हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने एआर रहमान के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन मामले में अंतरिम आदेश पर लगाई रोक
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को दिग्गज भारतीय शास्त्रीय गायक उस्ताद फैयाज वसीफुद्दीन डागर के पक्ष में दिए गए अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें उन्होंने संगीतकार ए.आर. रहमान और अन्य निर्माताओं द्वारा तमिल फिल्म पोन्नियन सेलवन 2 के गीत वीरा राजा वीरा में उनकी शिव स्तुति रचना के कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाया था।जस्टिस सी हरि शंकर और जस्टिस अजय दिगपॉल की खंडपीठ ने एआर रहमान द्वारा अपील दायर किए जाने के बाद पिछले महीने पारित अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी।एकल जज ने फैसला सुनाया था कि 'वीरा राजा वीरा' गीत...
नई निष्पादन याचिका दायर करने के लिए वापसी आदेश में स्पष्ट स्वतंत्रता का अभाव सीमा अधिनियम की धारा 14 के तहत लाभ से इनकार नहीं करता: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट की जस्टिस बिभास रंजन डे की पीठ ने हाल ही माना कि अधिकार क्षेत्र की कमी के आधार पर मध्यस्थ अवार्ड के प्रवर्तन के लिए निष्पादन याचिका को वापस लेना, जब ऐसा आधार वापसी आवेदन में स्पष्ट रूप से बताया गया हो, याचिकाकर्ता को उचित मंच के समक्ष पुनः दाखिल करने से नहीं रोकता है, भले ही न्यायालय के आदेश में पुनः दाखिल करने की स्पष्ट रूप से स्वतंत्रता न दी गई हो। तदनुसार, सीमा अधिनियम, 1963 (सीमा अधिनियम) की धारा 14 के लाभ से इनकार नहीं किया जा सकता है। तथ्यराधा कृष्ण पोद्दार, मूल अवार्ड...
उत्तर कुंजी में गलती के बावजूद न्यायिक सेवा उम्मीदवार को राहत देने से हाईकोर्ट का इनकार, पूर्व आदेश का दिया हवाला
एक असामान्य आदेश में दिल्ली हाईकोर्ट ने 2023 दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा की उत्तर कुंजी को चुनौती देने में तर्क पाया लेकिन प्रभावित अभ्यर्थी को कोई राहत नहीं दी, क्योंकि एक समान मामले में एक समकोण पीठ द्वारा राहत देने से इनकार कर दिया गया था।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस अजय दीगपाल की खंडपीठ ने कहा कि उसे न्यायिक अनुशासन का पालन करना पड़ा।भारतीय अनुबंध अधिनियम की धारा 20 स्पष्ट रूप से कहती है कि ऐसा अनुबंध जिसमें दोनों पक्ष तथ्य की भूल में हों अमान्य (Void) होता है।याचिकाकर्ता ने प्रश्न 11(IV)...
NDPS Act | भारी मात्रा में बरामदगी होने पर लंबी हिरासत जमानत का आधार नहीं हो सकती: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ड्रग रैकेट के आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कीं
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब में संचालित कथित बड़े ड्रग रैकेट मामले में 17 आरोपियों को जमानत देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि जब मादक पदार्थों की बरामदगी भारी मात्रा में हो तो केवल लंबी हिरासत को जमानत का आधार नहीं बनाया जा सकता।यह मामला 2020 की एक FIR से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि आरोपियों ने एक गिरोह बनाकर राज्य के बाहर से नशीली गोलियां और अन्य मादक पदार्थ खरीदकर पंजाब के गांवों में सप्लाई किए।जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु ने कहा,“सामान्य मामलों में लंबी कैद जमानत का आधार हो सकती है...
जमानत रद्द करने का उद्देश्य न्याय सुनिश्चित करना, अभियुक्त को साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने से रोकना है; सावधानी से आदेश दिया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोहराया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोहराया कि जमानत रद्द करने का प्रावधान न्याय सुनिश्चित करने और जमानत आदेश के माध्यम से रिहा होने पर अभियुक्त को साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने से रोकने के लिए है। इसने आगे कहा कि जमानत रद्द करना और जमानत खारिज करना दो अलग-अलग परिदृश्य हैं, क्योंकि रद्द करना जमानत आदेश द्वारा नागरिक को पहले से दी गई स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करता है।जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा,"जमानत रद्द करने का तंत्र कानून में प्रदान किया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जमानत आदेश द्वारा रिहा किए गए...
