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पृथ्वी शॉ सेल्फी केस : मुंबई कोर्ट ने आरोपी इन्फ्लुएंसर सपना गिल और तीन अन्य को जमानत दी
पृथ्वी शॉ सेल्फी मामले में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर सपना गिल और तीन अन्य को सोमवार को अंधेरी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने जमानत दे दी। मजिस्ट्रेट सीपी काशिद ने आदेश पारित किया। इन चारों को पिछले हफ्ते ओशिवारा पुलिस ने गिरफ्तार किया था और एक दूसरी सेल्फी लेने से इनकार करने पर भारतीय क्रिकेटर पृथ्वी शॉ और उनके दोस्तों के साथ विवाद के बाद मारपीट, जबरन वसूली और आपराधिक धमकी के आरोप में मामला दर्ज किया था।चारों आरोपी सपना गिल, शोभित ठाकुर, साहिल सिंह और रुद्र सोलंकी हैं। चारों आरोपियों को आज...
सीआरपीसी की धारा 482 के तहत एनआई एक्ट की धारा 138 को रद्द करने की याचिका सुनवाई योग्य नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत दायर याचिका, जिसमें निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत एक अभियुक्त को दी गई सजा को रद्द करने की मांग की गई है, सुनवाई योग्य नहीं है।याचिकाकर्ता वुप्पलप्ति सतीश कुमार ने निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दंडनीय अपराध के लिए दो जनवरी, 2023 को दी गई सजा को रद्द करने की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।कार्यालय (रजिस्ट्री) ने याचिका के सुनवाई योग्य होन के संबंध में एक आपत्ति उठाई क्योंकि याचिकाकर्ता को...
दत्तक ग्रहण के पंजीकृत विलेख के मौजूद होने पर अधिकारी जन्म रिकॉर्ड में बदलाव के लिए सिविल कोर्ट के फैसले पर जोर नहीं दे सकते: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि दत्तक ग्रहण का पंजीकृत विलेख (registered deed of adoption) हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के तहत एक बच्चे को गोद लेने की वैधता को साबित करने के लिए पर्याप्त है, और जन्म रिकॉर्ड में परिवर्तन के लिए इस प्रकार के विलेख पर जोर देने के लिए सिविल कोर्ट की डिक्री की कोई आवश्यकता नहीं है।अदालत याचिकाओं के एक समूह पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें अदालत के सामने यह सवाल था कि क्या सक्षम अधिकारी सक्षम अदालत की डिक्री के अभाव में जन्म रिकॉर्ड को...
कर्नाटक हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद 102 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी को बकाया पेंशन मिलेगी
कर्नाटक हाईकोर्ट 102 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी की मदद के लिए आगे आया और गृह मंत्रालय को पेंशन के बकाया का भुगतान करने का निर्देश दिया, जो एक साल के लिए रोक दिया गया था, क्योंकि वह बैंक में लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने में असमर्थ था।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल न्यायाधीश की पीठ ने कहा,"उम्र के कारण मानसिक कौशल और शारीरिक अक्षमता का कम होना उन प्रमुख कारणों में से एक है, जिसके कारण सर्टिफिकेट समय पर जमा नहीं किया जा सका। यह इस मामले के अजीबोगरीब तथ्यों में किसी भी तरह की कल्पना से याचिकाकर्ता के पेंशन...
आकस्मिक पुलिस पूछताछ के हर उदाहरण को मानवाधिकारों का उल्लंघन नहीं कहा जा सकता: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि हालांकि पुलिस स्टेशनों में मानवाधिकारों के उल्लंघन के उदाहरण हैं, आकस्मिक पुलिस जांच के हर उदाहरण को मानवाधिकार उल्लंघन नहीं कहा जा सकता।जस्टिस वीएम वेलुमणि और जस्टिस आर हेमलता की पीठ ने कहा कि पुलिस अधिकारियों पर सीधे तौर पर मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाना पूरे पुलिस बल का मनोबल गिराने वाला हो सकता है।कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हालांकि उन्हें ऐसे मामलों से निपटने में सावधानी बरतने की जरूरत है, लेकिन उन पर सीधे...
