हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने अधीनस्थ के खिलाफ जाति आधारित टिप्पणी करने के लिए पूर्व सीआईएसएफ अधिकारी को दी गई सजा बरकरार रखी, कहा- आरोप गंभीर
झारखंड हाईकोर्ट ने अधीनस्थ के खिलाफ जाति आधारित टिप्पणी करने के लिए पूर्व सीआईएसएफ अधिकारी को दी गई सजा बरकरार रखी, कहा- आरोप गंभीर

झारखंड हाईकोर्ट ने एक फैसले में माना कि किसी अधिकारी का अच्छा अतीत अनुशासनात्मक प्राधिकारी द्वारा लगाए गए दंड की मात्रा में हस्तक्षेप करने का आधार नहीं हो सकता, खासकर जब आरोप कदाचार से संबंधित हो। चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की खंडपीठ ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, बोकारो स्टील लिमिटेड के पूर्व सहायक कमांडेंट को दिए गए अनुशासनात्मक दंड की पुष्टि की, जिन्हें अपने कार्यालय में एक निरीक्षक के खिलाफ जाति-आधारित टिप्पणी करने का दोषी पाया गया था।न्यायालय ने कहा, "हम यह...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पति-पत्नी और नाबालिग बच्चों वाले परिवार की अंतिम सांस तक एकता के लिए ईश्वर से प्रार्थना की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पति-पत्नी और नाबालिग बच्चों वाले परिवार की 'अंतिम सांस तक' एकता के लिए 'ईश्वर से प्रार्थना' की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक टिप्पणी में एक माँ द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर विचार करते हुए हाल ही में व्यक्त किया कि वह परिवार के लिए 'ईश्वर से प्रार्थना' करती है कि वे अपनी 'अंतिम सांस' तक एक साथ रहें।उक्त माँ वर्तमान में अपने पिता के साथ रह रहे अपने दो नाबालिग बच्चों की कस्टडी की मांग कर रही है।जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव की पीठ ने टिप्पणी की,“यह न्यायालय वकीलों और वादियों के विस्तारित परिवार का हिस्सा होने के नाते, ईश्वर से प्रार्थना कर रहा है कि परिवार अपनी अंतिम सांस तक एक रहे,” क्योंकि...

घरेलू हिंसा अधिनियम | पति के रिश्तेदार जो साझा घर में भी नहीं रहते, उन्हें भी उत्पीड़न के मामलों में फंसाया जाता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
घरेलू हिंसा अधिनियम | पति के रिश्तेदार जो साझा घर में भी नहीं रहते, उन्हें भी उत्पीड़न के मामलों में फंसाया जाता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में पाया कि कई मामलों में पति के परिवार या घरेलू रिश्ते में रहने वाले व्यक्ति को परेशान करने के लिए पीड़ित पक्ष ऐसे रिश्तेदारों को फंसाता है जो कभी उनके साथ साझा घर में नहीं रहे। जस्टिस अरुण कुमार देशवाल की पीठ ने कहा कि घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 12 के तहत नोटिस जारी करते समय, अदालतों को यह देखना चाहिए कि जिस व्यक्ति को फंसाया जा रहा है, क्या वह पीड़ित व्यक्ति के साथ साझा घर में रह रहा है या कभी रहा है।अदालत ने आगे कहा कि घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत आवेदन में...

क्या राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट RTI Act के तहत सार्वजनिक प्राधिकरण है? दिल्ली हाईकोर्ट CIC से तय करने को कहा
क्या 'राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' ट्रस्ट RTI Act के तहत सार्वजनिक प्राधिकरण है? दिल्ली हाईकोर्ट CIC से तय करने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) को यह तय करने का निर्देश दिया कि क्या "श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र" ट्रस्ट सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act) की धारा 2(एच) के तहत एक सार्वजनिक प्राधिकरण है।जस्टिस संजीव नरूला ने CIC को RTI आवेदक नीरज शर्मा के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्रालय के लोक सूचना अधिकारी (PIO) को सुनवाई का अवसर देने के बाद यथासंभव शीघ्रता से इस प्रश्न पर निर्णय लेने का निर्देश दिया।शर्मा के RTI आवेदन के जवाब में गृह मंत्रालय ने उन्हें सूचित किया कि ट्रस्ट का गठन केंद्र...

