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क्या मजिस्ट्रेट द्वारा संदर्भित मामले में लोक अदालत के अवॉर्ड को सिविल डिक्री के रूप में निष्पादित किया जा सकता है?
क्या मजिस्ट्रेट द्वारा संदर्भित मामले में लोक अदालत के अवॉर्ड को सिविल डिक्री के रूप में निष्पादित किया जा सकता है?

लोक अदालत द्वारा अवॉर्ड के निष्पादन के संदर्भ में अक्सर एक प्रश्न उठता है कि क्या किसी मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा निर्दिष्ट मामले में पारित किए गए निर्णय को इस तरह निष्पादित किया जा सकता है जैसे कि यह किसी दीवानी अदालत की डिक्री हो।यह सवाल नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 और घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत लोक अदालतों में भेजे गए मामलों में उठता है।डिक्री और आदेशों के निष्पादन संबंधित सिद्धांतों को सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 36 से 74 और आदेश 21 में दिया गया है। इस प्रश्न के लिए विधिक...

क्या पॉवर ऑफ अटॉर्नी या फिर फुल पेमेंट एग्रीमेंट पर प्रॉपर्टी खरीदना चाहिए
क्या पॉवर ऑफ अटॉर्नी या फिर फुल पेमेंट एग्रीमेंट पर प्रॉपर्टी खरीदना चाहिए

प्रॉपर्टी के सौदे किसी भी व्यक्ति के सारे जीवन की जमा की गई पूंजी से होते हैं। यह सौदे बहुत बड़ी धन राशि में होते हैं। इन सौदों को किए जाते समय बहुत सावधानी रखे जाने की जरूरत होती है।किसी भी प्रॉपर्टी को खरीदने पर स्टांप ड्यूटी अदा करनी होती है तब उस प्रॉपर्टी को सरकार द्वारा रजिस्ट्रीकरण एक्ट के अंतर्गत रजिस्टर्ड किया जाता है। स्टांप ड्यूटी बचाने के लिए कुछ लोगों द्वारा पॉवर ऑफ अटॉर्नी के जरिए प्रॉपर्टी खरीदना या फिर फुल पेमेंट एग्रीमेंट पर प्रॉपर्टी खरीदना जैसे चलन देखने को मिलते हैं।अगर भारत...

किराया अनुबंध 11 महीने का क्यों होता है और किराएदार क्या कभी मकान मालिक हो सकता है
किराया अनुबंध 11 महीने का क्यों होता है और किराएदार क्या कभी मकान मालिक हो सकता है

आधुनिक समय में किराएदार और मकान मालिक व्यवस्था अधिक देखने को मिल रही है क्योंकि शहरो का विस्तार हो रहा है और शहरों में दूसरे शहर के लोग आकर रह रहे हैं जिससे वे किसी मकान में कुछ समय के लिए किराएदार के नाते से रहते हैं। किसी संपत्ति के मालिक के लिए भी यह कच्छी आय का साधन हो गया है। संपत्ति के मालिक अपनी संपत्तियों को किराए पर देकर एक बेहतरीन आय अर्जित करते हैं।किराया अनुबंध एक कानूनी विषय है तो इस पर सभी कानूनी जानकारियां उन व्यक्तियों को होना चाहिए जो किसी संपत्ति को किराए पर देते हैं और जो किसी...

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 भाग:19 इस अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा लगाए जाने की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 भाग:19 इस अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा लगाए जाने की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 (The Consumer Protection Act, 2019) से संबंधित सभी आलेखों में इस अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों पर चर्चा की गई है। उनसे संबंधित न्याय निर्णय प्रस्तुत किए गए हैं। इस आलेख के अंतर्गत इस अधिनियम के अंतर्गत कोई भी शिकायत दर्ज किए जाने की प्रक्रिया से संबंधित जानकारियां प्रस्तुत की जा रही है और किसी मुकदमे को दर्ज करवाने हेतु उसमें लगने वाले आवश्यक दस्तावेजों की सूची प्रस्तुत की जा रही है।कैसे दर्ज करवाएं मुकदमा-जैसा की विदित है इस अधिनियम के अंतर्गत त्रिस्तरीय आयोग...