हाईकोर्ट

ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड गायब: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1982 के मामले में व्यक्ति को बरी किया
ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड गायब: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1982 के मामले में व्यक्ति को बरी किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में 42 साल पुराने मामले में एकमात्र जीवित अपीलकर्ता/आरोपी को बरी किया, जब उसे जिला जज बलिया से रिपोर्ट मिली कि मामले का पूरा रिकॉर्ड हटा दिया गया और उसका पुनर्निर्माण असंभव है।जस्टिस नलिन कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने सितंबर 1982 में बलिया के सेशन कोर्ट द्वारा पारित दोषसिद्धि निर्णय और चार वर्ष के कारावास के खिलाफ राम सिंह द्वारा दायर अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।ट्रायल कोर्ट ने उसे हत्या और साक्ष्य नष्ट करने के मामले में दोषी ठहराया था। अपीलकर्ता को धारा...

[S.419(4) BNSS] केवल तभी जब शिकायतकर्ता अपराध का पीड़ित न हो, बरी किए जाने के विरुद्ध अपील करने की अनुमति आवश्यक: राजस्थान हाईकोर्ट
[S.419(4) BNSS] केवल तभी जब शिकायतकर्ता अपराध का पीड़ित न हो, बरी किए जाने के विरुद्ध अपील करने की अनुमति आवश्यक: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में जहां शिकायतकर्ता अपराध का पीड़ित है, जैसा कि BNSS की धारा 2(Y) के तहत परिभाषित किया गया, उसे बरी किए जाने के विरुद्ध अपील करने की अनुमति मांगने के लिए हाईकोर्ट के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है, जैसा कि BNSS की धारा 419(4) के तहत प्रावधान किया गया।धारा 419(4), BNSS यह प्रावधान करती है कि ऐसी स्थिति में जहां किसी मामले में बरी किए जाने का आदेश पारित किया जाता है, शिकायतकर्ता हाईकोर्ट द्वारा उस प्रभाव के लिए अपील करने की विशेष...

आवास और फार्म हाउस से बेदखली के खिलाफ शिल्पा शेट्टी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
आवास और फार्म हाउस से बेदखली के खिलाफ शिल्पा शेट्टी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया

बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी और उनके व्यवसायी पति राज कुंद्रा ने मुंबई के आलीशान जुहू इलाके में उनके आवासीय परिसर और पवना झील के पास फार्म हाउस को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा कथित क्रिप्टो संपत्ति पोंजी स्कीम मामले के संबंध में अस्थायी रूप से जब्त किए जाने के बाद दंपति को जारी किए गए बेदखली नोटिस को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस पृथ्वीराज चव्हाण की खंडपीठ ने बुधवार (9 अक्टूबर) को ED को नोटिस जारी किया। मामले की सुनवाई गुरुवार (10...

पश्चिम बंगाल AIIMS को दिल्ली AIIMS के बराबर लाया जाए: कलकत्ता हाईकोर्ट ने पोस्टमार्टम सुविधाओं की कमी पर केंद्र सरकार से कहा
पश्चिम बंगाल AIIMS को दिल्ली AIIMS के बराबर लाया जाए: कलकत्ता हाईकोर्ट ने पोस्टमार्टम सुविधाओं की कमी पर केंद्र सरकार से कहा

कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को टिप्पणी की कि पश्चिम बंगाल के कल्याणी में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) को दिल्ली या ऋषिकेश के AIIMS के स्तर का बनाया जाना चाहिए।जस्टिस तीर्थंकर घोष की एकल पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए ये टिप्पणियां कीं, जिसमें उन्होंने बंगाल के जयनगर इलाके में बलात्कार और हत्या की शिकार नाबालिग लड़की का पोस्टमार्टम कल्याणी के AIIMS अस्पताल में करने का निर्देश दिया था।सुनवाई में न्यायालय को बताया गया कि अस्पताल में पोस्टमार्टम करने के लिए बुनियादी ढांचे की कमी है,...

सेवा विवाद का निपटारा करते समय केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल सिविल न्यायालय का विकल्प: इलाहाबाद हाईकोर्ट
सेवा विवाद का निपटारा करते समय केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल सिविल न्यायालय का विकल्प: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पाया कि केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल सिविल न्यायालयों के विकल्प हैं, क्योंकि पहले सिविल कोर्ट में निहित अधिकार क्षेत्र को उन ट्रिब्यूनल को ट्रांसफर कर दिया गया, जिनके पास सिविल कोर्ट के लिए निर्धारित समान शक्तिया और प्रक्रियाएं हैं।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ ने कहा,“अधिनियम 1985 के तहत केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के गठन से पहले उपाय सिविल कोर्ट के समक्ष था। इसलिए भारत के संविधान के अनुच्छेद 323-ए के तहत वैकल्पिक मंच प्रदान किया गया। यह साक्ष्य ले...

