कर्नाटक हाईकोर्ट

चेक बाउंस मामलों में जुर्माना न भरने पर डिफॉल्ट सजा 6 महीने से अधिक नहीं हो सकती: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि चेक बाउंस मामलों में जुर्माना अदा न करने पर दी जाने वाली डिफॉल्ट कारावास की अवधि अपराध के लिए निर्धारित अधिकतम सजा के एक-चौथाई से अधिक नहीं हो सकती। चूंकि परक्राम्य लिखत अधिनियम (NI Act) की धारा 138 के तहत अधिकतम सजा दो वर्ष है, इसलिए डिफॉल्ट सजा छह महीने से अधिक नहीं हो सकती।जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने कहा कि जुर्माना न भरने पर दी जाने वाली कारावास अतिरिक्त दंड नहीं, बल्कि अदालत के आदेश के पालन को सुनिश्चित करने का एक उपाय है। अदालत ने यह भी कहा कि एक ही लेन-देन से...

जांच एजेंसियों से भविष्य में मिलने वाले निर्देशों की आशंका में बैंक पूरा अकाउंट फ्रीज़ नहीं कर सकते: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि कोई बैंक सिर्फ़ इस आशंका पर कि भविष्य में जांच एजेंसियों से अतिरिक्त रकम फ्रीज़ करने के निर्देश मिल सकते हैं, "पूरा बैंक अकाउंट" फ्रीज़ नहीं कर सकता।जस्टिस सूरज गोविंदराज की सिंगल जज बेंच ने इस बात पर ज़ोर दिया,"भविष्य की किसी घटना की संभावना या आशंका की तुलना कानूनी आदेश से नहीं की जा सकती। बैंक की शक्तियों का आधार कोई मौजूदा निर्देश या कानूनी अधिकार होना चाहिए, न कि भविष्य में होने वाली या न होने वाली काल्पनिक स्थितियां। अगर ऐसा तरीका अपनाया जाता है तो बैंक सीमित...

RTI के तहत सरकारी कर्मचारी के वित्तीय मामलों का खुलासा करने की ज़रूरत नहीं, जब तक कि कोई बड़ा जनहित न हो: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने RTI आवेदक की याचिका खारिज की। आवेदक ने राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) के पूर्व डिप्टी कंट्रोलर (सरकारी कर्मचारी) की संपत्ति और देनदारियों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। कोर्ट ने कहा कि मांगी गई जानकारी निजी थी और उसका किसी जनहित से कोई लेना-देना नहीं था, इसलिए यह RTI Act की धारा 8(1)(j) के तहत सुरक्षित है।कोर्ट ने कहा कि आधिकारिक कार्यों, फैसलों, सार्वजनिक संसाधनों के इस्तेमाल और लोक प्रशासन से सीधे जुड़े मामलों की स्थिति अलग होगी।जस्टिस सुरह गोविंदराज ने कहा,"हालांकि,...

अगर यही उद्देश्य है तो लाइव स्ट्रीमिंग बंद करनी पड़ेगी: अभिलेखीय वीडियो मांगने वाले वकील से कर्नाटक हाईकोर्ट की मौखिक टिप्पणी
कर्नाटक हाईकोर्ट ने अदालत की कार्यवाही के अभिलेखीय वीडियो अपने "शैक्षणिक उद्देश्य" और "प्रदर्शन मूल्यांकन" के लिए उपलब्ध कराने की मांग करने वाले वकील की याचिका पर सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से कहा कि यदि इस तरह के उद्देश्यों के लिए रिकॉर्डिंग मांगी जाएगी तो अदालत को लाइव स्ट्रीमिंग बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।जस्टिस सूरज गोविंदराज की एकल पीठ वकील अंगद कामत की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में कर्नाटक में न्यायालयी कार्यवाहियों की लाइव स्ट्रीमिंग और रिकॉर्डिंग नियम, 2021 के तहत...

Comment On Ranya Rao | 'उत्तरी कन्नड़ बोली का इस्तेमाल कर रहा था': BJP MLA ने FIR रद्द करने की याचिका में कर्नाटक हाईकोर्ट से कहा
कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार (8 जून) को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव के खिलाफ सोने की तस्करी के मामले में DRI (डायरेक्टरेट ऑफ़ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) की रिपोर्ट और चार्जशीट समेत जांच और ट्रायल कोर्ट के सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखे। यह निर्देश BJP MLA बसंगौडा आर. पाटिल यतनाल द्वारा एक्ट्रेस के बारे में कथित तौर पर की गई टिप्पणी की सच्चाई का पता लगाने के लिए दिया गया।जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की सिंगल जज बेंच उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसे BJP MLA ने रान्या राव के खिलाफ...

