मुख्य सुर्खियां

ट्रिपल तलाक के मामलों में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल करने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन मजिस्ट्रेट के समक्ष न जाने के कारण बताने चाहिए : केरल हाईकोर्ट
ट्रिपल तलाक के मामलों में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल करने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन मजिस्ट्रेट के समक्ष न जाने के कारण बताने चाहिए : केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने माना है कि उस मामले में सीआरपीसी की धारा 438 के तहत अग्रिम जमानत आवेदन दायर करना वर्जित नहीं है,जो मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के तहत किए गए अपराध के संबंध में दर्ज किया गया हो। न्यायमूर्ति पीवी कुन्हिकृष्णन ने कहा कि परंतु ऐसे मामलों में यदि कोई अभियुक्त सीआरपीसी की धारा 438 के तहत अधिकार का लाभ उठाना चाहता है, तो उसे विशेष रूप से सीआरपीसी की धारा 438 के तहत दायर किए गए आवेदन में यह बताना होगा कि वह अधिनियम, 2019 की धारा 7 (सी) के तहत...

NALSA चैयरमैन जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता में दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण ने दिल्ली में पहली ऑनलाइन लोक अदालत आयोजित की
NALSA चैयरमैन जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता में दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण ने दिल्ली में पहली ऑनलाइन लोक अदालत आयोजित की

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने 8 अगस्त 2020 को दिल्ली में पहली बार ऑनलाइन लोक अदालत का आयोजन किया। इस समारोह में पूरे देश के कानूनी सहायता देने वाले अधिकारियों ने भाग लिया। इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के जज और NALSA कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति एन वी रमना ने की। महामारी की चुनौतियों का सामना करने के लिए कानूनी सेवाओं के अधिकारियों द्वारा ई-लोक अदालतों की शुरुआत एक रचनात्मक समाधान रहा है, लेकिन इसका उपयोग महामारी की अवधि के बाद भी जारी रह...

जब्त वाहनों को थानों में लंबे समय तक धूप, बारिश और उचित रखरखाव के बिना नुकसान की स्थिति में रखने का कोई फायदा नहीं: उड़ीसा हाईकोर्ट
जब्त वाहनों को थानों में लंबे समय तक धूप, बारिश और उचित रखरखाव के बिना नुकसान की स्थिति में रखने का कोई फायदा नहीं: उड़ीसा हाईकोर्ट

उड़ीसा हाईकोर्ट ने बुधवार (5 अगस्त) को सुनाये एक आदेश में इस ओर इशारा किया कि जब्त वाहनों को थानों में लंबे समय तक धूप, बारिश और उचित रखरखाव के बिना नुकसान की स्थिति में रखने का कोई फायदा नहीं होता है। न्यायमूर्ति एस. के. पाणिग्रही की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किये गए मामले, सुंदरभाई अंबालाल देसाई बनाम गुजरात सरकार 2002 (10) SCC 283 एवं उड़ीसा हाईकोर्ट द्वारा तय किये गए मामले दिलीप दास बनाम उड़ीसा राज्य 2019 (III) ILR-CUT 386 की राय के मद्देनजर, मौजूदा मामले में याचिकाकर्ता रत्नाकर बेहरा को...

दिल्ली दंगे : दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, हिंदुओं में आक्रोश वाला दिल्ली पुलिस का आदेश पूर्वाग्रह से ग्रस्त नहीं, मीडिया से तथ्यों को सत्यापित करने को कहा
दिल्ली दंगे : दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, "हिंदुओं में आक्रोश" वाला दिल्ली पुलिस का आदेश पूर्वाग्रह से ग्रस्त नहीं, मीडिया से तथ्यों को सत्यापित करने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने 8 जुलाई की तारीख को जारी किए गए विशेष पुलिस आयुक्त के आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया है, जिसमें दिल्ली के दंगों के मामलों में गिरफ्तारी के मद्देनजर 'हिंदू समुदाय के बीच नाराजगी' का हवाला दिया गया था और पुलिस अधिकारियों को सलाह दी गई कि वे गिरफ्तारी करते समय सावधानी बरतें। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत की एकल पीठ ने कहा कि उक्त निर्देश मेंं "कोई पूर्वाग्रह नहीं है" क्योंकि आरोपी व्यक्तियों द्वारा आरोप पत्र जारी किए जाने के बाद यह जारी किया गया। अदालत साहिल परवेज और...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
'इससे जल संरक्षण के बारे में जागरूकता का एक वातावरण बनेगा', मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जमानत शर्त के रूप में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना करने को कहा

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ के न्यायमूर्ति आनंद पाठक ने जमानत आवेदकों के समक्ष एक अनोखी शर्त रखने का एक नया चलन शुरू किया है। जमानत आदेश में वे जमानत आवेदकों को अपने लॉज / घर में, जिसमें वह निवास कर रहा है, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम या वाटर रिचार्ज सिस्टम स्थापित करने का निर्देश दे रहे हैं। 9 जुलाई से 6 अगस्त के बीच पारित किये गए 30 से ज्यादा जमानत आदेश में एकल न्यायाधीश ने अभियुक्तों को यह निर्देश दिया कि वह "अपने लॉज/घर में, जहां वह निवास कर रहे हैं, वहां वाटर हार्वेस्टिंग...

