मुख्य सुर्खियां
तलाक कानून | पति या पत्नी के अवैध संबंधों के आरोपों को याचिका में स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि जीवनसाथी के अवैध संबंधों के आरोपों को अदालत की कल्पना पर नहीं छोड़ा जा सकता है। ऐसे आरोप स्पष्ट होने चाहिए। हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13ए के तहत न्यायिक अलगाव की डिक्री देते हुए, न्यायालय ने कहा, “अवैध संबंध के अस्तित्व का अनुमान लगाने के लिए अदालत की कल्पना पर यह नहीं छोड़ा जाना चाहिए कि पक्ष आरोप के माध्यम से क्या कहना चाहते होंगे....अवैध संबंध होने का आरोप स्पष्ट होना चाहिए।”जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस शिव शंकर प्रसाद की पीठ...
भूमि पर अनाधिकृत कब्ज़ा करने वाला व्यक्ति कानून के अनुसार बेदखल होने पर अनुच्छेद 19, 21 के तहत सुरक्षा का दावा नहीं कर सकता: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु भूमि अतिक्रमण के खिलाफ दायर एक याचिका को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि भूमि पर अनाधिकृत रूप से कब्जा करने वाला व्यक्ति संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सुरक्षा का दावा नहीं कर सकता है, जब बेदखली की कार्यवाही कानून के अनुसार हो। कोर्ट ने कहा,“वैसे भी, अनधिकृत कब्जे वाला कोई व्यक्ति भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के संरक्षण का दावा नहीं कर सकता है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत, किसी व्यक्ति को कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अलावा उसके जीवन या व्यक्तिगत...
यूपी राजस्व संहिता 2006 | अतिक्रमणकारी सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अपनी भूमि से बदल नहीं सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि सार्वजनिक उपयोग के लिए दर्ज भूमि को अतिक्रमणकर्ता अपनी भूमि में नहीं बदला सकता है।जस्टिस रजनीश कुमार की पीठ ने कहा कि तालाब का जीर्णोद्धार करना और उसका रखरखाव करना ग्रामीणों के लिए और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए फायदेमंद है। कोर्ट ने कहा कि यूपी राजस्व संहिता की धारा 101 (विनिमय) के तहत एक भूमिदार किसी अन्य भूमिदार द्वारा रखी गई भूमि का आदान-प्रदान कर सकता है या धारा 59 के तहत किसी ग्राम पंचायत या स्थानीय प्राधिकारी को सौंपी या सौंपी हुई मानी गई भूमि का...
AIIMS, DU और GGSIPU में नर्सिंग कोर्स केवल महिलाओं तक सीमित करने वाले नियम के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका
दिल्ली हाईकोर्ट में उस नियम को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई, जिसमें कहा गया कि केवल महिला उम्मीदवार अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) और गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) द्वारा संचालित नर्सिंग कॉलेजों में बीएससी (ऑनर्स) नर्सिंग कोर्स के लिए पात्र हैं।यह याचिका इंडियन प्रोफेशनल नर्सेज एसोसिएशन द्वारा दायर की गई है, जो देश भर में नर्सों के कल्याण के लिए काम करने वाली गैर-सरकारी रजिस्टर्ड संस्था है।याचिका में नया नियम लाने पर विचार करने का...
यदि मैट्रिकुलेशन सर्टिफिकेट पर्याप्त रूप से जन्मतिथि साबित करता है तो डीएनए टेस्ट का आदेश नहीं दिया जाएगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि किसी स्कूल द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन सर्टिफिकेट को जन्मतिथि निर्धारित करने के लिए पर्याप्त कानूनी प्रमाण माना जाता है। कोर्ट ने कहा कि जहां ऐसा सर्टिफिकेट गलत साबित नहीं हुआ, वहां डीएनए टेस्ट जरूरी नहीं।जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी ने अपर्णा अजिंक्य फिरोदिया बनाम अजिंक्य अरुण फिरोदिया मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भरोसा करते हुए कहा,“जैसा कि अपर्णा अजिंक्य फ़िरोदिया (सुप्रा) में कहा गया कि डीएनए टेस्ट कराने का आदेश नियमित तरीके से पारित नहीं किया जा सकता है और इसे...