महात्मा गांधी की हत्या जांच में देरी पर दायर याचिका खारिज: कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा- न्यायिक समय का दुरुपयोग नहीं हो सकता
कर्नाटक हाईकोर्ट ने महात्मा गांधी की हत्या की जांच में कथित 17 वर्ष की देरी, उनकी आत्मकथा के एक कथित लापता खंड और अन्य ऐतिहासिक मुद्दों की जांच की मांग वाली जनहित याचिका को खारिज की। अदालत ने याचिकाकर्ता पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।चीफ जस्टिस विभु बाखरू और जस्टिस के. एस. हेमलेखा की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा,"इसमें न राष्ट्रीय हित है और न ही जनहित। ऐसे मनमाने मामलों में न्यायालय का समय इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।"याचिका जागृत कर्नाटक, जागृत भारत' नामक संगठन की...

3 साल की प्रैक्टिस अनिवार्यता से छूट नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने न्यायिक कर्मचारियों को सिविल जज परीक्षा में बैठने की अनुमति पर रोक लगाई
कर्नाटक हाईकोर्ट ने उस अंतरिम आदेश पर रोक लगाई, जिसमें न्यायिक सेवा में कार्यरत कर्मचारियों को तीन वर्ष की अनिवार्य वकालत की शर्त पूरी किए बिना सिविल जज (जूनियर डिवीजन) भर्ती परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई थी।जस्टिस सचिन शंकर मगदुम और जस्टिस राजेश राय के की खंडपीठ ने 7 मई को यह अंतरिम रोक लगाई। बाद में जस्टिस एच. पी. संदेश और जस्टिस पी. श्री सुधा की अवकाशकालीन पीठ ने 12 मई को इस रोक को हटाने से इनकार किया।खंडपीठ ने कहा कि भर्ती नियमों में किया गया संशोधन सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के...

हज किराये में अतिरिक्त 10 हजार रुपये वसूली को चुनौती देने वाली याचिका खारिज, गैर-यात्री को सुनवाई का अधिकार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हज यात्रियों से बढ़े हुए हवाई ईंधन दामों के कारण अतिरिक्त 10 हजार रुपये लेने संबंधी परिपत्र को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की। अदालत ने कहा कि जिसने खुद हज यात्रा के लिए पंजीकरण नहीं कराया, उसे इस मामले में याचिका दायर करने का अधिकार नहीं है।जस्टिस एस. विश्वजीत शेट्टी की एकल पीठ ने 7 मई को यह आदेश पारित किया।अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता ने वर्ष 2026 की हज यात्रा के लिए अपना नाम पंजीकृत नहीं कराया और न ही हज समिति के पास कोई राशि जमा की है। ऐसे में वह संबंधित परिपत्र से...

मुस्लिम लड़कियों पर कथित भड़काऊ बयान मामले में लेखक चक्रवर्ती सुलीबेले के खिलाफ FIR पर कर्नाटक हाईकोर्ट की रोक
कर्नाटक हाईकोर्ट ने लेखक और राजनीतिक कार्यकर्ता चक्रवर्ती सुलीबेले के खिलाफ दर्ज FIR की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है। उन पर धारवाड़ में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम लड़कियों को लेकर कथित भड़काऊ और मुस्लिम विरोधी बयान देने का आरोप है।जस्टिस हंचाटे संजीवकुमार की एकलपीठ ने 7 मई के आदेश में कहा कि मामले में विस्तृत सुनवाई की आवश्यकता है, लेकिन प्रथमदृष्टया अंतरिम राहत देने का मामला बनता है। कोर्ट ने आदेश दिया कि धारवाड़ टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज Crime No.0063/2026 से संबंधित आगे की...

पत्नी ने पति पर HIV/AIDS होने का आरोप लगाया - बिना सबूत के यह दावा तलाक़ के लिए काफ़ी नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने फ़ैसला सुनाया कि अगर कोई व्यक्ति यह दावा करता है कि उसके जीवनसाथी ने उस पर HIV/AIDS जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित होने का आरोप लगाया तो यह तलाक़ लेने के लिए 'मानसिक क्रूरता' नहीं मानी जाएगी, जब तक कि इस दावे के समर्थन में पर्याप्त सबूत न हों।जस्टिस सूरज गोविंदराज और डॉ. जस्टिस चिल्लाकुरे सुमालता की डिवीज़न बेंच ने तलाक़ का आदेश रद्द करते हुए कहा कि फ़ैमिली कोर्ट ने पति की उस गवाही को आँख मूँदकर मानकर गलती की, जिसमें उसने दावा किया कि उसकी पत्नी ने उस पर HIV/AIDS से पीड़ित होने...