अपना सम्मान दांव पर लगाकर कोई किसी से ज़मानत देने के लिए कहता है, आरोपी को ज़मानत के लिए नकद राशि जमा करवाने की छूट देनी चाहिए : हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
अपना सम्मान दांव पर लगाकर कोई किसी से ज़मानत देने के लिए कहता है, आरोपी को ज़मानत के लिए नकद राशि जमा करवाने की छूट देनी चाहिए : हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि कोर्ट आरोपी को ज़मानत स्वीकार करते हुए दो विकल्प देना चाहिए – या तो वह श्योरिटी बॉन्ड दे या फिर नक़द राशि जमा करे। न्यायमूर्ति अनूप चीत्कारा ने कहा कि आरोपी को ज़मानत देने के समय श्योरिटी और राशि जमा करने में से किसी एक का चुनाव आरोपी पर छोड़ना चाहिए। न्यायाधीश ने कहा कि यह वकीलों का दायित्व है कि वह आरोपी को बताएं कि सीआरपीसी के तहत नक़द राशि जमा कराने का विकल्प भी है। (सेक्शन 445 CrPC) अभिषेक कुमार सिंह सफ़ेदपोश अपराध के आरोपी के रूप में ज़मानत के लिए...

Allahabad High Court expunges adverse remarks against Judicial Officer
"आईटी एक्ट की धारा 66ए के तहत कैसे दर्ज की गई एफआईआर ?" इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस की खिंचाई करते हुए मथुरा एसएसपी से मांगा स्पष्टीकरण

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह पारित एक आदेश में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मथुरा को निर्देश दिया है कि वह अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करके बताएं कि सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम, 2008 की धारा 66 ए के तहत कैसे एफआईआर दर्ज की गई है? कोर्ट एफआईआर को खारिज करने की मांग करते हुए दायर एक याचिका पर विचार कर रही थी। इस मामले में सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम, 2008 की धारा 66 ए और 67 बी व आईपीसी की धारा 294, 500, 504, 506 और 509 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस...

अभियुक्त जांच करने के अनुभवी लोग हैं : गुजरात हाईकोर्ट ने हिरासत में मौत के मामले की जांच स्थानीय पुलिस से सीआईडी को ट्रांंसफर की
"अभियुक्त 'जांच करने के अनुभवी लोग हैं" : गुजरात हाईकोर्ट ने हिरासत में मौत के मामले की जांच स्थानीय पुलिस से सीआईडी को ट्रांंसफर की

''न्यायालय इस तथ्य से अनभिज्ञ नहीं हो सकता है कि वह उन व्यक्तियों के मामले पर विचार कर रहा है जो स्वयं जांच के क्षेत्र के अनुभवी व्यक्ति हैं और इस प्रक्रिया को ओवररिएक्ट करने की कला में भी महारत हासिल कर चुके होंगे।'' यह टिप्पणी करते हुए गुजरात हाईकोर्ट ने बुधवार को वडोदरा कस्टोडियल डेथ केस की जांच सीआईडी क्राइम को स्थानांतरित कर दी है। जस्टिस सोनिया गोकानी और एन वी अंजारिया की पीठ अहमदाबाद के एक व्यक्ति की तरफ से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में कहा गया था...

बीसीआई ने वकीलों की मदद के लिए गठित राष्ट्रीय राहत कोष में हेराफ़ेरी के आरोप पर नई दिल्ली बार एसोसिएशन के ख़िलाफ़ जारी किया नोटिस
बीसीआई ने वकीलों की मदद के लिए गठित राष्ट्रीय राहत कोष में हेराफ़ेरी के आरोप पर नई दिल्ली बार एसोसिएशन के ख़िलाफ़ जारी किया नोटिस