यदि बीमाकर्ता स्पेसिफिक पॉलिसी टर्म्स के दावे को अस्वीकार करता है तो रिट याचिका सुनवाई योग्य होगी: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने COVID-19 की शुरुआत के कारण रद्द की गई यात्रा बुकिंग के संबंध में एक जोड़े के बीमा दावे को अनुमति देते हुए हाल ही में कहा कि एक रिट याचिका सुनवाई योग्य होगी, यदि अदालत को पता चलता है कि बीमाकर्ता ने पॉलिसी की स्पेसिफिक टर्म्स (Specific Policy Terms) के दावे को अवैध रूप से अस्वीकार कर दिया है।यह देखते हुए कि अदालत जीवन बीमा दावे को लागू करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत क्षेत्राधिकार का प्रयोग कर सकती है, जस्टिस पुरुषइंद्र कुमार कौरव ने कहा,“प्रश्न का निर्धारण कई कारकों...
हाईकोर्ट ने पशु जन्म नियंत्रण नियमों के प्रभावी कार्यान्वयन की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर चंडीगढ़ नगर निगम से जवाब मांगा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें चंडीगढ़ नगर निगम को चंडीगढ़ में पशु जन्म नियंत्रण नियम, 2023 (एबीसी नियम) के प्रभावी और शीघ्र कार्यान्वयन के संबंध में पर्याप्त और उचित कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की गई है।याचिका में कहा गया कि नगर निगम के समक्ष इस संबंध में अभ्यावेदन दाखिल करने पर पशु जन्म नियंत्रण नियम 2023 को अपनाने और कार्यान्वयन की "न तो संतोषजनक" और न ही सही तस्वीर प्रदान की गई।एक्टिंग चीफ जस्टिस रितु बाहरी और जस्टिस निधि गुप्ता की खंडपीठ ने...
18 दिसंबर को रामलीला मैदान में मुस्लिम महापंचायत आयोजित करने की व्यवहार्यता पर विचार करें: हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस, एमसीडी से कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को 18 दिसंबर को रामलीला मैदान में सार्वजनिक सभा (अखिल भारतीय मुस्लिम महापंचायत) आयोजित करने की व्यवहार्यता पर विचार करने का निर्देश दिया।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने आदेश दिया कि मिशन सेव कॉन्स्टिट्यूशन नामक संगठन द्वारा 18 दिसंबर को महापंचायत आयोजित करने के लिए पहले से दिए गए आवेदन को प्रतिनिधित्व के रूप में माना जाए।अदालत ने कहा,"...और प्रतिवादी नंबर 3/एमसीडी और पुलिस अधिकारियों को 18.12.2023 को दिल्ली के रामलीला मैदान में महापंचायत...
अखिल भारतीय पर्यटक बसों को स्टेज कैरिज के रूप में संचालित नहीं किया जा सकता: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अंतरिम आदेश पारित करते हुए निर्देश दिया कि अखिल भारतीय पर्यटक वाहनों को स्टेज कैरियर के रूप में संचालित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि अधिकारी अखिल भारतीय पर्यटक परमिट वाली पर्यटक बसों के खिलाफ उचित कार्रवाई कर सकते हैं जो स्टेज कैरिज के रूप में संचालित होती हैं।जस्टिस दिनेश कुमार सिंह ने पर्यटक बस ऑपरेटर याचिकाकर्ताओं को अखिल भारतीय पर्यटक परमिट शर्तों के उल्लंघन में अपनी पर्यटक बस का उपयोग करने के लिए जुर्माना चालान द्वारा लगाए गए...
'सीमा सुरक्षा बल' अखिल भारतीय उपस्थिति वाला केंद्रीय बल है, इसके आदेश सभी हाईकोर्ट में चुनौती के अधीन: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) कांस्टेबल को हटाने का आदेश रद्द करते हुए कहा है कि सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी), अखिल भारतीय उपस्थिति के साथ भारत संघ का बल है, जिससे आदेश जारी किए जा रहे हैं। इसके द्वारा पारित मामले के खिलाफ देश के किसी भी हाईकोर्ट में अपील की जा सकती है।जस्टिस एमए चौधरी ने ये टिप्पणियां एसएसबी में कांस्टेबल (जीडी) की याचिका पर सुनवाई करते हुए कीं, जिसमें ड्यूटी से कथित तौर पर अनधिकृत अनुपस्थिति के लिए प्रतिवादी नंबर 3-कमांडेंट ट्रेनिंग सेंटर सपरी एसएसबी...
