लॉन्ग टर्म वीज़ा नहीं होने पर पुलिस की घर पर जांच को चुनौती: तेलंगाना हाईकोर्ट ने पासपोर्ट प्राधिकरण को पक्षकार बनाने की अनुमति दी

Praveen Mishra

13 Feb 2026 6:16 PM IST

  • लॉन्ग टर्म वीज़ा नहीं होने पर पुलिस की घर पर जांच को चुनौती: तेलंगाना हाईकोर्ट ने पासपोर्ट प्राधिकरण को पक्षकार बनाने की अनुमति दी

    तेलंगाना हाइकोर्ट ने मंगलवार को हैदराबाद निवासी एक व्यक्ति द्वारा दायर रिट अपील पर सुनवाई की, जिसमें उसने विशेष शाखा (स्पेशल ब्रांच) पुलिस द्वारा उसके घर पर की जा रही डोमिसिलरी विज़िट्स को चुनौती दी है। याचिकाकर्ता का कहना है कि उसका जन्म भारत में हुआ है, जबकि उसके पास लॉन्ग टर्म वीज़ा नहीं है।

    चीफ़ जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और जस्टिस जी. एम. मोहिउद्दीन की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। अदालत ने पासपोर्ट प्राधिकरण को पक्षकार (इम्पलीड) बनाने की अनुमति दी और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मामले में आवश्यक निर्देश प्राप्त करें।

    मामला क्या है?

    विवाद इस बात को लेकर है कि अपीलकर्ता हैदराबाद में बिना लॉन्ग टर्म वीज़ा के रह रहा है, जिसके चलते पाकिस्तानी नागरिकों से जुड़े मामलों को देखने वाली स्पेशल ब्रांच पुलिस उसके निवास पर नियमित रूप से जांच के लिए पहुंच रही है।

    अपीलकर्ता के अनुसार, उसकी मां वैवाहिक विवाद और कथित प्रताड़ना के कारण पाकिस्तान से भारत आ गई थीं। मां के पास पाकिस्तानी पासपोर्ट है, जिसमें अपीलकर्ता का नाम दर्ज है, और वह समय-समय पर अपना लॉन्ग टर्म वीज़ा बढ़वाती रही हैं। जुलाई 2025 में भी उन्होंने वीज़ा के लिए आवेदन किया था।

    अपीलकर्ता ने कहा कि उसकी मां मूल रूप से भारतीय नागरिक थीं और पाकिस्तानी पति से तलाक के बाद उन्होंने एक भारतीय नागरिक से पुनर्विवाह किया। इस विवाह से एक और पुत्र हुआ, और पूरा परिवार भारत में रह रहा है।

    कानूनी स्थिति

    रिकॉर्ड में यह भी दर्ज है कि अपीलकर्ता ने कभी लॉन्ग टर्म वीज़ा या भारतीय पासपोर्ट के लिए आवेदन नहीं किया। इस कारण उसका भारत में रहना अधिकारियों द्वारा अवैध माना जा रहा है और उसी आधार पर स्पेशल ब्रांच पुलिस कार्रवाई कर रही है।

    अपीलकर्ता ने 2025 में एक रिट याचिका दायर कर डोमिसिलरी विज़िट्स रोकने और उसके खिलाफ अभियोजन कार्रवाई से संरक्षण की मांग की थी, जिसे एकल न्यायाधीश ने खारिज कर दिया। उसी आदेश के खिलाफ यह वर्तमान रिट अपील दायर की गई है।

    अपीलकर्ता का कहना है कि उसका जन्म और परवरिश भारत में हुई है तथा उसके पास आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और स्कूल प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज़ हैं, हालांकि उसके पास भारतीय पासपोर्ट नहीं है। उसने भारत में भारतीय नागरिक के रूप में रहने की इच्छा जताई है, लेकिन अभी तक पासपोर्ट या वीज़ा के लिए आवेदन नहीं किया है।

    इन परिस्थितियों में अपीलकर्ता के वकील ने पासपोर्ट प्राधिकरण को भी पक्षकार बनाने की अनुमति मांगी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। मामला आगे की सुनवाई के लिए लंबित है।

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