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सिविल प्रक्रिया संहिता,1908 आदेश भाग 39: आदेश 7 नियम 14 से 18 तक के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 7 वादपत्र है। आदेश 7 यह स्पष्ट करता है कि एक वादपत्र किस प्रकार से होगा। आदेश 7 के नियम 14 से 18 तक दस्तावेज के संबंध में उल्लेख है, यह वह दस्तावेज हैं जिनपर कोई वादपत्र निर्भर करता है। इस आलेख के अंतर्गत इन्हीं नियमों पर संयुक्त रूप से विवेचना प्रस्तुत की जा रही है।नियम-14 उन दस्तावेजों की प्रस्तुति जिन पर वादी वाद लाता है या निर्भर करता है-(1) जहाँ वादी किसी दस्तावेज के आधार पर वाद लाता है या अपने दावे के समर्थन में अपने कब्जे या...
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908 आदेश भाग 38: आदेश 7 नियम 11 से 13 के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 7 वादपत्र है। आदेश 7 यह स्पष्ट करता है कि एक वादपत्र किस प्रकार से होगा। आदेश 7 के नियम 11,12,13 वाद के नामंजूर करने से संबंधित हैं। इस आलेख के अंतर्गत इन्हीं तीनों नियमों पर सारगर्भित टिप्पणी प्रस्तुत की जा रही है।नियम-11 वादपत्र का नामंजूर किया जाना-वादपत्र निम्नलिखित दशाओं में नामंजूर कर दिया जाएगा-(क) जहाँ वह वादहेतुक प्रकट नहीं करता है:(ख) जहाँ दावाकृत अनुतोष का मूल्यांकन कम किया गया है और वादी मूल्यांकन को ठीक करने के लिए...
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908 आदेश भाग 37: आदेश 7 नियम 9 से 10(बी) तक प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 7 वादपत्र है। आदेश 7 यह स्पष्ट करता है कि एक वादपत्र किस प्रकार से होगा। आदेश 7 के नियम 9 एवं 10 एवं नियम 10(बी) वादपत्र के ग्रहण करने एवं लौटाए जाने से संबंधित हैं। इस आलेख के अंतर्गत इन्हीं नियमों पर संयुक्त रूप से टिप्पणी प्रस्तुत की जा रही है।नियम-9 वादपत्र ग्रहण करने पर प्रक्रिया-जहां न्यायालय यह आदेश करता है कि प्रतिवादियों पर समनों की तामील आदेश 5 के नियम 9 में उपबंधित रीति से की जाए वह, वादी को ऐसे आदेश की तारीख से सात दिन के...
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908 आदेश भाग 36: आदेश 7 नियम 7 एवं 8 के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 7 वादपत्र है। आदेश 7 यह स्पष्ट करता है कि एक वादपत्र किस प्रकार से होगा क्या क्या चीज़े वादपत्र का हिस्सा होगी। आदेश 7 के नियम 7 एवं 8 वादपत्र में अनुतोष के संबंध में कथन से संबंधित हैं। अनुतोष वादपत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस आलेख के अंतर्गत नियम 7 एवं 8 पर टिप्पणी की जा रही है।नियम-7 अनुतोष का विनिर्दिष्ट रूप से कथन - हर वादपत्र में उस अनुतोष का विनिर्दिष्ट रूप से कथन होगा जिसके लिए वादी सामान्यतः या अनुकल्पतः दावा करता है और यह...
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908 आदेश भाग 35: वादपत्र में वाद मूल्यांकन एवं न्याय शुल्क संबंधित अभिवचन
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 7 वादपत्र है। आदेश 7 यह स्पष्ट करता है कि एक वादपत्र किस प्रकार से होगा क्या क्या चीज़े वादपत्र का हिस्सा होगी। आदेश 7 के अंतर्गत बनने वाले वादपत्र में वाद मूल्यांकन एवं न्याय शुल्क संबंधित कथन भी करने होते हैं। इस आलेख में वादपत्र पर न्याय शुल्क से संबंधित अभिवचन पर चर्चा की जा रही है।वाद-मूल्यांकन और न्यायालय-शुल्क सम्बन्धी कथन का इस नियम के अनुसार अधिकारिता के और न्यायालय फीस के प्रयोजनों के लिए वाद की विषय-वस्तु के मूल्य ऐसा कथन...