सेंट्रल जेल जबलपुर में कैदियों के लिए पीने के पानी की क्षमता, भंडारण और आपूर्ति की जांच करें: हाईकोर्ट ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया
सेंट्रल जेल जबलपुर में कैदियों के लिए पीने के पानी की क्षमता, भंडारण और आपूर्ति की जांच करें: हाईकोर्ट ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया

जबलपुर में सेंट्रल जेल के कैदियों के लिए कथित रूप से अस्वास्थ्यकर पेयजल की स्थिति को उजागर करने वाली जनहित याचिका (PIL) याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जेल अधीक्षक को पीने के पानी की क्षमता की जांच करने और यह इंगित करने का निर्देश दिया कि इसे कैसे संग्रहीत किया जाता है और कैदियों को आपूर्ति की जाती है।जनहित याचिका पर नोटिस जारी करते हुए जस्टिस संजीव सचदेवा (जो मामले के सूचीबद्ध होने के समय एक्टिंग चीफ जस्टिस थे) और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने 23 सितंबर के अपने आदेश में...

हाईकोर्ट ने पंजाब की पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्टल की सुरक्षा कम करने के मामले में हस्तक्षेप करने से किया इनकार
हाईकोर्ट ने पंजाब की पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्टल की सुरक्षा कम करने के मामले में हस्तक्षेप करने से किया इनकार

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस का फैसले बरकरार रखा, जिसमें पंजाब की पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्टल की सुरक्षा को 'जेड' श्रेणी से घटाकर 'वाई' श्रेणी में करने का फैसला किया गया था।जस्टिस विनोद एस भारद्वाज ने भट्टल की सुरक्षा जरूरतों के बारे में सक्षम प्राधिकारी के निष्कर्ष से असहमत होने का कोई आधार नहीं पाया।इसने नोट किया कि प्राधिकारी ने कथित खतरों और चिंताओं का गहन मूल्यांकन करने के बाद किसी भिन्न निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए अपर्याप्त सामग्री पाई।कोर्ट ने कहा,"याचिकाकर्ता के साथ...

A&C Act की धारा 17 के तहत आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल के आदेशों के खिलाफ चुनौतियों पर निर्णय लेते समय न्यायालय CPC Order 38 और 39 से पूरी तरह से बाध्य नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
A&C Act की धारा 17 के तहत आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल के आदेशों के खिलाफ चुनौतियों पर निर्णय लेते समय न्यायालय CPC Order 38 और 39 से पूरी तरह से बाध्य नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

जस्टिस प्रतीक जालान की दिल्ली हाईकोर्ट की पीठ ने माना है कि मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 (A&C Act) की धारा 17 के तहत आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल द्वारा पारित आदेशों में न्यायालय सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) ऑर्डर XXXVIII और XXXIX के अंतर्निहित सिद्धांतों से बाध्य नहीं।न्यायालय ने देखा कि ऐसे आदेशों में हस्तक्षेप केवल उन मामलों तक सीमित है, जहां आदेश "विकृत या स्पष्ट रूप से मनमाने" हैं। न्यायालय ने ट्रिब्यूनल द्वारा प्रतिभूति राशि में कमी और मजबूत प्रतिभूति की आवश्यकता में कोई दोष नहीं पाया। माना...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने MGNREGA श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता देने, काम फिर से शुरू करने के मामले में केंद्र और राज्य से हलफनामा मांगा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने MGNREGA श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता देने, काम फिर से शुरू करने के मामले में केंद्र और राज्य से हलफनामा मांगा

