कर्नाटक हाईकोर्ट

बैंकों को पहले ही वसूल की जा चुकी राशि पर ब्याज लेना बंद करना चाहिए: किंगफिशर के बकाया कर्ज पर विजय माल्या ने कर्नाटक हाईकोर्ट में कहा
'बैंकों को पहले ही वसूल की जा चुकी राशि पर ब्याज लेना बंद करना चाहिए': किंगफिशर के बकाया कर्ज पर विजय माल्या ने कर्नाटक हाईकोर्ट में कहा

भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या कर्नाटक हाईकोर्ट में दलील दी है कि बैंकों को पहले ही वसूल की जा चुकी राशि पर ब्याज लेना बंद करना चाहिए। माल्या ने अपने और अपनी पूर्ववर्ती एयरलाइन किंगफिशर (यूनाइटेड ब्रुअरीज होल्डिंग्स लिमिटेड) पर बकाया कर्ज की जानकारी मांगने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।जस्टिस ललिता कन्नेगंती के समक्ष माल्या की ओर से सीनियर वकील साजन पोवैया ने दलील दी कि बैंकों को बकाया राशि पहले ही मिल चुकी है और वे यह रुख नहीं अपना सकते कि कार्यवाही लंबित रहने के कारण की गई वसूली को...

RSS पथसंचलन विवाद: कर्नाटक हाईकोर्ट ने कलबुर्गी संयोजक व जिला अधिकारियों की दूसरी बैठक 5 नवंबर को बुलाने का आदेश दिया
RSS पथसंचलन विवाद: कर्नाटक हाईकोर्ट ने कलबुर्गी संयोजक व जिला अधिकारियों की दूसरी बैठक 5 नवंबर को बुलाने का आदेश दिया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार (30 अक्टूबर) को आरएसएस कलबुर्गी के संयोजक अशोक पाटिल को 5 नवंबर को एडवोकेट जनरल (AG) के कार्यालय में जिला अधिकारियों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया है, जो चित्तापुर कस्बे में प्रस्तावित पथसंचलन से संबंधित होगी।अदालत ने याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट अरुणा श्याम और राज्य की ओर से एडवोकेट जनरल शशिकिरण शेट्टी को भी बैठक में शामिल होकर प्रक्रिया तय करने को कहा। यह दूसरी बैठक है, क्योंकि पहले 24 अक्टूबर को अदालत ने 28 अक्टूबर को शांति समिति की बैठक कराने का आदेश...

किंगफिशर के बकाया कर्ज की जानकारी मांगने वाली विजय माल्या की याचिका पहली नजर में स्वीकार्य नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
किंगफिशर के बकाया कर्ज की जानकारी मांगने वाली विजय माल्या की याचिका पहली नजर में स्वीकार्य नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को मौखिक रूप से कहा कि भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या द्वारा दायर याचिका — जिसमें उसने अपने और किंगफिशर (United Breweries Holdings Ltd) से जुड़ी बकाया रकम की जानकारी मांगी है — स्वीकार्य नहीं है।जस्टिस ललिता कन्नेगांटी ने कहा कि माल्या को यह याचिका इस अदालत में नहीं, बल्कि कंपनी कोर्ट में दायर करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, “यह याचिका इस अदालत में कैसे बनी रह सकती है? अगर जानकारी चाहिए, तो कंपनी कोर्ट में आवेदन करें।” माल्या का कहना था कि किंगफिशर एयरलाइंस के...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने अधिकारियों को 28 अक्टूबर को प्रस्तावित RSS रूट मार्च के आयोजकों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने अधिकारियों को 28 अक्टूबर को प्रस्तावित RSS रूट मार्च के आयोजकों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार (24 अक्टूबर) को राज्य अधिकारियों से कहा कि वे प्रस्तावित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) मार्ग मार्च के आयोजकों के साथ शांति समिति की बैठक करें, जो 28 अक्टूबर को आयोजित होने वाली है।कोर्ट ने यह आदेश तब दिया जब अधिकारियों की एक रिपोर्ट पर ध्यान दिया गया कि चित्तापुर शहर में, जहां मार्च प्रस्तावित है, तनाव की स्थिति बनी हुई है। यह आदेश जस्टिस एम. जी. एस. कमाल की अदालत में आरएसएस कलाबुरगी के संयोजक अशोक पाटिल की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें उन्होंने...