मुकदमे में बहुत ज्यादा देरी हो रही है, अब तक केवल 2 गवाहों की जांच हुई: दिल्ली दंगों का आरोपी शाहरुख पठान जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग को लेकर हाईकोर्ट पहुंचा
2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान एक पुलिसकर्मी पर बंदूक तानने वाले शाहरुख पठान ने अपनी जमानत याचिका पर शीघ्र सुनवाई के हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। दिल्ली हाईकोर्ट को उसने सोमवार को बताया कि मुकदमे के निष्कर्ष में बहुत देरी हो रही है और अब तक केवल दो गवाहों की जांच की गई है, जिसमें एक साल और तीन महीने का समय लगा।जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा सशस्त्र भीड़ द्वारा दंगा करने और रोहित शुक्ला सहित पुलिस कर्मियों को घायल करने के मामले में पठान की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। पठान की जमानत...
पंजाब केसरी ने ट्रेडमार्क उल्लंघन का आरोप लगाया, दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्रकार को 'केसरी टीवी' मार्क का इस्तेमाल कर न्यूज प्रकाशित करने से रोका
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने एक स्वतंत्र रिपोर्टर को अगले आदेश तक प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मोड में समाचार सेवाएं प्रदान करने के लिए 'केसरी टीवी' मार्क और संबंधित लोगो का इस्तेमाल करने से रोक दिया है।अदालत ने डोमेन नाम 'www.kesaritv.com' को निलंबित करने का भी आदेश दिया।ये आदेश पंजाब केसरी अखबार के मालिकों द्वारा दायर एक मुकदमे में पारित किया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि प्रतिवादी ने अपने पक्ष में डोमेन नाम पंजीकृत करवाया है और 'केसरी टीवी' नाम से एक इंटरनेट उपस्थिति दर्ज की थी,...
अदालतें अस्पतालों में उपकरणों की खरीद पर निर्णय नहीं ले सकतीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने कहा है कि अदालतें अस्पतालों में उपकरणों की खरीद पर निर्णय नहीं ले सकती हैं क्योंकि यह नीति का विषय है।हालांकि कोर्ट ने कहा कि भारत ने सुलभ कीमत पर नवीनतम तकनीकों और योग्य पेशेवरों के साथ चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने में प्रगति की है।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की एक खंडपीठ ने एक परमिंदर सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कठिन इंट्यूबेशन सिस्टम का प्रबंधन करने के लिए स्वास्थ्य प्रणाली में वीडियो लैरींगोस्कोप की...
राजस्थान हाईकोर्ट ने 150 रुपये की रिश्वत लेने के आरोपी क्लर्क को 38 साल बाद बरी किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में जिला परिवहन कार्यालय (डी.टी.ओ.), सीकर के क्लर्क को बरी कर दिया, जिसे वर्ष 1985 में ट्रायल कोर्ट ने तीन महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई और 150 / - रुपये के रिश्वत मामले में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।जस्टिस नरेंद्र सिंह ढड्ढा की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा,"अभियोजन की कहानी के अनुसार, सुल्तानाराम द्वारा अपीलकर्ता को 150/- रुपये दिए गए, लेकिन अभियोजन पक्ष रिश्वत की मांग और स्वीकृति को साबित करने में विफल रहा। केवल पैसे की वसूली ही इसे रिश्वत मानने का आधार नहीं हो...
'छात्रों की गलती नहीं': हाईकोर्ट ने कलकत्ता यूनिवर्सिटी को राजकीय सहायता प्राप्त कॉलेज के वनस्पति विज्ञान के छात्रों को रजिस्टर्ड करने का निर्देश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में कलकत्ता यूनिवर्सिटी को B.Sc. के उन छात्रों को शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए बेहाला कॉलेज के वनस्पति विज्ञान (ऑनर्स) में रजिस्ट्रेशन नंबर और एडमिट कार्ड देने का निर्देश दिया, जिन्हें इस आधार पर अस्वीकार कर दिया गया कि उक्त कॉलेज यूनिवर्सिटी से 'संबद्धता के विस्तार' की शर्त को पूरा नहीं कर सका।जस्टिस कौशिक चंदा की पीठ ने याचिका को स्वीकार करते हुए कहा,“छात्रों की कोई गलती नहीं है। चूंकि कोर्स राजकीय सहायता प्राप्त कॉलेज द्वारा पेश किया गया, इसलिए हो सकता है कि...
