोक
हुक्का बार केस में कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी को राहत, हाईकोर्ट ने लगाई ट्रायल कोर्ट की कार्रवाई पर रोक

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी के खिलाफ ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्रवाई पर रोक लगा दी। मुनव्वर फारुकी और 14 अन्य लोगों पर हुक्का पीने के केस में केस दर्ज किया गया था।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस संदेश पाटिल की डिवीजन बेंच ने प्रॉसिक्यूशन से चार्जशीट जमा करने को कहा ताकि यह पता लगाया जा सके कि फारुकी के खिलाफ रिकॉर्ड में क्या मटीरियल रखा गया।जजों ने फारुकी की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें उन्होंने मार्च, 2024 में उनके खिलाफ दर्ज FIR को चुनौती दी, जब मुंबई...

ड्राइविंग लाइसेंस एक्सपायरी के 30 दिन बाद तक वैलिड: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने इंश्योरेंस कंपनी की रिकवरी राइट्स की अपील खारिज की
ड्राइविंग लाइसेंस एक्सपायरी के 30 दिन बाद तक वैलिड: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने इंश्योरेंस कंपनी की रिकवरी राइट्स की अपील खारिज की

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक इंश्योरेंस कंपनी की अपील खारिज की, जिसमें मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT), जींद के 2003 के एक अवॉर्ड को चुनौती दी गई, जिसमें रिकवरी राइट्स दिए बिना इंश्योरेंस कंपनी पर लायबिलिटी तय कर दी गई।इंश्योरर ने इस आधार पर रिकवरी राइट्स मांगे थे कि एक्सीडेंट की तारीख पर गलती करने वाली गाड़ी के ड्राइवर के पास वैलिड ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था।जस्टिस वरिंदर अग्रवाल ने कहा,"एक बार जब कानूनी ग्रेस पीरियड लागू हो जाता है तो यह बात पूरी तरह साफ हो जाती है कि एक्सीडेंट की...

करूर भगदड़ के लिए TVK की लापरवाही, विजय की देरी और कार्यकर्ताओं की अव्यवस्था ज़िम्मेदार : तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
करूर भगदड़ के लिए TVK की लापरवाही, विजय की देरी और कार्यकर्ताओं की अव्यवस्था ज़िम्मेदार : तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी हलफ़नामा रिपोर्ट में करूर स्टाम्पीड हादसे के लिए TVK पार्टी (अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी) के आयोजकों और कार्यकर्ताओं की “लापरवाह, लापरवाहीपूर्ण और असमंजसपूर्ण कार्रवाइयों” को ज़िम्मेदार ठहराया है। राज्य ने कहा कि पुलिस ने “काबिल-ए-तारीफ़ साहस और अनुशासन” के साथ काम किया और यह त्रासदी किसी पुलिस चूक के कारण नहीं, बल्कि आयोजकों के कृत्यों और भीड़ के व्यवहार से हुई।यह हलफ़नामा अतिरिक्त गृह सचिव द्वारा उन याचिकाओं के जवाब में दाखिल किया गया, जिनमें...

“दुर्भावना रखने वाले व्यंग्य की आड़ में नहीं छिप सकते” : Ba**ds of Bollywood के खिलाफ मानहानि मुकदमे में समीयर वानखेड़े ने दिल्ली हाई कोर्ट से कहा
“दुर्भावना रखने वाले व्यंग्य की आड़ में नहीं छिप सकते” : 'Ba**ds of Bollywood' के खिलाफ मानहानि मुकदमे में समीयर वानखेड़े ने दिल्ली हाई कोर्ट से कहा

दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार (2 दिसंबर) को IRS अधिकारी समीयर वानखेड़े द्वारा नेटफ्लिक्स की सीरीज़ “Ba*ds of Bollywood” (निर्देशक आर्यन ख़ान) में उनकी कथित मानहानिकारक प्रस्तुति के खिलाफ दायर इंटरिम इंजंक्शन याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौड़ा ने वानखेड़े, रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट और नेटफ्लिक्स की विस्तृत सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित किया।अदालत ने इंटरिम इंजंक्शन पर दो मुख्य प्रश्न निर्धारित किए– क्या यह वाद दिल्ली में सुनवाई योग्य (Maintainable) है? क्या संपूर्ण रूप से...

