हाईकोर्ट

गलत सहानुभूति समाज को न्याय से वंचित करती है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फिरौती के लिए नाबालिग का कथित रूप से अपहरण और हत्या करने के मामले में किशोर की जमानत याचिका खारिज की
गलत सहानुभूति समाज को न्याय से वंचित करती है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फिरौती के लिए नाबालिग का कथित रूप से अपहरण और हत्या करने के मामले में किशोर की जमानत याचिका खारिज की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक निर्णय में कहा है कि कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चे को उसके द्वारा किए गए अपराध के बावजूद जमानत नहीं दी जानी चाहिए। न्यायालय एक किशोर के मामले की सुनवाई कर रहा था, जिसने 16 वर्षीय किशोर का अपहरण किया था और फिर फिरौती न मिलने पर उसकी हत्या कर दी थी। जस्टिस दिनेश कुमार पालीवाल की एकल पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों की व्याख्या जमानत के मामलों में अनुचित लाभ देने के लिए नहीं की जा सकती, खासकर तब जब किशोर द्वारा जघन्य अपराध किए...

महत्वपूर्ण तथ्यों को दबाना सिर्फ़ बाजीगरी है, वकालत नहीं: जम्मू-कश्मीर हाइकोर्ट ने न्यायालय से महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने के लिए पूर्व कांस्टेबल की बहाली का आदेश रद्द किया
महत्वपूर्ण तथ्यों को दबाना सिर्फ़ बाजीगरी है, वकालत नहीं': जम्मू-कश्मीर हाइकोर्ट ने न्यायालय से महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने के लिए पूर्व कांस्टेबल की बहाली का आदेश रद्द किया

कानूनी कार्यवाही में पारदर्शिता की महत्ता को रेखांकित करते हुए जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाइकोर्ट ने पुलिस बल में बहाली की मांग करने वाले पूर्व कांस्टेबल की याचिका खारिज की।जस्टिस ताशी रबस्तान और जस्टिस एम.ए. चौधरी द्वारा पारित निर्णय में कहा गया,"महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाना वकालत नहीं है। यह बाजीगरी, हेरफेर, पैंतरेबाज़ी या गलत बयानी है, जिसका न्यायसंगत और विशेषाधिकार क्षेत्राधिकार में कोई स्थान नहीं है।"यह मामला मसरत जान से जुड़ा है, जिसे 1999 में जम्मू-कश्मीर पुलिस में कांस्टेबल के रूप में...

भले ही भ्रष्टाचार के मामलों में स्वतः संज्ञान संशोधन अंततः हटा दिया जाए, तो भी यह संदेश जाना चाहिए कि किसी को भी अदालतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए: मद्रास हाइकोर्ट
भले ही भ्रष्टाचार के मामलों में स्वतः संज्ञान संशोधन अंततः हटा दिया जाए, तो भी यह संदेश जाना चाहिए कि किसी को भी अदालतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए: मद्रास हाइकोर्ट

मद्रास हाइकोर्ट के जस्टिस आनंद वेंकटेश ने मंगलवार को टिप्पणी की कि भले ही भ्रष्टाचार के मामलों में मंत्रियों को बरी किए जाने के खिलाफ स्वतः संज्ञान संशोधन अंततः हटा दिया जाए लेकिन जनता को यह संदेश जाना चाहिए कि किसी को भी अदालतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।अदालत राजस्व मंत्री केकेएसएसआर रामचंद्रन, वित्त मंत्री थंगम थेनारासु और पूर्व टीएन सीएम ओ पन्नीरसेल्वम को बरी किए जाने के खिलाफ स्वतः संज्ञान संशोधन पर सुनवाई कर रही थी। टीएन के एडवोकेट जनरल पीएस रमन ने आज अपनी दलीलें पूरी कर लीं और मामले को...