पुलिस अधिकारियों की निजता का सुप्रीम कोर्ट ने भी ध्यान रखा: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कथित अवैध गिरफ्तारी मामले में कॉल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया
यह देखते हुए कि सुरेश कुमार बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों की सुरक्षा और निजता का ध्यान रखा, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों के प्रासंगिक कॉल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया, क्योंकि आरोपी ने यह दावा करते हुए याचिका दायर की थी कि उसे NDPS मामले में झूठा फंसाया गया।जस्टिस राजेश भारद्वाज ने सुरेश कुमार मामले का जिक्र करते हुए कहा,"मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों की सुरक्षा और निजता का ध्यान रखा गया। याचिकाकर्ता द्वारा सुरक्षित रखे जाने की...
दिल्ली हाईकोर्ट ने 'कंस्ट्रक्टिव रेस ज्यूडिकाटा' की अवधारणा स्पष्ट की, कहा- यह रिट कार्यवाही पर भी लागू होता है
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि यद्यपि सीपीसी के आदेश II नियम 2 और धारा 11 (न्यायिक निर्णय के सिद्धांत से संबंधित) में निहित प्रावधान रिट कार्यवाही पर सख्ती से लागू नहीं हो सकते हैं, तो भी कंस्ट्रक्टिव रेस ज्यूडिकाटा (Constructive Res Judicata) के सिद्धांत सहित इसमें निहित व्यापक सिद्धांत रिट कार्यवाही पर भी लागू होंगे।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने कहा,“नागरिक प्रक्रिया संहिता द्वारा निर्धारित न्यायिक निर्णय का सिद्धांत यद्यपि तकनीकी या कृत्रिम प्रतीत होता...
हाईकोर्ट ने शाहदरा बार एसोसिएशन चुनाव में बाधा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए; ऑनलाइन मतदान नहीं होगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह नौ मई को होने वाले शाहदरा बार एसोसिएशन के चुनावों के संचालन में बाधा डालने या बाधा डालने वाले किसी भी वकील या गैर-वकील के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह, जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस सी हरिशंकर की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया। अदालत ने कहा, "यदि व्यक्तियों के किसी भी समूह, वकीलों या गैर-वकीलों द्वारा कोई गड़बड़ी की जाती है, तो पुलिस यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगी कि चुनाव के सुचारू...
मप्र हाईकोर्ट ने ग्वालियरवासियों से स्वर्ण रेखा नदी परियोजना के सोशल ऑडिट में भाग लेने को कहा, सुझाव देने के लिए किया प्रोत्साहित
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्वालियर के निवासियों को स्वर्ण रेखा नदी पुनरुद्धार परियोजना के सामाजिक ऑडिट में भाग लेने के लिए कहा है, क्योंकि वे शहर की शहरी नियोजन और विकास गतिविधियों में महत्वपूर्ण हितधारक हैं।न्यायालय ने कहा कि निवासियों की दृष्टि और सुझाव एक वास्तविक मूल्यवर्धन हो सकते हैं क्योंकि वे शहर के लोकाचार से अच्छी तरह वाकिफ हैं जिसे नगर निगम के अधिकारियों द्वारा याद किया जा सकता है। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस हृदयेश की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा: "यदि अधिनियम, 1956 की धारा 5 (54-a)...
पंजाब नगर निगम चुनाव: हाईकोर्ट ने EVM को नष्ट करने के मामले में DSP के हलफनामे को 'अधूरा' पाया, वरिष्ठ अधिकारी से जांच रिपोर्ट मांगी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के खन्ना जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से हलफनामा दायर कर मतगणना के दौरान सीसीटीवी कैमरे के साथ ईवीएम मशीन को कथित तौर पर नष्ट करने की जांच की प्रगति के बारे में बताया है।जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने उपाधीक्षक द्वारा दायर एक हलफनामे पर संज्ञान लिया, जिसमें माना गया कि प्राथमिकी दर्ज की गई है और जांच के दौरान यह पाया गया कि वोटिंग मशीन और सीसीटीवी कैमरे को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और हटा दिया गया। यह कहते हुए कि हलफनामा 'अधूरा' है और सतनाम सिंह द्वारा दायर...
दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रैविस हेड वाले 'आपत्तिजनक' ऊबर विज्ञापन पर RCB की अंतरिम राहत याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को आईपीएल टीम RCB द्वारा उबर मोटो के खिलाफ अपने मुकदमे में दायर अंतरिम निषेधाज्ञा याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कथित तौर पर सनराइजर्स हैदराबाद के क्रिकेटर ट्रेविस हेड की विशेषता वाले यूट्यूब विज्ञापन को अपमानजनक किया गया था।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने RCB द्वारा दायर अंतरिम निषेधाज्ञा आवेदन को खारिज कर दिया, यह देखते हुए कि इस स्तर पर किसी भी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने कहा, 'यह विज्ञापन खेल के संदर्भ में है- क्रिकेट, खेल भावना का खेल जो इस न्यायालय की राय में...
फिलहाल अरविंद केजरीवाल की जमानत रद्द करने पर जोर नहीं, लेकिन ट्रायल कोर्ट का आदेश त्रुटिपूर्ण: ED ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट में बताया कि वह फिलहाल आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल को आबकारी नीति मामले में दी गई जमानत रद्द करने पर जोर नहीं दे रहा है लेकिन ट्रायल कोर्ट का आदेश कानूनी रूप से गलत, पक्षपाती और हटाए जाने योग्य है।ASG एस.वी. राजू ने जस्टिस रवींद्र दुडेजा की पीठ के समक्ष कहा कि भले ही एजेंसी फिलहाल केजरीवाल की जमानत रद्द करने की मांग नहीं कर रही लेकिन राउज एवेन्यू कोर्ट की अवकाशकालीन जज न्याय बिंदु द्वारा 20 जून 2024 को दिया गया नियमित जमानत आदेश...
राहुल गांधी की नागरिकता को चुनौती देने वाली याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में खारिज
इलाहाबाद हाीकोर्ट की लखनऊ पीठ ने उस जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कांग्रेस (Congress) सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के पास भारत और यूनाइटेड किंगडम की दोहरी नागरिकता है।यह जनहित याचिका कर्नाटक के भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर ने दायर की थी। इस याचिका में दावा किया गया था कि राहुल गांधी भारत के साथ-साथ ब्रिटेन के भी नागरिक हैं, जिससे वे संविधान के अनुच्छेद 84 (ए) के तहत चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हैं।जस्टिस...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने वीजा धोखाधड़ी मामले में 74 वर्षीय महिला की दोषसिद्धि बरकरार रखी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 24 वर्ष पुराने आव्रजन धोखाधड़ी मामले में 74 वर्षीय महिला की दोषसिद्धि बरकरार रखी। साथ ही कहा कि "अदालतों को इस बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए यथासंभव प्रयास करना चाहिए तथा अनावश्यक सहानुभूति नहीं दिखानी चाहिए।"जस्टिस जसजीत सिंह बेदी ने कहा,"अवैध आव्रजन के प्रयास के ऐसे अपराध बढ़ रहे हैं। विदेश में बेहतर भविष्य की चाहत को पूरा करने के लिए जीवन भर की बचत खर्च कर दी जाती है या एजेंटों को भुगतान करने के लिए ऋण लिया जाता है, चाहे वे कानूनी हों या अवैध। व्यक्ति को आमतौर...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने भारत में बच्चों को गोद लेने के लिए लंबी प्रतीक्षा अवधि का स्वतः संज्ञान लिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को भारत में बच्चों को गोद लेने के लिए संभावित दत्तक माता-पिता के लिए प्रतीक्षा अवधि से संबंधित मुद्दे का स्वतः संज्ञान लिया जो बढ़कर 3.5 वर्ष हो गई।चीफ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस मकरंद कार्णिक की खंडपीठ ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर स्वतः संज्ञान जनहित याचिका शुरू की जिसमें कहा गया कि आज की तारीख में कई संभावित दत्तक माता-पिता (PAP) के लिए भारत में बच्चे को गोद लेने की प्रक्रिया एक चुनौती बनी हुई है।रिपोर्ट में आगे केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) द्वारा...
