कर्नाटक हाईकोर्ट

ED द्वारा प्रॉपर्टी ज़ब्त करने के फ़ैसले को आर्टिकल 226 के तहत चुनौती दी जा सकती है: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने PMLA के तहत प्रॉपर्टी ज़ब्त करने के आदेश को चुनौती देने वाली रिट याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया, जबकि मुख्य अपराध (Predicate Offence) रद्द कर दिया गया।कोर्ट ने कहा कि चूंकि PMLA एक "पूरा कोड" है, जिसमें अधिकारियों और उपायों की एक व्यवस्था है। हालांकि ज़ब्ती के आदेश के ख़िलाफ़ आर्टिकल 226 के तहत याचिका दायर की जा सकती है, लेकिन उस पर सुनवाई करना कोर्ट की न्यायिक मर्ज़ी पर निर्भर करता है।हाईकोर्ट हैदराबाद कर्नाटक एजुकेशन (HKE) सोसाइटी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. भीमशंकर बिलगुंडी...

NRI कोटा सीटों पर SC, ST, OBC आरक्षण लागू नहीं हो सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट की धारवाड़ बेंच ने कहा कि NEET-UG काउंसलिंग प्रोसेस में NRI (नॉन-रेसिडेंट इंडियन) कोटा सीटों पर SC (अनुसूचित जाति), ST (अनुसूचित जनजाति) या OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) का आरक्षण लागू नहीं किया जा सकता।जस्टिस एम नागप्रसन्ना और जस्टिस हेमा कुलकर्णी की डिवीजन बेंच ने 18 साल की एक NEET-UG कैंडिडेट की याचिका खारिज की। कैंडिडेट ने NRI (स्पॉन्सर्ड) कैंडिडेट के तौर पर अप्लाई करने के बावजूद, चल रही NEET-UG काउंसलिंग प्रोसेस के दौरान अपना OBC स्टेटस बनाए रखने की इजाज़त मांगी थी।बेंच ने कहा कि...

पत्नी की मास्टर्स डिग्री या परमानेंट एलिमनी का दावा खारिज होना, CrPC की धारा 125 के तहत मेंटेनेंस से इनकार करने का आधार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि CrPC की धारा 125 के तहत मेंटेनेंस का दावा सिर्फ़ इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता कि तलाक की कार्यवाही में पत्नी का परमानेंट एलिमनी का दावा खारिज हो गया, या इस आधार पर कि उसके पास ऐसी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन है, जिससे वह अपनी आजीविका कमा सकती है।जस्टिस डॉ. चिल्लाकुर सुमालथा ने एक पत्नी द्वारा फैमिली कोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर रिवीजन याचिका मंज़ूरी की। फैमिली कोर्ट ने CrPC की धारा 125 के तहत केवल जोड़े के नाबालिग बच्चे को मेंटेनेंस दिया और पत्नी का दावा खारिज किया।कोर्ट ने...

वकील बनकर विधवा से ऐंठे 21 लाख रुपये, हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार
कर्नाटक हाईकोर्ट ने खुद को वकील बताकर विधवा से उसकी संपत्ति से जुड़े मुकदमों को सुलझाने के नाम पर 21 लाख रुपये से अधिक लेने के आरोपी के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने से इनकार किया। हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपों में आपराधिक तत्व दिखाई देता है और मामले को केवल दीवानी विवाद मानकर जांच से बचाया नहीं जा सकता।जस्टिस सूरज गोविंदराज ने आरोपियों की याचिका खारिज करते हुए पुलिस को मामले की उचित और गहन जांच करने का निर्देश दिया।मामला एक विधवा की निजी शिकायत से जुड़ा है। उसके पति की किडनी की बीमारी के बाद मृत्यु हो...

शादी की अवधि कम होना स्थायी गुजारा भत्ता तय करने का अकेला आधार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने 50 लाख गुजारा-भत्ते का आदेश बरकरार रखा
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि स्थायी गुजारा भत्ता तय करते समय केवल शादी की अवधि को आधार नहीं बनाया जा सकता और न ही रकम तय करने के लिए कोई गणितीय फार्मूला लागू किया जा सकता। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का वह आदेश बरकरार रखा, जिसमें तलाक मंजूर करते हुए पत्नी को 50 लाख रुपये स्थायी गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया गया था।जस्टिस डी.के. सिंह और जस्टिस एच. शांति भूषण की डिवीजन बेंच ने पति और पत्नी की ओर से दाखिल दोनों अपीलों को खारिज किया। पत्नी ने तलाक के आदेश को चुनौती देते हुए गुजारा भत्ता बढ़ाकर तीन...

