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कोलकाता हाईकोर्ट ने सीबीआई को पश्चिम बंगाल कोयला घोटाले की जांच में पेश होने के दौरान टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के सचिव को गिरफ्तार नहीं करने के निर्देश दिए
कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta high Court) ने मंगलवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को पश्चिम बंगाल में कथित कोयला घोटाले की चल रही जांच में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी के सचिव सुमित रॉय को एजेंसी के समक्ष पेश होने के दौरान गिरफ्तार नहीं करने का निर्देश दिया।सीबीआई ने राय को 25 जनवरी, 2022 को एक नोटिस जारी किया था, जिसमें उन्हें 1 फरवरी को सुबह 11 बजे जांच अधिकारियों के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया था।न्यायमूर्ति रवि कृष्ण कपूर ने कहा,"याचिकाकर्ता द्वारा...
COVID-19 वैक्सीन के साइड इफेक्ट के कारण मौत: डॉक्टर के पिता ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 1,000 करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा
बॉम्बे हाईकोर्ट में एक मेडिकल स्टूडेंट के पिता ने एक याचिका दायर की है। इस याचिका में स्टूडेंट के पिता ने 1,000 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग करते हुए आरोप लगाया गया कि उसकी बेटी की मौत COVID-19 वैक्सीन के साइड इफेक्ट के कारण हुई है।याचिका में प्रतिवादियों में कोविशील्ड वैक्सीन निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, इसके सहयोगी बिल गेट्स के साथ-साथ राज्य और केंद्र के अधिकारी शामिल हैं।याचिकाकर्ता दिलीप लूनावत ने दावा किया कि उनकी बेटी स्नेहल लुनावत, नागपुर के एक मेडिकल कॉलेज में वरिष्ठ व्याख्याता...
विवाहेतर संबंध मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर धारा 498 (ए) के तहत 'मानसिक क्रूरता' के समान हो सकत है: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि विवाहेतर संबंध गंभीर मानसिक आघात और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों का कारण बन सकते हैं, जिससे विवाह में गंभीर परिणाम हो सकते हैं, और यह धारा 498 (ए) आईपीसी के तहत मानसिक क्रूरता के समान होगा।जस्टिस डी भरत चक्रवर्ती ने हालांकि कहा कि यह तय करते समय कि क्या आचरण क्रूरता है, अदालत को मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखना होगा। कोर्ट ने यह अवलोकन एक अन्य महिला के साथ विवाहेतर संबंध में शामिल होने के आरोपी पति की दोषसिद्धि की पुष्टि करते हुए किय , जबकि...
एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(w) तब लागू नहीं होती जब अपराध का अभियोक्ता की जाति से कोई संबंध ना हो: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि एससी/एसटी एक्ट के सेक्शन 3 (1) (डब्ल्यू) के तहत किए गए अपराध के संदर्भ में किसी व्यक्ति पर मुकदमा चलाने के लिए, अभियोजन पक्ष को यह दिखाना होगा कि अपराध की पीड़िता/अभियोक्ता की 'जाति' के संदर्भ में किया गया था।उल्लेखनीय है कि धारा 3(1)(w) के तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिला को, उसकी सहमति के बिना, छूने पर, और छूने का कार्य यदि यौन प्रकृति का है, दंड का प्रावधान किया गया है।अदालत ने मौजूदा मामले के तथ्यों में कहा, "शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में यह आरोप...
हैबियस कॉर्पस रिट केवल तभी सुनवाई योग्य होगी, जब नाबालिग को किसी ऐसे व्यक्ति ने कस्टडी में रखा हो,जो उसकी कानूनी कस्टडी का हकदार नहींः इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि बच्चों की कस्टडी के मामलों में हैबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) रिट को अनुमति देने में हाईकोर्ट की शक्ति का उपयोग केवल उन मामलों में किया जा सकता हैै,जहां नाबालिग को ऐसे व्यक्ति ने अपनी कस्टडी में रखा हो,जो उसकी कानूनी कस्टडी का हकदार नहीं है।जस्टिस राज बीर सिंह की खंडपीठ ने यह टिप्पणी करते हुए 5 साल की बच्ची की मां की तरफ से दायर एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज कर दी। बच्ची की मां ने उसके पिता (उसके पति) से नाबालिग की कस्टडी दिलाए जाने की मांग की थी।...