रविवार की सुनवाई | 2 नवंबर को मार्च को निकालने के लिए नया आवेदन प्रस्तुत करे RSS: कर्नाटक हाईकोर्ट
रविवार की सुनवाई | 2 नवंबर को मार्च को निकालने के लिए नया आवेदन प्रस्तुत करे RSS: कर्नाटक हाईकोर्ट

रविवार को एक विशेष सुनवाई में कर्नाटक हाईकोर्ट ने कलबुर्गी स्थित RSS के संयोजक अशोक पाटिल को 2 नवंबर को चित्तपुर कस्बे में शांतिपूर्ण ढंग से RSS मार्च (पथ संचलन) निकालने की अनुमति के लिए एक नया आवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।RSS द्वारा 19 अक्टूबर (आज) को मार्च निकालने की अनुमति मांगने वाले आवेदन पर अधिकारियों द्वारा विचार न किए जाने के बाद याचिकाकर्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद कार्यपालक मजिस्ट्रेट द्वारा 18 अक्टूबर के एक आदेश द्वारा इस आधार पर मार्च निकालने की अनुमति देने से...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने प्रज्वल रेवन्ना की बलात्कार सजा के खिलाफ अपील पर नोटिस जारी किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने प्रज्वल रेवन्ना की बलात्कार सजा के खिलाफ अपील पर नोटिस जारी किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार को जनता दल (सेक्यूलर) नेता और पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना द्वारा दायर अपील पर राज्य को नोटिस जारी किया। प्रज्वल रेवन्ना ने हासन जिले के होलनारसिपुरा ग्रामीण थाना में उनके खिलाफ दर्ज पहली बलात्कार मामले में उन्हें सुनाई गई दंडनीय सजाओं और उम्रकैद की सजा को चुनौती दी है।जस्टिस के. एस. मुदगल और वेंकटेश नाइक टी की डिवीजन बेंच ने प्रज्वल के वकील को विस्तृत संक्षिप्त विवरण दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने राज्य के वकील से यह भी पूछा कि क्या अपील पर बहस करने के लिए विशेष...

X कॉर्प नागरिक केंद्रित अनुच्छेद 19 का हवाला देकर सोशल मीडिया को नियंत्रित करने वाले भारतीय कानूनों को चुनौती नहीं दे सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट
X कॉर्प 'नागरिक केंद्रित' अनुच्छेद 19 का हवाला देकर सोशल मीडिया को नियंत्रित करने वाले भारतीय कानूनों को चुनौती नहीं दे सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि X कॉर्प, जिसे पहले ट्विटर कहा जाता था, एक विदेशी संस्था होने के नाते भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 का हवाला देकर सोशल मीडिया को नियंत्रित करने वाले भारतीय कानूनों को चुनौती नहीं दे सकता।जस्टिस एम. नागप्रसना ने कहा कि भारत में ऐसी कंपनी जिसका कोई चेहरा नहीं है, वह "निराधार आरोपों" के आधार पर आगे आकर देश के कानूनों को चुनौती नहीं दे सकती।अदालत ने कहा,"इसी तरह X कॉर्प देश में चेहराविहीन है और एक मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है, अनुच्छेद 19 के तहत देश के किसी भी...

