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POCSO FIR को केवल इसलिए रद्द नहीं किया जा सकता क्योंकि बालिग होने के बाद पीड़िता ने आरोपी के साथ समझौता किया: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO) के तहत दर्ज प्राथमिकी को केवल इसलिए रद्द नहीं किया जा सकता क्योंकि वयस्क होने पर पीड़िता आरोपी के साथ समझौता करने का विकल्प चुनती है।जस्टिस नमित कुमार ने कहा, 'बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों से जुड़ी प्राथमिकी, विशेष रूप से पॉक्सो अधिनियम के तहत, को इस आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता है कि पीड़ित ने वयस्कता की आयु प्राप्त करने के बाद बिना किसी कारण के आरोपी के साथ समझौता करने का विकल्प चुना है और धारा पॉक्सो...
Electricity Act की धारा 79 के तहत CERC बिना पूर्व नियमों के भी कार्रवाई कर सकता है: सुप्रीम कोर्ट
एक उल्लेखनीय फैसले में, सुप्रीम कोर्ट ने अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन परियोजनाओं में देरी के लिए मुआवजा देने के लिए विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 79 के तहत केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC) के अधिकार को बरकरार रखा।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि सीईआरसी की शक्ति नियामक है, न्यायिक नहीं है, और प्रभावी ट्रांसमिशन योजना और निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए धारा 178 के तहत सामान्य नियमों की अनुपस्थिति में भी केस-विशिष्ट आदेश जारी करने तक फैली हुई है। खंडपीठ उस...
जमानत याचिका के साथ केस डायरी जोड़ना अब सामान्य प्रक्रिया, इसी आधार पर जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा है कि न तो किसी व्यक्ति को जमानत से इनकार किया जा सकता है और न ही उसकी जमानत याचिका का विरोध मुख्य रूप से इस आधार पर किया जा सकता है कि केस डायरी के अंश उसकी जमानत याचिका के साथ संलग्न किए गए थे।जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने हत्या के आरोपी को समानता के आधार पर जमानत देते हुए कहा, 'नैसर्गिक न्याय का यह बुनियादी सिद्धांत है कि किसी भी व्यक्ति को सुनवाई का पर्याप्त अवसर दिए बिना उसकी निंदा नहीं की जानी चाहिए, जिसमें उसके खिलाफ सामग्री की प्रतियां उपलब्ध...
2012 सीएम कल्याण योजना: नए वकीलों को आर्थिक मदद न देने पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री कल्याण योजना के तहत नए नामांकित वकीलों को वित्तीय सहायता देने में विफल रहने का आरोप लगाने वाली जनहित याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।चीफ़ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा, "नोटिस जारी किया गया है। श्रीमती जान्हवी पंडित, अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रतिवादी संख्या 1 से 4 की ओर से नोटिस स्वीकार करती हैं और वर्तमान याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा जाता है। प्रत्युत्तर, यदि कोई हो, उसके बाद दो...
[Sec.173 BNSS] क्षेत्राधिकार के आधार पर FIR दर्ज करने से इनकार नहीं कर सकती पुलिस: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने ग्रेटर नोएडा में दिल्ली के 20 वर्षीय निवासी की रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत के संबंध में प्राथमिकी दर्ज नहीं कर पाने पर दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस दोनों के आचरण पर 'गंभीर चिंता' और 'खेद' व्यक्त किया।लड़का दिसंबर 2024 में मृत पाया गया था, और उसकी बहन ने आरोप लगाया कि आज तक, इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि उन्हें 'गुमशुदगी' की रिपोर्ट मिली है, जिसके लिए कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की जानी है क्योंकि इसमें अपराध होने का खुलासा...
सुप्रीम कोर्ट ने 26 मई से 13 जुलाई तक आंशिक अवकाश अवधि में बैठने वाली पीठों की सूची जारी की
सुप्रीम कोर्ट ने उन पीठों को अधिसूचित किया है जो 26 मई, 2025 से 13 जुलाई, 2025 तक "आंशिक न्यायालय कार्य दिवसों" के दौरान कार्य करेंगी।26.05.2025 से 01.06.2025 तक चीफ़ जस्टिस और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस दीपांकर दत्ता जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संजय कुमार जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अरविंद कुमार जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा 02.06.2025 से 08.06.2025 तक जस्टिस संजय करोल और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस...