बीसीआई ने वकीलों की मदद के लिए गठित राष्ट्रीय राहत कोष में हेराफ़ेरी के आरोप पर नई दिल्ली बार एसोसिएशन (New Delhi Bar Association) के ख़िलाफ़ जारी किया नोटिस बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (बीसीआई) ने वकीलों के लिए राष्ट्रीय राहत कोष में दी गई राशि में हेराफेरी की शिकायत के बाद नई दिल्ली बार एसोसिएशन की कार्यकारी समिति को नोटिस भेजा है। एनडीबीए की कार्यकारी समिति को कहा गया है कि वह इस नोटिस के मिलने के 21 दिनों के भीतर इसका जवाब दे। इस जवाब को जनरल बॉडी की बैठक में काउंसिल के समक्ष रखा जाएगा। यह...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
[टूटी खिड़कियों का सिद्धांत] छोटे अपराधों को यदि शुरुआती अवस्था में समाप्त कर दिया जाए तो नागरिक जघन्य अपराध करने से बचेंगे: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बीते बुधवार (5 अगस्त) को एक अग्रिम जमानत आवेदन के मामले में टूटी खिड़कियों का सिद्धांत (Broken Windows Theory) के आधार पर एक शिक्षक को जिस पर अपनी छात्रा के लैंगिक उत्पीडन करने, पीछा करने इत्यादि का आरोप है, अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति आनंद पाठक की एकल पीठ के समक्ष शिक्षक/आवेदक ने अपनी गिरफ्तारी की आशंका के चलते दूसरी जमानत अर्जी (S. 438, Cr.P.C के अंतर्गत) दायर की थी। उस पर IPC की धारा 341, 354-A (ए) (iv), 354 (डी) और 506 के अलावा POCSO अधिनियम की...

वर्चुअल कोर्ट युवा सदस्यों के लिए खुद को पेशे में स्थापित करने का सुनहरा अवसर : न्यायमूर्ति चंद्रचूड़
वर्चुअल कोर्ट युवा सदस्यों के लिए खुद को पेशे में स्थापित करने का सुनहरा अवसर : न्यायमूर्ति चंद्रचूड़

कर्नाटक हाईकोर्ट मेंं ट्रैफिक चालान के लिए शुरू की गई वर्चुअल कोर्ट, हाईकोर्ट में ई-फाइलिंग, इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) आदि का ई-उद्घाटन किया गया।भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने ई-समिति के अध्यक्ष के रूप में इस समारोह की अध्यक्षता की। इस आयोजन की शुरूआत कर्नाटक हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अरविंद कुमार ने की। उन्होंने बताया कि कर्नाटक में नौ हजार चालान किए गए और जुर्माना वसूला गया है। हालांकि, कागज रहित अदालतों के युग की शुरुआत करने की पहल...

दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑल इंडिया बार एक्ज़ाम ऑनलाइन कराने की मांंग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑल इंडिया बार एक्ज़ाम ऑनलाइन कराने की मांंग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने अखिल भारतीय अधिवक्ता परीक्षा (ऑल इंडिया बार एक्ज़ाम) ऑनलाइन संचालित कराने का बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) को निर्देश दिये जाने संबंधी याचिका पर नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति जयंत नाथ की एकल पीठ ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को नोटिस जारी किया और मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 सितम्बर की तारीख मुकर्रर की। अखिल भारतीय अधिवक्ता परीक्षा का आयोजन पहले 16 अगस्त को होना था। हालांकि, बीसीआई ने 30 जुलाई 2020 को एक अधिसूचना जारी करके 16 अगस्त को होनी वाली परीक्षा रद्द कर दी है। फिलहाल...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डॉक्टर कफील खान की रिहाई के लिए दाखिल हैबियस कार्पस याचिका पर राज्य से जवाब मांगा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डॉक्टर कफील खान की रिहाई के लिए दाखिल हैबियस कार्पस याचिका पर राज्य से जवाब मांगा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार से सुनवाई की अगली तारीख तक डॉक्टर कफील खान की कथित अवैध हिरासत के खिलाफ दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) याचिका में अपना जवाब दर्ज करने के लिए कहा। जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस दीपक वर्मा की पीठ ने राज्य के वकील के अनुरोध पर याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए दस दिन का समय दिया। न्यायालय ने निर्देश दिया है कि राज्य का जवाब 19 अगस्त, 2020 तक रिकॉर्ड पर रखा जाएगा। इस बीच, आवश्यकता पड़ने पर यूनियन ऑफ इंडिया को भी अपना जवाबी हलफनामा दाखिल...

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी की ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षा को मंज़ूरी दी, छात्रों की चिंता पर निर्देश जारी किए
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी की ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षा को मंज़ूरी दी, छात्रों की चिंता पर निर्देश जारी किए

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) को अपनी ऑनलाइन ओपन बुक एक्ज़ाम (ओबीई) आयोजित करने की अनुमति दी। हालांकि, छात्रों द्वारा उठाए गई विभिन्न चिंताओं को दूर करने के लिए न्यायालय ने कई निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने डीयू को निर्देश दिया कि वह इनका पालन करे और कॉमन सर्विस सेंटर एकेडमी को भी बताए। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह की एकल पीठ ने निम्नलिखित निर्देश पारित किए: 1. प्रश्न पत्र पोर्टल और छात्रों के ईमेल आईडी दोनों पर उपलब्ध हों। 2. उत्तर पुस्तिकाओं को अपलोड करने...