कलकत्ता हाईकोर्ट ने धन जारी करने में हुए विवाद पर राज्य और केंद्र सरकार से जवाब मांगा, जिसके कारण पश्चिम बंगाल में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के तहत कई दिहाड़ी मजदूरों को भुगतान नहीं किया गया।चीफ जस्टिस टीएस शिवगनम और जस्टिस बिवास पटनायक की खंडपीठ पश्चिम बंगा खेत मजूर समिति (PBKMS) की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो मनरेगा श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करने वाली एक ट्रेड यूनियन है।राज्य सरकार की ओर से पेश हुए एडवोकेट जनरल ने न्यायालय को सूचित किया कि 9 मार्च 2022...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दूसरी शादी करने के कारण सेवा से बर्खास्त किए गए मुस्लिम वायुसेना अधिकारी को राहत दी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दूसरी शादी करने के कारण सेवा से बर्खास्त किए गए मुस्लिम वायुसेना अधिकारी को राहत दी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने भारतीय वायुसेना (IAF) के एक अधिकारी की बर्खास्तगी का आदेश रद्द कर दिया, जिसने मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत दूसरी शादी की थी, यह देखते हुए कि उसने देशभक्त सैनिक के रूप में बेदाग सेवा की है। उसकी बर्खास्तगी आजीविका के अधिकार का उल्लंघन होगी।IAF अधिकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया, क्योंकि उसने सक्षम अधिकारियों की सहमति के बिना दूसरी शादी की थी। हालांकि न्यायालय ने कहा कि दूसरी शादी मुस्लिम कानून के तहत वैध है। वर्तमान मामले में यह पहली पत्नी की सहमति से की गई।जस्टिस...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पत्नी की कठिनाइयों के बावजूद तलाक की कार्यवाही ट्रांसफर करने की याचिका का विरोध करने वाले पति पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पत्नी की कठिनाइयों के बावजूद तलाक की कार्यवाही ट्रांसफर करने की याचिका का विरोध करने वाले पति पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में महिला की मदद की, जिसे उसके अलग हुए पति द्वारा तलाक की कार्यवाही में शामिल होने के लिए अपने समय से पहले जन्मे अब 15 महीने के बेटे के साथ कम से कम 8 घंटे की यात्रा करने के लिए 'मजबूर' किया जा रहा था। साथ ही उसकी कठिनाइयों को कम करने के लिए पति पर 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया।जस्टिस मिलिंद जाधव की एकल पीठ ने महिला की 'कठिनाइयों' को देखते हुए पति द्वारा ठाणे जिले के वसई में शुरू की गई तलाक की कार्यवाही को मुंबई के बांद्रा फैमिली कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया।जज ने कहा...

राज्य के अधिकारी किसी व्यक्ति को उसकी संपत्ति से बेदखल करके और फिर कोई मुआवज़ा न देकर गुंडों की तरह काम नहीं कर सकते: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
राज्य के अधिकारी किसी व्यक्ति को उसकी संपत्ति से बेदखल करके और फिर कोई मुआवज़ा न देकर 'गुंडों' की तरह काम नहीं कर सकते: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

भूमि पर कब्जे से संबंधित मामले की सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य के अधिकारी गुंडों की तरह काम नहीं कर सकते और किसी व्यक्ति को उसकी संपत्ति से बेदखल करके यह दावा नहीं कर सकते कि वे "अवैध रूप से बेदखल" व्यक्ति को कोई मुआवज़ा/किराया/मासिक लाभ नहीं देंगे।ऐसा कहते हुए न्यायालय ने फिर से पुष्टि की कि किसी को भी उसकी संपत्ति के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता, जो न केवल एक संवैधानिक अधिकार है, बल्कि मानवाधिकार भी है, यह देखते हुए कि वर्तमान मामले में महिला को उसकी स्वामित्व वाली...

बार काउंसिल ऑफ इंडिया वकीलों या उसके सदस्यों के भाषण पर रोक लगाने के लिए गैग ऑर्डर जारी नहीं कर सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट
बार काउंसिल ऑफ इंडिया वकीलों या उसके सदस्यों के भाषण पर रोक लगाने के लिए गैग ऑर्डर जारी नहीं कर सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने माना कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के पास वकीलों या यहां तक ​​कि बार काउंसिल के सदस्यों के भाषण पर रोक लगाने के लिए गैग ऑर्डर जारी करने का अधिकार नहीं है।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा,“बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष स्पष्ट रूप से ऐसा कोई गैग ऑर्डर पारित नहीं कर सकते हैं, जो किसी भी अधिवक्ता के मौलिक अधिकार को छीनता हो। न्यायालयों की शक्ति चाहे वह सक्षम सिविल न्यायालय हो या संवैधानिक न्यायालय को बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष द्वारा हड़पने की अनुमति...

सोनम वांगचुक और लद्दाख के अन्य लोगों को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका
सोनम वांगचुक और लद्दाख के अन्य लोगों को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका

दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसमें पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और लद्दाख के उनके सहयोगियों को 08 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक जंतर-मंतर या किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने और लद्दाख के लिए छठी अनुसूची का दर्जा मांगने के लिए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी गई।यह याचिका लद्दाख के सांस्कृतिक पर्यावरणीय हितों की रक्षा करने की दिशा में काम करने वाले संगठन एपेक्स बॉडी लेह द्वारा दायर की गई। संगठन ने वांगचुक सहित लगभग 200 पदयात्रियों के साथ मार्च की शुरुआत...

