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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राजनेता श्रीकांत त्यागी को राहत देने से इनकार किया, कहा- हिंसा चुनने वाला व्यक्ति ये दलील नहीं दे सकता कि राज्य को उसके जीवन की रक्षा के लिए उपाय करना चाहिए
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राजनेता श्रीकांत त्यागी को राहत देने से इनकार किया, कहा- हिंसा चुनने वाला व्यक्ति ये दलील नहीं दे सकता कि राज्य को उसके जीवन की रक्षा के लिए उपाय करना चाहिए

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि एक व्यक्ति, जिसने हिंसा चुना है और उसके पास मानव जीवन का कोई मूल्य नहीं है, उसे यह दलील देने का कोई अधिकार नहीं है कि राज्य को उसके प्रतिद्वंद्वियों से उसके जीवन की रक्षा के लिए विशेष उपाय करना चाहिए।जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस प्रशांत कुमार की पीठ ने नोएडा स्थित राजनेता श्रीकांत त्यागी और उनकी पत्नी द्वारा दायर एक रिट याचिका को खारिज करते हुए ये टिप्पणी की, जिन्होंने इस तथ्य के आधार पर पुलिस सुरक्षा की मांग की थी कि उन्हें लगातार जान से मारने की...

ट्रायल कोर्ट शपथ लेकर बयान देने के आधार पर उस आरोपी के खिलाफ संज्ञान नहीं ले सकता जिसके खिलाफ चार्जशीट दायर न की गई हो : तेलंगाना हाईकोर्ट
ट्रायल कोर्ट शपथ लेकर बयान देने के आधार पर उस आरोपी के खिलाफ संज्ञान नहीं ले सकता जिसके खिलाफ चार्जशीट दायर न की गई हो : तेलंगाना हाईकोर्ट

तेलंगाना हाईकोर्ट ने एक आरोपी के खिलाफ पुलिस द्वारा आरोप पत्र दायर नहीं किए जाने के बावजूद संज्ञान लेने के ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया।अदालत ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 498-ए और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत मामले में निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर यह आदेश पारित किया। यह तर्क दिया गया कि चार्जशीट में दर्ज अभियुक्तों और याचिकाकर्ता के खिलाफ गवाहों के शपथ लेकर दिए गए बयानों के आधार पर संज्ञान लिया गया।जस्टिस जी अनुपमा चक्रवर्ती ने कहा कि वारंट मामले...

गुजरात हाईकोर्ट ने भूमि अधिग्रहण मामले में मूल्यांकन आदेश और नोटिस को फिर से खोलने को रद्द किया, कहा, मुआवजे पर पूंजीगत लाभ की तरह टैक्स नहीं लगेगा
गुजरात हाईकोर्ट ने भूमि अधिग्रहण मामले में मूल्यांकन आदेश और नोटिस को फिर से खोलने को रद्द किया, कहा, मुआवजे पर पूंजीगत लाभ की तरह टैक्स नहीं लगेगा

गुजरात हाईकोर्ट ने भूमि अधिग्रहण मामले में याचिकाकर्ता को जारी मूल्यांकन आदेश और नोटिस को फिर से खोलने को रद्द करते हुए फैसला सुनाया कि मुआवजे पर पूंजीगत लाभ की तरह टैक्स नहीं लगेगा।जस्टिस आशुतोष शास्त्री और जस्टिस सी. दोशी की खंडपीठ ने उपरोक्त फैसला सुनाते हुए रेखांकित किया कि अधिकारियों की कार्रवाई केवल राय में बदलाव पर आधारित है और इसमें औचित्य का अभाव है।यह मामला अनिलाबेन रोहितभाई मोदी के साथ-साथ अन्य सह-मालिकों पर केंद्रित है, जिनके पास गांव खोराज, तालुका साणंद में जमीन का टुकड़ा है।...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अवैध रूप से प्रेग्नेंसी को टर्मिनेट करने के आरोपी आयुर्वेद स्त्री रोग विषेशज्ञ को अंतरिम अग्रिम जमानत दी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अवैध रूप से प्रेग्नेंसी को टर्मिनेट करने के आरोपी आयुर्वेद स्त्री रोग विषेशज्ञ को अंतरिम अग्रिम जमानत दी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आयुर्वेद स्त्री रोग विषेशज्ञ को अग्रिम जमानत याचिका में अंतरिम जमानत दे दी है, जिस पर बिना अनुमति के प्रेग्नेंसी को टर्मिनेंट करने का आरोप है।जस्टिस पंकज जैन की पीठ ने गिरफ्तारी से पहले जमानत की मांग करने वाली उनकी याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कहा,“इस बीच गिरफ्तारी की स्थिति में याचिकाकर्ता को गिरफ्तार करने वाले अधिकारी/जांच अधिकारी की संतुष्टि के लिए व्यक्तिगत और ज़मानत बांड प्रस्तुत करने के अधीन अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाएगा।पिछले महीने पुलिस स्टेशन पूंडरी,...