जमानत पर सुनवाई के दौरान चलाई गई उमर खालिद की स्पीच; सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- ये वे स्टूडेंट्स हैं, जिन्होंने कुछ खास मुद्दों पर आंदोलन किया
जमानत पर सुनवाई के दौरान चलाई गई उमर खालिद की स्पीच; सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- 'ये वे स्टूडेंट्स हैं, जिन्होंने कुछ खास मुद्दों पर आंदोलन किया'

सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को हुई ओपन कोर्ट सुनवाई के दौरान आरोपी उमर खालिद का अमरावती में दी गई स्पीच भाषण चलाते हुए सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा कि गांधीवादी तरीके से सिविल नाफरमानी की वकालत करना साज़िश नहीं हो सकती, और किसी एकेडमिक को सालों तक ऐसे आंदोलन के लिए जेल में रखने से कोई पब्लिक इंटरेस्ट पूरा नहीं होगा, जिसने कुछ मुद्दे उठाए हों, सही या गलत।उन्होंने कहा,"मैं खुद से सवाल पूछता हूं। एक इंस्टीट्यूशन में एक एकेडेमिक्स, वह किसी देश या राज्य को उखाड़ फेंकने के लिए क्या कर सकता है?...

सुप्रीम कोर्ट ने की नसीहत: पुलिस, कोर्ट को शुरुआती फिल्टर की तरह काम करना चाहिए, ताकि ऐसे केस से बचा जा सके जिनमें सज़ा की कोई उम्मीद न हो
सुप्रीम कोर्ट ने की नसीहत: पुलिस, कोर्ट को 'शुरुआती फिल्टर' की तरह काम करना चाहिए, ताकि ऐसे केस से बचा जा सके जिनमें सज़ा की कोई उम्मीद न हो

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (2 दिसंबर) को पुलिस द्वारा चार्जशीट फाइल करने और ट्रायल कोर्ट द्वारा उन मामलों में चार्ज फ्रेम करने के तरीके पर निराशा जताई, जिनमें सज़ा की उम्मीद बहुत कम होती है।जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह और मनमोहन की बेंच ने कहा,“जिन मामलों में कोई पक्का शक नहीं होता, उनमें चार्जशीट फाइल करने का चलन ज्यूडिशियल सिस्टम को जाम कर देता है। यह जजों, कोर्ट स्टाफ और प्रॉसिक्यूटर को ऐसे ट्रायल पर समय बिताने के लिए मजबूर करता है, जिनमें बरी होने की संभावना होती है। इससे कम ज्यूडिशियल रिसोर्स...

लाल किला ब्लास्ट ट्रायल की कोर्ट निगरानी की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका
लाल किला ब्लास्ट ट्रायल की कोर्ट निगरानी की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका

दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित फाइल कर लाल किला ब्लास्ट केस के ट्रायल के सभी स्टेज की निगरानी के लिए कोर्ट की निगरानी वाली कमेटी बनाने का निर्देश देने की मांग की गई।इस मामले की सुनवाई बुधवार को चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की डिवीजन बेंच करेगी।डॉ. पंकज पुष्कर की फाइल की गई इस याचिका में इस केस का डे-टू-डे ट्रायल करने की मांग की गई, जिसकी जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) कर रही है और प्रॉसिक्यूशन को ज्यूडिशियल कमेटी के सामने हर महीने स्टेटस रिपोर्ट फाइल करनी...

बठिंडा गांव में युवक की ओवरडोज़ से मौत के बाद हेरोइन की कथित खुली बिक्री पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से मांगा जवाब
बठिंडा गांव में युवक की ओवरडोज़ से मौत के बाद हेरोइन की कथित खुली बिक्री पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से मांगा जवाब

पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार से एक खबर पर खुद संज्ञान लेते हुए जवाब मांगा, जिसमें आरोप लगाया गया कि बठिंडा जिले के एक गांव में हेरोइन खुलेआम बेची जा रही है।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी ने राज्य सरकार से जवाब मांगा और मामले की सुनवाई 22 दिसंबर के लिए तय की।खबरों के मुताबिक, मौर कलां गांव में गांववालों ने कथित खुलेआम ड्रग बिक्री की बुराई करते हुए दीवार पर लिखा है। दीवार पर लिखा है, “ऐथे चिट्टा/शरी-आम विकास है (यहां हेरोइन खुलेआम बेची जाती है)”।रिपोर्ट में कहा गया कि इसके...

