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Chinese Visa Scam: कार्ति चिदंबरम ने CBI केस में आरोप तय किए जाने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया
कांग्रेस सांसद कार्ति पी चिदंबरम ने चीनी वीज़ा घोटाले के मामले में ट्रायल कोर्ट के उनके खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की।इस मामले की सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के सामने होनी थी। हालांकि, इसे 19 जनवरी तक के लिए टाल दिया गया।चिदंबरम ने 23 दिसंबर, 2025 को पारित ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी। स्पेशल CBI जज ने कांग्रेस नेता और इस मामले में सात अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए। चेतन श्रीवास्तव को इस मामले से बरी कर दिया गया।अपनी याचिका में...
मुकदमे के दौरान संपत्ति खरीदने वाले को 'बोना फाइड खरीदार' का संरक्षण नहीं मिलेगा: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी संपत्ति का हस्तांतरण (बिक्री) उस समय किया जाता है जब उस पर विशिष्ट निष्पादन (specific performance) का मुकदमा पहले से लंबित हो, तो ऐसे खरीदार को विशिष्ट राहत अधिनियम, 1963 की धारा 19(b) के तहत संरक्षण नहीं मिलेगा। ऐसे मामलों में स्थानांतरण संपत्ति अधिनियम, 1882 की धारा 52 के तहत Lis Pendens (लंबित मुकदमे के दौरान किया गया हस्तांतरण) का सिद्धांत लागू होगा।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस उज्जल भुइयाँ की खंडपीठ ने कहा कि धारा 19(b) केवल उन खरीदारों को सुरक्षा...
झूठी FIR दर्ज कराने वालों पर पुलिस के लिए मुकदमा चलाना अनिवार्य, पालन न करने पर IOs को अवमानना का सामना करना पड़ेगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
एक महत्वपूर्ण आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य की पुलिस मशीनरी को सख्त निर्देश दिया कि वे उन व्यक्तियों/सूचना देने वालों के खिलाफ अनिवार्य रूप से मुकदमा शुरू करें, जो झूठी या दुर्भावनापूर्ण फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराते हैं।जस्टिस प्रवीण कुमार गिरि की बेंच ने कहा कि अगर जांच में पता चलता है कि FIR झूठी जानकारी पर आधारित थी तो IO "कानूनी रूप से बाध्य" है कि वह BNSS की धारा 215(1)(a) (CrPC की धारा 195(1)(a) के बराबर) के तहत सूचना देने वाले के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज करे।कोर्ट ने...
हाईकोर्ट ने दशकों तक सफाई कर्मचारियों को रेगुलर न करने पर हरियाणा सरकार को फटकारा, कहा- वे समाज को व्यवस्थित रखते हैं
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार द्वारा पार्ट-टाइम सफाई कर्मचारी की सेवाओं को रेगुलर न करने पर कड़ी आपत्ति जताई है, जो 1986 से लगातार काम कर रहा है। कोर्ट ने कहा कि लगभग चार दशकों तक काम करवाने के बाद भी सेवा की सुरक्षा न देना निष्पक्षता, समानता और सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों पर चोट करता है और वे ऐसे काम करते हैं, जो समाज के व्यवस्थित कामकाज के लिए बहुत ज़रूरी हैं।जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा,"यह कोर्ट ऐसी स्थिति से परेशान हुए बिना नहीं रह सकता, जहां एक कर्मचारी, जिसे नाममात्र के...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दुरुपयोग को रोकने के लिए NRI सेल को ईमेल से मिली शिकायतों की ज़्यादा जांच करने को कहा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने NRI सेल को ईमेल से मिली शिकायतों के आधार पर पंजाब में FIR दर्ज करने पर "गंभीर और चिंताजनक" चिंता जताई।जस्टिस आलोक जैन ने कहा,"ऐसे मामलों में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर बनाने और लागू करने और जांच का लेवल बढ़ाने की बहुत ज़रूरत है, जहां NRI सेल को ईमेल के ज़रिए शिकायतें मिलती हैं, खासकर लगाए गए आरोपों की सच्चाई के बारे में और यह तय करने के लिए कि क्या इस देश के अधिकार क्षेत्र में कोई अपराध हुआ या नहीं।"सुनवाई के दौरान R.K. जायसवाल, ADGP (NRI), ने बताया कि कई महिलाएं...