आरोपी के गवाह को बुलाने का आवेदन खारिज करने वाला ट्रायल कोर्ट का आदेश अंतरिम नहीं, आरोपी को पुनर्विचार याचिका दायर करने का अधिकार: त्रिपुरा हाइकोर्ट
आरोपी के गवाह को बुलाने का आवेदन खारिज करने वाला ट्रायल कोर्ट का आदेश अंतरिम नहीं, आरोपी को पुनर्विचार याचिका दायर करने का अधिकार: त्रिपुरा हाइकोर्ट

त्रिपुरा हाइकोर्ट ने माना कि गवाहों को बुलाने का आरोपी का आवेदन खारिज करने वाला ट्रायल कोर्ट का आदेश अंतिम आदेश है, न कि मध्यवर्ती आदेश', जो आरोपी को दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (सीआरपीसी) की धारा 397 के तहत पुनर्विचार याचिका दायर करने का अधिकार देता है।आरोपी/याचिकाकर्ता ने 07.03.2024 को दो गवाहों को समन जारी करने के लिए ट्रायल कोर्ट के समक्ष याचिका दायर की थी। हालांकि ट्रायल कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया, क्योंकि 24.01.2024 को गवाहों की सूची दाखिल करने के समय बचाव पक्ष ने दो गवाहों के नाम प्रस्तुत...

निर्दोषों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई को रोकने के लिए जिम्मेदार न्यायालयों को दुर्भावनापूर्ण अभियोजन के आरोप में सावधानी से आगे बढ़ना चाहिए: झारखंड हाईकोर्ट
निर्दोषों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई को रोकने के लिए जिम्मेदार न्यायालयों को दुर्भावनापूर्ण अभियोजन के आरोप में सावधानी से आगे बढ़ना चाहिए: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने दुर्भावनापूर्ण रूप से दायर किए गए मामले में आपराधिक कार्यवाही रद्द की। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि जब कोई मामला दुर्भावनापूर्ण इरादे से दायर किया जाता है और बाद में हाईकोर्ट में चुनौती दी जाती है तो निर्दोष व्यक्ति के गलत अभियोजन को रोकने के लिए मामले की सावधानीपूर्वक जांच करने की अधिक जिम्मेदारी होती है।जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी ने टिप्पणी की,"इसमें कोई संदेह नहीं है कि यदि कोई मामला बनता है तो हाईकोर्ट को कार्यवाही रद्द करने के लिए सावधानी के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता...

न्याय बिकाऊ नहीं है, समान स्थिति वाले व्यक्तियों को न्याय का लाभ न देना संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन: राजस्थान हाईकोर्ट
न्याय बिकाऊ नहीं है, समान स्थिति वाले व्यक्तियों को न्याय का लाभ न देना संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में टिप्पणी की, "न्याय बिकाने वाली चीज़ नहीं है। सभी पीड़ित व्यक्तियों को राज्य प्राधिकारियों द्वारा न्यायालय में जाने तथा समान स्थिति वाले व्यक्तियों के पक्ष में पारित समान आदेश प्राप्त करने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए, जिन्होंने पहले न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।"परिवहन विभाग द्वारा खनन विभाग के अनुरोध पर उनके वाहनों को काली सूची में डालने को चुनौती देने वाली कई रिट याचिकाओं का निपटारा करते समय यह टिप्पणी की गई।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने कहा कि इसी तरह...

CCTV Cameras
पुलिस ने BJP नेता के घर बाहर लगाए CCTV कैमरे, हाईकोर्ट ने CISF को निजता के उल्लंघन की जांच करने का निर्देश दिया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी नेता अर्जुन सिंह को सौंपे गए CISF कर्मियों को निर्देश दिया कि वे जांच करें कि पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा सिंह के आवास के बाहर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे उनकी निजता का उल्लंघन तो नहीं कर रहे हैं।जस्टिस अमृता सिन्हा की एकल पीठ ने CISF को निर्देश दिया कि वह शिकायत का पता लगाने के लिए राज्य पुलिस से संपर्क करे और सिंह के घर के सामने लगे सीसीटीवी कैमरों तक पहुंच की मांग करे। पीठ ने अगली सुनवाई से पहले CISF से इस पर रिपोर्ट भी मांगी है।न्यायालय ने कहा कि...