कर्नाटक सरकार ने हाईकोर्ट में कहा- वंदे मातरम् गाना अनिवार्य नहीं, 2 अंतरों के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार
कर्नाटक सरकार ने मंगलवार को हाईकोर्ट में कहा कि राष्ट्रगान की तरह राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' का गायन अनिवार्य नहीं है। सरकार ने राज्य के सरकारी समारोहों में राष्ट्रीय गीत के केवल पहले दो अंतरे गाने के निर्देश वाले अपने आदेश का बचाव करते हुए यह दलील दी।हालांकि, हाईकोर्ट ने याचिका में उठाए गए मुद्दों पर फिलहाल कोई फैसला नहीं दिया और राष्ट्रीय गीत से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के परिणाम का इंतजार करने का निर्देश दिया। जस्टिस अनु शिवरामन और जस्टिस टीपी विवेकानंद की खंडपीठ राज्य...

RSS पर कथित टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामला रद्द कराने कर्नाटक हाईकोर्ट पहुंचे प्रियांक खड़गे
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ी कथित टिप्पणियों को लेकर उनके खिलाफ शुरू की गई आपराधिक मानहानि की कार्यवाही रद्द कराने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट का रुख किया। उन्होंने बेंगलुरु की सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की विशेष अदालत के 27 जून 2026 के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें उनके और कांग्रेस विधायक मोहम्मद हारिस नलपाड के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356 के तहत संज्ञान लिया गया।खड़गे ने हाईकोर्ट से संज्ञान लेने वाले आदेश के साथ-साथ विशेष...

केंद्र ने कर्नाटक हाईकोर्ट से कहा: शादी को मान्यता मिले बिना सेम-सेक्स पार्टनर 'जीवनसाथी' के तौर पर टैक्स छूट का दावा नहीं कर सकते
केंद्र सरकार ने कर्नाटक हाईकोर्ट में सेम-सेक्स जोड़े की याचिका का विरोध किया। यह जोड़ा 'रिश्तेदार' से मिले तोहफ़ों पर इनकम टैक्स एक्ट के तहत छूट का लाभ उठाना चाहता था। सरकार का तर्क है कि 'जीवनसाथी' को मिलने वाला लाभ सेम-सेक्स पार्टनर को तब तक नहीं दिया जा सकता, जब तक उनके रिश्ते को कानूनी रूप से वैध शादी के तौर पर मान्यता न दी जाए।याचिकाकर्ताओं ने इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 56(2)(x) के पांचवें प्रावधान (proviso) में 'जीवनसाथी' शब्द की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी है, क्योंकि इसमें सेम-सेक्स...

वक्फ बोर्ड नियमों को दरकिनार कर एड हॉक समिति नहीं बना सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट की धारवाड़ पीठ ने कहा कि वक्फ बोर्ड वैधानिक प्रक्रिया को दरकिनार कर किसी वक्फ संस्था के प्रबंधन के लिए अपनी मर्जी से एड हॉक समिति नियुक्त नहीं कर सकता।हाईकोर्ट ने राज्य वक्फ बोर्ड की ओर से 11 महीने के लिए बनाई गई 11 सदस्यीय तदर्थ समिति से संबंधित कार्यालय ज्ञापन रद्द किया। जस्टिस सचिन शंकर मगदुम ने मुडलगि की बज्मे तौहीद तंजीम समिति की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।याचिका में वक्फ संस्था के प्रबंधन और निगरानी के लिए बोर्ड द्वारा तदर्थ समिति गठित करने के फैसले को...

मंदिर के चढ़ावे पर विवाद: कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा- आरती की थाली में आया चढ़ावा पुजारी की निजी आय, संयुक्त परिवार की संपत्ति नहीं
कर्नाटक हाईकोर्ट की कलबुर्गी बेंच ने कहा कि मंगल-आरती (पूजा-अनुष्ठान) की थाली में भक्तों द्वारा वंशानुगत अर्चक (मंदिर के पुजारी) को दिया गया चढ़ावा उनकी व्यक्तिगत आय है, जो 'हिंदू गेन्स ऑफ़ लर्निंग एक्ट, 1930' की धारा 3 के तहत सुरक्षित है और यह संयुक्त परिवार की संपत्ति का हिस्सा नहीं है।जस्टिस आर. नटराज और जस्टिस त्यागराज एन. इनावल्ली की डिवीजन बेंच ने कहा,"भक्तों द्वारा अर्चक को दिया गया चढ़ावा वह पारिश्रमिक है, जो उन्हें पवित्र जीवन जीने और आगम शास्त्र में उनकी विद्वता, क्रियाओं और कैंकर्यों...

