हाईकोर्ट

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने DC और SSP के कब्जे वाले गेस्ट हाउस जिला जजों को आवंटित करने का निर्देश दिया
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने DC और SSP के कब्जे वाले गेस्ट हाउस जिला जजों को आवंटित करने का निर्देश दिया

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि पंजाब के मलेरकोटला में उपायुक्त (DC) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के कब्जे वाले सरकारी गेस्ट हाउस खाली करके जिला जज को आधिकारिक और आवासीय उपयोग के लिए आवंटित किए जाएं।पंजाब सरकार ने 2021 में मलेरकोटला को ज़िला घोषित किया था। उसके बाद 2023 में वहां सेशन कोर्ट का गठन किया गया।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने कहा कि संबंधित अधिसूचना के अनुसार निर्धारित मानकों के अनुरूप कोई आवासीय सुविधा उपलब्ध नहीं है, जो जिला एंड सेशन जज, एडिशनल जिला...

बिना आरोप पत्र दाखिल किए आपराधिक मामला लंबित होने पर पदोन्नति से इनकार नहीं किया जा सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
बिना आरोप पत्र दाखिल किए आपराधिक मामला लंबित होने पर पदोन्नति से इनकार नहीं किया जा सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि किसी आपराधिक मामले का लंबित होना, जिसमें आरोप पत्र दाखिल न किया गया हो, विभागीय जांच में सभी आरोपों से बरी हुए कर्मचारी को पदोन्नति से वंचित करने का आधार नहीं हो सकता।जस्टिस संदीप शर्मा ने कहा:"निश्चित रूप से याचिकाकर्ता को कोई आरोप पत्र नहीं दिया गया। हालांकि, संबंधित मजिस्ट्रेट को आगे की जांच का आदेश देने का पूरा अधिकार है। हालांकि, ऐसा कोई भी तथ्य, यदि कोई हो, प्रतिवादियों को उच्च पद पर पदोन्नति से वंचित करने का आधार नहीं बन सकता, खासकर जब आरोप पत्र अभी तक तय...

धर्मस्थल दफ़नाने का मामला: हाईकोर्ट ने निवासियों द्वारा चिन्हित स्थलों पर निरीक्षण और उत्खनन की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
धर्मस्थल दफ़नाने का मामला: हाईकोर्ट ने निवासियों द्वारा चिन्हित स्थलों पर निरीक्षण और उत्खनन की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार को धर्मस्थल दफ़नाने के मामलों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) को शहर के दो निवासियों की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने चिन्हित स्थलों पर शवों का निरीक्षण और उत्खनन करने के लिए समयबद्ध कार्रवाई करने के उनके अनुरोध पर विचार करने का अनुरोध किया।जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने पुरंदर गौड़ा और अन्य द्वारा दायर याचिकाओं पर SIT को नोटिस जारी किया और कहा,"याचिकाकर्ताओं को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा, क्योंकि अपराध संख्या 39/2025 (एक सफाई कर्मचारी द्वारा दर्ज की गई...

तीन दशक से अलग रह रहे दंपति को साथ रहने को मजबूर करना मानसिक क्रूरता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
तीन दशक से अलग रह रहे दंपति को साथ रहने को मजबूर करना मानसिक क्रूरता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की कि जब पति-पत्नी में से कोई भी पक्ष “तीन दशकों से अधिक समय तक अलग रह रहा हो और सुलह या सहवास का कोई प्रयास भी न किया गया हो, तो विवाह का मूल सार ही नष्ट हो जाता है।”अदालत ने कहा, “ऐसे में केवल एक कानूनी बंधन शेष रह जाता है, जिसमें कोई वास्तविकता नहीं होती। इतने लंबे अलगाव के बाद पक्षों को साथ रहने के लिए बाध्य करना अव्यावहारिक होगा और वास्तव में दोनों पक्षों पर और अधिक मानसिक क्रूरता थोपने जैसा होगा।”यह नोट करते हुए कि दंपति वर्ष 1994 से अलग रह रहे हैं,...

UAPA आरोपी को 5 साल बाद जमानत, हाईकोर्ट ने कहा– आतंकवादी गतिविधियों से जोड़ने वाला सबूत नहीं
UAPA आरोपी को 5 साल बाद जमानत, हाईकोर्ट ने कहा– आतंकवादी गतिविधियों से जोड़ने वाला सबूत नहीं

हाईकोर्ट ने एक आरोपी को ज़मानत दी जो 5 साल से ज़्यादा समय से जेल में बंद था। आरोप था कि उसने सह-आरोपियों को अवैध हथियार सप्लाई किए। केस UAPA, IPC 120-B और आर्म्स एक्ट की धाराओं में दर्ज था।कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के ख़िलाफ़ कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सका। सिर्फ़ एक पिस्तौल और कुछ कारतूस बरामद हुए, बाकी केवल गुप्त सूचना और गवाहों के बयान ही थे।जस्टिसा पिता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि लंबी कैद ही ज़मानत का आधार बन सकती है, क्योंकि मुक़दमे की धीमी गति आरोपी...