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 आदेश भाग 34: आदेश 7 नियम 6 के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 7 वादपत्र है। आदेश 7 यह स्पष्ट करता है कि एक वादपत्र किस प्रकार से होगा क्या क्या चीज़े वादपत्र का हिस्सा होगी। आदेश 7 के नियम 6 में परिसीमा संबंधी बातों का उल्लेख किया गया है। इस आलेख के अंतर्गत नियम 6 पर टिप्पणी प्रस्तुत की जा रही है।नियम-6 परिसीमा विधि से छूट के आधार जहां वाद परिसीमा विधि द्वारा विहित अवधि के अवसान के पश्चात् संस्थित किया जाता है वहां वादपत्र में वह आधार दर्शित किया जाएगा जिस पर ऐसी विधि से छूट पाने का दावा किया...
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908 आदेश भाग 33: आदेश 7 नियम 2 से 5 तक के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 7 वादपत्र है। आदेश 7 यह स्पष्ट करता है कि एक वादपत्र किस प्रकार से होगा क्या क्या चीज़े वादपत्र का हिस्सा होगी। इस आलेख के अंतर्गत इस ही आदेश 7 के नियम 2 से 5 तक के प्रावधानों पर चर्चा प्रस्तुत की जा रही है।नियम-2 धन के वादों में- जहाँ वादी धन की वसूली चाहता है वहाँ दावा की गई ठीक रकम वादपत्र में काबिज़ की जाएगीकिन्तु जहाँ वादी अन्त कालीन लाभों के लिए या ऐसी रकम के लिए जो उसके और प्रतिवादी के बीच हिसाब किए जाने पर उसको शोध्य पाई जाए,...
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908 आदेश भाग 32: आदेश 7 नियम 1 के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 7 वादपत्र है। वास्तव में आदेश 6,7,8 यह तीनों ही अभिवचन से संबंधित हैं। पिछले आलेखों में आदेश 6 पर अध्ययन किया गया है जहां अभिवचन के सिद्धांत दिए गए हैं जिनका पालन वादी एवं प्रतिवादी दोनों को ही करना होता है। आदेश 7 में यह बताया गया है कि वादपत्र किस प्रकार से होगा। इस आलेख के अंतर्गत आदेश 7 के नियम 1 पर चर्चा की जा रही है।नियम-1 वादपत्र में अन्तर्विष्ट की जाने वाली विशिष्टियां - वादपत्र में निम्नलिखित विशिष्टियां होंगी-(क) उस...
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908 आदेश भाग 31: आदेश 6 नियम 18 के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 6 अभिवचन से संबंधित है जहां अभिवचन के साधारण नियम दिए गए हैं। आदेश 6 का नियम 18 न्यायालय द्वारा संशोधन का आदेश किये जाने के पश्चात संशोधन करने से संबंधित है। इस आलेख के अंतर्गत नियम 18 पर टिप्पणी प्रस्तुत की जा रही है।नियम- 18 आदेश के पश्चात् संशोधन करने में असफल रहना-यदि कोई पक्षकार, जिसने संशोधन करने की इजाजत के लिए आदेश प्राप्त कर लिया है, उस आदेश द्वारा उस प्रयोजन के लिए परिसीमित समय के भीतर या यदि उसके द्वारा कोई समय परिसीमित...
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908 आदेश भाग 30: आदेश 6 नियम 17 के अंतर्गत संशोधन में परिसीमा का महत्व
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 6 अभिवचन से संबंधित है जहां अभिवचन के साधारण नियम दिए गए हैं। आदेश 6 का नियम 17 के अंतर्गत होने वाले संशोधन न्यायालय की आज्ञा से ही किये जाते हैं। ऐसे संशोधन के लिए क्या परिसीमा होगी। यह जानने का प्रयास इस आलेख के अंतर्गत किया जा रहा है।परिसीमा की बाधा-परिसीमा से वर्जित होने पर वादपत्र में संशोधन अस्वीकार किया गया- एक मामले में वाद 1964 में फाइल किया गया, जिसमें पेन्शन के अधिकार के लिए क्षति सम्बन्धी संसोधन के लिए 1970 में आवेदन किया...