सरकार केवल जाति आधारित सर्वेक्षण करा रही है, जनगणना नहीं; भागीदारी स्वैच्छिक: बिहार सरकार ने हाईकोर्ट में कहा
'सरकार केवल जाति आधारित सर्वेक्षण करा रही है, जनगणना नहीं; भागीदारी स्वैच्छिक': बिहार सरकार ने हाईकोर्ट में कहा

पटना हाईकोर्ट के समक्ष दायर बिहार राज्य में जाति-आधारित सर्वेक्षण को चुनौती देने वाली रिट याचिकाओं पर आपत्ति जताते हुए, बिहार सरकार ने हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया है कि वह राज्य के लोगों की सामाजिक और आर्थिक खुशहाली और जाति पर डेटा एकत्र करने के लिए जाति-आधारित सर्वेक्षण करने में सक्षम है। सरकार ने कहा कि लोगों को अपनी जाति घोषित करने के लिए मजबूर नहीं किया जा रहा है और पूरी प्रक्रिया में भागीदारी पूरी तरह से स्वैच्छिक है और यह तथ्य इसे जाति-आधारित जनगणना से अलग बनाता है, जिसमें जाति की...

किसी के सिर पर 5 साल तक तलवार नहीं लटकाई जा सकती, इसे खत्म करना चाहिए: एस गुरुमूर्ति के खिलाफ अवमानना मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा
'किसी के सिर पर 5 साल तक तलवार नहीं लटकाई जा सकती, इसे खत्म करना चाहिए': एस गुरुमूर्ति के खिलाफ अवमानना मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि 2018 में जस्टिस एस मुरलीधर के खिलाफ ट्वीट के लिए तमिल राजनीतिक साप्ताहिक "तुगलक" के संपादक और आरएसएस विचारक एस गुरुमूर्ति के खिलाफ दायर आपराधिक अवमानना मामले को शांत किया जाना चाहिए और वह किसी के सिर पर पांच साल तक तलवार लटका कर नही रख सकता। जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से पेश वकील अमन भल्ला से कहा, “हमारा विचार है कि सज्जन अदालत के समक्ष उपस्थित हुए हैं, उन्होंने अपना पश्चाताप व्यक्त किया है। कभी-कभी...

भूमि अधिग्रहण अधिनियम| धारा 12(2) के तहत अवॉर्ड पारित करने के संबंध में इच्छुक व्यक्तियों को नोटिस देना अनिवार्य: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
भूमि अधिग्रहण अधिनियम| धारा 12(2) के तहत अवॉर्ड पारित करने के संबंध में 'इच्छुक व्यक्तियों' को नोटिस देना अनिवार्य: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

सोलंग के पास मंगू गांव में भूमि अधिग्रहण के लिए मुआवजा अवॉर्ड पारित होने के सात साल बाद, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार को आदेश दिया कि मुआवजे के निर्धारण के लिए अवॉर्ड को वैधानिक प्राधिकरण को भेजा जाए। यह देखा गया कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम 1894 की धारा 12(2), जो इच्छुक व्यक्तियों को अवॉर्ड पारित करने की सूचना अनिवार्य करती है, का जहां तक याचिकाकर्ता का संबंध है, पालन नहीं किया गया।एलए अधिनियम की धारा 18 किसी भी इच्छुक व्यक्ति, जिसने अवॉर्ड स्वीकार नहीं किया है, द्वारा न्यायालय के निर्धारण...