दिल्ली हाईकोर्ट ने मैला ढोने वाले की विधवा की मुआवजा राशि 10 से बढ़ाकर 30 लाख करने की याचिका स्वीकार की
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को बलराम सिंह बनाम भारत संघ और अन्य में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर मुआवजे को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख करने की सफाई कर्मचारी की विधवा की याचिका स्वीकार कर ली। इसी फैसले के तहत मैला ढोने में अपनी जान गंवाने वाले पीड़ितों के आश्रितों को मुआवजा जारी करने के निर्देश जारी किए गए थे।याचिकाकर्ता ने 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। मुआवजे में वृद्धि के अलावा, उन्होंने संबंधित एजेंसियों को रोजगार सहित पूर्ण पुनर्वास, साथ ही...
पटना हाईकोर्ट में आरक्षण को 65% तक बढ़ाने वाले बिहार कानून को चुनौती देते हुए जनहित याचिका दायर; कहा गया- SEBC कोटा जनसंख्या के अनुपात में नहीं होना चाहिए
पटना हाईकोर्ट में पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण को मौजूदा 50% से बढ़ाकर 65% करने के लिए बिहार विधानमंडल द्वारा पारित हालिया संशोधन को चुनौती देते हुए एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई।याचिका में बिहार आरक्षण (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए) (संशोधन) अधिनियम, 2023 और बिहार (शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश में) आरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2023 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता ने इन अधिनियमों पर रोक लगाने...
क्रिकेटर श्रीसंत ने धोखाधड़ी मामले में अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
भारतीय क्रिकेटर एस श्रीसंत ने धोखाधड़ी के मामले में अग्रिम जमानत के लिए केरल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।जस्टिस मोहम्मद नियास सी.पी. ने शुक्रवार को जब मामले की सुनवाई हुई तो राज्य से 28 नवंबर, 2023 (मंगलवार) को पोस्टिंग की अगली तारीख तक क्रिकेटर के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने को कहा।अभियोजन पक्ष का आरोप है कि दो आरोपी व्यक्तियों ने एक विला परियोजना के निर्माण के लिए शिकायतकर्ता को कुछ धनराशि देने के लिए बाध्य किया है।इसके बाद आरोपी व्यक्तियों ने शिकायत में बताया कि याचिकाकर्ता...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (20 नवंबर 2023 से 24 नवंबर 2023 ) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।यूपीवीएटी एक्ट के तहत बही खातों की अस्वीकृति, केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम के तहत बही खातों की अस्वीकृति का आधार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि रिकॉर्ड पर किसी भी सामग्री के अभाव में, स्थानीय कानूनों के तहत बही खाते (Book of Accounts) की अस्वीकृति केंद्रीय बिक्री कर...
एफआईआर रद्द करने के बाद 'अनुसूचित अपराध' का अस्तित्व नहीं रह सकता: दिल्ली हाईकोर्ट ने पीएमएलए कार्यवाही रद्द की
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक आरोपी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की ओर से शुरू की गई पीएमएलए कार्यवाही को उसके खिलाफ दर्ज दो एफआईआर के आधार पर रद्द कर दिया- जिन्हें बाद में पार्टियों के बीच समझौते के बाद रद्द कर दिया गया था। जस्टिस अमित शर्मा ने कहा कि एफआईआर रद्द होने के बाद एक अनुसूचित अपराध अस्तित्व में नहीं रह सकता है और इसलिए, यदि कोई अनुसूचित अपराध नहीं है तो उसके संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग का कोई अपराध नहीं हो सकता है।कोर्ट ने कहा, "इस प्रकार, इस न्यायालय की सुविचारित राय में, वर्तमान मामले में पहले...