ED बनाम ममता बनर्जी | 'केंद्रीय जांच में राज्य एजेंसियों का हस्तक्षेप गंभीर मुद्दा': सुप्रीम कोर्ट ने ED अधिकारियों के खिलाफ बंगाल की FIR पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर उस याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य पुलिस अधिकारियों पर कोलकाता स्थित I-PAC (TMC के राजनीतिक रणनीतिकार) के कार्यालय में की गई छापेमारी में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है। कोर्ट ने इस मामले को “बेहद गंभीर” बताते हुए कहा कि इसमें कानून के शासन और केंद्रीय एजेंसियों की स्वतंत्रता से जुड़े बड़े सवाल शामिल हैं।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की खंडपीठ ने कहा कि...
स्थायी वेजिटेटिव अवस्था में पड़े व्यक्ति से लाइफ सपोर्ट हटाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (15 जनवरी) को उस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें 32 वर्षीय एक व्यक्ति के जीवनरक्षक उपचार (life support) को हटाने की अनुमति मांगी गई है। यह व्यक्ति पिछले 12 वर्षों से अपरिवर्तनीय स्थायी वेजिटेटिव अवस्था (irreversible permanent vegetative state) में है, जब वह एक इमारत से गिर गया था। कोर्ट द्वारा गठित दो मेडिकल बोर्डों ने रिपोर्ट दी है कि उसके ठीक होने की कोई संभावना नहीं है।जस्टिस जे.बी. परडीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की खंडपीठ इस मामले में पिता द्वारा...
शादी के बाद राज्य परिवर्तन से महिलाओं का आरक्षण अधिकार समाप्त नहीं होता: एमपी हाइकोर्ट
मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने अहम फैसला देते हुए कहा कि जो महिलाएं विवाह से पहले किसी अन्य राज्य की निवासी थीं और शादी के बाद मध्य प्रदेश में स्थायी रूप से आकर बस गईं, उन्हें केवल इस आधार पर “प्रवासी” नहीं माना जा सकता। यदि उनका जाति वर्ग दोनों राज्यों में मान्यता प्राप्त आरक्षित श्रेणी में आता है तो उन्हें मध्य प्रदेश में सेवा और आरक्षण से जुड़े सभी लाभ मिलेंगे।जस्टिस जय कुमार पिल्लई की पीठ ने स्पष्ट किया कि विवाह के बाद मध्य प्रदेश की स्थायी निवासी बन चुकी महिलाओं को राज्य की निवासी मानते हुए आरक्षण...
केरल SIR: सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति दर्ज करने की समय-सीमा बढ़ाने पर ECI से विचार को कहा, हटाए गए नाम प्रकाशित करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को निर्देश दिया कि केरल में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के बाद जारी किए गए ड्राफ्ट मतदाता सूची से जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनकी सूची को सार्वजनिक कार्यालयों और आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाए। कोर्ट ने चुनाव आयोग (ECI) से यह भी कहा कि वह नाम हटाए जाने के खिलाफ आपत्ति दर्ज करने की समय-सीमा बढ़ाने पर विचार करे।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ केरल में SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही...
ऑटो फेस्टिवल से वायु प्रदूषण बढ़ने के दावे वाली जनहित याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार
दिल्ली हाइकोर्ट ने गुरुवार को “बर्नआउट सिटी इंडिया” नामक ऑटो फेस्टिवल के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार किया। यह कार्यक्रम 17 जनवरी को NSIC एग्ज़िबिशन ग्राउंड में प्रस्तावित है। याचिका में दावा किया गया कि इस आयोजन से पहले से गंभीर वायु प्रदूषण की स्थिति और बिगड़ सकती है।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने कहा कि याचिका केवल अटकलों पर आधारित है। इसमें ऐसा कोई वैज्ञानिक या ठोस डेटा प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके आधार पर यह निष्कर्ष निकाला जा सके कि प्रस्तावित...