एमपी हाईकोर्ट का अहम सुझाव: कॉर्पोरेट क्लाइमेट रिस्पॉन्सिबिलिटी फंड बनाएं
एमपी हाईकोर्ट का अहम सुझाव: कॉर्पोरेट क्लाइमेट रिस्पॉन्सिबिलिटी फंड बनाएं

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्वालियर में कचरे के ढेर और खराब स्वच्छता की स्थिति को उजागर करने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण सुझाव दिया। कोर्ट ने कहा कि सभी संबंधित पक्षों को कॉर्पोरेट क्लाइमेट रिस्पॉन्सिबिलिटी फंड (CCR Fund) बनाने पर विचार करना चाहिए, जिसका उपयोग विशेष रूप से पर्यावरण, स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए किया जाए।जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस पुष्पेंद्र यादव की खंडपीठ ने ग्वालियर नगर निगम द्वारा दायर अनुपालन रिपोर्ट, एमिक्स क्यूरी...

झारखंड हाईकोर्ट का अहम फैसला: संशोधन याचिका के लिए पहले सेशन कोर्ट जाएं, दुर्लभ मामलों में ही सीधे हाईकोर्ट आएं
झारखंड हाईकोर्ट का अहम फैसला: संशोधन याचिका के लिए पहले सेशन कोर्ट जाएं, 'दुर्लभ' मामलों में ही सीधे हाईकोर्ट आएं

झारखंड हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 397 के तहत संशोधन अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करने के लिए याचिकाकर्ताओं को पहले सेशन कोर्ट जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि केवल दुर्लभ और विशेष परिस्थितियों में ही सीधे हाईकोर्ट से संपर्क किया जाना चाहिए।जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ सीधे हाईकोर्ट में दायर संशोधन याचिका खारिज करते हुए यह बात कही। याचिकाकर्ता ने CrPC की धारा 245 के तहत अपने आरोप मुक्त होने के अनुरोध को खारिज किए जाने को चुनौती दी...

अवमानना कार्यवाही में अदालत आदेश की सीमाओं से आगे नहीं जा सकती: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
अवमानना कार्यवाही में अदालत आदेश की सीमाओं से आगे नहीं जा सकती: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अवमानना कार्यवाही में अदालत उस आदेश की सीमाओं से बाहर नहीं जा सकती, जिसकी अवहेलना का आरोप है। कोर्ट ने कहा कि केवल वही निर्देश जिनका उल्लेख आदेश या निर्णय में स्पष्ट रूप से किया गया हो, या जो स्वयं स्पष्ट हों, उन्हीं को ध्यान में रखा जा सकता है।जस्टिस शहजाद अज़ीम और जस्टिस सिंदु शर्मा की खंडपीठ ने कहा,“अवमानना कानून के क्षेत्राधिकार में काम करते समय अदालत को पहले से व्यक्त की गई बातों से आगे बढ़कर कोई पूरक आदेश या निर्देश जारी नहीं करना चाहिए।...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीनियर्स की आलोचना वाली कविता पोस्ट करने के आरोपी अधिकारी के निलंबन पर लगाई रोक
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीनियर्स की आलोचना वाली कविता पोस्ट करने के आरोपी अधिकारी के निलंबन पर लगाई रोक

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को राहत प्रदान की, जिन्हें व्हाट्सएप ग्रुप पर अपने सीनियर्स की कथित आलोचना वाली कविता पोस्ट करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था।7 जुलाई, 2025 को पारित निलंबन आदेश को इस आधार पर न्यायालय में चुनौती दी गई कि किसी भी कविता को अपलोड करना कदाचार के दायरे में नहीं आएगा और भी कोई बड़ी सजा नहीं होगी।जस्टिस मनीष माथुर की पीठ ने विवादित निलंबन आदेश पर रोक लगाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता की दलीलें बलशाली हैं। प्रथम दृष्टया विचार की आवश्यकता है।...

नाम बदलने का अधिकार मौलिक अधिकार, बोर्ड वैधानिक दस्तावेजों को अनदेखा कर अनुरोध खारिज नहीं कर सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
नाम बदलने का अधिकार मौलिक अधिकार, बोर्ड वैधानिक दस्तावेजों को अनदेखा कर अनुरोध खारिज नहीं कर सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि किसी व्यक्ति को अपना नाम बदलने या अपनाने का अधिकार संविधान के तहत मिले मौलिक अधिकारों का हिस्सा है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा बोर्ड वैधानिक दस्तावेजों पर विचार किए बिना मनमाने ढंग से ऐसे अनुरोधों को खारिज नहीं कर सकता।जस्टिस संजय धर की पीठ मोहम्मद हसन (पहले राज वली) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता ने बोर्ड द्वारा जारी उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें उसके हाई स्कूल और इंटरमीडिएट प्रमाणपत्रों में नाम...