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- सरकारी सेवा में वित्तीय कदाचार बर्खास्तगी का कारण बनता है, नैतिक पतन के लिए अनुकंपा भत्ता नहीं दिया जा सकता
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- सरकारी सेवा में वित्तीय कदाचार बर्खास्तगी का कारण बनता है, नैतिक पतन के लिए अनुकंपा भत्ता नहीं दिया जा सकता

दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस नवीन चावला और शालिंदर कौर की खंडपीठ ने एक वेतन क्लर्क (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) की बर्खास्तगी को बरकरार रखा, जिस पर वित्तीय कदाचार और जालसाजी का आरोप लगाया गया था। न्यायालय ने पाया कि सरकारी रिकॉर्डों से छेड़छाड़ और धन का दुरुपयोग गंभीर अपराध है, जिसके कारण उसे सेवा से बर्खास्त किया जाना चाहिए। न्यायालय ने सीसीएस (पेंशन) रूल्स, 1972 के नियम 41 के तहत अनुकंपा भत्ते की याचिका को भी खारिज कर दिया। उन्होंने माना कि नैतिक अधमता से जुड़े कृत्यों के कारण कर्मचारी ऐसे लाभों...

यूपी में प्रिंसिपल और सहायक अध्यापकों की अनुपलब्धता पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने की सख्त टिप्पणी, कहा- स्टूडेंट्स को हो रही परेशानी
यूपी में प्रिंसिपल और सहायक अध्यापकों की अनुपलब्धता पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने की सख्त टिप्पणी, कहा- स्टूडेंट्स को हो रही परेशानी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में यह सर्वविदित तथ्य है कि प्रिंसिपल और सहायक अध्यापकों की अनुपलब्धता के कारण छात्र परेशान हैं।जस्टिस प्रकाश पाडिया की पीठ ने जूनियर हाई स्कूल द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की, जिसने स्वीकृत पदों के अनुसार शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति न किए जाने से व्यथित होकर हाईकोर्ट का रुख किया।याचिका के अनुसार, स्कूल में एक प्रधानाध्यापक, दो सहायक अध्यापक, एक क्लर्क और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के...

दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी बार एसोसिएशनों के चुनावों की तिथि 28 फरवरी निर्धारित की
दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी बार एसोसिएशनों के चुनावों की तिथि 28 फरवरी निर्धारित की

दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में सभी बार एसोसिएशनों के चुनावों की तिथि 07 फरवरी से बदलकर 28 फरवरी, 2025 की।जस्टिस यशवंत वर्मा, जस्टिस रेखा पल्ली और जस्टिस सी हरि शंकर की फुल बेंच ने कहा कि पिछले वर्ष हाईकोर्ट की सुरक्षा समिति द्वारा पारित प्रस्ताव में यह प्रस्ताव पारित गया कि सभी चुनाव आयुक्त, निर्वाचन अधिकारी सभी बार एसोसिएशनों के अध्यक्षों या सचिवों के साथ मिलकर EVM या मतपत्रों की खरीद के लिए आवश्यक व्यवस्था करेंगे और समय रहते कार्ड रीडर मशीन और अन्य उपकरण स्थापित करने के लिए समन्वय...