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908 आदेश भाग 29: आदेश 6 नियम 17 के किसी भी स्तर पर संशोधन का क्या अर्थ है
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 6 अभिवचन से संबंधित है जहां अभिवचन के साधारण नियम दिए गए हैं। आदेश 6 का नियम 17 की शब्दावली है कि न्यायालय किसी भी स्तर पर संशोधन कर सकता है। किंतु इसका समय समय पर न्यायलयों द्वारा मनन किया गया है। इस शब्दावली के अर्थ को समझते हुए यह आलेख है।किसी स्टेज पर संशोधनअभिवचनों में संशोधन किसी प्रक्रम पर किया जा सकता है और ऐसे संशोधित अभिवचनों को स्वीकार किया जा सकता है। वादपत्र का संशोधन किया जाना यदि न्याय के हित में है, तो न्यायालय वाद के...
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908 आदेश भाग 28: आदेश 6 नियम 17 के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 6 अभिवचन से संबंधित है जहां अभिवचन के साधारण नियम दिए गए हैं। आदेश 6 का नियम 17 अभिवचन के संशोधन से संबंधित है। यह नियम इस आदेश का महत्वपूर्ण नियम है। इस आलेख के अंतर्गत इस ही नियम 17 पर विवेचना की जा रही है।नियम-17 अभिवचन का संशोधन- न्यायालय कार्यवाहियों के किसी भी प्रक्रम पर, किसी भी पक्षकार को ऐसी रीति से और ऐसे निबंधनों पर, जो न्यायसंगत हों, अपने अभिवचनों को परिवर्तित या संशोधित करने के लिए अनुज्ञात कर सकेगा और वे सभी संशोधन किए...
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908 आदेश भाग 27: आदेश 6 नियम 16 के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 6 अभिवचन से संबंधित है जहां अभिवचन के साधारण नियम दिए गए हैं। आदेश 6 का नियम 16 अभिवचन के काटे जाने से संबंधित है। इस आलेख के अंतर्गत नियम 16 पर टिप्पणी प्रस्तुत की जा रही है।नियम-16 अभिवचन का काट दिया जाना - न्यायालय कार्यवाहियों के किसी भी प्रक्रम में आदेश दे सकेगा कि किसी भी अभिवचन में की कोई भी ऐसी बात काट दी जाए या संशोधित कर दी जाए-(क) जो अनावश्यक, कलंकात्मक, तुच्छ या तंग करने वाली है, अथवा(ख) जो वाद के ऋजु विचारण पर प्रतिकूल...
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908 आदेश भाग 26: आदेश 6 नियम 15 अभिवचन का सत्यापन
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 6 अभिवचन से संबंधित है जहां अभिवचन के साधारण नियम दिए गए हैं। आदेश 6 का नियम 15 अभिवचन से संबंधित है, जहां यह स्पष्ट किया गया है कि अभिवचन का सत्यापन पक्षकार द्वारा किया जाएगा। इस आलेख के अंतगर्त नियम 15 पर टिप्पणी प्रस्तुत की जा रही है।नियम-15 अभिवचन का सत्यापन (1) उसके सिवाय जैसा कि तत्समय प्रवृत्त किसी विधि द्वारा अन्यथा उपबन्धित है, हर अभिवचन उसे करने वाले पक्षकार द्वारा या पक्षकारों में से एक के द्वारा या किसी ऐसे अन्य व्यक्ति...
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 आदेश भाग 25: आदेश 6 नियम 13, 14,14(क) के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 6 अभिवचन से संबंधित है जहां अभिवचन के साधारण नियम दिए गए हैं। आदेश 6 का नियम 10,11 एवं 12 अभिवचनों के सिद्धांतों से संबंधित है। इस आलेख के अंतर्गत संयुक्त रूप से नियम 13,14,14(क) पर विवेचना प्रस्तुत की जा रही है।नियम-13 विधि की उपधारणाएँ-किसी तथ्य की बात को, जिसकी [उपधारणा] विधि किसी पक्षकार के पक्ष में करती है या जिसके सबूत का भार प्रतिपक्ष पर है, पक्षकारों में से किसी के द्वारा किसी भी अभिवचन में अभिकथित करना तब तक आवश्यक न होगा जब...