मुकदमे के पक्षकारों को यह अधिकार है कि वे अपना दावा खारिज होने का कारण जानें : केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि मुकदमेबाजी के पक्षकार को अपने दावों से इनकार करने के कारणों के बारे में सूचित करने का अधिकार है। हाईकोर्ट ने कहा कि मुकदमे के पक्षकारों को यह अधिकार है कि वे अपना दावा खारिज होने का कारण जानें।जस्टिस मैरी जोसेफ ने फैमिली कोर्ट द्वारा पारित एक नॉन स्पीकिंग ऑर्डर खारिज करते हुए कहा कि हालांकि ऐसा कोई नियम नहीं है कि मांगी गई सभी राहतों की अनुमति दी जानी चाहिए, लेकिन एक पक्षकार यह जानने का हकदार है कि उसकी प्रार्थना क्यों अस्वीकार कर दी गई।कोर्ट ने कहा,"कोई कठोर...
कर्नाटक बिटकॉइन स्कैम: विदेश यात्रा पर प्रतिबंध के खिलाफ आरोपी के भाई ने हाईकोर्ट का रुख किया, नोटिस जारी
कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार को कथित बिटकॉइन घोटाले के आरोपी श्रीकृष्ण के भाई सुदर्शन रमेश द्वारा दायर एक याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय को नोटिस जारी किया। इसमें अधिकारियों ने उन्हें भारत छोड़ने और नीदरलैंड की यात्रा करने से रोकने में अधिकारियों की कार्रवाई पर सवाल उठाया।जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित ने नोटिस जारी किया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम हुइलगोल ने तर्क दिया कि कार्रवाई याचिकाकर्ता को विदेशों में उसकी वर्तमान नौकरी की संभावनाओं से वंचित करती है और इस तरह उसे उसकी आय और आजीविका...
'सीसीटीवी फुटेज की जांच करें': कलकत्ता हाईकोर्ट ने पुलिस और चिड़ियाघर के अधिकारियों से बाहरी लोगों के प्रवेश पर श्रमिक संघ के नियंत्रण पर रिपोर्ट मांगी
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को अपने कर्मचारियों के ट्रेड यूनियन के नियंत्रण को लेकर अलीपुर चिड़ियाघर के नाम से मशहूर कोलकाता प्राणी उद्यान के परिसर में कथित अतिचार की घटनाओं का संज्ञान लिया। पुलिस अधिकारियों और चिड़ियाघर के अधिकारियों को संबंधित सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद दो फरवरी तक इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।जस्टिस राजशेखर मंथा भाजपा नेता राकेश कुमार सिंह द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। इस याचिका में आरोप लगाया गया कि 24 जनवरी को लगभग 600-700...
निजता का अधिकार: दिल्ली हाईकोर्ट ने मोबाइल हैकिंग स्पाइवेयर के अवैध उपयोग के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने हैकिंग और जासूसी के उद्देश्य से बिना लाइसेंस के मोबाइल स्पाइवेयर के अवैध उपयोग, बिक्री और संचालन के खिलाफ दायर याचिका पर नोटिस जारी किया है।याचिका में कहा गया है कि मोबाइल स्पाइवेयर के अवैध उपयोग से नागरिकों के निजता के अधिकार (Right To Privacy) का उल्लंघन होता है। न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव ने केंद्र, दिल्ली के पुलिस आयुक्त, गूगल इंडिया, साइबर अपराध सेल और साइबररो टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, एक्सएनस्पाई, हेलो स्पाई, स्पाईमायफोन और वनस्टोर प्राइवेट...
जब वाहन चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं तो बीमा कंपनी क्षतिपूर्ति के लिए उत्तरदायी नहीं: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा कि यदि दुर्घटना की तारीख पर उल्लंघनकर्ता वाहन चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं है तो बीमा कंपनी को क्षतिपूर्ति के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता।मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के आदेश के खिलाफ दायर अपील में, जिसमें कहा गया था कि बीमा कंपनी आकस्मिक क्षति की क्षतिपूर्ति के लिए उत्तरदायी होगी, भले ही वाहन चालक का लाइसेंस समाप्त हो गया हो, जस्टिस आरएम छाया ने ट्रिब्यूनल के अवॉर्ड को उलट दिया। कोर्ट ने फैसले में कहा कि किसी वैध लाइसेंस के अभाव में बीमा कंपनी को...
