संपादकीय
बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने पीएम मोदी की तारीफ में जस्टिस अरुण मिश्रा की टिप्पणी की निंदा की
बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए जस्टिस अरुण मिश्रा द्वारा की गई हालिया टिप्पणियों की निंदा की है। जस्टिस मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन 2020 - 'न्यायपालिका और बदलती दुनिया' के उद्घाटन समारोह में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसनीय, दूरदर्शी और बहुमुखी प्रतिभा वाला ऐसा नेता कहा, जो वैश्विक स्तर पर सोचते हैं लेकिन स्थानीय मुद्दों की अनदेखी भी नहीं करते।"एसोसिएशन की ओर से...
दिल्ली हिंसा : सुप्रीम कोर्ट पुलिस कार्रवाई और सुरक्षा उपाय की याचिका पर बुधवार को करेगा सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट सोमवार को उत्तर पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा के मद्देनजर पुलिस कार्रवाई और सुरक्षा उपायों के लिए निर्देश मांगने वाली एक आवेदन पर बुधवार को सुनवाई के लिए तैयार हो गया है।भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद, पूर्व सीआईसी वजाहत हबीबुल्लाह और शाहीन बाग निवासी बहादुर अब्बास नकवी द्वारा दायर याचिका का उल्लेख वकील महमूद प्राचा द्वारा मंगलवार को जस्टिस एस के कौल और जस्टिस के एम जोसेफ के सामने किया गया। वकील अमित साहनी द्वारा दायर लंबित रिट याचिका में ही इस आवेदन को दाखिल किसी गया है...
नागरिकता साबित करने का बोझ दावा करने वाले व्यक्ति पर : गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने एक व्यक्ति की विदेशी घोषित करने के विदेशी ट्रिब्यूनल के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को यह कहते खारिज कर दिया है कि नागरिकता साबित करने का बोझ दावा करने वाले व्यक्ति पर है। न्यायालय ने इस अवलोकन के लिए विदेशियों के अधिनियम 1946 की धारा 9 का उल्लेख किया और यह माना कि याचिकाकर्ता असम समझौते के तहत निर्धारित कटऑफ तिथि 24 मार्च, 1971 से पहले असम में रहने वाले किसी भी पूर्वज के संबंध में साबित नहीं कर सका है।इस आधार पर, न्यायमूर्ति मनोजीत भुयान और न्यायमूर्ति...
सीपीसी आदेश-VIII : जवाब-दावा दाखिल करने की समय सीमा पर क्या है कानून?
जैसा कि हम जानते हैं कि एक लिखित कथन (या जवाबदावा), किसी मामले में वादी को प्रतिवादी की ओर से अदालत के जरिये दिया गया आधिकारिक उत्तर होता है, जिसमें प्रतिवादी, वादपत्र में दिए गए प्रत्येक आरोप या तथ्यों को या तो अस्वीकार या स्वीकार करता है। वादी द्वारा लगाए गए आरोप के खिलाफ प्रतिवादी का डिफेन्स क्या होगा, उसे यह अदालत को लिखित कथन के जरिये बताना होता है। अभिव्यक्ति 'लिखित कथन' (Written Statement) विशिष्ट अर्थ का एक शब्द है, जो प्रतिवादी द्वारा वादी को दिए गए आधिकारिक उत्तर का संकेत देता है...
कानूनी सलाहकार के रूप में विदेशी वकील नहीं कर सकते कैदी से मुलाकात, सीबीआई कोर्ट ने क्रिश्चियन मिशेल की याचिका खारिज की
दिल्ली की एक विशेष सीबीआई कोर्ट ने सोमवार को अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले मामले में आरोपी क्रिश्चियन मिशेल की तरफ से दायर अर्जी को खारिज कर दिया है। इस अर्जी में विदेशी वकील के साथ उसे कानूनी साक्षात्कार की अनुमति देने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि दिल्ली जेल नियम 2018 में केवल अधिवक्ता अधिनियम 1961 के अर्थ के तहत आने वाले कानूनी पेशेवर को जेल कैदियों के साथ कानूनी साक्षात्कार करने की अनुमति दी जाती है। 'बार काउंसिल ऑफ इंडिया बनाम ए.के बालाजीतहाट' मामले में वर्ष 2018 में दिए...