दिल्ली हाईकोर्ट में कोर्ट फीस जमा कराने की प्रक्रिया बहाल, 25 मार्च के बाद दायर मामलों के लिए 15 दिनों के भीतर कोर्ट फीस जमा करानी होगी
दिल्ली हाईकोर्ट में कोर्ट फीस जमा कराने की प्रक्रिया बहाल, 25 मार्च के बाद दायर मामलों के लिए 15 दिनों के भीतर कोर्ट फीस जमा करानी होगी

दिल्ली हाईकोर्ट ने अत्यावश्यक (अर्जेंट) और अपेक्षाकृत कम आवश्यक (नन-अर्जेंट) मामलों के लिए कोर्ट फीस जमा कराने की प्रक्रिया बहाल कर दी है।हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल (महापंजीयक) ने छह अगस्त, 2020 को एक आदेश जारी करके इस निर्णय की जानकारी दी है।इस आदेश में कहा गया है :"चूंकि दिल्ली हाईकोर्ट परिसर स्थित स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एससीएचआईएल) के काउंटर खुल गये हैं, तो सभी संबंधित पक्ष मुकदमों की व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होकर फाइलिंग करते वक्त या ई-फाइलिंग करते वक्त अपेक्षित कोर्ट फीस की...

POCSO अधिनियम की धारा 29 अभियोजन को ऐसे साक्ष्य अदालत में पेश करने से नहीं रोकती, जिससे आवश्यक और मौलिक कारकों को साबित किया जा सके : केरल हाईकोर्ट
POCSO अधिनियम की धारा 29 अभियोजन को ऐसे साक्ष्य अदालत में पेश करने से नहीं रोकती, जिससे आवश्यक और मौलिक कारकों को साबित किया जा सके : केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल अफेंसेस (POCSO) एक्ट 2012 की धारा 29 अभियोजन की इस ज़िम्मेदारी को कम नहीं करती कि वह अदलत में ऐसे तथ्य और साक्ष्य पेश करे जो आवश्यक और मुक़दमे की बुनियाद से जुड़े हुए हैं। न्यायमूर्ति पीबी सुरेश कुमार की पीठ ने POCSO मामले में आरोपी की याचिका ख़ारिज करते हुए कहा कि जब अभियोजन अपराध को साबित करने वाले ऐसे साक्ष्य पेश करता है जिस पर अदालत विचार कर सकती है, तो आरोपी को संभावना की प्रधानता के सिद्धांत के आधार पर यह साबित करना होगा...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारी पर हमला करने के आरोपी व्यक्ति को अग्रिम ज़मानत की शर्त के रूप में ₹10 हज़ार जमा कराने को कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारी पर हमला करने के आरोपी व्यक्ति को अग्रिम ज़मानत की शर्त के रूप में ₹10 हज़ार जमा कराने को कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को सरकारी कर्मचारी पर हमले के आरोपी एक व्यक्ति को अग्रिम ज़मानत की शर्त के रूप में महाराष्ट्र पुलिस कल्याण कोष में ₹10 हज़ार जमा कराने का आदेश दिया। न्यायमूर्ति सीवी भदंग ने अनवर सय्यद नामक एक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। इस व्यक्ति को हिरासत में लिए जाने की आशंका थी क्योंकि महाराष्ट्र की मुम्ब्रा पुलिस थाने ने आईपीसी की धारा 353 और 188 और आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अधीन उसके ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया था। वक़ील पंकज पांडेय ने आवेदक की ओर से...

जब महामारी फैली है तो बीमा कंपनियां अपने हाथ खड़े नहीं कर सकती : सुप्रीम कोर्ट
जब महामारी फैली है तो बीमा कंपनियां अपने हाथ खड़े नहीं कर सकती : सुप्रीम कोर्ट

केंद्र ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि आयुष्मान भारत योजना या केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) के तहत जो दर निर्धारित की गई है, उसे निजी अस्पतालों में COVID-19 के इलाज के खर्च का मानदंड माना जा सकता है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एसए बोबडे, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यम ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। याचिका वक़ील सचिन जैन ने दायर की, जिसमें देश भर में कोरोना के मरीज़ों के निजी और कॉर्पोरेट अस्पतालों में इलाज पर होने वाले खर्च...