'इंडियन स्टेट' टिप्पणी पर राहुल गांधी के खिलाफ FIR से इनकार को चुनौती, इलाहाबाद हाइकोर्ट में याचिका
Amir Ahmad
12 Feb 2026 1:18 PM IST

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कथित इंडियन स्टेट संबंधी टिप्पणी को लेकर एक बार फिर मामला अदालत पहुंच गया। संभल कोर्ट द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने से इनकार किए जाने के आदेश को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाइकोर्ट में याचिका दाखिल की गई।
यह याचिका भारतीय संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत हिंदू शक्ति दल से जुड़े सिमरन गुप्ता की ओर से दाखिल की गई। याचिका में दावा किया गया कि राहुल गांधी की टिप्पणी से देशभर में लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
विवाद उस कथित बयान से जुड़ा है, जो राहुल गांधी ने वर्ष 2025 में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) कार्यालय के उद्घाटन के दौरान दिया था। आरोप है कि इस मौके पर उन्होंने कहा,
“हम अब बीजेपी, आरएसएस और खुद इंडियन स्टेट से लड़ रहे हैं।”
याचिकाकर्ता का कहना है कि यह बयान न केवल आपत्तिजनक है बल्कि देश की संस्थाओं और राज्य व्यवस्था के खिलाफ है।
इससे पहले पिछले वर्ष संभल की अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग खारिज की थी। इसके बाद उस आदेश के खिलाफ दाखिल पुनर्विचार याचिका भी अदालत ने खारिज की थी। इन्हीं आदेशों को अब इलाहाबाद हाइकोर्ट में चुनौती दी गई।
बुधवार को यह मामला जस्टिस समीत गोपाल की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश अपर सरकारी वकील रूपक चौबे ने दलील दी कि याचिका में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि ट्रायल कोर्ट के आदेशों को किस आधार पर चुनौती दी जा रही है।
इस पर याचिकाकर्ता की ओर से पेश एडवोकेट रोहित नंदन पांडेय ने अदालत से दो सप्ताह का समय मांगा ताकि वह एक अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल कर सकें, जिसमें चुनौती के आधार स्पष्ट रूप से दर्ज हों।
हाइकोर्ट ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुए निर्देश दिया कि यदि कोई पूरक हलफनामा दाखिल किया जाता है तो कार्यालय उसे रिकॉर्ड पर लेकर अगली तारीख पर पेश करे।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी।
गौरतलब है कि इसी कथित बयान को लेकर पिछले साल लखनऊ कोर्ट ने एडवोकेट की शिकायत पर राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। उस याचिका में एडवोकेट नृपेन्द्र पांडेय ने दावा किया कि राहुल गांधी की टिप्पणी देशद्रोही और राष्ट्र विरोधी है जिसका उद्देश्य देश को अस्थिर करना है।