COVID-19 ड्यूटी के दौरान कांस्टेबल अमित कुमार की मौत, पत्नी के मुआवजे के मामले में दिल्ली सरकार का फैसला तर्कसंगत नहीं: हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि दिल्ली सरकार के मंत्रियों के समूह द्वारा COVID-19 के दौरान जान गंवाने वाले कांस्टेबल अमित कुमार की पत्नी को 1 करोड़ रुपये का अनुग्रह भुगतान प्रथम दृष्टया टिकाऊ नहीं है। कोर्ट ने यह टिप्पणी 28 वर्षीय कांस्टेबल अमित कुमार का अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए COVID-19 की पहली लहर के दौरान हुए निधन पर उसके परिवार को दिए जाने वाले मुआवजा के मामले पर सुनवाई करते हुए की। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह कुमार की पत्नी द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रही थीं, जो उस समय...
बस कंडक्टर के यात्री को एक रुपया नहीं लौटाया, कंज्यूमर कोर्ट ने बैंगलोर मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन को 2000 रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया
बेंगलुरु के उपभोक्ता आयोग ने उपभोक्ता के प्रयास की सराहना की, जिसने बैंगलोर मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (BMTC) के बस कंडक्टर के एक रुपया कम देने पर फोरम का दरवाजा खटखटाया।जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने 31 जनवरी के आदेश के तहत एडवोकेट रमेश नाइक एल द्वारा दायर शिकायत को आंशिक रूप से स्वीकार किया और निगम को निर्देश दिया कि वह उसे 45 दिनों के भीतर 1 रुपये वापस करे और सेवा में कमी के लिए 2,000 रुपये का मुआवजा और मुकदमेबाजी की लागत के लिए 1,000 रुपये का भुगतान करे।इसके अलावा, आयोग ने कहा कि...
राज्य मानवाधिकार आयोग मानवाधिकारों के उल्लंघन पर मुआवजे का आदेश देने का अधिकार क्षेत्र रखता है : केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC) के पास मानवाधिकारों के उल्लंघन होने पर मुआवजे का भुगतान करने का निर्देश देने अधिकार हैचीफ जस्टिस एस. मणिकुमार और जस्टिस मुरली पुरुषोत्तमन की खंडपीठ ने ऐसे मामले में आदेश पारित किया, जिसमें कोट्टायम नगर पालिका द्वारा भेदभावपूर्ण तरीके से और नोटिस जारी किए बिना स्ट्रीट वेंडर को बेदखल कर दिया गया।अदालत ने कहा,"संविधान द्वारा गारंटीकृत सड़क पर वेंडिंग करने के लिए तीसरे प्रतिवादी का अधिकार केरल नगर पालिका अधिनियम, 1994 द्वारा लगाए गए...
रेस्तरां में हुक्का सेवाओं पर कोई रोक नहीं अगर नामित धूम्रपान क्षेत्र कानून के अनुसार प्रदान किया जाता है: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने एक होटल मालिक को राहत देते हुए कहा कि रेस्तरां में हुक्का सेवाएं प्रदान करने के लिए कानून के तहत कोई निषेध नहीं है, अगर वह सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों (विज्ञापन का निषेध और व्यापार और वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण का विनियमन) अधिनियम, 2003 और सार्वजनिक स्थानों में धूम्रपान निषेध नियम, 2008 के प्रावधानों के अनुरूप चलाया जाता है।अदालत ने कहा कि कानून के अनुसार, एक अलग धूम्रपान क्षेत्र, यानी एक अलग हवादार धूम्रपान क्षेत्र जिसमें अंग्रेजी या एक भारतीय...
समान आधारों और सामग्रियों के आधार पर बाद के डिटेंशन ऑर्डर में डिटेनू की पिछली नजरबंदी का उल्लेख नहीं होने पर आदेश टिकाऊ नहीं: जेकेएल हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में डिटेंशन ऑर्डर खारिज करते हुए कहा कि वास्तव में यह उल्लेख किए बिना कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति को पहले से ही इसी सामग्री के आधार पर हिरासत में लिया गया, बाद के डिटेंशन ऑर्डर को पारित करने के लिए उन्हीं आधारों और सामग्री का उपयोग करना, न केवल अवैधता है, साथ ही हिरासत में लेने वाले प्राधिकरण की ओर से विवेक के उपयोग की कमी को भी दर्शाता है।जस्टिस संजय धर ने उस याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की, जिसके संदर्भ में याचिकाकर्ता ने डिटेंशन ऑर्डर को...