चिंताजनक पैटर्न सामने आ रहा है, जहां क्रिमिनल चार्जेस से बचने के लिए आरोपी रेप पीड़िता से शादी करते हैं और एफआईआर रद्द होने के बाद उसे छोड़ देते हैं: दिल्ली हाईकोर्ट
चिंताजनक पैटर्न सामने आ रहा है, जहां क्रिमिनल चार्जेस से बचने के लिए आरोपी रेप पीड़िता से शादी करते हैं और एफआईआर रद्द होने के बाद उसे छोड़ देते हैं: दिल्ली हाईकोर्ट

“एक चिंताजनक पैटर्न सामने आ रहा है, जहां क्रिमिनल चार्जेस से बचने के लिए आरोपी रेप पीड़िता से शादी करते हैं और एफआईआर रद्द होने या जमानत मिलने के बाद पर उसे छोड़ देते हैं।“ये टिप्पणी दिल्ली हाईकोर्ट ने की। हाईकोर्ट ने आगे कहा- चौंकाने वाली बात ये है कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां आरोपी धोखे से शादी कर लेता है खासकर जब पीड़िता असॉल्ट की वजह से प्रेगनेंट हो जाती है और जैसे ही FIR रद्द होती है या जमानत मिल जाती वो उसे छोड़ देता है।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने अनुसूचित जाति की महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोपी पक्षों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार किया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने अनुसूचित जाति की महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोपी पक्षों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार किया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने के लिए एक पुनरीक्षण आवेदन खारिज कर दिया, जिन पर अनुसूचित जाति समुदाय की एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए आईपीसी और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे।कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई आगे बढ़नी चाहिए क्योंकि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनाया गया है।जस्टिस शंपा दत्त (पॉल) की एकल-न्यायाधीश पीठ ने कहा,“इस मामले में कथित घटना...

धारा 36ए एनडीपीएस अधिनियम | विस्तार आवेदन पर सुनवाई के दौरान आरोपी की उपस्थिति अनिवार्य, केवल नोटिस पर्याप्त नहीं: केरल हाईकोर्ट
धारा 36ए एनडीपीएस अधिनियम | विस्तार आवेदन पर सुनवाई के दौरान आरोपी की उपस्थिति अनिवार्य, केवल नोटिस पर्याप्त नहीं: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 36ए(4) के तहत रिमांड विस्तार के निए दायर आवेदन पर विचार करते समय आरोपी को शारीरिक रूप से या वर्चुअल रूप से पेश किया जाना चाहिए और इसकी उपेक्षा साधारण प्रक्रियात्मक उल्लंघन से ज्यादा है। जस्टिस राजा विजयराघवन वी ने बताया कि ऐसा करने में विफलता कानूनी तौर पर अभियुक्तों से डिफ़ॉल्ट जमानत का दावा करने के उनके अधिकार को छीनने के बराबर होगी।उन्होंने कहा,"...जब धारा 36ए(4) के तहत विद्वान लोक अभियोजक द्वारा दायर एक आवेदन के आधार पर...

ट्रायल कोर्ट को साक्ष्य दर्ज करने से पहले बाल गवाहों की उचित प्रारंभिक जांच करनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
ट्रायल कोर्ट को साक्ष्य दर्ज करने से पहले बाल गवाहों की उचित प्रारंभिक जांच करनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट को अपने साक्ष्य दर्ज करने से पहले नाबालिग गवाहों की उचित प्रारंभिक जांच करनी होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि क्या नाबालिग उससे पूछे गए प्रश्नों को समझने में सक्षम है और तर्कसंगत उत्तर देने में सक्षम है।इस मामले में, सत्र न्यायालय ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 34 सहपठित धारा 302 और आईपीसी की धारा 34 सहपठित धारा 449 और 324 के तहत दोषी ठहराया था। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने दोषसिद्धी को बरकरार रखा, जो मुख्य रूप से एक नाबालिग गवाह की गवाही पर...

नाबालिग बच्चों की मां होना ट्रांसफर का विरोध करने का कोई आधार नहीं: मेघालय हाईकोर्ट ने एमईएस कर्मचारी की याचिका खारिज की
नाबालिग बच्चों की मां होना ट्रांसफर का विरोध करने का कोई आधार नहीं: मेघालय हाईकोर्ट ने एमईएस कर्मचारी की याचिका खारिज की