FIR रद्द करने की याचिका खारिज होने के बाद आरोपी के लिए अग्रिम जमानत मांगने पर कोई रोक नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि FIR रद्द करने की मांग करने वाली आरोपी की रिट याचिका खारिज होने से अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दाखिल करने पर कोई रोक नहीं लगेगीजस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने कहा कि FIR रद्द करने की रिट याचिका और अग्रिम जमानत के लिए आवेदन पूरी तरह से अलग-अलग उपाय हैं, जिन पर अलग-अलग विचारों और आधारों पर फैसला किया जाना है।पीठ एक 21 वर्षीय याचिकाकर्ता द्वारा दायर याचिका पर विचार कर रही थी, जिस पर कथित दहेज हत्या के मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और दहेज संरक्षण अधिनियम के तहत...
2020 दिल्ली दंगे: अंकित शर्मा की हत्या के मामले में ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया
पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद ताहिर हुसैन ने सोमवार (5 मई) को 2020 उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में नियमित जमानत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट तलब करते हुए नोटिस जारी किया।अब यह मामला जुलाई में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया।हुसैन ने इसी मामले में दिसंबर 2023 में भी जमानत याचिका दायर की थी, जिसे फरवरी 2024 में परिस्थितियों में बदलाव के कारण वापस ले...
सुरक्षा कारणों से शाहदरा बार एसोसिएशन के चुनाव ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से कराने के लिए याचिका, हाईकोर्ट में सुनवाई आज
दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई, जिसमें अपेक्षित सुरक्षा व्यवस्था की कमी का हवाला देते हुए शाहदरा बार एसोसिएशन के चुनाव ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से कराने के निर्देश देने की मांग की गई।यह याचिका शाहदरा बार एसोसिएशन चुनाव समिति के अध्यक्ष जस्टिस तलवंत सिंह (सेवानिवृत्त) द्वारा दायर की गई है। शाहदरा बार एसोसिएशन के चुनाव 09 मई को कड़कड़डूमा कोर्ट में होने वाले हैं।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह, जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस सी हरि शंकर की पूर्ण पीठ ने 03 मई को इस आवेदन पर सुनवाई की।आवेदन के...
Rajasthan Service Rules | हाईकोर्ट ने 'प्रतिक्षारत पोस्टिंग आदेश' जारी करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए, कहा- कर्मचारियों को कारण बताना होगा
राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस अरुण मोंगा की पीठ ने बिना कोई कारण बताए या बताए “पोस्टिंग आदेशों की प्रतीक्षा” की श्रेणी में रखे गए सरकारी कर्मचारियों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए: 1) एपीओ का उद्देश्य और औचित्यa. प्रशासनिक आवश्यकता या सार्वजनिक हित के आधार पर जारी किया जाना चाहिए, न कि दंडात्मक उपाय के रूप में।b. किसी कर्मचारी को एपीओ के तहत रखने का कारण लिखित रूप में स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए।c. एपीओ को अनुशासनात्मक कार्रवाई के विकल्प या बहाने के रूप में...
पत्नी के भरण-पोषण के अधिकार को अनुबंध के माध्यम से नहीं छोड़ा जा सकता: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने माना कि पति और पत्नी के बीच निजी अनुबंध, जिसमें पत्नी ने भरण-पोषण के अपने अधिकार को त्याग दिया है, का कोई कानूनी आधार नहीं है। जस्टिस ए. बदरुद्दीन ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के विभिन्न निर्णयों पर भरोसा किया और इस प्रकार टिप्पणी की,"...इस बिंदु पर कानूनी स्थिति बहुत स्पष्ट है कि जब पत्नी और पति के बीच न्यायालय में दायर किए गए समझौते के भाग के रूप में या अन्यथा कोई समझौता होता है, जिसके तहत पत्नी भविष्य में पति से भरण-पोषण का दावा करने के अधिकार को त्याग देती है या त्याग देती...




