रिटायर्ड जज जस्टिस एसएन ढींगरा ने दिल्ली विधानसभा चुनावों में नकदी-उन्मुख योजनाओं के मुद्दे पर राजनीतिक दलों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की
रिटायर्ड जज जस्टिस एसएन ढींगरा ने दिल्ली विधानसभा चुनावों में 'नकदी-उन्मुख योजनाओं' के मुद्दे पर राजनीतिक दलों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की

दिल्ली विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दलों की ओर से मतदाताओं को नकद बांटने के वादों के मुद्दे पर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), आम आदमी पार्टी (आप) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) के खिलाफ रिटायर्ड जस्टिस एसएन ढींगरा ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उनका आरोप है कि यह "भ्रष्ट आचरण" के दायरे में आता है। जस्टिस ढींगरा एक समय यान (सशक्त समाज) नामक संगठन के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने ने तर्क दिया है कि इस प्रकार की गतिविधियां न केवल चुनावी कानूनों का उल्लंघन करती हैं, बल्कि भारत के...

नियोक्ता वैध आधार के बिना स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति को अनिश्चित काल तक रोक नहीं सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
नियोक्ता वैध आधार के बिना स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति को अनिश्चित काल तक रोक नहीं सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस शालिंदर कौर की खंडपीठ ने एक फैसले में कहा कि कोई नियोक्ता मौलिक नियमों के नियम 56(के) के तहत स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति को अनिश्चित काल तक रोक नहीं सकता। न्यायालय ने माना कि लंबित सतर्कता मंजूरी या केवल संभावित जांच सेवानिवृत्ति को रोकने के लिए वैध आधार नहीं हैं। इसने आगे स्पष्ट किया कि नियोक्ता को नोटिस अवधि समाप्त होने से पहले किसी भी अस्वीकृति की सूचना देनी चाहिए; अन्यथा, इसे स्वीकृत माना जाएगा।पृष्ठभूमिसंदीप गुप्ता 1995 में BRO में जनरल रिजर्व...

दिल्ली दंगों पर आधारित फिल्म के खिलाफ आपत्तियों की जांच पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- ऐसा करना जल्दबाजी होगी, क्योंकि सीबीएफसी के पास प्रमाणन अनुरोध अभी लंबित
दिल्ली दंगों पर आधारित फिल्म के खिलाफ आपत्तियों की जांच पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- ऐसा करना जल्दबाजी होगी, क्योंकि सीबीएफसी के पास प्रमाणन अनुरोध अभी लंबित

2020 में दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में हुए दंगों पर आधारित फिल्‍म "2020 दिल्ली" की प्र‌ी-स्क्रीन‌िंग की मांग संबंधी याचिका और फिल्‍म के खिलाफ दायर अन्य याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि फिल्‍म के खिलाफ उठाई गई आपत्तियों की जांच करना "समय पूर्व" होगा, यह देखते हुए कि फिल्म का प्रमाणन केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के समक्ष विचाराधीन है। जस्टिस सचिन दत्ता ने कहा,"इस प्रकार, इस स्तर पर, जब अपेक्षित प्रमाणन के लिए अनुरोध अभी भी सीबीएफसी के समक्ष विचाराधीन है तो...