एक धर्म के व्यक्ति का दूसरे धर्म के त्योहारों में भाग लेना किसी भी संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
एक धर्म के व्यक्ति का दूसरे धर्म के त्योहारों में भाग लेना किसी भी संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि "किसी विशेष धर्म या आस्था को मानने वाले व्यक्ति का दूसरे धर्म के त्योहारों में भाग लेना भारत के संविधान के तहत प्रदत्त अधिकारों का उल्लंघन नहीं है।"यह टिप्पणी मैसूर में दशहरा उत्सव के उद्घाटन के लिए मुख्य अतिथि के रूप में बुकर पुरस्कार विजेता बानू मुश्ताक को राज्य द्वारा आमंत्रित किए जाने को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं को खारिज करते हुए की गई।चीफ जस्टिस विभु बाखरू और जस्टिस सी. एम. जोशी की खंडपीठ ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत याचिकाकर्ताओं के धर्म का पालन और...

धर्मस्थल दफ़नाने का मामला: हाईकोर्ट ने निवासियों द्वारा चिन्हित स्थलों पर निरीक्षण और उत्खनन की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
धर्मस्थल दफ़नाने का मामला: हाईकोर्ट ने निवासियों द्वारा चिन्हित स्थलों पर निरीक्षण और उत्खनन की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार को धर्मस्थल दफ़नाने के मामलों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) को शहर के दो निवासियों की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने चिन्हित स्थलों पर शवों का निरीक्षण और उत्खनन करने के लिए समयबद्ध कार्रवाई करने के उनके अनुरोध पर विचार करने का अनुरोध किया।जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने पुरंदर गौड़ा और अन्य द्वारा दायर याचिकाओं पर SIT को नोटिस जारी किया और कहा,"याचिकाकर्ताओं को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा, क्योंकि अपराध संख्या 39/2025 (एक सफाई कर्मचारी द्वारा दर्ज की गई...

साइबर कमांड सेंटरों को मज़बूती से सुदृढ़ किया जाना चाहिए: कर्नाटक हाईकोर्ट ने प्रभावी संचालन के लिए सुझाव दिए
साइबर कमांड सेंटरों को मज़बूती से सुदृढ़ किया जाना चाहिए: कर्नाटक हाईकोर्ट ने प्रभावी संचालन के लिए सुझाव दिए

कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार (10 सितंबर) को कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए अदालती आदेश के तहत स्थापित साइबर कमांड सेंटरों (CCC) को मज़बूती से सुदृढ़ किया जाना चाहिए और उन्हें सिर्फ़ कागज़ों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने इस वर्ष 25 अप्रैल को अपने आदेश में राज्य सरकार से कहा कि वह ऐसे केंद्रों पर उपयुक्त अधिकारियों की नियुक्ति करके साइबर कमांड सेंटरों को क्रियाशील बनाए।इसके बाद सरकार ने 8 सितंबर को एक सरकारी आदेश पारित किया, जिस...

नाबालिग से विवाहित पुरुष द्वारा यौन शोषण अक्षम्य, कमजोर वर्ग की महिलाओं-बच्चों पर समाज रहे सतर्क: कर्नाटक हाईकोर्ट
नाबालिग से विवाहित पुरुष द्वारा यौन शोषण अक्षम्य, कमजोर वर्ग की महिलाओं-बच्चों पर समाज रहे सतर्क: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि एक विवाहित व्यक्ति द्वारा एक नाबालिग लड़की पर यौन उत्पीड़न का कृत्य अक्षम्य है और इसे सख्ती से देखा जाना चाहिए, न केवल बच्चों और महिलाओं के मन में विश्वास बहाल करने के लिए, बल्कि बड़े पैमाने पर समाज को एक मजबूत संकेत भेजने के लिए भी।पीठ ने कहा, "यहां यह देखा गया है कि, पीड़िता अनुसूचित जाति से संबंधित है और वह शोषण के उद्देश्य से अपीलकर्ता जैसे व्यक्तियों के प्रति अतिसंवेदनशील है। इसलिए, समाज के कमजोर वर्गों से संबंधित महिलाओं और बच्चों के प्रति अधिक सतर्क...