मेघालय हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीब बनर्जी और जस्टिस डब्ल्यू डेंगदोह ने सैन्य अभियंता सेवा (एमईएस) की एक महिला कर्मचारी द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिसने नाबालिग बच्चे होने के आधार पर अपने ट्रांसफर का विरोध करने की मांग की थी।अदालत ने ट्रांसफर आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए आवश्यक नियमित स्थानांतरणों में तब तक बाधा नहीं डाली जानी चाहिए जब तक कि वास्तव में दुर्भावना या गंभीर पूर्वाग्रह साबित न हो जाए।आगे कहा,"यह सैन्य इंजीनियर सेवा में एक कर्मचारी द्वारा इस...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मृत महिला के पति के दोस्त के खिलाफ लगाए गए आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप खारिज किए
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मृत महिला के पति के दोस्त के खिलाफ लगाए गए आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप खारिज किए

कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों को खारिज कर दिया, जिस पर आरोप है कि उसने अपने दोस्त की पत्नी के चरित्र पर आरोप लगाकर उसे आत्महत्या के लिए उकसाया।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306 के तहत दंडनीय अपराध को साबित करने के लिए आवश्यक कोई भी सामग्री नहीं बनती है।यह देखा गया,"किसी अपराध को आईपीसी की धारा 306 के तहत दंडनीय बनाने के लिए आईपीसी की धारा 107 के तहत सामग्री प्राप्त करना...

केरल हाईकोर्ट ने डीएनए टेस्ट के लिए बलात्कार पीड़ितों के बच्चों के ब्लड सैंपल एकत्र करने के आदेश पर रोक लगाई
केरल हाईकोर्ट ने डीएनए टेस्ट के लिए बलात्कार पीड़ितों के बच्चों के ब्लड सैंपल एकत्र करने के आदेश पर रोक लगाई

केरल हाईकोर्ट ने डीएनए टेस्ट के लिए बलात्कार और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO) से बचे बच्चों के रक्त के नमूने एकत्र करने के निर्देश देने वाले विभिन्न निचली अदालत के आदेशों पर रोक लगा दी है।जस्टिस के. बाबू ने मनचेरी फास्ट ट्रैक सत्र न्यायालय, कट्टापना पोक्सो विशेष न्यायालय, रामनकारी न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट न्यायालय, कोल्लम अतिरिक्त सत्र न्यायालय I, देवीकुलम पोक्सो विशेष न्यायालय और पलक्कड़ सत्र न्यायालय के छह निचली अदालतों के आदेशों के कार्यान्वयन पर रोक लगाने का आदेश...

सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने कथित तौर पर निष्कासित सदस्य के इशारे पर प्रबंधन समिति के चुनावों के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने कथित तौर पर निष्कासित सदस्य के इशारे पर प्रबंधन समिति के चुनावों के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया

एसोसिएशन ऑफ सिने एंड टेलीविजन आर्ट डायरेक्टर्स एंड कॉस्ट्यूम डिज़ाइनर्स ने 2 जुलाई, 2023 को आयोजित अपनी प्रबंधन समिति के चुनावों के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। एसोसिएशन का दावा है कि चुनाव कई गलत कामों के आरोपी निष्कासित सदस्य के आदेश पर आयोजित किए गए।जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर और जस्टिस संदीप वी मार्ने की खंडपीठ ने मंगलवार को राज्य, फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज और अन्य उत्तरदाताओं से दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा।एसोसिएशन और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कॉस्ट्यूम डिजाइनर लवलीन...

[देशद्रोह] नागरिकों को सरकारी नीतियों की आलोचना करने का अधिकार है लेकिन संवैधानिक पदाधिकारियों का अपमान नहीं कर सकते: कर्नाटक हाईकोर्ट ने बीदर स्कूल मामले में कहा
[देशद्रोह] नागरिकों को सरकारी नीतियों की आलोचना करने का अधिकार है लेकिन संवैधानिक पदाधिकारियों का अपमान नहीं कर सकते: कर्नाटक हाईकोर्ट ने बीदर स्कूल मामले में कहा

कर्नाटक हाईकोर्ट ने पिछले महीने बीदर में शाहीन स्कूल के प्रबंधन से संबंधित चार व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 124-ए (देशद्रोह) के तहत शुरू की गई कार्यवाही को रद्द कर दिया था।कोर्ट ने कहा,"एक नागरिक को सरकार और उसके पदाधिकारियों द्वारा किए गए उपायों की आलोचना या टिप्पणी करने का अधिकार है, जब तक कि वह कानून द्वारा स्थापित सरकार के खिलाफ या सार्वजनिक अव्यवस्था पैदा करने के इरादे से लोगों को हिंसा के लिए उकसाता नहीं है।"जस्टिस हेमंत चंदनगौदर की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा,“यह...

झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य को हिरासत में मौत के पीड़ित की विधवा को 5 लाख मुआवजा देने का निर्देश दिया
झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य को हिरासत में मौत के पीड़ित की विधवा को 5 लाख मुआवजा देने का निर्देश दिया

झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 2015 में पुलिस हिरासत में मारे गए उमेश सिंह की विधवा को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया। अदालत ने राज्य को मामले में शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने का भी आदेश दिया।जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी ने कहा कि यह पुलिस की बर्बरता का "साबित मामला" है और सवाल किया कि पुलिस विभाग ने दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय रूप से कार्रवाई क्यों नहीं की, भले ही सीआईडी ने उन्हें दोषमुक्त करने वाली एक रिपोर्ट प्रस्तुत की हो।कोर्ट ने कहा कि...

मंत्री की गिरफ्तारी के दौरान आईटी अधिकारियों से मारपीट आंतरिक अशांति नहीं; अदालत केंद्र सरकार को अनुच्छेद 355 लागू करने का निर्देश नहीं दे सकती: मद्रास हाईकोर्ट
मंत्री की गिरफ्तारी के दौरान आईटी अधिकारियों से मारपीट 'आंतरिक अशांति' नहीं; अदालत केंद्र सरकार को अनुच्छेद 355 लागू करने का निर्देश नहीं दे सकती: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु के मंत्री सेंथिल बालाजी की गिरफ्तारी और तलाशी के दौरान आयकर अधिकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार की पृष्ठभूमि में संविधान के अनुच्छेद 355 और अनुच्छेद 352 को लागू करने के लिए अपने हस्तक्षेप की मांग करने वाली याचिका खारिज करते हुए फैसला सुनाया कि अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट अनुच्छेद 355 को लागू करने के लिए केंद्र को निर्देश जारी करने की शक्ति नहीं है, क्योंकि यह कार्यपालिका की ओर से नीतिगत निर्णय का हिस्सा है।चीफ जस्टिस एसवी गंगापुरवाला और जस्टिस पीडी औडिकेसवालु की...

बहुसंख्यकवादी नैतिकता को व्यक्तिगत कानूनों का स्थान नहीं लेना चाहिए: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने समान नागरिक संहिता पर विधि आयोग के नोटिस पर आपत्ति दर्ज की
'बहुसंख्यकवादी नैतिकता को व्यक्तिगत कानूनों का स्थान नहीं लेना चाहिए': मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने समान नागरिक संहिता पर विधि आयोग के नोटिस पर आपत्ति दर्ज की

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने विधि आयोग के उस नोटिस पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई, जिसमें जनता से समान नागरिक संहिता पर विचार पेश करने को कहा गया है।बोर्ड ने यूसीसी के विरोध में दायर अभ्यावेदन में कहा,"बहुसंख्यकवादी नैतिकता को कोड के नाम पर व्यक्तिगत कानूनों, धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यक अधिकारों का हनन नहीं करना चाहिए, जो पहेली बनी हुई है।"बोर्ड ने प्रारंभिक आपत्तियों को विस्तृत करते हुए कहा कि विधि आयोग के नोटिस में निर्धारित सामग्री "बहुत सामान्य और अस्पष्ट" है।यह कहा गया,"आमंत्रित किए...

खान और खनिज एक्ट के तहत पुलिस कर्मियों को प्राधिकृत अधिकारी के पास वाहन जब्त करने, अपराधों को सुलझाने का अधिकार: मद्रास हाईकोर्ट
खान और खनिज एक्ट के तहत पुलिस कर्मियों को 'प्राधिकृत अधिकारी' के पास वाहन जब्त करने, अपराधों को सुलझाने का अधिकार: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 (Mines and Minerals (Development and Regulation) Act 1957) की धारा 21,22 और 23-ए के तहत पुलिस कर्मियों को "अधिकृत अधिकारी" के दायरे में लाने पर कोई रोक नहीं है। फुल बेंच ने मामले पर सुनवाई करते हुए उक्त एक्ट के प्रावधानों और उसके तहत बनाए गए नियमों और एक्ट के आधार पर जारी किए गए विभिन्न सरकारी आदेशों से संबंधित प्रश्नों के संबंध में संदर्भ दिया गया।जस्टिस जीआर स्वामीनाथन, जस्टिस एम ढांडापानी और जस्टिस के मुरली शंकर की...