राज्य की हर कार्रवाई को मुख्यमंत्री से नहीं जोड़ा जा सकता: तेलंगाना हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी हॉस्टल बंद करने के मामले में रेवंत रेड्डी के खिलाफ याचिका खारिज की
'राज्य की हर कार्रवाई को मुख्यमंत्री से नहीं जोड़ा जा सकता': तेलंगाना हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी हॉस्टल बंद करने के मामले में रेवंत रेड्डी के खिलाफ याचिका खारिज की

तेलंगाना हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी हॉस्टल बंद करने के मामले में कथित रूप से मनगढ़ंत ट्वीट से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ अपराध दर्ज करने के लिए उस्मानिया यूनिवर्सिटी क्षेत्र के स्टेशन हाउस ऑफिसर को निर्देश देने की मांग वाली रिट याचिका खारिज कर दी है।जस्टिस बी. विजयसेन रेड्डी की पीठ ने आज प्रवेश के चरण में मामले की सुनवाई की और उसका निपटारा किया।याचिकाकर्ता यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट हैं। उसने दावा किया कि 27 अप्रैल को यूनिवर्सिटी कैंपस में विरोध प्रदर्शन के बाद यूनिवर्सिटी के...

कर्मचारी मुआवजा अधिनियम की धारा 30 के तहत अपील में सीमित क्षेत्राधिकार, साक्ष्यों की जांच या तथ्य की जांच का जोखिम नहीं उठा सकते: राजस्थान हाईकोर्ट
कर्मचारी मुआवजा अधिनियम की धारा 30 के तहत अपील में सीमित क्षेत्राधिकार, साक्ष्यों की जांच या तथ्य की जांच का जोखिम नहीं उठा सकते: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने दोहराया कि कर्मचारी मुआवजा अधिनियम (Workmen Compensation Act) की धारा 30 के तहत अपील हाईकोर्ट के क्षेत्राधिकार को केवल विधि के सारवान प्रश्नों तक सीमित करती है, जिसमें न्यायालय जांच या जांच के लिए साक्ष्यों का पुनर्मूल्यांकन नहीं कर सकता।जस्टिस नरेन्द्र सिंह ढढ्ढा की पीठ ने कहा कि तथ्यों के प्रश्न पर कर्मचारी मुआवजा आयुक्त अंतिम अधिकारी है।उन्होंने कहा,“कानून की यह स्थापित स्थिति है कि हाईकोर्ट केवल विधि के सारवान प्रश्न तक सीमित क्षेत्राधिकार दिया गया है और हाईकोर्ट दोनों...

अपनी रूढ़िवादी छवि के बावजूद तमिलनाडु LGBTQ उत्थान के लिए नीतियां ला रहा है: मद्रास हाईकोर्ट
अपनी रूढ़िवादी छवि के बावजूद तमिलनाडु LGBTQ उत्थान के लिए नीतियां ला रहा है: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने LGBTQ समुदाय के सदस्यों के उत्थान के लिए नीतियां लाने में तमिलनाडु सरकार के प्रयासों की सराहना की।जस्टिस आनंद वेंकटेश ने राज्य सरकार को सार्वजनिक रोजगार और शिक्षा में आरक्षण प्रदान करके ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के उत्थान के लिए एक नीति को अंतिम रूप देने के लिए 3 महीने का समय दिया। "यह न्यायालय आश्वस्त है कि राज्य तीन महीने के भीतर नीति को अंतिम रूप देगा और अधिसूचित करेगा। यह नीति पूरे देश के लिये एक मिसाल कायम करेगी और LGBTQIA+ समुदाय के लिये आशा की किरण जगाएगी। यह आश्चर्यजनक...

सम्मान से अंतिम संस्कार का अधिकार: हाईकोर्ट ने नगर आयुक्त को मुंबई में अपर्याप्त कब्रिस्तानों के मुद्दे को व्यक्तिगत रूप से संबोधित करने का निर्देश दिया
"सम्मान से अंतिम संस्कार का अधिकार": हाईकोर्ट ने नगर आयुक्त को मुंबई में अपर्याप्त कब्रिस्तानों के मुद्दे को व्यक्तिगत रूप से संबोधित करने का निर्देश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को ग्रेटर मुंबई नगर निगम (एमसीजीएम) के आयुक्त को निर्देश दिया कि वे मुंबई में अपर्याप्त कब्रिस्तानों के मुद्दे पर व्यक्तिगत रूप से विचार करें और नए कब्रिस्तानों की पहचान करने और उन्हें अधिग्रहित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। कोर्ट ने कहा,"...हम निर्देश देते हैं कि नगर निगम के आयुक्त के अलावा कोई भी व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से मामले को नहीं देखेगा और तदनुसार निर्देश जारी करेगा जो (ए) रफी नगर से तीन किलोमीटर के आसपास के क्षेत्र में कब्रिस्तान के रूप में इस्तेमाल की जाने...