खड़गे परिवार के ट्रस्ट को जमीन आवंटन मामले में जांच का रास्ता साफ, कर्नाटक हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का आदेश किया रद्द
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके परिवार से जुड़े ट्रस्ट को बेंगलुरु विकास प्राधिकरण की जमीन आवंटित किए जाने में कथित अनियमितताओं की जांच से जुड़े मामले में अहम फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने कहा कि निजी शिकायत के साथ लगाए गए हलफनामे में कमी एक ऐसी प्रक्रिया संबंधी त्रुटि है, जिसे दूर किया जा सकता है। केवल इस आधार पर जांच की वैधानिक प्रक्रिया को रोककर मामले को अदालत की जांच के लिए भेजना उचित नहीं है।जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने निचली अदालत के उस आदेश को रद्द किया,...

तलाकशुदा पुरुष से शादी करने वाली महिला तलाक के आदेश की पुष्टि न करने तक मेंटेनेंस का दावा नहीं कर सकती: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट की धारवाड़ बेंच ने कहा कि जो महिला जानबूझकर किसी ऐसे पुरुष से शादी करती है, जिसे वह तलाकशुदा मानती है, वह CrPC की धारा 125 के तहत गुजारा-भत्ते का दावा नहीं कर सकती, अगर उसने यह पुष्टि नहीं की कि तलाक का आदेश अंतिम हो चुका था या अपील में उस पर रोक (स्टे) लगी हुई।जस्टिस गीता के.बी. ने एक महिला की उस रिवीजन याचिका खारिज की, जिसमें उसने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें उसे गुजारा-भत्ता देने से इनकार कर दिया गया।कोर्ट ने कहा,"जब याचिकाकर्ता को यह पता चल जाता है कि...

कोविड में बीमार माता-पिता की देखभाल के लिए मायके गई पत्नी वापस नहीं लौटी थी: कर्नाटक हाईकोर्ट ने खारिज किया भरण-पोषण का दावा
कर्नाटक हाईकोर्ट ने भरण-पोषण की मांग करने वाली पत्नी की पुनर्विचार याचिका खारिज करते हुए कहा कि वैवाहिक घर छोड़ने का उचित और वाजिब कारण साबित नहीं होने पर पत्नी पति से भरण-पोषण की मांग नहीं कर सकती। अदालत ने पाया कि पत्नी कोविड के दौरान बीमार माता-पिता और बहन की देखभाल के लिए मायके गई थी और बाद में पति के वापस लौटने के आग्रह के बावजूद वैवाहिक घर नहीं लौटी।जस्टिस डॉ. चिलकुर सुमलता ने मैसूरु फैमिली कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि भरण-पोषण का अधिकार अपने आप नहीं मिल जाता।...

पति-पत्नी का अलग-अलग कमरों में रहना अपने आप में क्रूरता नहीं, किंतु लंबे समय से चल रहे झगड़ों का कुल असर मायने रखता है: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक पति की अपील खारिज की। पति ने फैमिली कोर्ट द्वारा मानसिक क्रूरता के आधार पर दिए गए तलाक के आदेश और पत्नी को दिए गए स्थायी गुजारे-भत्ते (एलिमनी) को चुनौती दी थी। ऐसा करते हुए कोर्ट ने एक अहम बात कही कि एक ही घर में अलग-अलग कमरों में रहना, अपने आप में क्रूरता नहीं माना जा सकता। [2026 LiveLaw (Kar) 318]कोर्ट ने आदेश में कहा,"...अकेले इस आधार पर ऐसी व्यवस्था [अलग-अलग कमरे] को क्रूरता नहीं माना जा सकता। सिर्फ़ इस बात से कि पति-पत्नी अलग-अलग कमरों में रहते हैं, क्रूरता...