गुजरात हाईकोर्ट ने सरकारी अधिकारी को धमकाने के आरोपी वकील के खिलाफ चार्जशीट दायर करने से पुलिस को रोका
गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) ने सरकारी अधिकारी को धमकाने के आरोपी वकील के खिलाफ चार्जशीट दायर करने पर रोक लगा दी। इसमें आरोप लगाया गया है कि जब वे अपने आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे तो उसने अधिकारियों को धमकी दी थी।अदालत ने कहा,"वर्तमान मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के संबंध में, प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि पेशेवर वकील होने के नाते, उन्हें नोटिस की तारीख तय करने के लिए बुलाया गया था और अन्य व्यक्तियों के साथ वहां मौजूद थे।"जस्टिस इलेश जे. वोरा ने जांच अधिकारी को अदालत...
मणिपुर हाईकोर्ट ने दो महिलाओं, अजन्मे बच्चे की हत्या के आरोपी को जमानत दी, कहा विचाराधीन कैदियों को लंबे समय तक हिरासत में रखना अनुच्छेद 21 का उल्लंघन
मणिपुर हाईकोर्ट ने वर्ष 2017 में दो महिलाओं और एक अजन्मे बच्चे की हत्या करने के आरोपी एक व्यक्ति को जमानत दे दी है। एक्टिंग चीफ जस्टिस एम वी मुरलीधरन ने अपने आदेश में कहा कि, ‘‘जमानत आवेदन से निपटने के दौरान एक न्यायाधीश द्वारा एक मानवीय रवैया अपनाने की आवश्यकता होती है। भले ही अपराध एक गंभीर अपराध है, अदालत द्वारा मानवीय उपचार की आवश्यकता है, एक अभियुक्त सहित सभी के लिए मानवीय उपचार कानून की आवश्यकता है।’’ अदालत ने यह भी कहा कि आपराधिक न्यायशास्त्र का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जमानत देना...
कोर्ट मध्यस्थता निर्णय में हस्तक्षेप न करने के सिद्धांतों का सख्ती से पालन कर रहे हैं; मध्यस्थता के पक्षकारों को अवार्ड स्वीकार करना चाहिए: जस्टिस एसके कौल
दिल्ली आर्बिट्रेशन वीकेंड (DAW) के समापन सत्र में बोलते हुए सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संजय किशन कौल ने कहा कि भारतीय न्यायालय मध्यस्थता निर्णयों में हस्तक्षेप न करने के सिद्धांतों का सख्ती से पालन कर रहे हैं।उन्होंने यह भी कहा कि मध्यस्थता के पक्षकारों को केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए अवार्ड को स्वीकार करना और बहु-स्तरीय मुकदमेबाजी से बचना सीखना चाहिए।आगे कहा,"मैं अक्सर कहता हूं कि पार्टियों को अवार्ड स्वीकार करना सीखना चाहिए। दुर्भाग्य से, सार्वजनिक क्षेत्रों को इसकी अधिक आवश्यकता है। केवल...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारत के खिलाफ पाकिस्तान क्रिकेट टीम की जीत का जश्न मनाने के आरोपी जम्मू-कश्मीर के छात्रों के खिलाफ केस आगरा से सहारनपुर ट्रांसफर किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में 2021 में भारत के खिलाफ टी20 क्रिकेट विश्व कप मैच में पाकिस्तान की जीत के बाद पाकिस्तान समर्थक नारे लगाने के आरोपी जम्मू-कश्मीर के तीन छात्रों के खिलाफ मुकदमे को सीजेएम, आगरा की अदालत से सीजेएम, सहारनपुर की अदालत में ट्रांसफर कर दिया। जस्टिस ओम प्रकाश त्रिपाठी की पीठ ने यह आदेश छात्रों द्वारा अदालत के समक्ष उनके वकील द्वारा प्रस्तुत किए जाने के बाद स्थानांतरित याचिका पर पारित किया कि जिला बार एसोसिएशन, आगरा ने एक प्रस्ताव पास किया है कि वे आवेदकों के मामले का बचाव...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (13 फरवरी, 2023 से 17 फरवरी, 2023) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।फैमिली कोर्ट के पास मानहानि के दावे पर विचार करने का क्षेत्राधिकार नहीं: केरल हाईकोर्टकेरल हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि फैमिली कोर्ट के पास मानहानि के दावे पर विचार करने का अधिकार नहीं है। अदालत ने कहा कि फैमिली कोर्ट के अधिकार क्षेत्र को ग्रहण करने के लिए विवाद का पक्षकारों के वैवाहिक संबंधों से निकट...



