रियल एस्टेट परियोजना के पंजीकरण के लिए आवेदन को मंजूरी दी जाएगी यदि RERA द्वारा 30 दिनों में कोई निर्णय नहीं लिया गया: इलाहाबाद हाईकोर्ट
रियल एस्टेट परियोजना के पंजीकरण के लिए आवेदन को मंजूरी दी जाएगी यदि RERA द्वारा 30 दिनों में कोई निर्णय नहीं लिया गया: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं के पंजीकरण के लिए आवेदनों पर निर्णय लेने के लिए रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 5 (2) के तहत निर्धारित 30 दिन की अवधि प्रकृति में अनिवार्य है क्योंकि 30 दिनों के भीतर आवेदन स्वीकार या अस्वीकार करने में विफलता पर, परियोजना को पंजीकृत माना जाएगा।रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 4 सभी रियल एस्टेट परियोजनाओं के लिए आवेदन प्रदान करती है। अधिनियम की धारा 5 में प्राधिकरण को पंजीकरण के लिए आवेदन स्वीकार करने...

S. 188 CrPC | CBI भारतीयों द्वारा विदेश में किए गए अपराधों की जांच के लिए केवल केंद्र की मंजूरी की आवश्यकता, राज्य की सहमति की आवश्यकता नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
S. 188 CrPC | CBI भारतीयों द्वारा विदेश में किए गए अपराधों की जांच के लिए केवल केंद्र की मंजूरी की आवश्यकता, राज्य की सहमति की आवश्यकता नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को किसी भारतीय नागरिक द्वारा देश के बाहर किए गए अपराध की जांच के लिए दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (DSPE) अधिनियम 1946 की धारा 6 के तहत राज्य सरकार की सहमति लेने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मामलों में केवल केंद्र सरकार की मंजूरी की आवश्यकता है।जस्टिस विवेक कुमार बिड़ला और जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ ने कहा कि DSPE एक्ट की धारा 6 के अनुसार राज्य सरकार के किसी भी क्षेत्र में जांच के लिए राज्य सरकार की सहमति आवश्यक है। फिर भी यदि किसी...

भले ही गैरकानूनी सभा के केवल एक सदस्य ने घातक चोट पहुंचाई हो, सभी सह-आरोपी हत्या के लिए उत्तरदायी होंगे: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
भले ही गैरकानूनी सभा के केवल एक सदस्य ने घातक चोट पहुंचाई हो, सभी सह-आरोपी हत्या के लिए उत्तरदायी होंगे: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि भले ही मृतक को घातक चोट अवैध रूप से एकत्रित लोगों में से किसी एक व्यक्ति द्वारा पहुंचाई गई हो, लेकिन सभी लोग "प्रतिनिधि आपराधिक दायित्व" के सिद्धांत के तहत हत्या के लिए उत्तरदायी होंगे। जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर और जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने कहा,"भले ही घातक हमला अभियुक्तों में से किसी एक द्वारा किया गया हो, जबकि अन्य सह-अभियुक्तों ने घायल व्यक्ति के शरीर पर गंभीर चोटें पहुंचाई हों। फिर भी, प्रत्येक अभियुक्त, जिसने गैरकानूनी सभा का गठन किया था,...

पुलिस को अपराधियों जैसा काम करने दिया जाएगा तो आम जनता का भरोसा उठ जाएगा: अवैध वसूली के तथ्य सामने आने पर राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा
पुलिस को अपराधियों जैसा काम करने दिया जाएगा तो आम जनता का भरोसा उठ जाएगा: अवैध वसूली के तथ्य सामने आने पर राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा

मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में फंसाने की धमकी देकर जबरन वसूली और अवैध हिरासत के गम्भीर आरोप सामने आने पर राजस्थान हाईकोर्ट ने सोमवार (7 अक्टूबर) को दो पुलिसकर्मियों को तत्काल निलम्बित कर दिया। जोधपुर में जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने आदेश में कहा कि यदि कानून के रक्षक माने जाने वाले पुलिस अधिकारियों को अपराधियों जैसा काम करने दिया जाएगा और उनके खिलाफ भारी मात्रा में वसूली के आरोपों की अनदेखी की जाएगी तो आम जनता का पुलिस पर से भरोसा उठ जाएगा और समाज में रोष बढ़ेगा।जमानत याचिका की सुनवाई के...