भवन मंजूरी के बाद Occupancy Certificate के लिए नई शर्त नहीं लगा सकते: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि भवन का Occupancy Certificate (OC) जारी करने के लिए नगरपालिका अधिकारी बाद में ऐसी शर्त नहीं लगा सकते, जिसके तहत मालिक को बिना मुआवजे के सड़क चौड़ीकरण के लिए जमीन छोड़नी पड़े, खासकर जब भवन लाइसेंस के समय ऐसी शर्त नहीं लगाई गई थी।जस्टिस बी.एम. श्याम प्रसाद की एकल पीठ ने संपत्ति मालिकों की याचिका स्वीकार करते हुए अधिकारियों को Relinquishment Deed की मांग किए बिना OC जारी करने का निर्देश दिया, बशर्ते निर्माण स्वीकृत योजना के अनुरूप हो।क्या था मामला?याचिकाकर्ताओं के पास...

पूर्व राजाओं की निजी संपत्ति के उत्तराधिकार पर 26वें संविधान संशोधन का असर नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 5(ii) की संवैधानिक वैधता बरकरार रखते हुए कहा कि पूर्व रियासतों के शासकों की निजी संपत्तियों और अविभाज्य संपदाओं के उत्तराधिकार के संबंध में इस प्रावधान की प्रासंगिकता केवल इसलिए समाप्त नहीं हो जाती, क्योंकि 26वें संविधान संशोधन के जरिए पूर्व शासकों को मिलने वाली प्रिवी पर्स तथा उनके कुछ विशेषाधिकार समाप्त कर दिए गए।जस्टिस एमजीएस कमल ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 291 और 362 का संबंध पूर्व शासकों को प्रिवी पर्स, व्यक्तिगत अधिकारों,...

ED की तलाशी और बैंक अकाउंट फ्रीज करने की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकती है: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई तलाशी और संपत्ति या बैंक अकाउंट फ्रीज करने की कार्रवाई को संविधान के अनुच्छेद 226 तथा दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 482 (अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 528) के तहत हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने गेमिंग कंपनी गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज की याचिका पर सुनवाई करते हुए ED की प्रारंभिक आपत्ति खारिज की। कंपनी ने 23 फरवरी को दर्ज...

ट्रेड यूनियन 'राज्य' नहीं, प्रस्तावित हड़ताल रोकने के लिए नियोक्ता सीधे हाईकोर्ट नहीं जा सकता : कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि किसी प्रस्तावित हड़ताल को रोकने के लिए नियोक्ता द्वारा ट्रेड यूनियन के खिलाफ सीधे संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत याचिका दायर करना सामान्यतः स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ट्रेड यूनियन संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत 'राज्य' की श्रेणी में नहीं आती और न ही वह कोई सार्वजनिक कर्तव्य निभाने वाली संस्था है।जस्टिस अनंत रामनाथ हेगड़े की एकलपीठ ने बॉश ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की याचिका खारिज करते हुए कहा कि यदि सुलह...

अगर पहली शादी कायम है तो स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत मुस्लिम व्यक्ति की दूसरी शादी मान्य नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत की गई शादी, अगर पहले से कोई शादी कायम है तो वह शुरू से ही अमान्य (void ab initio) होती है, भले ही संबंधित पक्ष ऐसे पर्सनल लॉ (व्यक्तिगत कानून) के दायरे में आते हों, जो एक से ज़्यादा शादियों की इजाज़त देता हो। [2026 LiveLaw (Kar) 265]जस्टिस सचिन शंकर मगदुम की सिंगल जज बेंच ने कहा कि ऐसी शादी दूसरी पत्नी को कानूनी रूप से विवाहित पत्नी का दर्जा नहीं देती है।इस बात को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने एक महिला द्वारा दायर रिट याचिका पर...

घरेलू हिंसा कानून के तहत बालिग अविवाहित बेटी पोस्ट-ग्रेजुएशन के लिए पढ़ाई का खर्च मांग सकती है: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि 'महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, 2005' के तहत, पिता अपनी बालिग हो चुकी अविवाहित बेटी की पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए बाध्य है। कोर्ट ने माना कि बच्चे के बालिग होने पर माता-पिता की शिक्षा देने की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती। [2026 LiveLaw (Kar) 258]जस्टिस एच.पी. संदेश की सिंगल जज बेंच ने पिता की वह रिवीजन याचिका खारिज की, जिसमें उन्होंने ट्रायल कोर्ट और डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट के उन आदेशों को चुनौती दी थी, जिनमें उन्हें अपनी बेटी के...