NCLAT ने WhatsApp एडवरटाइजिंग डेटा के लिए प्राइवेसी कंसेंट सेफगार्ड बढ़ाने की CCI की अर्जी पर ऑर्डर सुरक्षित रखा
NCLAT ने WhatsApp एडवरटाइजिंग डेटा के लिए प्राइवेसी कंसेंट सेफगार्ड बढ़ाने की CCI की अर्जी पर ऑर्डर सुरक्षित रखा

नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने मंगलवार को कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ़ इंडिया की अर्जी पर ऑर्डर सुरक्षित रखा, जिसमें 4 नवंबर के उसके फैसले पर सफाई मांगी गई। इस फैसले में WhatsApp पर एडवरटाइजिंग के लिए मेटा के साथ यूज़र डेटा शेयर करने पर लगी पांच साल की रोक को हटा दिया गया था। CCI ने यह तर्क दिया था कि ट्रिब्यूनल के अपने तर्क में एडवरटाइजिंग और नॉन-एडवरटाइजिंग डेटा फ्लो दोनों को कवर करने वाले एक यूनिफॉर्म कंसेंट फ्रेमवर्क को ज़रूरी बनाया गया।CCI ने ट्रिब्यूनल से पूछा कि क्या यूज़र प्राइवेसी...

केरल के कई लीगल एजुकेशन सेंटर्स में BCI एफिलिएशन नहीं: GLC कोझिकोड के प्रिंसिपल ने हाईकोर्ट को बताया
केरल के कई लीगल एजुकेशन सेंटर्स में BCI एफिलिएशन नहीं: GLC कोझिकोड के प्रिंसिपल ने हाईकोर्ट को बताया

कोझिकोड के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज के प्रिंसिपल ने हाल ही में केरल हाईकोर्ट में बयान दायर किया, जिसमें उन्होंने बताया कि कोझिकोड, त्रिशूर और तिरुवनंतपुरम के सरकारी लॉ कॉलेजों के अलावा, कई अन्य लीगल एजुकेशन संस्थानों के पास भी बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) से एफिलिएशन नहीं है।यह बयान इडुक्की के एक वकील की याचिका के जवाब में दायर किया गया, जिन्होंने गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, कोझिकोड द्वारा चलाए जा रहे 5-साल के इंटीग्रेटेड कोर्स के लिए BCI से रेट्रोस्पेक्टिव मान्यता देने की मांग की।याचिकाकर्ता के अनुसार, जब...

दिल्ली में खतरनाक AQI लेवल को कंट्रोल करने के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग वाली याचिका पर कल होगी सुनवाई
दिल्ली में खतरनाक AQI लेवल को कंट्रोल करने के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग वाली याचिका पर कल होगी सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट कल (बुधवार) शहर के अधिकारियों को एयर पॉल्यूशन लेवल और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) को कंट्रोल करने और कम करने के लिए तुरंत और लंबे समय के लिए असरदार कदम उठाने का निर्देश देने वाली याचिका पर सुनवाई करेगा।यह याचिका आज जस्टिस सचिन दत्ता के सामने लिस्ट की गई थी, जिन्होंने कहा कि याचिका का नेचर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन जैसा है। इसलिए इस मामले की सुनवाई संबंधित बेंच को करनी चाहिए।उन्होंने कहा,"यह एक PIL जैसा है। इसमें की गई मांगें बहुत दूरगामी हैं।"कोर्ट ने आदेश दिया,"चीफ जस्टिस के...

क्या आपके भाषण UAPA के तहत आतंकी कृत्य नहीं माने जा सकते? शरजील इमाम से सुप्रीम कोर्ट का सवाल
'क्या आपके भाषण UAPA के तहत 'आतंकी कृत्य' नहीं माने जा सकते?' शरजील इमाम से सुप्रीम कोर्ट का सवाल

दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साज़िश मामले में दायर जमानत याचिकाओं की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आरोपी शरजील इमाम के कुछ भाषणों पर सवाल उठाए और पूछा कि क्या इन भाषणों को उकसावे या UAPA के तहत आतंकवादी कृत्य नहीं माना जा सकता।सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणीजस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजरिया की खंडपीठ उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा, मीरा हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनकी जमानत दिल्ली हाई कोर्ट ने 2 सितंबर को खारिज कर दी...

सजा दिलाने की चाह में अभियोजक अदालत की सहायता का कर्तव्य नहीं छोड़ सकता: सुप्रीम कोर्ट
सजा दिलाने की चाह में अभियोजक अदालत की सहायता का कर्तव्य नहीं छोड़ सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (1 दिसंबर) को एक हत्या मामले में तीन आरोपियों की सजा को पलटते हुए सार्वजनिक अभियोजकों की भूमिका पर गंभीर टिप्पणी की।न्यायालय ने कहा कि अभियोजकों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे स्वतंत्र रूप से कार्य करें और केवल किसी भी कीमत पर दोषसिद्धि करवाने के उद्देश्य से अदालत के “स्टेट के वकील” की तरह व्यवहार न करें।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने उस अपील की सुनवाई की जिसमें यह सामने आया कि आरोपियों को धारा 313 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत दिए गए बयान के दौरान...