'उन्होंने मानसिक पीड़ा झेली': कलकत्ता हाईकोर्ट ने 1986 से लंबित अपील में धारा 489B IPC के तहत दोषसिद्धि के लिए सजा कम की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को जाली नोटों के मामले में एक व्यक्ति को भारतीय दंड संहिता की धारा 489बी और धारा 489सी के तहत दी गई सजा को कम कर दिया। कोर्ट ने कहा कि वह आपराधिक कार्यवाही के लंबे समय तक लंबित रहने के कारण मानसिक पीड़ा से गुजरा था।अपीलकर्ता को उसके खिलाफ 28 दिसंबर, 1983 को शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही में 13 अप्रैल, 1986 को दोषी ठहराया गया था। उसके बाद, उसकी ओर से की गई मौजूदा अपील 1986 से लंबित है।जस्टिस रवींद्रनाथ सामंत ने कहा कि अपीलकर्ता पहले ही डेढ़ महीने की सजा काट चुका...
आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं को बेचने वाले वेंडर्स को नियमित दुकानों से तुलना करने का कोई आधार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने मंगलवार को कहा कि आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं को बेचने वाले वेंडर्स की साप्ताहिक बाजारों में भागीदारी नियमित दुकानों या प्रतिष्ठानों के साथ उनकी तुलना करने का कोई आधार नहीं है।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने कहा कि बाजार क्षेत्र में नियमित दुकानों या प्रतिष्ठान की प्रकृति विक्रेताओं और आगंतुकों दोनों के घनत्व के कारण किसी भी साप्ताहिक बाजार से बहुत अलग है।बेंच ने कहा, 'साप्ताहिक बाजार में लोगों की संख्या ज्यादा होती है और इसलिए...
'चौंकाने वाली रिपोर्ट': बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र गांव की युवा लड़कियों को नाव से और फिर घने जंगल के रास्ते स्कूल जाने के लिए मजबूर होने से संबंधित मामले पर स्वत: संज्ञान लिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र के सतारा जिले के एक गांव की दयनीय परिस्थितियों के बारे में एक चौंकाने वाली समाचार रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लिया है, जिसमें महाराष्ट्र के सतारा जिले के एक गांव की युवा लड़कियों को स्कूल नाव से और फिर घने जंगल के रास्ते से जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।न्यायमूर्ति प्रसन्ना वरले और न्यायमूर्ति अनिल किलोर की पीठ ने कहा, "प्रशंसनीय मोटो 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' केवल राज्य द्वारा बालिकाओं के लिए एक सुरक्षित मार्ग और एक दोस्ताना माहौल और वातावरण प्रदान करके प्राप्त किया...
दिल्ली दंगा: हाईकोर्ट ने 85 साल की बुजुर्ग महिला की हत्या के दो आरोपियों को जमानत दी, एक को राहत से इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को 85 वर्षीय महिला अकबरी की हत्या के मामले में दो लोगों को जमानत दे दी। अकबरी की उत्तर पूर्वी दिल्ली में दंगों के दौरान उनके घर में आग लगने के बाद धुएं के कारण दम घुटने से मौत हो गई थी। हालांकि एक अन्य आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया गया।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने विशाल सिंह को जमानत देने से इनकार कर दिया। वहीं अरुण कुमार और रवि कुमार को राहत दी गई। इन सभी आरोपियों के खिलाफ भजनपुरा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर 70/2020 में मामला दर्ज किया गया।इनके खिलाफ भारतीय दंड...
दिल्ली हाईकोर्ट ने पोक्सो मामले में 72 साल के वृद्ध आरोपी की जमानत रद्द की
दिल्ली हाईकोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में एक 72 वर्षीय व्यक्ति को दी गई जमानत को रद्द कर दिया। इस व्यक्ति पर सात साल की बच्ची के साथ बलात्कार करने का आरोप है। आरोपी पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 के तहत बलात्कार और और पोक्सो एक्ट (लैंगिक उत्पीड़न से बच्चों के संरक्षण का अधिनियम 2012) की धारा चार के तहत यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है।याचिकाकर्ता/शिकायतकर्ता ने सीआरपीसी की धारा 227, धारा 439(2) के तहत एक याचिका दायर कर आरोपी को जमानत देने के आदेश का विरोध किया था।मामले के...