भविष्य की कार्रवाई के बहाने पेंशन रोकी नहीं जा सकती: कर्नाटक हाईकोर्ट
भविष्य की कार्रवाई के बहाने पेंशन रोकी नहीं जा सकती: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी पूर्व कर्मचारी की पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों को इस आधार पर अनिश्चितकाल तक रोका नहीं जा सकता कि भविष्य में कभी उस पर अनुशासनात्मक कार्यवाही हो सकती है।चीफ़ जस्टिस विभु बाखरु और जस्टिस सी. एम. जोशी की खंडपीठ ने यह टिप्पणी करते हुए बंगलोर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी लिमिटेड की अपील खारिज कर दी। कंपनी ने एकल न्यायाधीश के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें कंपनी को कर्मचारी मालती बी को सेवानिवृत्ति लाभ—मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति अनुग्रह राशि, अवकाश नकदीकरण का लाभ और अन्य...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने संविधान दिवस समारोह में अंबेडकर की तस्वीर न रखने के आरोपी विधान परिषद अधिकारी का निलंबन रद्द किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने संविधान दिवस समारोह में अंबेडकर की तस्वीर न रखने के आरोपी विधान परिषद अधिकारी का निलंबन रद्द किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य विधान परिषद की उप सचिव के.जे. जलजाक्षी के निलंबन को रद्द कर दिया। उन पर 26 नवंबर, 2024 को आयोजित संविधान दिवस समारोह में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की तस्वीर न लगाने का आरोप था। जस्टिस एचटी नरेंद्र प्रसाद ने रिकॉर्डों का अवलोकन करते हुए कहा,“क्या याचिकाकर्ता 26.11.2024 को आयोजित संविधान दिवस समारोह के दौरान प्रतिवादी संख्या 1 - परिषद के कार्यालय में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की तस्वीर न लगाने के लिए ज़िम्मेदार है, और क्या याचिकाकर्ता अकेले इसके लिए ज़िम्मेदार है, यह एक ऐसा मामला है...

गैरकानूनी सट्टेबाजी केस : Congress MLA की गिरफ्तारी को पत्नी की चुनौती, हाईकोर्ट ने ED को जारी किया नोटिस
गैरकानूनी सट्टेबाजी केस : Congress MLA की गिरफ्तारी को पत्नी की चुनौती, हाईकोर्ट ने ED को जारी किया नोटिस

कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार (3 सितंबर) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) को नोटिस जारी किया। यह नोटिस कांग्रेस विधायक (Congress MLA) के.सी. वीरेंद्र की पत्नी आर.डी. चैत्रा की याचिका पर जारी किया गया, जिसमें विधायक की गिरफ्तारी को अवैध मनमाना और संविधान के अनुच्छेद 19 व 21 के तहत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया गया।जस्टिस एम. आई. अरुण की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए ईडी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर के लिए निर्धारित की।विधायक वीरेंद्र को ED ने 23 अगस्त, 2025 को अवैध...

धारा 112 साक्ष्य अधिनियम | बिना आवश्यकता के पितृत्व निर्धारित करने के लिए डीएनए परीक्षण के लिए बाध्य करना विवाह की पवित्रता और निजता के अधिकार का उल्लंघन है: कर्नाटक हाईकोर्ट
धारा 112 साक्ष्य अधिनियम | बिना आवश्यकता के पितृत्व निर्धारित करने के लिए डीएनए परीक्षण के लिए बाध्य करना विवाह की पवित्रता और निजता के अधिकार का उल्लंघन है: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि डीएनए परीक्षण की अनुमति केवल साक्ष्य अधिनियम की धारा 112 के तहत ही दी जानी चाहिए, जब बच्चे के जन्म के दौरान माता-पिता के बीच संपर्क की अनुपस्थिति साबित हो जाए, क्योंकि धारा 112 के तहत यह अनुमान सार्वजनिक नैतिकता और सामाजिक शांति पर आधारित है। न्यायालय ने आगे कहा कि बिना आवश्यकता के ऐसे परीक्षण कराना विवाह की पवित्रता के साथ-साथ दंपत्ति को दिए गए निजता और सम्मान के मौलिक अधिकार का भी उल्लंघन है।संदर्भ के लिए: भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 112 (भारतीय साक्ष्य अधिनियम...