रोहिंग्या शरणार्थी हैं या घुसपैठिए? सुप्रीम कोर्ट का सवाल, सरकार से आदेश दिखाने को कहा
रोहिंग्या शरणार्थी हैं या घुसपैठिए? सुप्रीम कोर्ट का सवाल, सरकार से आदेश दिखाने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर दायर एक याचिका पर तीखी टिप्पणी करते हुए मंगलवार को पूछा कि क्या भारत सरकार ने कभी रोहिंग्याओं को आधिकारिक रूप से “शरणार्थी” घोषित किया।अदालत ने स्पष्ट संकेत दिए कि यदि किसी व्यक्ति को शरणार्थी का वैधानिक दर्जा प्राप्त नहीं है और वह अवैध रूप से सीमा पार कर देश में दाखिल हुआ तो उसे यहां रुकने का कोई कानूनी अधिकार नहीं हो सकता।चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ उस बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दावा किया गया कि...

जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम ने आपत्तिजनक कंटेंट हटाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में दायर किया मानहानि मामला
जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम ने आपत्तिजनक कंटेंट हटाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में दायर किया मानहानि मामला

जम्मू- कश्मीर के डिप्टी चीफ मिनिस्टर सुरिंदर कुमार चौधरी ने सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि का केस दायर किया।इस मामले की सुनवाई मंगलवार (2 दिसंबर) को जस्टिस अमित बंसल ने की, जिन्होंने चौधरी से कहा कि वे अपने केस में कंटेंट अपलोड करने वालों को भी डिफेंडेंट बनाएं।चौधरी के वकील ने कोर्ट को बताया कि एक महिला के साथ उनके रिश्ते के आरोपों को लेकर सोशल मीडिया पर सेक्सुअल बातें वाला आपत्तिजनक कंटेंट अपलोड किया गया।कोर्ट को बताया गया कि ज़्यादातर...

POCSO केस में कर्नाटक के पूर्व CM बीएस येदियुरप्पा को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल पर लगाई रोक
POCSO केस में कर्नाटक के पूर्व CM बीएस येदियुरप्पा को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस एक्ट (POCSO Act) के तहत एक बच्चे के 'यौन उत्पीड़न' के मामले में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ ट्रायल की कार्यवाही पर रोक लगा दी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य की बेंच येदियुरप्पा द्वारा कर्नाटक हाई कोर्ट के 13 नवंबर के आदेश के खिलाफ दायर स्पेशल लीव पिटीशन पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उनके खिलाफ दर्ज केस को रद्द करने से इनकार कर दिया गया था।बेंच ने याचिका पर राज्य CID और प्राइवेट...

व्हाट्सऐप पोस्ट पर दर्ज FIR रद्द करने से एमपी हाईकोर्ट का इनकार, पत्रकार की याचिका खारिज
व्हाट्सऐप पोस्ट पर दर्ज FIR रद्द करने से एमपी हाईकोर्ट का इनकार, पत्रकार की याचिका खारिज

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने उस पत्रकार की याचिका खारिज की, जिसमें उसने व्हाट्सऐप ग्रुप में कथित रूप से ऐसा मैसेज साझा करने पर दर्ज FIR रद्द करने की मांग की थी, जिसमें यह दावा किया गया था कि अच्छा हिंदू होने के लिए गोमांस का सेवन आवश्यक है।अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया FIR में दर्ज आरोप संज्ञेय अपराध बनाते हैं। इस स्तर पर जांच को रोका नहीं जा सकता।जस्टिस मिलिंद रमेश फाडके की पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि मामला धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री के प्रकाशन अथवा...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1988 के SP के जज को पुलिस स्टेशन घसीटने की धमकी वाले मामले को फिर से उठाया, उसके ठिकाने और कार्रवाई की जानकारी मांगी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1988 के SP के जज को पुलिस स्टेशन घसीटने की धमकी' वाले मामले को फिर से उठाया, उसके ठिकाने और कार्रवाई की जानकारी मांगी

एक असामान्य आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक 37 साल पुराने मामले को फिर से उठाया, जिसमें एक पूर्व सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) पर आरोप है कि उसने केस की सुनवाई के दौरान एक मौजूदा सेशंस जज को पुलिस स्टेशन घसीटने की धमकी दी थी।दशकों पुराने फैसले में पीठासीन अधिकारी द्वारा दर्ज की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को गंभीरता से लेते हुए जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस संजीव कुमार की बेंच ने उत्तर प्रदेश के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) को एक पर्सनल एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया, जिसमें अधिकारी...