"संवेदनशील मामला": दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑनर किलिंग की आशंका वाले अंतर-जातीय जोड़े को पुलिस सुरक्षा प्रदान की
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अंतर-जातीय जोड़े को पुलिस सुरक्षा प्रदान की है, जो महिला के परिवार के सदस्यों के हाथों ऑनर किलिंग की आशंका जता रहे थे।कोर्ट ने देखा कि जोड़े के जीवन और स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार को खतरा है। बेंच ने देखा कि मामला प्रकृति में संवेदनशील है क्योंकि पक्षकार विभिन्न धार्मिक समुदायों से संबंधित हैं। न्यायमूर्ति चंद्र धारी सिंह ने कहा, "इसमें कोई संदेह नहीं है कि वर्तमान मामला संवेदनशील प्रकृति का है क्योंकि इसमें शामिल पक्षकार विभिन्न धार्मिक समुदायों से संबंधित हैं। जीवन...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सरकार को राज्य में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत लंबित मामलों की संख्या का खुलासा करने को कहा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को राज्य सरकार के साथ-साथ हाईकोर्ट को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (एससी / एसटी अधिनियम) के तहत राज्य में 31 जनवरी, 2022 तक लंबित मामलों की मौजूदा संख्या का खुलासा करते हुए एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और जस्टिस राजर्षि भारद्वाज की पीठ एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में आरोप लगाया गया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय के गरीब सदस्यों की भूमि को बदमाशों द्वारा जबरन...
संविधान के अनुच्छेद 14 और 25 के तहत हिजाब पहनना मौलिक अधिकार, शैक्षणिक संस्थान इस पर रोक नहीं लगा सकतेः कर्नाटक हाईकोर्ट में छात्रा की याचिका
एक मुस्लिम छात्रा ने कर्नाटक हाईकोर्ट के समक्ष एक रिट याचिका दायर की है, जिसमें यह घोषणा करने की मांग की गई है कि हिजाब पहनना संविधान के अनुच्छेद 14 और 25 के तहत एक मौलिक अधिकार है और यह इस्लाम की एक अनिवार्य प्रथा है।सरकार द्वारा संचालित उडुपी जिले के प्री-यूनिवर्सिटी (पीयू) कॉलेज फॉर गर्ल्स की छात्रा कॉलेज द्वारा की गई कथित अवैध और भेदभावपूर्ण कार्रवाई से व्यथित है, जिसने उसे हिजाब पहनने के एकमात्र आधार पर कॉलेज में प्रवेश से वंचित कर दिया है।याचिका अधिवक्ता शतबिश शिवन्ना, अर्नव ए बगलवाड़ी और...
कर्मचारी ग्रेच्युटी का दावा "या तो" 1972 अधिनियम के तहत कर सकते हैं या बैंक विनियमों के तहत, दोनों विधियों के तहत नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने देखा है कि एक कर्मचारी को ग्रेच्युटी का भुगतान अधिनियम 1972 के तहत या बैंक द्वारा बनाए गए विनियमों के तहत, जो भी अधिक फायदेमंद हो, ग्रेच्युटी प्राप्त करनी चाहिए । हालांकि, एक कर्मचारी एक कानून के तहत ग्रेच्युटी की गणना का चयन नहीं कर सकता है और दूसरे कानून के तहत अन्य प्रावधानों का लाभ नहीं ले सकता है।जस्टिस अकील कुरैशी और जस्टिस रामेश्वर व्यास की खंडपीठ ने यह टिप्पणी उन याचिकाओं पर विचार करते हुए की, जिसमें यह सवाल उठाया गया था कि क्या ग्रामीण बैंक के कर्मचारी 1972 के...
अभियोजन को आईपीसी की धारा 306 के तहत अपराध साबित करने के लिए धारा 107 की आवश्यकताओं को संतुष्ट करना चाहिए: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने एक फैसले में समझाया कि धारा 306 के तहत अपराध साबित करने के लिए अभियोजन को पहले धारा 107 के अवयवों को संतुष्ट करना होगा। जस्टिस संदीप एन भट्ट ने उक्त टिप्पणियों के साथ आक्षेपित फैसले में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया और बरी करने के आदेश को रद्द कर दिया। फैसले में बेंच ने आईपीसी की धारा 306 और 107 के तहत 'उकसाने' (abetment) और 'भड़काने' (Instigation) की शर्तों पर विचार किया।पृष्ठभूमिअभियोजन का मामला था यह था कि प्रतिवादी-आरोपी ने पैसे का भुगतान न करने पर पीड़िता को जातिगत गालियां...
