हौज खास हिरण पार्क से स्थानांतरित हिरणों की जांच के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के अधिकारियों को राजस्थान के उन स्थानों का दौरा करने का निर्देश दिया जहां 261 हिरणों को दिल्ली के हौज खास स्थित हिरण उद्यान से स्थानांतरित किया गया है।जस्टिस अभय ओक और जस्टिस उज्जल भुइयां की खंडपीठ को सूचित किया गया कि हौज खास डियर पार्क से 600 हिरणों के प्रस्तावित स्थानांतरण से संबंधित मामले में 600 हिरणों में से 261 को पहले ही पार्क से स्थानांतरित किया जा चुका है। अदालत ने कहा, "हम केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश...
सुप्रीम कोर्ट ने रोहिंग्या को समुद्र में फेंके जाने के दावे पर उठाए सवाल, निर्वासन पर रोक से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस रिट याचिका पर सवाल किया और अविश्वास व्यक्त किया जिसमें आरोप लगाया गया है कि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों तथा कैंसर जैसी गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों वाले व्यक्तियों सहित 43 रोहिंग्याओं को भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में फेंककर जबरन म्यांमार भेज दिया।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने भारत से रोहिंग्याओं के भविष्य में निर्वासन पर रोक लगाने वाला अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार करते हुए कहा कि तीन जजों की खंडपीठ (जस्टिस कांत की...
दिल्ली हाईकोर्ट ने फीस वृद्धि के बीच LG से DPS द्वारका को अपने नियंत्रण में लेने की मांग करने वाली अभिभावकों की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को 100 से अधिक अभिभावकों द्वारा दायर याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया, जिसमें फीस वृद्धि के मुद्दे के बीच उपराज्यपाल (एलजी) द्वारा दिल्ली पब्लिक स्कूल, द्वारका को अपने अधीन लेने की मांग की गई थी। जस्टिस विकास महाजन ने पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनीं और कहा कि मामले में उचित आदेश पारित किया जाएगा। आज, न्यायालय को सूचित किया गया कि शिक्षा विभाग द्वारा कल स्कूल के खिलाफ एक आदेश पारित किया गया था, जिसमें उसे छात्रों को वापस लेने का निर्देश दिया गया था।न्यायालय को...
झारखंड हाईकोर्ट ने पंजीकरण अधिनियम में राज्य संशोधन को खारिज कर दिया, जिसके तहत सरकार को सार्वजनिक नीति के आधार पर किसी भी पंजीकरण को रद्द करने की अनुमति दी गई थी
20 साल पुराने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए, जिसने राजस्थान सरकार द्वारा पंजीकरण अधिनियम में किए गए संशोधन को खारिज कर दिया था, जिसमें राज्य को सार्वजनिक नीति के आधार पर किसी भी पंजीकरण को रद्द करने का अधिकार दिया गया था, झारखंड हाईकोर्ट ने पूर्ववर्ती बिहार सरकार द्वारा पेश किए गए एक समान प्रावधान को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट बिहार सरकार द्वारा 'बिहार संशोधन 6, 1991' के माध्यम से पेश किए गए पंजीकरण अधिनियम की धारा 22-ए की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार कर रहा था, जिसे बाद...
IPC के तहत अपराधों के लिए FEMA प्रतिरक्षा प्रदान नहीं करता, दोनों कानून अलग-अलग उल्लंघनों से संबंधित: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999, भारतीय दंड संहिता, 1860 के तहत किए गए अपराधों के लिए किसी व्यक्ति को उन्मुक्ति प्रदान नहीं करता है। जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने कहा कि दोनों क़ानून अलग-अलग और विशिष्ट उल्लंघनों को संबोधित करते हैं, जिसमें FEMA विदेशी मुद्रा लेनदेन से संबंधित उल्लंघनों को संबोधित करता है और IPC पारंपरिक अपराधों से निपटता है।कोर्ट ने कहा,“बिल्कुल स्पष्ट रूप से, आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और संबंधित अपराध जिनके लिए याचिकाकर्ताओं पर IPC के तहत...