AMU हिंसा : इलाहबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने और 6 छात्रों को मुआवज़ा देने का निर्देश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को यूपी सरकार के पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया कि वे उन पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करें जिन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के छात्रों को चोट पहुंचाई और जो यूनिवर्सिटी में मोटरसाइकिलों को नुकसान पहुंचाने वाली घटनाओं में शामिल थे। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति समित गोपाल की खंडपीठ ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा मामले पर दी गई रिपोर्ट के आधार पर दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को...
शाहीन बाग धरना :वार्ताकार संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन ने सुप्रीम कोर्ट में सीलबंद रिपोर्ट दाखिल की, 26 फरवरी को सुनवाई
सीएए के विरोध में शाहीन बाग सड़क पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट अब 26 फरवरी को सुनवाई करेगा। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा वार्ताकार नियुक्त वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन ने सील कवर में अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंप दी। जस्टिस एस के कौल और जस्टिस के एम जोसेफ की बेंच ने कहा कि वो इस रिपोर्ट पर गौर करने के बाद सुनवाई करेंगे। अदालत ने ये भी साफ किया कि ये रिपोर्ट सिर्फ कोर्ट के लिए है और इसे रिकॉर्ड पर भी नहीं लिया गया है।17 फरवरी को शाहीन बाग विरोध प्रदर्शन के कारण सड़क...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप, पिछले सप्ताह के प्रमुख ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट के वीकली राउंड अप में 17 फरवरी से 21 फरवरी तक सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास जजमेंट/ऑर्डर पर एक नज़र। सेना में कमांड नियुक्तियों में महिलाओं को शामिल ना करना गैरकानूनी : SC ने केंद्र की दिल्ली HC के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की लैंगिक समानता पर एक महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को निर्देश दिया कि सेना में महिलाओं को उनकी सेवा की परवाह किए बिना सिवाय लड़ाकू भूमिकाओं के बाकी शाखाओं में स्थायी भूमिका दी जानी चाहिए । न्यायालय ने यह भी कहा कि कमांड...
JNU में देशद्रोह का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे मामलों में गाइडलाइन बनाने की याचिका खारिज की
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में देश विरोधी नारे लगाने के मामले में दिल्ली पुलिस की चार्जशीट को दिल्ली सरकार द्वारा अनुमति ना दिए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया। भाजपा नेता नंदकिशोर गर्ग की इस याचिका में प्रभावशाली लोगों से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए दिशा- निर्देश जारी करने का अनुरोध भी किया गया था। सोमवार को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे ने कहा , " ऐसे सभी मामलों में सामान्य आदेश जारी नहीं किए जा सकते। ये आदेश केवल...
जानिए अदालत में चेक बाउंस केस लगाने की पूरी प्रक्रिया
चेक बाउंस का प्रकरण अत्यंत साधारण प्रकरण होता है। इस प्रकरण की किसी भी कोर्ट में अत्यधिक भरमार है। वर्तमान समय में अधिकांश भुगतान चेक के माध्यम से किए जा रहे हैं। किसी भी व्यापारिक एवं पारिवारिक क्रम में लोगों द्वारा एक दूसरों को चेक दिए जा रहे हैं। चेक के अनादर हो जाने के कारण चेक बाउंस जैसे मुकदमों की भरमार न्यायालय में हो रही है। नए अधिवक्ताओं के लिए चेक बाउंस का मुकदमा संस्थित करना और कार्यवाही करना रोचक होता है और स्कूल के समान होता है, जहां नए अधिवक्ता इस चेक बाउंस के प्रकरण को संस्थित...