पिता के जीवित रहते दादा की संपत्ति में हिस्सा नहीं मांग सकते: दिल्ली हाईकोर्ट का अहम फैसला
पिता के जीवित रहते दादा की संपत्ति में हिस्सा नहीं मांग सकते: दिल्ली हाईकोर्ट का अहम फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि एक हिंदू व्यक्ति अपने दादा की संपत्ति में तब तक हिस्सा नहीं मांग सकता, जब तक कि उसके माता-पिता जीवित हों। कोर्ट ने हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 की धारा 8 का हवाला देते हुए यह बात कही।जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने हिंदू महिला द्वारा अपने पिता और बुआ के खिलाफ दायर याचिका खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया। महिला ने अपने दादा की मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति में हिस्सा मांगा था।महिला ने तर्क दिया कि चूंकि संपत्ति उसके दादा की स्व-अर्जित है, इसलिए यह पैतृक...

यह एक धर्मनिरपेक्ष राज्य है: मैसूरु दशहरा समारोह में बानू मुश्ताक को मुख्य अतिथि बनाए जाने के खिलाफ याचिकाएं खारिज
'यह एक धर्मनिरपेक्ष राज्य है': मैसूरु दशहरा समारोह में बानू मुश्ताक को मुख्य अतिथि बनाए जाने के खिलाफ याचिकाएं खारिज

कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार (15 सितंबर) को मैसूरु के आगामी दशहरा उत्सव के उद्घाटन के लिए बुकर पुरस्कार विजेता और लेखिका बानू मुश्ताक को मुख्य अतिथि नामित करने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया।चीफ जस्टिस विभु बखरू और जस्टिस सी एम जोशी की खंडपीठ ने दलीलें सुनने के बाद कहा,"हम यह मानने के लिए तैयार नहीं हैं कि राज्य द्वारा आयोजित समारोह में किसी अन्य धर्म के व्यक्ति को अनुमति देना याचिकाकर्ताओं के किसी कानूनी या संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन करता है या यह भारत के...

MV Act की धारा 174 के अंतर्गत निष्पादन याचिकाओं पर 12 वर्ष की परिसीमा अवधि लागू: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
MV Act की धारा 174 के अंतर्गत निष्पादन याचिकाओं पर 12 वर्ष की परिसीमा अवधि लागू: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि बीमा कंपनियों द्वारा मोटर वाहन अधिनियम 1988 (MV Act) की धारा 174 के अंतर्गत मुआवज़े की वसूली हेतु दायर की गई निष्पादन याचिकाएं परिसीमा अधिनियम 1963 के अंतर्गत बारह वर्ष की सीमा अवधि के अधीन हैं।अदालत ने कहा कि यद्यपि MV Act में कोई विशिष्ट परिसीमा खंड नहीं है, फिर भी सामान्य परिसीमा कानून की अनदेखी नहीं की जा सकती।जस्टिस अजय मोहन गोयल ने टिप्पणी की,"निम्नलिखित अदालत द्वारा दिए गए निष्कर्ष कि MV Act की धारा 174 के अंतर्गत आवेदन किसी भी समय दायर किया जा...

दुकानदार किसी क्षेत्र पर एकाधिकार का दावा नहीं कर सकते: राजस्थान हाईकोर्ट ने नई उचित मूल्य की दुकानें खोलने के खिलाफ याचिकाएं खारिज कीं
दुकानदार किसी क्षेत्र पर एकाधिकार का दावा नहीं कर सकते: राजस्थान हाईकोर्ट ने नई उचित मूल्य की दुकानें खोलने के खिलाफ याचिकाएं खारिज कीं

राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार द्वारा एक ही क्षेत्र में नई उचित मूल्य की दुकानें (Fair Price Shops- FPS) खोलने के प्रस्ताव को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मौजूदा दुकान मालिक किसी क्षेत्र पर एकाधिकार का दावा नहीं कर सकते।जस्टिस सुनील बेनिवाल की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि नई FPS खोलना सरकार का नीतिगत निर्णय है। फिर जो लोग 20 साल से FPS चला रहे हैं, वे किसी क्षेत्र पर एकाधिकार का दावा नहीं कर सकते।अदालत ने आगे कहा कि कुछ FPS में 500 से कम राशन कार्ड धारक हैं, जबकि...