कार्य में देरी के लिए जिम्मेदार पक्ष द्वारा लगाए गए निश्चित हर्जाने की वापसी में मध्यस्थता अधिनियम की धारा 37 के तहत हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने माना कि कार्य के पूरा होने में देरी के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार पक्ष द्वारा परिसमाप्त क्षतिपूर्ति लगाना अनुचित है। जस्टिस अवनीश झिंगन और जस्टिस भुवन गोयल की पीठ ने कहा, इसलिए, मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 37 के तहत अपीलीय हस्तक्षेप के सीमित दायरे को देखते हुए, इस तरह की क्षतिपूर्ति वापस करने के मध्यस्थ के निर्देश में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता है। तथ्यराजस्थान शहरी अवसंरचना विकास परियोजना ने 03.02.2003 के अनुबंध के तहत ब्यावर रोड, अजमेर को चौड़ा और मजबूत...
जस्टिस रवींद्र घुगे की अगुवाई में बॉम्बे हाईकोर्ट की नई पूर्ण पीठ मराठा आरक्षण मामले की सुनवाई करेगी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र राज्य सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण अधिनियम, 2024 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई के लिए एक नई पूर्ण पीठ (तीन न्यायाधीशों की पीठ) का गठन किया है, जो राज्य में शिक्षा और सार्वजनिक सेवा में मराठा समुदाय को 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करता है। नई पूर्ण पीठ की अध्यक्षता अब जस्टिस रवींद्र घुगे करेंगे, जबकि जस्टिस निजामुदीन जमादार और जस्टिस संदीप मार्ने पीठ के अन्य सदस्य होंगे। इस आशय की अधिसूचना 15 मई को उच्च न्यायालय के...
NEET-UG परीक्षा में बिजली गुल होने के आरोप पर एमपी हाईकोर्ट ने रिजल्ट घोषित करने पर लगाई रोक
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 2025 की NEET-UG परीक्षा में इंदौर के एक परीक्षा केंद्र पर बिजली गुल होने के आरोप पर गंभीर रुख अपनाते हुए अस्थायी रूप से रिजल्ट घोषित करने पर रोक लगा दी।जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की एकल पीठ ने यह आदेश दिया, जब याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से कोई पेश नहीं हुआ।कोर्ट ने कहा,“यह देखते हुए कि 4 मई 2025 को आयोजित NEET-UG परीक्षा के दौरान याचिकाकर्ता को उचित परिस्थितियाँ उपलब्ध नहीं कराई गईं और बिजली गुल हो जाने के कारण वह परीक्षा ठीक से नहीं दे सका, इसलिए अगली सुनवाई...
सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट मैनेजरों के नियमितीकरण के लिए निर्देश जारी किए, उच्च न्यायालयों को उनकी भर्ती के लिए नियम बनाने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (16 मई) को इस बात पर चिंता जताई कि कई राज्यों में कोर्ट मैनेजर अनुबंध के आधार पर काम कर रहे हैं और कुछ राज्यों ने फंड की कमी का हवाला देते हुए उनकी सेवाएं बंद भी कर दी हैं। इस स्थिति पर दुख जताते हुए कोर्ट ने निर्देश दिया कि सभी राज्यों को मौजूदा कोर्ट मैनेजरों को नियमित करना चाहिए, बशर्ते कि वे उपयुक्तता परीक्षण में पास हो जाएं। नियमितीकरण उनकी सेवाओं की शुरुआत से ही प्रभावी होगा। हालांकि, वे वेतन बकाया के हकदार नहीं होंगे।कोर्ट ने हाईकोर्ट को कोर्ट मैनेजरों की भर्ती...
POCSO मामलों में देरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: केंद्र और राज्यों को विशेष कोर्ट बनाने का निर्देश, समयसीमा का पालन अनिवार्य
सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में बच्चों से यौन अपराधों के बढ़ते मामलों पर स्वतः संज्ञान लेकर शुरू की गई कार्यवाही को बंद करते हुए केंद्र और सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि वे POCSO कानून के तहत मामलों की सुनवाई के लिए शीर्ष प्राथमिकता पर विशेष कोर्ट (स्पेशल POCSO कोर्ट) बनाएं।जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने यह निर्देश जारी करते हुए कहा कि सभी जांच अधिकारियों को POCSO मामलों की गंभीरता के प्रति संवेदनशील बनाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि जांच से लेकर ट्रायल तक सभी चरण...