भर्ती में अधिक आयु होने पर पहले की देरी के आधार पर छूट नहीं मिल सकती: मध्य प्रदेश हाइकोर्ट
मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोई अभ्यर्थी केवल इस आधार पर आयु में छूट का दावा नहीं कर सकता कि पूर्व की भर्ती प्रक्रिया में देरी हुई। अदालत ने कहा कि यदि कोई उम्मीदवार नई भर्ती विज्ञप्ति में निर्धारित आयु सीमा को पूरा नहीं करता है, तो वह पहले की भर्ती शर्तों के आधार पर राहत नहीं मांग सकता।यह टिप्पणी जस्टिस जय कुमार पिल्लै की पीठ ने बुधवार को की। हाइकोर्ट ने कहा कि भले ही वर्ष 2022 की भर्ती प्रक्रिया को पूरा होने में समय लगा हो लेकिन मात्र इस देरी से अभ्यर्थी के पक्ष में कोई स्थायी...
स्वीकृत नीलामी बोली से वैध उम्मीद बनती है, राज्य बिना कारण बताए रद्द नहीं कर सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि एक बार नीलामी स्थल पर बोली स्वीकार हो जाने और तय रकम तुरंत जमा होने के बाद राज्य और बोली लगाने वाले के बीच का रिश्ता सिर्फ़ प्रस्ताव से आगे बढ़ जाता है और बोली लगाने वाले के पक्ष में निष्पक्षता के दायित्व के साथ एक वैध उम्मीद पैदा होती है।जस्टिस फरजंद अली की बेंच ने इस तरह राज्य द्वारा स्वीकृत बोली लगाने वाले को बिना कोई कारण बताए, एक आंतरिक फ़ाइल नोटिंग के आधार पर नीलामी को एकतरफ़ा रद्द करने का फ़ैसला रद्द कर दिया। साथ ही कहा कि किसी अथॉरिटी को मिला विवेकाधिकार उसे...
UP Revenue Code 2006: हाईकोर्ट ने कृषि भूमि में महिलाओं के उत्तराधिकार अधिकारों पर राज्य के 'बेहद अधूरे' हलफनामे पर फटकार लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार पर यूपी-रेवेन्यू कोड, 2006 (UP Revenue Code 2006) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर टालमटोल वाले और "बेहद अधूरे" जवाब के लिए कड़ी फटकार लगाई।5 याचिकाएं 2006 के कोड की धारा 108, 109 और 110 को चुनौती देती हैं, यह तर्क देते हुए कि ये प्रावधान कृषि भूमि के उत्तराधिकार में महिलाओं के साथ भेदभाव करते हैं।12 जनवरी, 2026 के एक कड़े आदेश में जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की बेंच ने राज्य के जवाबी हलफनामे पर...
उन्नाव रेप पीड़िता ने कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ और सबूत पेश करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया
उन्नाव रेप केस की पीड़िता ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पूर्व उत्तर प्रदेश विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ और सबूत पेश करने की गुहार लगाई, जिन्हें इस मामले में दोषी ठहराया गया था और उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई।पीड़िता की अर्ज़ी जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मधु जैन की डिवीज़न बेंच के सामने सुनवाई के लिए आई, जिसने इसे 25 फरवरी को सुनवाई के लिए लिस्ट किया।सेंगर की सज़ा 23 दिसंबर, 2025 को कोऑर्डिनेट बेंच ने सस्पेंड की और उन्हें ज़मानत दी थी। हालांकि, कुछ दिनों बाद सुप्रीम कोर्ट...
कोर्ट के आदेश पर कर्मचारी की बहाली पिछले दुर्व्यवहार के लिए अनुशासनात्मक जांच को नहीं रोकती: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि कोर्ट के आदेश के आधार पर किसी सरकारी कर्मचारी के रिप्रेजेंटेशन पर विचार करने के बाद उसे बहाल करना दुर्व्यवहार को माफ़ करने के बराबर नहीं था। इससे राज्य का उस कर्मचारी के खिलाफ उसी अवधि के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का अधिकार खत्म नहीं होता।जस्टिस आनंद शर्मा की बेंच ने साफ किया कि जब तक कोई खास आदेश पास नहीं किया जाता, जो दुर्व्यवहार को माफ़ करता हो, तब तक न्यायिक आदेश के बाद सिर्फ़ बहाली से राज्य को अनुशासनात्मक जांच करने से नहीं रोका जा सकता।याचिकाकर्ता को...