यूपीवीएटी एक्ट के तहत बही खातों की अस्वीकृति, केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम के तहत बही खातों की अस्वीकृति का आधार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि रिकॉर्ड पर किसी भी सामग्री के अभाव में, स्थानीय कानूनों के तहत बही खाते (Book of Accounts) की अस्वीकृति केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम के तहत बही खाते की अस्वीकृति का एकमात्र आधार नहीं हो सकती है। जस्टिस पीयूष अग्रवाल ने कहा, "सिर्फ इसलिए कि स्थानीय बिक्री कानून के तहत बही खातों को खारिज कर दिया गया है, रिकॉर्ड पर उपलब्ध किसी भी ठोस सामग्री के अभाव में केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम के तहत बही खामों को खारिज करने का आधार जरूरी नहीं है।"मामले में रिवीजनिस्ट...
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में छात्राओं का यौन उत्पीड़न, शौचालय नहीं: हाईकार्ट ने शिक्षा विभाग के शीर्ष अधिकारियों से पेश होने को कहा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में हरियाणा सरकार को फटकार लगाते हुए कहा, "सरकार की असंवेदनशीलता स्पष्ट है। सरकारी स्कूल कमरे, बिजली, शौचालय के साथ-साथ पीने के पानी के लिए भी तरस रहे हैं।"जस्टिस विनोद भारद्वाज ने कहा कि जहां केंद्र सरकार 'स्वच्छ भारत' मिशन को सख्ती से आगे बढ़ा रही है और हर घर में शौचालय स्थापित करना चाहती है, वहीं हरियाणा में 538 बालिका विद्यालयों में शौचालय की व्यवस्था न होने के कारण लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न और मारपीट की बार-बार हो रही घटनाओं ने तस्वीर को बहुत ही खराब...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी के लगातार अनुपस्थित रहने पर ' एक पक्षीय ' तलाक को बरकरार रखा, कहा, प्राकृतिक न्याय का सिद्धांत न्याय के सिरों को विफल नहीं कर सकता
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना है कि भले ही आदेश पारित करने से पहले सुनवाई के अवसर पर समझौता नहीं किया जा सकता है, लेकिन इसका उपयोग न्याय के उद्देश्यों को विफल करने के लिए नहीं किया जा सकता है। न्यायालय ने कहा कि यदि देरी लापरवाही से या जानबूझकर किसी एक पक्ष द्वारा की गई है, तो उसे देरी का लाभ उठाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस शिव शंकर प्रसाद की पीठ ने कहा,“देरी के लिए मुख्य रूप से एक पक्षकार का आचरण जिम्मेदार है, उसे कभी भी पलटने और उसका लाभ उठाने की अनुमति नहीं...
गैर-शैक्षणिक गतिविधियों के लिए बच्चों का इस्तेमाल नहीं कर सकते: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में स्पष्ट किया स्कूल और शैक्षणिक प्राधिकरण बच्चों को राज्य सरकार की 'नव केरल सदास' जैसी गैर-शैक्षिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं।'नव केरल सदास' जैसे कार्यक्रम में शीर्ष अधिकारी लोगों के साथ बातचीत करते हैं और उनकी शिकायतों को हल करने का प्रयास करते हैं। कार्यक्रम के लिए सरकारी और सहायता प्राप्त संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को अपने-अपने जिलों में कार्यक्र में शामिल होने और जनता की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया...
सरफेसी एक्ट | एमपी हाईकोर्ट ने सुरक्षित लेनदारों द्वारा दायर धारा 14 आवेदनों के शीघ्र निपटान के लिए मजिस्ट्रेटों को दिशानिर्देश जारी किए
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में सरफेसी अधिनियम की धारा 14 के तहत आवेदनों पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेटों द्वारा निष्क्रियता को गंभीरता से लिया है। अदालत ने जिला मजिस्ट्रेट या मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को ऐसे आवेदनों पर निर्णय लेने के तरीके के बारे में भी कई निर्देश जारी किए हैं।जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और जस्टिस प्रणय वर्मा की डिवीजन बेंच ने खरगोन के सीजेएम को फटकार लगाई जिन्होंने पंजीकरण पर बहस के लिए धारा 14 के आवेदन को सूचीबद्ध किया था। इंदौर में बैठी पीठ ने दोहराया कि...



















