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दिल्ली हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न के आरोपी के खिलाफ दर्ज FIR रद्द की, सरकारी अस्पताल में 6 महीने सामुदायिक सेवा करने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न के आरोपी के खिलाफ दर्ज FIR रद्द की, सरकारी अस्पताल में 6 महीने सामुदायिक सेवा करने का निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को महिला कर्मचारी का यौन उत्पीड़न और उसका पीछा करने के आरोप में एक नियोक्ता के खिलाफ दर्ज FIR रद्द कर दी। साथ ही उसे अगले छह महीनों तक हर रविवार को राष्ट्रीय राजधानी के सरकारी अस्पताल में सामुदायिक सेवा करने का निर्देश दिया।जस्टिस रविंदर डुडेजा ने महिला द्वारा दर्ज FIR रद्द की, क्योंकि दोनों पक्षों ने जुलाई में समझौता कर मामले को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिया था।भारतीय दंड संहिता 1860 (IPC) की धारा 354(ए) (यौन उत्पीड़न), 354(डी) (पीछा करना) और 509 (महिला की गरिमा का...

कृषि भूमि से संबंधित रद्द योग्य सेल डीड के विवाद सिविल कोर्ट ही सुलझा सकते हैं: राजस्थान हाईकोर्ट
कृषि भूमि से संबंधित रद्द योग्य सेल डीड के विवाद सिविल कोर्ट ही सुलझा सकते हैं: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि वादपत्र में लगाए गए आरोप यह संकेत देते हैं कि संपत्ति का हस्तांतरण रद्द योग्य है तो ऐसे मामलों में केवल सिविल कोर्ट को ही अधिकार होगा राजस्व कोर्ट को नहीं। चाहे विवादित संपत्ति कृषि भूमि ही क्यों न हो और भले ही राजस्थान भू-स्वामी अधिनियम 1955 की धारा 207 में इसके लिए राजस्व न्यायालय का उल्लेख हो।जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की पीठ ने यह टिप्पणी पुनर्विचार याचिका की सुनवाई के दौरान की, जिसमें याचिकाकर्ता ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी। इस आदेश में CPC की...

सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यूयू ललित की अध्यक्षता वाली समिति को पश्चिम बंगाल के 15 सहायता प्राप्त विश्वविद्यालयों के कुलपतियों का स्वतंत्र रूप से चयन करने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यूयू ललित की अध्यक्षता वाली समिति को पश्चिम बंगाल के 15 सहायता प्राप्त विश्वविद्यालयों के कुलपतियों का स्वतंत्र रूप से चयन करने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में कुलपतियों की नियुक्ति के संबंध में अपने पिछले निर्देशों में संशोधन करते हुए पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) यूयू ललित और उनकी अध्यक्षता वाली चयन समिति को 15 विश्वविद्यालयों में नियुक्ति के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवारों का स्वतंत्र रूप से चयन करने की ज़िम्मेदारी सौंपी।न्यायालय ने कहा,"जस्टिस ललित और उनकी चयन समिति के सदस्य इस मुद्दे को सुलझाने के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति हैं, क्योंकि उन्होंने न केवल उम्मीदवारों से बातचीत की है, बल्कि उनकी...

सुप्रीम कोर्ट ने विद्युत मंत्रालय और नियामकों को विद्युत क्षेत्र में उत्सर्जन कम करने के लिए संयुक्त कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने विद्युत मंत्रालय और नियामकों को विद्युत क्षेत्र में उत्सर्जन कम करने के लिए संयुक्त कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में (22 जुलाई) विद्युत मंत्रालय को केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) और केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC) के साथ संयुक्त बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया ताकि विद्युत उत्पादन क्षेत्र से कार्बन उत्सर्जन कम करने हेतु एक समन्वित कार्य योजना तैयार की जा सके।न्यायालय ने तीनों निकायों को चार सप्ताह के भीतर संयुक्त हलफनामा दायर करने का आदेश दिया, जिसमें लागू कानूनी ढाँचे और उत्सर्जन से निपटने के लिए प्रस्तावित कदमों का विवरण दिया गया हो।जस्टिस पमिदिघंतम श्री नरसिम्हा और जस्टिस...

अमेरिका से निर्वासितों किए गए लोगों के हाथों में हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां: कानूनी परिप्रेक्ष्य
अमेरिका से निर्वासितों किए गए लोगों के हाथों में हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां: कानूनी परिप्रेक्ष्य

इस साल अमेरिका से सैकड़ों अवैध भारतीय प्रवासियों को लेकर कई प्रवासी उड़ानें अमृतसर पहुंची। इसमें भारतीय नागरिकों के एक समूह को अमेरिका से निर्वासित किया गया। इसकी शुरुआत 5 फरवरी को हुई, जब लगभग 104 भारतीय अवैध प्रवासियों को एक अमेरिकी सैन्य विमान से भारत निर्वासित किया गया, और फिर यह प्रक्रिया कई उड़ानों के माध्यम से 300 से अधिक भारतीयों को निर्वासित करने के लिए जारी रही। निर्वासितों के आगमन ने सबसे अधिक ध्यान आकर्षित किया और उनकी निंदा की गई क्योंकि उन्हें हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां लगाई गई...