बलात्कार के मामले में पीड़िता ने कहा उसने दबाव में आरोपी के खिलाफ शिकायत की, सुप्रीम कोर्ट ने हफलनामा खारिज करते हुए सज़ा की पुष्टि की
बलात्कार के एक मामले में दोषी की सज़ा पुष्टि करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित महिला द्वारा दायर हलफनामे को स्वीकार करने से इनकार कर दिया जिसमें कहा गया था कि उसने आरोपी के खिलाफ दबाव में आकर मामला दर्ज किया था। राकेश कुमार यादव ने शीर्ष अदालत के समक्ष अपील दायर करके बलात्कार के एक मामले में उसे मिली सजा को चुनौती दी थी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अभियुक्त के दोष और सजा की पुष्टि की थी। शीर्ष अदालत के समक्ष इस अपील के लंबित होने के दौरान पीड़ित पक्ष ने एक हलफनामा दायर करते हुए कहा कि पीड़िता ने दबाव...
हबीब उल्लाह ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, शाहीन बाग विभिन्न धर्मों और शांतिपूर्ण सभा का संगम, पुलिस ने अनावश्यक नाकेबंदी की
पूर्व CIC वजाहत हबीब उल्लाह ने शाहीन बाग का दौरा करने और साइट पर प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करने के बाद सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया है। हबीब उल्लाह ने विरोध स्थल पर विभिन्न धर्मों के संगम और शांतिपूर्ण सभा में प्रदर्शनकारियों के बीच मजबूत बंधन को दर्शाया है, जो सीएए-एनआरसी-एनपीआर का विरोध करने के इरादे के उद्देश्य के लिए एकजुट हुए हैं। "साइट पर महिलाओं में छोटे बच्चों के साथ बूढ़े, मध्यम आयु वर्ग के और युवा शामिल हैं। यह विरोध सभा शांतिपूर्ण है।" यह देखते हुए कि धरना स्थल पर कुछ...
सिर्फ एफआईआर दर्ज होने के कारण किसी व्यक्ति को सार्वजनिक शांति के लिए खतरा नहीं माना जा सकता : गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने माना है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का मतलब यह नहीं है कि वह सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए एक खतरा है। जस्टिस एसएच वोरा ने कहा, "जब तक कि ऐसी कोई सामग्री न हो जिनसे यह मामला बनाया जा सके कि कोई व्यक्ति समाज के लिए खतरा है और समाज के लिए एक खतरा बन जाएगा और वह सभी सामाजिक तंत्र को खराब कर देगा। तब तक इस तरह के व्यक्ति के बारे में यह नहीं कहा जा सकता है कि उसे गुजरात प्रिवेंशन ऑफ एंटी सोशल एक्टिविटीज एक्ट की धारा 2 (सी) के अंतर्गत नज़रबंद किया जा...
प्रति परीक्षण में गवाह के पक्षद्रोही (Hostile) हो जाने के क्या होते हैं परिणाम
किसी भी आपराधिक मामले में प्रति परीक्षण का अत्यधिक महत्व होता है। साक्षी की परीक्षा के विषय में प्रति परीक्षण महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रति परीक्षण को छलनी मानी जा सकता है, यह एक यात्रा है जिस यात्रा से गुजरने के बाद ही साक्षी के दिए कथन सत्यापित हो पाते हैं। कथनों को न्यायालय में साबित या नासाबित हुआ तब ही माना जा सकता है जब वह प्रतिपरीक्षा से गुजर जाते हैं। साक्षी की जब उसे न्यायालय में बुलाने वाले व्यक्ति द्वारा परीक्षा ली जाती है, वह मुख्य परीक्षा (examination in chief) होती है। इस...
जस्टिस अरुण मिश्रा ने पीएम मोदी की प्रशंसा में कहा, मोदी वैश्विक स्तर पर सोचने वाले ऐसे नेता जो स्थानीय मुद्दों पर भी ध्यान देते हैं
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसनीय, दूरदर्शी और बहुमुखी प्रतिभा वाला ऐसा नेता कहा, जो वैश्विक स्तर पर सोचते हैं लेकिन स्थानीय मुद्दों की अनदेखी भी नहीं करते।" पीएम मोदी और केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा 1500 अप्रचलित कानूनों को खत्म करने के लिए उनकी तारीफ करते हुए न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा कि भारत मोदी के "नेतृत्व" में अंतरराष्ट्रीय समुदाय का एक जिम्मेदार सदस्य है। ...