S.427 CrPC | जुर्माना अदा न करने पर दी गई सजा को मुख्य सजा के साथ-साथ चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती: राजस्थान हाईकोर्ट
S.427 CrPC | जुर्माना अदा न करने पर दी गई सजा को मुख्य सजा के साथ-साथ चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को किसी अपराध के लिए दी गई अन्य मुख्य सजाओं के साथ-साथ चलने का लाभ डिफ़ॉल्ट सजाओं को नहीं मिलता।जस्टिस अनिल कुमार उपमन की पीठ ने धारा 427 सीआरपीसी से संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि जुर्माना/मुआवजा अदा न करने पर दी गई सजाओं के साथ-साथ मुख्य सजाओं को चलाने की अनुमति नहीं है।पीठ ने कहा,“याचिकाकर्ता को डिफ़ॉल्ट सजाएं काटनी होंगी, क्योंकि धारा 427 सीआरपीसी के प्रावधान जुर्माना/मुआवजा अदा न करने पर दी गई सजाओं के साथ-साथ मुख्य सजाएं चलाने के...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने शेक्सपियर को उद्धृत करते हुए भागे हुए विवाहित जोड़ों के खिलाफ अपहरण के मामलों को रद्द करने का आह्वान किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने शेक्सपियर को उद्धृत करते हुए भागे हुए विवाहित जोड़ों के खिलाफ अपहरण के मामलों को रद्द करने का आह्वान किया

शेक्सपियर के उद्धरण "विवाह ऐसा मामला है, जो वकीलों द्वारा निपटाए जाने से कहीं अधिक मूल्यवान है", पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि उसे अपहरण के उन मामलों को रद्द करने के लिए "उच्च स्तर की स्वतंत्रता" के साथ विचार करना चाहिए, जिनमें आरोपी और पीड़ित ने एक-दूसरे से विवाह किया और "खुशी से रह रहे हैं।"कोर्ट ने उन एफआईआर को रद्द करने के लिए नियमित रूप से याचिका दायर करने पर भी चिंता जताई, जिनमें भागे हुए जोड़े में से पुरुष पर महिला को उकसाने का आरोप लगाया जाता, जबकि परिवार विवाह के पक्ष में नहीं...

खतरनाक और क्रूर कुत्तों की नस्लों पर प्रतिबंध लगाने पर आपत्तियों पर विचार करें: केरल हाइकोर्ट ने पशुपालन मंत्रालय से कहा
खतरनाक और क्रूर कुत्तों की नस्लों पर प्रतिबंध लगाने पर आपत्तियों पर विचार करें: केरल हाइकोर्ट ने पशुपालन मंत्रालय से कहा

केरल हाइकोर्ट ने मत्स्य पालन और पशुपालन मंत्रालय को निर्देश दिया कि वह केंद्रीय मत्स्य पालन पशुपालन और डेयरी विभाग द्वारा जारी 12 मार्च 2024 के सर्कुलर को चुनौती देने वाली रिट याचिका पर विचार करते समय हितधारकों द्वारा प्रस्तुत आपत्तियों पर विचार करे, जिसमें कुत्तों की लगभग 23 नस्लों को मानव जीवन के लिए क्रूर और खतरनाक होने के आधार पर पालने पर प्रतिबंध लगाया गया। रिट याचिका कुछ कुत्ते प्रेमियों द्वारा दायर की गई, जो कुत्तों की ऐसी नस्लों के मालिक भी हैं।न्यायालय ने उल्लेख किया कि कर्नाटक और...

विवाह को बचाने जैसे नेक काम के लिए पत्नी की चुप्पी को उसके खिलाफ नहीं माना जा सकता: पति द्वारा तलाक मांगने के बाद दर्ज की गई क्रूरता की शिकायत पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा
विवाह को बचाने जैसे 'नेक काम' के लिए पत्नी की चुप्पी को उसके खिलाफ नहीं माना जा सकता: पति द्वारा तलाक मांगने के बाद दर्ज की गई क्रूरता की शिकायत पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा

पत्नी के साथ क्रूरता के लिए पति के रिश्तेदारों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को खारिज करने से इनकार करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस बात पर जोर दिया है कि वैवाहिक संबंधों को बचाने की उम्मीद में शिकायतकर्ता-पत्नी की चुप्पी को उसके खिलाफ नहीं माना जा सकता। ज‌‌स्टिस गुरपाल सिंह अहलूवालिया की एकल पीठ ने कहा कि क्रूरता के लिए दर्ज एफआईआर को केवल इसलिए तलाक की याचिका के 'प्रतिवाद' के रूप में खारिज नहीं किया जा सकता क्योंकि आपराधिक शिकायत दर्ज करने में समय बीत चुका है। इस मामले में क्रूरता के लिए शिकायत...