पर्यटक वीज़ा पर रेस्टोरेंट चलाने वाले फ्रांसीसी नागरिक को देश छोड़ने का आदेश, कर्नाटक हाईकोर्ट का फैसला
कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक फ्रांसीसी नागरिक को जारी 'लीव इंडिया' नोटिस को बरकरार रखते हुए कहा कि विदेशी नागरिकों को भारत में रहने या व्यवसाय करने का मौलिक अधिकार नहीं है।जस्टिस सचिन शंकर मगदूम की एकल पीठ ने फ्रांस के नागरिक क्रिस्टोफ स्टीफन मॉन्क्सियन को सात दिनों के भीतर भारत छोड़ने का निर्देश दिया। वह पिछले 15 वर्षों से गोकार्ण में पर्यटक वीज़ा पर रहते हुए रेस्टोरेंट चला रहा था।अदालत ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 21 सभी व्यक्तियों को जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण देता है, लेकिन इससे भारत...

2012 कोर्ट हिंसा मामला: कर्नाटक हाईकोर्ट ने TV9 के खिलाफ केस किया रद्द, कहा—केबल टीवी एक्ट का डिक्रिमिनलाइजेशन पिछली तारीख से लागू
कर्नाटक हाईकोर्ट ने TV9 कर्नाटक प्राइवेट लिमिटेड और उसके पूर्व संवाददाताओं के खिलाफ 2012 सिटी सिविल कोर्ट परिसर हिंसा मामले में चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द करते हुए कहा कि केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 के तहत अपराध को 2023 के संशोधन द्वारा डिक्रिमिनलाइज कर दिया गया है और इसका लाभ लंबित मामलों पर भी लागू होगा।जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने TV9 न्यूज चैनल और उसके संवाददाताओं द्वारा दायर याचिका को स्वीकार करते हुए 2025 में CBI स्पेशल कोर्ट में दर्ज आपराधिक कार्यवाही को...

स्पेशल मैरिज एक्ट: तलाक याचिका के लिए विवाह पंजीकरण अनिवार्य नहीं — कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए स्पष्ट किया है कि स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत विवाह का पंजीकरण (registration) कराना, तलाक याचिका दायर करने के लिए अनिवार्य नहीं है।जस्टिस के. मनमधा राव की एकल पीठ ने यह फैसला उस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें पत्नी ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसने पति की तलाक याचिका को केवल इस आधार पर खारिज करने से इनकार कर दिया था कि विवाह स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत पंजीकृत नहीं था।अदालत ने अपने आदेश में कहा कि स्पेशल मैरिज...

कांतारा मिमिक्री विवाद: रणवीर सिंह ने हाईकोर्ट में बिना शर्त मांगी माफी, मामला निपटाने के संकेत
कर्नाटक हाईकोर्ट में एक्टर रणवीर सिंह ने 'कांतारा: चैप्टर 1 से जुड़े मिमिक्री विवाद में संशोधित हलफनामा दाखिल कर बिना शर्त माफी मांगी। अदालत ने इस हलफनामे को रिकॉर्ड पर लेते हुए संकेत दिया कि मामले का निपटारा किया जाएगा।जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की अदालत एक्टर की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उनके खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की मांग की गई। यह FIR पिछले वर्ष आयोजित कार्यक्रम में अभिनेता द्वारा फिल्म के एक पात्र की मिमिक्री करने और एक मंदिर की देवी के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद दर्ज...

पत्नी की मामूली सैलरी स्टेटस के अंतर को नहीं भर पाती, बेरोज़गार पति की 'कमाई की अच्छी-खासी क्षमता': हाईकोर्ट ने गुज़ारा भत्ता बरकरार रखा
कर्नाटक हाईकोर्ट ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर की दायर रिट याचिका खारिज की, जिसमें उसने अपनी अलग रह रही पत्नी के लिए हर महीने ₹20,000 के अंतरिम गुज़ारा भत्ते के आदेश को चुनौती दी थी। कोर्ट ने कहा कि एक स्वस्थ शरीर वाला, अच्छी तरह से पढ़ा-लिखा पति बेरोज़गारी का बहाना बनाकर गुज़ारा भत्ता देने की अपनी कानूनी ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकता।जस्टिस डॉ. के. मनमधा राव की सिंगल जज बेंच ने 17 अप्रैल के अपने आदेश में कहा कि सिर्फ़ इस बात से कि अलग रह रही पत्नी हर महीने ₹40,000 की सैलरी कमा रही है, उसे गुज़ारा भत्ता...