Digital Arrest | पीड़ितों का नुकसान बैंकों या टेलीकॉम कंपनियों की लापरवाही से हुआ तो उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाएगा: MHA समिति
“डिजिटल अरेस्ट” घोटालों से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के स्वतः संज्ञान (suo motu) मामले के बाद, केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने इन मामलों के सभी पहलुओं की व्यापक जांच के लिए एक उच्चस्तरीय अंतर-विभागीय समिति गठित की है।यह समिति गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) की अध्यक्षता में कार्य करेगी। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), दूरसंचार विभाग (DoT), विदेश मंत्रालय (MEA), वित्तीय सेवाएं विभाग, कानून एवं न्याय मंत्रालय, उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय, भारतीय रिज़र्व बैंक...
टाइटल सूट में ट्रायल कोर्ट, कब्ज़ा वापस दिलाने की राहत दिए बिना स्थायी रोक का आदेश नहीं दे सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार (14 जनवरी) को एक टाइटल सूट में ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने वादी को कब्ज़ा वापस दिलाने की राहत दिए बिना ही स्थायी रोक का आदेश देकर गलती की, जबकि कोर्ट ने यह माना था कि प्रतिवादी ने ज़मीन पर कब्ज़ा किया।जस्टिस विवेक जैन की बेंच ने कहा,"कोर्ट पहले ही इस नतीजे पर पहुंच चुका था कि प्रतिवादी ने ज़मीन पर कब्ज़ा किया और फैसले में यह भी लिखा कि प्रतिवादी को ज़मीन का खाली कब्ज़ा वादी को सौंपना होगा, लेकिन हैरानी की बात है कि आदेश में...
चाइनीज मांझे से पतंग उड़ाने पर नाबालिग के अभिभावक भी हो सकते हैं जिम्मेदार: मध्य प्रदेश हाइकोर्ट
मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने चाइनीज मांझे की अवैध बिक्री और उपयोग से जुड़े एक स्वतः संज्ञान जनहित मामले की सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणी की। हाइकोर्ट ने कहा कि यदि कोई नाबालिग चाइनीज नायलॉन मांझे से पतंग उड़ाते हुए पाया जाता है और उससे लापरवाही के कारण किसी की मृत्यु होती है, तो उस नाबालिग के अभिभावक को भी भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 106(1) के तहत जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने सोमवार को सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिए।अदालत ने कहा कि...
निजी स्कूलों में पीटीए का गठन और संचालन सुनिश्चित करे दिल्ली सरकार: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने बुधवार को दिल्ली सरकार से कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी के गैर-अनुदानित निजी स्कूलों में अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन और उनका प्रभावी संचालन सुनिश्चित करे।हाइकोर्ट ने यह निर्देश एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ ने एनजीओ जस्टिस फॉर ऑल द्वारा दायर जनहित याचिका पर नोटिस जारी करते हुए दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय से जवाब मांगा है।अदालत ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह रिकॉर्ड पर यह बताए कि निजी स्कूलों में...
कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़े जाने चाहिए दिव्यांग अधिकार, तभी कार्यस्थल पर सच्ची समानता संभव: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों को कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए, ताकि ऐसे वर्गों के मानवाधिकारों की प्रभावी सुरक्षा हो सके और कार्यस्थल पर वास्तविक समानता सुनिश्चित की जा सके।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दिव्यांग अधिकार केवल कल्याण का विषय नहीं हैं, बल्कि वे मानवाधिकार हैं, जिनका सम्मान और संरक्षण कॉरपोरेट संस्थाओं की जिम्मेदारी है।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने यह महत्वपूर्ण टिप्पणी उस मामले में की, जिसमें...




