प्रज्ञा ठाकुर ने संन्यास ले लिया था, विस्फोटकों से लदी बाइक पर सचेत रूप से कब्ज़ा करने का कोई सबूत नहीं: NIA कोर्ट
प्रज्ञा ठाकुर ने संन्यास ले लिया था, विस्फोटकों से लदी बाइक पर सचेत रूप से कब्ज़ा करने का कोई सबूत नहीं: NIA कोर्ट

2008 के मालेगांव विस्फोट मामले के सात आरोपियों, खासकर पूर्व सांसद और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता प्रज्ञा सिंह ठाकुर को बरी करते हुए स्पेशल NIA कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि विस्फोट से ठीक पहले विस्फोटकों से लदी एलएमएल फ्रीडम मोटरसाइकिल पर प्रज्ञा ठाकुर 'सचेत रूप से' मालिक थीं।स्पेशल जज ए.के. लाहोटी ने आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के इस सिद्धांत को भी मानने से इनकार कर दिया कि एलएमएल फ्रीडम बाइक, जो कथित तौर पर प्रज्ञा की थी, पर बम लगाया...

HP Land Revenue Act | वित्त आयुक्त, जिला कलेक्टर द्वारा रद्द किए गए आदेश को अवैध घोषित किए बिना उसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकते: हाईकोर्ट
HP Land Revenue Act | वित्त आयुक्त, जिला कलेक्टर द्वारा रद्द किए गए आदेश को अवैध घोषित किए बिना उसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकते: हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने वित्त आयुक्त द्वारा पारित आदेश यह कहते हुए रद्द कर दिया कि उन्होंने अप्रासंगिक और गैर-मौजूद सामग्री का सहारा लेकर और कलेक्टर के निर्णय में बिना कोई कानूनी दोष या विकृति घोषित किए हस्तक्षेप करके अपने अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण किया।वित्त आयुक्त का निर्णय रद्द करते हुए जस्टिस सत्येन वैद्य ने कहा,"वित्त आयुक्त ने विवादित आदेश पारित करते समय अप्रासंगिक और गैर-मौजूद सामग्री पर अपनी राय आधारित करके और जिला कलेक्टर के आदेश को अवैध या विकृत घोषित किए बिना उसमें हस्तक्षेप करके...

इंदौर में दोपहिया वाहनों के लिए 1 अगस्त से लागू होने वाले हेलमेट नहीं, पेट्रोल नहीं नियम को हाईकोर्ट में चुनौती
इंदौर में दोपहिया वाहनों के लिए 1 अगस्त से लागू होने वाले 'हेलमेट नहीं, पेट्रोल नहीं' नियम को हाईकोर्ट में चुनौती

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर इंदौर कलेक्टर द्वारा 30 जुलाई को जारी उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें निर्देश दिया गया कि अगर दोपहिया वाहन चालक हेलमेट नहीं पहने हैं तो शहर के किसी भी पेट्रोल पंप पर उन्हें ईंधन नहीं दिया जाएगा।याचिका में कहा गया कि यह आदेश 1 अगस्त से 29 सितंबर तक प्रभावी रहेगा।इंदौर में सड़क सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट की समिति द्वारा 29 जुलाई को आयोजित एक बैठक का हवाला देते हुए कलेक्टर के आदेश में कहा गया:"ऐसे दोपहिया वाहन चालकों को, जिन्होंने हेलमेट नहीं पहना है,...

किसान आंदोलन पर ट्विट मामले में कंगना रनौत को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने मानहानि मामला रद्द करने से किया इनकार
किसान आंदोलन पर ट्विट मामले में कंगना रनौत को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने मानहानि मामला रद्द करने से किया इनकार

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक्ट्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद कंगना रनौत द्वारा 2021 के किसान आंदोलन पर की गई टिप्पणियों को लेकर दायर मानहानि के मामले में दायर समन आदेश रद्द करने से इनकार किया।रणौत ने ट्विटर पर पोस्ट किया कि एक बुजुर्ग महिला प्रदर्शनकारी महिंदर कौर को आंदोलन में भाग लेने के लिए पैसे दिए गए थे।जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने कहा,"कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के आलोक में प्रारंभिक साक्ष्यों की जांच करके मामले के तथ्यों पर उचित विचार करने के बाद यह आदेश पारित किया गया।...

हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 22 के तहत संपार्श्विक दीवानी और आपराधिक मुकदमों के बचाव के लिए वैवाहिक मुकदमे के विवरण का खुलासा वर्जित नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 22 के तहत संपार्श्विक दीवानी और आपराधिक मुकदमों के बचाव के लिए वैवाहिक मुकदमे के विवरण का खुलासा वर्जित नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि हिंदू विवाह अधिनियम 1955 (Hindu Marriage Act) की धारा 22, जो वैवाहिक विवादों के विवरण के प्रकाशन पर रोक लगाती है, पूर्णतः लागू नहीं है।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिसि हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने इस प्रकार अपीलकर्ता की पत्नी, उसके भाई और नियोक्ता को अपीलकर्ता द्वारा स्वयं शुरू किए गए संपार्श्विक दीवानी और आपराधिक मुकदमों में वैवाहिक मुकदमे और संबंधित हिरासत कार्यवाही के विवरण का खुलासा करने से रोकने से इनकार कर दिया।खंडपीठ ने टिप्पणी की,“इस प्रावधान द्वारा जिस...

सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल रिकॉर्ड स्वीकार करने से किया इनकार, हत्या के आरोपी की किशोर होने की याचिका खारिज करने के लिए वैधानिक दस्तावेजों का लिया सहारा
सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल रिकॉर्ड स्वीकार करने से किया इनकार, हत्या के आरोपी की किशोर होने की याचिका खारिज करने के लिए वैधानिक दस्तावेजों का लिया सहारा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (1 अगस्त) को यह पाते हुए एक आरोपी के किशोर होने का दावा खारिज कर दिया कि अपराध के समय वह किशोर नहीं था।जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की खंडपीठ ने शिकायतकर्ता द्वारा दायर अपील पर सुनवाई की, जिसमें निचली अदालत और हाईकोर्ट दोनों ने प्रतिवादी नंबर 2 (आरोपी) को 2012 में किए गए एक अपराध के लिए केवल प्राइवेट स्कूल के रिकॉर्ड के आधार पर किशोर माना था, जिसमें उसका जन्म वर्ष 1995 दर्शाया गया। अदालत ने कहा कि ये रिकॉर्ड केवल प्रवेश के समय आरोपी के पिता की...

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में 2025 में मान्यता प्राप्त संस्थानों को 2023-24 और 2024-25 सत्रों के लिए पैरामेडिकल कोर्स संचालित करने से रोकने वाले आदेश पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में 2025 में मान्यता प्राप्त संस्थानों को 2023-24 और 2024-25 सत्रों के लिए पैरामेडिकल कोर्स संचालित करने से रोकने वाले आदेश पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (1 अगस्त) को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा पारित उस अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें राज्य पैरामेडिकल परिषद द्वारा 2025 में मान्यता प्राप्त पैरामेडिकल कोर्स संचालित करने वाले संस्थानों को 2023-2024 और 2024-2025 के शैक्षणिक सत्र संचालित करने से रोक दिया गया था।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने मध्य प्रदेश पैरामेडिकल परिषद के रजिस्ट्रार द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका पर नोटिस जारी करते हुए यह अंतरिम आदेश पारित किया।मध्य प्रदेश...

सुप्रीम कोर्ट ने सट्टेबाजी ऐप्स और सेलिब्रिटी विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने की याचिका पर राज्यों, ED और TRAI को नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने सट्टेबाजी ऐप्स और सेलिब्रिटी विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने की याचिका पर राज्यों, ED और TRAI को नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी ऐप्स और उन्हें बढ़ावा देने वाले सेलिब्रिटी विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग करने वाली प्रचारक डॉ. केए पॉल की याचिका पर नोटिस जारी किया।कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED), भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI), गूगल इंडिया (Google India) और एप्पल इंडिया (Apple India), जिनके ऐप स्टोर पर ऐसे ऐप्स हैं, उसके साथ-साथ ड्रीम 11 फैंटेसी प्राइवेट लिमिटेड, मोबाइल प्रीमियर लीग (MPL) और ए23 गेम्स (ऐस2थ्री) जैसे प्रमुख सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म को भी...

जज भी कर सकते हैं गलती, स्वीकार करने में नहीं होनी चाहिए झिझक: कश्मीर कोर्ट ने मजिस्ट्रेट के खिलाफ की गई टिप्पणियां हटाईं
जज भी कर सकते हैं गलती, स्वीकार करने में नहीं होनी चाहिए झिझक: कश्मीर कोर्ट ने मजिस्ट्रेट के खिलाफ की गई टिप्पणियां हटाईं

अनंतनाग के प्रिंसिपल सेशन जज ने यह स्वीकार करते हुए पूर्व आदेश में न्यायिक मजिस्ट्रेट के खिलाफ की गई टिप्पणियों को हटा दिया कि उक्त टिप्पणियां एक तथ्यात्मक गलती के आधार पर की गई थीं और वे वास्तव में गलत अधिकारी को संबोधित थीं।मामले में पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते समय अदालत ने टिप्पणी की थी कि वर्ष 2024 बैच के मजिस्ट्रेट जिन्हें न्यायिक अकादमी से पूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त है, कैसे सुप्रीम कोर्ट के एक अहम निर्देश को नजरअंदाज कर सकते हैं। लेकिन बाद में अदालत को अवगत कराया गया कि ऐशमुकाम कोर्ट...