CrPC की धारा 125 के तहत अंतिम भरण-पोषण आदेश हिंदू विवाह अधिनियम के तहत अंतरिम राहत पर प्रभावी होगा: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि एक ही अवधि के लिए पति पर दो अलग-अलग मामलों में भरण-पोषण का बोझ नहीं डाला जा सकता। अदालत ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125 के तहत दिया गया अंतिम भरण-पोषण आदेश हिंदू विवाह अधिनियम (Hindu Marriage Act) की धारा 24 के तहत दिए गए अंतरिम भरण-पोषण आदेश पर प्राथमिकता रखेगा।जस्टिस डॉ. के. मनमधा राव की सिंगल बेंच ने कहा कि धारा 125 के तहत पारित आदेश साक्ष्यों के आधार पर अंतिम निर्णय होता है।इसलिए इसे प्रमुखता दी जानी चाहिए।अदालत ने टिप्पणी की,“एक ही अवधि...

ट्रांसजेंडर कानून संशोधन पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा
कर्नाटक हाईकोर्ट ने Transgender Persons (Protection of Rights) Amendment Act, 2026 को चुनौती देने वाली दो याचिकाओं पर केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है। याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि संशोधित कानून 'स्व-पहचान' (self-identification) के आधार पर अपनी लैंगिक पहचान तय करने वाले व्यक्तियों को 'ट्रांसजेंडर' की कानूनी परिभाषा से बाहर कर देता है।मामले की सुनवाई जस्टिस सचिन शंकर मगदुम की एकल पीठ कर रही है। याचिकाकर्ताओं में दो ट्रांसवुमन शामिल हैं, जो लंबे समय से हार्मोन थेरेपी ले रही हैं और आधिकारिक...

'जॉब्लेस' पति और 'हैंडसम सैलरी' वाली पत्नी: कर्नाटक हाईकोर्ट ने मेंटेनेंस बढ़ाने से किया इनकार
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसले में घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत पत्नी को दी गई भरण-पोषण राशि बढ़ाने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि पत्नी अच्छी आय अर्जित कर रही है, जबकि पति ने स्वयं को बेरोजगार बताया है, ऐसे में भरण-पोषण बढ़ाने का कोई आधार नहीं बनता।जस्टिस वी श्रीसनंदा की एकल पीठ ने साथ ही पति की उस याचिका को भी खारिज कर दिया, जिसमें उसने 2015 के पारिवारिक न्यायालय के आदेश को रद्द करने की मांग की थी। इस आदेश के तहत पति को पत्नी को ₹9,000 प्रतिमाह (₹5,000 किराया और ₹4,000...

कांतारा मिमिक्री विवाद: एक्टर रणवीर सिंह माफी हलफनामे में करेंगे संशोधन, कर्नाटक हाइकोर्ट में दिया आश्वासन
कर्नाटक हाइकोर्ट में चल रहे 'कांतारा' मिमिक्री विवाद मामले में एक्टर रणवीर सिंह ने अदालत को बताया कि वह अपने माफी के हलफनामे की भाषा को संशोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि वह शिकायतकर्ता के साथ बैठकर ऐसा मसौदा तैयार करेंगे, जिससे वास्तविक खेद स्पष्ट रूप से व्यक्त हो सके।जस्टिस एम नागप्रसन्ना के समक्ष सुनवाई के दौरान एक्टर की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट साजन पूवय्या ने कहा कि माफी का हलफनामा पहले ही दाखिल किया जा चुका है और उसमें मंदिर जाकर प्रार्थना करने का भी उल्लेख है।हालांकि, शिकायतकर्ता के वकील ने...

MUDA जमीन आवंटन मामले में ED ने खटखटाया कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा, क्लोजर रिपोर्ट को दी चुनौती
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कर्नाटक के बहुचर्चित MUDA (मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण) जमीन आवंटन मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट का रुख किया।ED ने लोकायुक्त पुलिस द्वारा दाखिल 'बी रिपोर्ट' को स्वीकार करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी, जिससे मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके परिवार को राहत मिली थी।यह मामला मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उनकी पत्नी पार्वती, साले मल्लिकार्जुन स्वामी, भूमि स्वामी देवराजु और पूर्व मूडा आयुक्त जी.टी. दिनेश कुमार से जुड़ा है।आरोप है कि मुख्यमंत्री की पत्नी को लाभ पहुंचाने के लिए...
