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आर्बिट्रेशन एंड कॉन्सिलिएशन एक्ट में आर्बिट्रेटर का अपॉइंटमेंट
आर्बिट्रेशन एंड कॉन्सिलिएशन एक्ट में आर्बिट्रेटर का अपॉइंटमेंट

आर्बिट्रेशन एक्ट के अंतर्गत आर्बिट्रेटर की नियुक्ति होती है जो किसी भी विवाद में आर्बिटेशन करता है। आर्बिट्रेटर की नियुक्ति आर्बिटेशन करार के प्रावधानों के अनुसार की जाती है। आर्बिट्रेटर की नियुक्ति तीन प्रकार से की जा सकती है- पक्षकारों द्वारा, निर्दिष्ट प्राधिकारी द्वारा, आर्बिटेशन अधिकरण द्वारा-जहाँ आर्बिट्रेटर या आर्बिट्रेटरों को नियुक्ति पक्षकारों द्वारा की गई हो, वहां वह तत्काल को मध्यस्य निर्देशित कर आर्बिटेशन कार्यवाही प्रारम्भ कर सकते हैं। आर्बिट्रेटर किसी भी राष्ट्रीयता का व्यक्ति को...

BNS 2023 के अंतर्गत शर्तों का उल्लंघन, न्यायिक कार्यवाही में व्यवधान, असलियत से विपरीत पहचान और जमानत उल्लंघन के परिणाम धारा 266 - 269
BNS 2023 के अंतर्गत शर्तों का उल्लंघन, न्यायिक कार्यवाही में व्यवधान, असलियत से विपरीत पहचान और जमानत उल्लंघन के परिणाम धारा 266 - 269

भारतीय न्याय संहिता 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita 2023), जो 1 जुलाई 2024 से प्रभाव में आई है, भारतीय दंड संहिता (Indian Penal Code) का स्थान ले चुकी है। यह संहिता भारत के आपराधिक न्याय तंत्र को अधिक व्यवस्थित और सुसंगठित बनाने के उद्देश्य से बनाई गई है।संहिता में उल्लिखित कुछ मुख्य प्रावधानों में शर्तों के उल्लंघन, न्यायिक कार्यवाही में व्यवधान, असलियत से विपरीत पहचान और जमानत उल्लंघन शामिल हैं। धारा 266 से 269 तक इन अपराधों के लिए विशेष दंड का प्रावधान किया गया है। धारा 266: दंड माफी की शर्त...