34 साल बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने बलात्कार के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को शिनाख्त परेड न कराने का हवाला देते हुए खारिज किया
34 साल बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने बलात्कार के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को शिनाख्त परेड न कराने का हवाला देते हुए खारिज किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक, जयपुर और गृह विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देश दिया कि वह राजस्थान के सभी पुलिस जांच अधिकारियों को निर्देश और दिशा-निर्देश जारी करें कि वे उन मामलों में आरोपी की पहचान परेड (TIP) पीड़िता के साथ कराएं, जहां आरोपी पीड़िता को नहीं जानता था।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ बलात्कार के मामले में सेशन कोर्ट द्वारा पारित 1991 के दोषसिद्धि आदेश के खिलाफ अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें पाया गया कि पीड़िता आरोपी को अपराध करने से पहले या अपराध करने के समय भी नहीं जानती थी।...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षकों को रिटायरमेंट के बाद भी ग्रेच्युटी देने से इनकार करने वाले शासनादेश को रद्द किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षकों को रिटायरमेंट के बाद भी ग्रेच्युटी देने से इनकार करने वाले शासनादेश को रद्द किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक सरकारी आदेश को इस हद तक रद्द कर दिया कि उसने उन शिक्षकों को ग्रेच्युटी देने से इनकार कर दिया, जिन्होंने कार्यकारी आदेश पर क़ानून की प्रधानता का हवाला देते हुए रिटायरमेंट की आयु से आगे जारी रखने का विकल्प चुना था।याचिका दायर की गई थी जिसमें 22.06.2018 के सरकारी आदेश के खंड 4 (1) को चुनौती दी गई थी और साथ ही याचिकाकर्ता को ग्रेच्युटी के दावे की अस्वीकृति के संचार को चुनौती दी गई थी। जीओ द्वारा, अतिरिक्त वर्षों तक काम करने वाले शिक्षकों के कारण ग्रेच्युटी से...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मारपीट के आरोप में गिरफ्तार यंग एडल्ट को जमानत दी, उसे 12वीं की पढ़ाई पूरी करने की अनुमति दी; कहा- अगर उसे किताबों की ओर वापस भेजा जाए तो वह सुधर सकता है
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मारपीट के आरोप में गिरफ्तार 'यंग एडल्ट' को जमानत दी, उसे 12वीं की पढ़ाई पूरी करने की अनुमति दी; कहा- अगर उसे किताबों की ओर वापस भेजा जाए तो वह सुधर सकता है

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति पर उसके 'गैंग के सदस्यों' के साथ मिलकर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए कम उम्र के एक 'युवक' को जमानत देते हुए कहा कि घटना के समय उसकी उम्र मात्र 18 वर्ष थी और वह 12वीं कक्षा में पढ़ रहा था, इसलिए उसे जमानत देते हुए कहा कि "अगर वह अपनी किताबों की ओर लौटेगा तो उसमें सुधार आएगा।" ज‌स्टिस मिलिंद जाधव ने कहा कि आरोपी को सलाखों के पीछे रखने से वह 'कठोर अपराधी' ही बनेगा, क्योंकि वह अपने साथियों को जीवन में आगे बढ़ते देखेगा और वह जेल में है।ज‌स्टिस जाधव ने शुक्रवार...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य से हाउसिंग सोसाइटियों में ई-वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन स्‍थापित करने संबंधी कानूनी ढांचे को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया, कहा- ऐसे स्टेशन वायु प्रदूषण को कम करने में मदद करेंगे
बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य से हाउसिंग सोसाइटियों में ई-वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन स्‍थापित करने संबंधी कानूनी ढांचे को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया, कहा- ऐसे स्टेशन वायु प्रदूषण को कम करने में मदद करेंगे

यह देखते हुए कि सोसायटी परिसर में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन वायु प्रदूषण के खतरे को कम करने में मदद करेंगे, बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में महाराष्ट्र सरकार को हाउसिंग सोसाइटियों के साथ चार्जिंग पॉइंट/स्टेशन स्थापित करने के संबंध में अपनी नीति को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने का आदेश दिया। ज‌स्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस अद्वैत सेठना की खंडपीठ ने मुंबई के आलीशान पेडर रोड इलाके में रहने वाले एक व्यवसायी की ओर से दायर याचिका पर विचार करते हुए कहा कि उनकी ओर से कई बार किए गए...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दोहराया, लंबे समय तक कर्तव्यों के निर्वहन से प्राप्त अनुभव यह साबित करने के लिए पर्याप्त कि कर्मचारी पद के लिए योग्य
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दोहराया, 'लंबे समय तक' कर्तव्यों के निर्वहन से प्राप्त अनुभव यह साबित करने के लिए पर्याप्त कि कर्मचारी पद के लिए योग्य