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908 आदेश भाग 24: आदेश 6 नियम 10,11 एवं 12 के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 6 अभिवचन से संबंधित है जहां अभिवचन के साधारण नियम दिए गए हैं। आदेश 6 का नियम 10,11 एवं 12 अभिवचनों के सिद्धांतों से संबंधित है। इस आलेख के अंतर्गत संयुक्त रूप से इन तीनों नियमों पर टिप्पणी प्रस्तुत की जा रही है।नियम- 10 विद्वेष, ज्ञान, आदि-जहां कहीं किसी व्यक्ति के विद्वेष, कपटपूर्ण आशय, ज्ञान या चित्त की अन्य दशा का अभिकथन करना तात्विक है, वहां उन परिस्थितियों को उपवर्णित किए बिना जिनसे उसका अनुमान किया जाना है, उसे तथ्य के रूप में...
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908 आदेश भाग 23: आदेश 6 नियम 8 एवं 9 के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 6 अभिवचन से संबंधित है जहां अभिवचन के साधारण नियम दिए गए हैं। आदेश 6 का नियम 8 संविदा का प्रत्याख्यान अर्थात उसके नकारे जाने से संबंधित है एवं नियम 9 तात्विक कथनों से संबंधित है। इन दोनों नियमों में यह बताया गया है कि तात्विक कथन कितने करने होंगे एवं संविदा के वाद में नकारा कैसे जाएगा। इस आलेख के अंतर्गत संयुक्त रूप से इन दोनों नियमों पर चर्चा की जा रही है।नियम-8 संविदा का प्रत्याख्यान - जहां किसी अभिवचन में किसी संविदा का अभिकथन है...
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908 आदेश भाग 22: किसी वाद के अंतर्गत नए अभिवाक (कथन)
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 6 अभिवचन से संबंधित है जहां अभिवचन के साधारण नियम दिए गए हैं। आदेश 6 का नियम 7 फेरबदल से संबंधित है। इस ही नियम 7 के अंतर्गत ही नए अभिवाक से संबंधित सिद्धांत भी है क्योंकि यही नियम है जो बगैर संशोधन किए फेरबदल करने से रोकता है। इस आलेख के अंतर्गत इस ही सिद्धांत पर चर्चा की जा रही है।नए अभिवाक् (कधन)ऐसे अभिवाक् पर जो हालांकि विनिर्दिष्ट रूप से नहीं किया गया है अपितु विवक्षित तौर पर विवाद्यकों के अन्तर्गत आ जाता है और जो विचारण में...
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908 आदेश भाग 21: आदेश 6 नियम 7 के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 6 अभिवचन से संबंधित है जहां अभिवचन के साधारण नियम दिए गए हैं। आदेश 6 का नियम 7 फेरबदल से संबंधित है। अर्थात इस नियम में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि कोई भी अभिवचन में कोई फेरबदल नहीं होगा जब तक अदालत उसमें संशोधन स्वीकार नहीं करे। इस आलेख के अंतर्गत इस ही नियम पर चर्चा प्रस्तुत की जा रही है।नियम-7 फेरबदल (Departure)- किसी भी अभिवचन में दावे का कोई नया आधार या तथ्य का कोई अभिकथन, जो उसका अभिवचन करने वाले पक्षकार के पूर्वतन अभिवचनों से...
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 आदेश भाग 20: आदेश 6 नियम 6 के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 6 अभिवचन से संबंधित है जहां अभिवचन के साधारण नियम दिए गए हैं। आदेश 6 के नियम 6 में पुरोभाव्य शर्तों के संबंध में उल्लेख है। यह नियम भी अभिवचन के नियमों को निर्धारित करने के उद्देश्य से है। इस आलेख के अंतर्गत नियम 6 पर सारगर्भित चर्चा प्रस्तुत की जा रही है।नियम-6 पुरोभाव्य शर्तें-जिस किसी पुरोभाव्य शर्त के पालन का या घटित होने का प्रतिवाद करना आशयित हो, वह, यथास्थिति, वादी या प्रतिवादी द्वारा अपने अभिवचन में स्पष्टतः विनिर्दिष्ट की...