गैंगस्टर एक्ट मामला: सुप्रीम कोर्ट ने यूपी विधायक अब्बास अंसारी को दी राहत, संसदीय क्षेत्र दौरे के दौरान गाज़ीपुर घर में रुकने की मिली अनुमति
उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर एक्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को विधायक अब्बास अंसारी की अंतरिम ज़मानत की शर्तों में बदलाव करते हुए उन्हें संसदीय क्षेत्र (मऊ) दौरे के दौरान गाज़ीपुर स्थित आवास पर अधिकतम 3 रातें रुकने की अनुमति दे दी है।सुप्रीम कोर्ट ने कहा,“याचिकाकर्ता को अपने संसदीय क्षेत्र मऊ में जाने में हो रही कठिनाइयों को देखते हुए 7 मार्च के आदेश के पैरा 6 की शर्त 2 को सीमित रूप से संशोधित किया जाता है। याचिकाकर्ता जब अपने संसदीय क्षेत्र मऊ जाएं तो वे गाज़ीपुर स्थित अपने आवास पर रात...
CLAT UG 2025 संशोधित रिजल्ट आज शाम जारी करने को तैयार: सुप्रीम कोर्ट को NLU कंसोर्टियम ने दी जानकारी
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ (NLU) के कंसोर्टियम ने आज (16 मई) सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि वे CLAT-UG 2025 के संशोधित परिणाम आज शाम तक जारी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।वे 7 मई को सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित अंतिम आदेश के अपलोड होने का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें उत्तर कुंजी में हुई कुछ गलतियों को सुधारने का निर्देश दिया गया। चीफ जस्टिस बी.आर. गवई ने जब कहा कि 7 मई का आदेश आज ही अपलोड कर दिया जाएगा तो कंसोर्टियम के वकील ने कहा कि आदेश अपलोड होते ही दो घंटे के भीतर परिणाम जारी किए जा सकते...
PCPNDT Act | जेंडर टेस्ट मामले में FIR पर रोक नहीं, पुलिस जांच भी संभव: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि पूर्व-गर्भाधान और पूर्व-प्रसव नैदानिक तकनीक (PCPNDT) अधिनियम 1994 के तहत अपराध संज्ञेय (cognizable) हैं। इसके तहत FIR दर्ज करने या पुलिस जांच पर कोई कानूनी रोक नहीं है।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि भले ही अधिनियम की धारा 28 में कहा गया कि अदालत केवल शिकायत के आधार पर संज्ञान ले सकती है। फिर भी यह धारा FIR के रजिस्ट्रेशन या पुलिस जांच व चार्जशीट दायर करने पर रोक नहीं लगाती।कोर्ट ने कहा,“PCPNDT Act की धाराओं और दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) के सामंजस्यपूर्ण विश्लेषण से...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 गैर-कार्य शनिवारों को हाईकोर्ट कार्य दिवस घोषित करने पर बार से राय मांगी
14 मई 2025 को जारी अपने आधिकारिक पत्र में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के कार्यालय ने इस मुद्दे पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन एडवोकेट एसोसिएशन और अवध बार एसोसिएशन (लखनऊ पीठ) के अध्यक्ष और सचिव से राय मांगी।इन दिनों इसका उपयोग 5 वर्ष से अधिक पुराने मामलों की सुनवाई के लिए किया जा सकता है।यह पत्र राष्ट्रीय न्यायालय प्रबंधन प्रणाली (NCMS)-2024 की नीति एवं कार्य योजना के पैरा 49 (ii) में उल्लिखित अनुशंसा के अनुसरण में लिखा गया।इसमें कहा गया,"प्रत्येक माह का एक शनिवार 5 वर्ष से अधिक पुराने मामलों की सुनवाई...





![[Sec.173 BNSS] क्षेत्राधिकार के आधार पर FIR दर्ज करने से इनकार नहीं कर सकती पुलिस: दिल्ली हाईकोर्ट [Sec.173 BNSS] क्षेत्राधिकार के आधार पर FIR दर्ज करने से इनकार नहीं कर सकती पुलिस: दिल्ली हाईकोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2025/05/16/500x300_600318-750x450562622-fir.jpg)