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने दोहराया कि लंबे समय तक कर्तव्यों का निर्वहन करने से प्राप्त अनुभव यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि किसी कर्मचारी के पास अपेक्षित योग्यताएं हैं। जस्टिस संजय द्विवेदी ने इन टिप्पणियों के साथ एक व्यक्ति की याचिका स्वीकार कर ली, जिसे ड्राइवर के रूप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। उसे यह देखते हुए बर्खास्त किया गया था कि उसके पास आवश्यक शैक्षणिक योग्यता नहीं होने के अलावा प्राधिकारी द्वारा उसके ड्राइविंग में कोई अन्य कमी नहीं दिखाई गई थी। इस प्रकार, उसने...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल में बंद माता-पिता के साथ रह रहे बच्चों के कल्याण के लिए निर्देश जारी किए, कहा- जेल की दीवारें अनुच्छेद 21 के लाभों को बाधित नहीं कर सकतीं
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल में बंद माता-पिता के साथ रह रहे बच्चों के कल्याण के लिए निर्देश जारी किए, कहा- जेल की दीवारें अनुच्छेद 21 के लाभों को बाधित नहीं कर सकतीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल में अपने नाबालिग बेटे के साथ रह रही एक आरोपी मां की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए जेल में बंद माता-पिता के साथ रह रहे बच्चों की सुरक्षा और कल्याण के संबंध में विभिन्न राज्य प्राधिकरणों को कई निर्देश जारी किए हैं। भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत शिक्षा के अधिकार और जीवन के अधिकार पर जोर देते हुए जस्टिस अजय भनोट ने कहा कि “जेल की दीवारें बच्चों को अनुच्छेद 21 के लाभों के प्रवाह में बाधा नहीं डाल सकतीं।”फैसलाहालांकि न्यायालय ने कहा कि अपने बच्चों की भलाई सुनिश्चित...

निकट भविष्य में मुकदमे के समाप्त होने की कोई संभावना न होने के बावजूद लगातार हिरासत में रखना अनुचित: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2017 से जेल में बंद हत्या के आरोपी को जमानत दी
निकट भविष्य में मुकदमे के समाप्त होने की कोई संभावना न होने के बावजूद लगातार हिरासत में रखना अनुचित: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2017 से जेल में बंद हत्या के आरोपी को जमानत दी

हत्या के आरोपी को जमानत देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यह खेदजनक है कि आवेदक को 7 साल से अधिक समय तक जेल में रखा गया, जबकि मुकदमा जल्द ही समाप्त नहीं हुआ। यह माना गया कि इस तरह की हिरासत अनुचित और अनुचित थी।जस्टिस कृष्ण पहल ने कहा,“आवेदक को इन परिस्थितियों में हिरासत में रखना जब निकट भविष्य में मुकदमे के समाप्त होने की कोई वास्तविक संभावना नहीं है, अनुचित है। न्याय की मांग है कि आवेदक की निरंतर हिरासत पर पुनर्विचार किया जाए और बिना देरी के उचित राहत दी जाए।”आवेदक पर धारा 302 307 आईपीसी के...

राजस्थान हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन के सदस्यों का कार्यकाल बढ़ाने संबंधी राज्य बार काउंसिल के प्रस्ताव पर रोक लगाई, अंतरिम प्रशासनिक समिति नियुक्त की
राजस्थान हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन के सदस्यों का कार्यकाल बढ़ाने संबंधी राज्य बार काउंसिल के प्रस्ताव पर रोक लगाई, अंतरिम प्रशासनिक समिति नियुक्त की

राजस्थान हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ राजस्थान (बीसीआर) के 16 अप्रैल, 2024 के प्रस्ताव के खिलाफ दायर याचिका स्वीकार कर ली है, जिसमें बार एसोसिएशन के निर्वाचित पदाधिकारियों का कार्यकाल एक वर्ष से बढ़ाकर दो वर्ष कर दिया गया था। न्यायालय ने प्रस्ताव के प्रभाव और संचालन पर रोक लगा दी और याचिका के अंतिम निपटारे तक बार के मामलों के प्रबंधन के लिए एक प्रशासनिक समिति नियुक्त की।चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण की खंडपीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि प्रस्ताव...