मद्रास हाईकोर्ट ने CAA-NRC-NPR के खिलाफ सार्वजनिक सम्मेलन के आयोजन को मंज़ूरी दी
मद्रास हाईकोर्ट ने एक सामाजिक संगठन मक्कल अतिकाराम को CAA-NRC-NPR के विरोध में होने वाले एक सार्वजनिक सम्मेलन के आयोजन की अनुमति दी है। इस सम्मेलन का शीर्षक है, "नागरिकता संशोधन अधिनियम-नागरिक रजिस्टर-राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को वापस लो, जो भारत के संविधान के धर्मनिरपेक्षता और बुनियादी संरचना को नष्ट करते हैं।" इस सम्मेलन का आयोजन 23 फरवरी, रविवार को थेनुअर संथाई निगम ग्राउंड, त्रिची में किया जाएगा। याचिकाकर्ता एल केज़ियान, मक्कल अथिकाराम के क्षेत्रीय समन्वयक ने राज्य के अधिकारियों द्वारा...
भले ही वह गलत ट्रेन में सवार हुआ और ट्रेन से उतरते हुए उसकी मौत हो गई , तब भी मृतक मुआवजे का हकदार, बॉम्बे हाईकोर्ट ने रेलवे को दिया 8 लाख रुपए देने का निर्देश
बॉम्बे हाई कोर्ट ने पिछले शुक्रवार को रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल, नागपुर के आदेश के खिलाफ दायर एक अपील को स्वीकार कर लिया और केंद्रीय रेलवे को निर्देश दिया था कि वह बडनेरा स्टेशन पर ट्रेन से उतरते समय मरने वाले एक अर्जुन गवांडे के परिवार को मुआवजे के तौर पर 8 लाख रुपये दे। नागपुर पीठ के न्यायमूर्ति एम.जी गिरतकर ने सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट के उन फैसलों पर भरोसा किया,जिनका हवाला अपीलकर्ता के वकील आर.जी बागुल ने दिया था। साथ ही पीठ ने माना कि भले ही मृतक गलत ट्रेन में सवार हुआ था, जो...
आठ राज्यों में हिंदुओं को अल्पसंख्यक घोषित करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने उस जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया जिसमें जम्मू-कश्मीर समेत आठ राज्यों में हिन्दुओं को अल्पसंख्यक के तौर पर शामिल कर नई अधिसूचना जारी करने की मांग की गई थी। गुरुवार को जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन की पीठ ने याचिकाकर्ता को संबंधित उच्च न्यायालय जाने की स्वतंत्रता दे दी। याचिकाकर्ता ने जनहित याचिका को वापस ले लिया। ये याचिका बीजेपी नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय ने दाखिल की थी। याचिका में लक्षद्वीप, मिजोरम, नगालैंड, मेघालय, जम्मू कश्मीर, अरुणाचल...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हुबली बार एसोसिएशन के प्रस्ताव को बताया कानून-विरुद्ध, कश्मीरी छात्रों का मुकदमा लड़ रहे वकीलों को सुरक्षा देने का निर्देश
कर्नाटक हाईकोर्ट ने, एक महत्वपूर्ण आदेश में, गुरुवार को हुबली पुलिस आयुक्त को उन अधिवक्ताओं को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया है, जिन्होंने राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार 3 कश्मीरी छात्रों का मुकदमा लड़ने की इच्छा जाहिर की है। कोर्ट ने एक याचिका पर यह निर्देश दिया है। याचिका हुबली बार एसोसिएशन के उस प्रस्ताव के विरोध में दायर की गई थी, जिसमें कहा गया था कि बार एसोसिएशन का कोई भी सदस्य इन छात्रों का मुकदमा नहीं लड़ेगा। याचिका की सुनवाई में पीठ का नेतृत्व कर रहे मुख्य न्यायाधीश अभय ओका...



