स्थानीय लोगों द्वारा मादक पदार्थों का परिवहन करने वाले वाहन का पता लगाना और उसके बाद पुलिस द्वारा जब्त किया जाना सार्वजनिक स्थान से संयोगवश बरामदगी है: मणिपुर हाइकोर्ट
स्थानीय लोगों द्वारा मादक पदार्थों का परिवहन करने वाले वाहन का पता लगाना और उसके बाद पुलिस द्वारा जब्त किया जाना सार्वजनिक स्थान से संयोगवश बरामदगी है: मणिपुर हाइकोर्ट

मणिपुर हाइकोर्ट ने माना कि क्षेत्राधिकार में स्थानीय लोगों द्वारा मादक पदार्थों का पता लगाना, सुरक्षा के लिए दूसरे क्षेत्राधिकार में स्थानांतरित करना और बाद में बाद के औचित्य की पुलिस द्वारा जब्त किया जाना संयोगवश बरामदगी है, जिसके लिए नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 (NDPS Act 1985) की धारा 43 लागू होती है।जस्टिस ए. गुणेश्वर शर्मा थौबल के विशेष ट्रायल न्यायालय द्वारा NDPS Act के तहत अभियुक्तों/प्रतिवादियों को बरी करने के निर्णय के विरुद्ध दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई कर...

सीआरपीसी बलात्कार की शिकायत को जांच से पहले लंबित रखने की अनुमति नहीं देता: हाईकोर्ट ने राजस्थान पुलिस को फटकार लगाई, डीजीपी से हस्तक्षेप करने को कहा
सीआरपीसी बलात्कार की शिकायत को जांच से पहले लंबित रखने की अनुमति नहीं देता: हाईकोर्ट ने राजस्थान पुलिस को फटकार लगाई, डीजीपी से हस्तक्षेप करने को कहा

राजस्थान हाईकोर्ट ने बलात्कार के एक मामले में जांच अधिकारी के आचरण पर नाराजगी जताई है, क्योंकि उन्होंने एफआईआर दर्ज करने से पहले "पूर्व-जांच" करने के बहाने शिकायत को लगभग एक सप्ताह तक लंबित रखा। जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने कहा कि सीआरपीसी या आपराधिक न्यायशास्त्र में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि बलात्कार के अपराध या किसी अपराध की रिपोर्ट को काफी समय तक पूर्व-जांच के लिए लंबित रखा जाए।पीठ यह जानकर भी हैरान थी कि एफआईआर दर्ज करने से पहले अभियोक्ता का बयान दर्ज किया गया था। "जांच अधिकारी (आईओ),...

राज्य जनहित और जवाबदेही की आड़ में कर्मचारियों की पेंशन जारी करने में देरी नहीं कर सकता: कलकत्ता हाइकोर्ट
राज्य जनहित और जवाबदेही की आड़ में कर्मचारियों की पेंशन जारी करने में देरी नहीं कर सकता: कलकत्ता हाइकोर्ट

कलकत्ता हाइकोर्ट के जस्टिस अनिरुद्ध रॉय की एकल पीठ ने श्री कुणाल चंद्र सेन बनाम पश्चिम बंगाल राज्य और अन्य के मामले में रिट याचिका पर निर्णय करते हुए कहा कि राज्य जनहित और जवाबदेही का बहाना बनाकर कर्मचारियों की पेंशन जारी करने में अनिश्चित काल तक देरी नहीं कर सकता।मामले की पृष्ठभूमिकुणाल चंद्र सेन (याचिकाकर्ता) को 20 दिसंबर, 2004 को अस्थायी आधार पर चंद्रनगर बंग विद्यालय का प्रधानाध्यापक नियुक्त किया गया। बाद में उन्हें 1 फरवरी, 2005 को स्थायी प्रधानाध्यापक नियुक्त किया गया। याचिकाकर्ता 31 जुलाई,...