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सीएए के खिलाफ याचिकाएं : कपिल सिब्बल ने जल्द सुनवाई की मांग की, मुख्य न्यायाधीश ने सहमति जताई
सीएए के खिलाफ याचिकाएं : कपिल सिब्बल ने जल्द सुनवाई की मांग की, मुख्य न्यायाधीश ने सहमति जताई

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे से जल्द सुनवाई की मांग की है। गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश बोबडे ने सिब्बल को कहा कि सबरीमला मामले की 16 मार्च से सुनवाई की जाएगी। इसके बाद इसकी सुनवाई होगी। हालांकि सिब्बल ने आग्रह किया कि मामले में 2 घंटे की सुनवाई अंतरिम राहत देने के लिए शुरू की जा सकती है। मुख्य न्यायाधीश बोबडे इस पर विचार करने के लिए सहमत हुए और कहा कि सिब्बल होली की छुट्टियों के बाद उल्लेख कर सकते हैं। वहीं इस...

प्रथम दृष्टया राजद्रोह का मामला नहीं बनता, छात्रों के प्ले पर दर्ज केस में कोर्ट ने बीदर स्कूल के प्रबंधक को दी अग्रिम जमानत
"प्रथम दृष्टया राजद्रोह का मामला नहीं बनता", छात्रों के प्ले पर दर्ज केस में कोर्ट ने बीदर स्कूल के प्रबंधक को दी अग्रिम जमानत

सीएए-एनपीआर के खिलाफ किए गए एक स्कूली प्ले पर दर्ज कथित राजद्रोह के मामले में कर्नाटक के बीदर की सेशन कोर्ट ने मंगलवार को शाहीन प्राथमिक और उच्च विद्यालय के प्रबंधक अब्दुल कादिर को अग्रिम जमानत दे दी। अब्दुल कादिर अल्लामा इकबाल एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष और शाहीन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के संस्थापक भी हैं। सत्र न्यायाधीश मनगोली प्रेमवथी ने कादिर की तरफ से दायर अर्जी को स्वीकार करते हुए दो लाख रुपये के निजी मुचलके व इतनी ही राशि के तीन जमानती पेश करने की शर्त पर अग्रिम ज़मानत का आदेश दिया। ...

 फर्जी खबरें ही दंगों का मूल कारण  : सोशल मीडिया खातों को आधार से लिंक करने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल
' फर्जी खबरें ही दंगों का मूल कारण ' : सोशल मीडिया खातों को आधार से लिंक करने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल

 फर्जी खबरों को दंगों की मूल वजह बताते हुए कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर फर्जी सोशल मीडिया खातों को खत्म करने के लिए आधार को सोशल मीडिया से जोड़ने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल WP ( C) 11394/2019 में 9 दिसंबर, 2019 को दिए गए उस फैसले के खिलाफ एसएलपी दायर की गई है, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ ने याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया था।याचिकाकर्ता ने कहा है कि दिए गए आदेश में, उच्च न्यायालय यह मानने...

दिल्ली हिंसा : हर्ष मंदर का भाषण गंभीर अवमानना, दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दिया हलफनामा
दिल्ली हिंसा : हर्ष मंदर का भाषण गंभीर अवमानना, दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दिया हलफनामा

दिल्ली पुलिस ने पुलिस उपायुक्त (DCP) [कानूनी प्रकोष्ठ] के माध्यम से बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर एक्टिविस्ट हर्ष मंदर की याचिका को खारिज करने की मांग की और साथ ही मंदर से लागत वसूलने और उनके खिलाफ अवमानना ​​कार्यवाही शुरू करने का भी अनुरोध किया। मंदर ने याचिका दाखिल कर भाजपा नेता अनुराग ठाकुर, कपिल मिश्रा और परवेश वर्मा के खिलाफ कथित तौर पर दिल्ली दंगों के लिए हिंसा भड़काने वाले भाषण देने के लिए एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। इसके बाद मंदेर पर शीर्ष अदालत के खिलाफ बयान देने...

कोर्ट दस्तावेजों की प्रतियां आरटीआई कानून के बजाय, कोर्ट नियमों के तहत आवेदन करके पाई जा सकती हैंः सुप्रीम कोर्ट
कोर्ट दस्तावेजों की प्रतियां आरटीआई कानून के बजाय, कोर्ट नियमों के तहत आवेदन करके पाई जा सकती हैंः सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि न्यायिक पक्ष में सूचनाओं की प्राप्य/ प्रमाणित प्रतियों को हाईकोर्ट नियमों के तहत प्रदान किए गए तंत्र के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा और ऐसी सूचनाओं को पाने के लिए आरटीआई एक्ट के प्रावधानों का सहारा नहीं लिया जाएगा। जस्टिस भानुमती, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस हृषिकेश रॉय की खंडपीठ ने मुख्य सूचना आयुक्त बनाम गुजरात हाईकोर्ट व अन्य के मामले में कहा कि अदालत के दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां प्राप्त करने के लिए अदालत के नियमों के तहत आवेदन करना चाहिए। मामले...

1984 सिख विरोधी दंगा:  SC ने सज्जन कुमार एम्स मेडिकल बोर्ड के सामने गुरुवार को पेश करने के निर्देश दिए 
1984 सिख विरोधी दंगा:  SC ने सज्जन कुमार एम्स मेडिकल बोर्ड के सामने गुरुवार को पेश करने के निर्देश दिए 

1984 में हुए सिख विरोधी दंगे में आजीवन कारावास के सजायाफ्ता कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद सज्जन कुमार की मेडिकल आधार पर जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें गुरुवार पांच मार्च की सुबह 10.30 बजे एम्स के मेडिकल बोर्ड के सामने पेश करने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने बुधवार को सुनवाई करते हुए कहा कि बोर्ड सज्जन कुमार का परीक्षण कर ये बताएगा कि क्या उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता है और यदि है तो कितने दिनों तक। पीठ ने...

दिल्ली हिंसा : सुप्रीम कोर्ट ने BJP नेताओं के खिलाफ FIR की याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट भेजा, 6 मार्च को सुनवाई करने को कहा
दिल्ली हिंसा : सुप्रीम कोर्ट ने BJP नेताओं के खिलाफ FIR की याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट भेजा, 6 मार्च को सुनवाई करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से अनुरोध किया कि वह शुक्रवार (6 मार्च) को उन याचिकाओं पर सुनवाई करे जिसमें पिछले हफ्ते उत्तर पूर्वी दिल्ली के कुछ हिस्सों में हुए दंगों के मद्देनजर कथित हेट स्पीच के लिए बीजेपी नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। पीठ ने हाईकोर्ट से मामले को तेजी से सुनने का अनुरोध किया है। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने टिप्पणी की कि उच्च न्यायालय द्वारा मामले की सुनवाई को लंबे वक्त तक टाला जाना उचित नहीं है। मुख्य...

आपराधिक मामला दायर करने और उसके बाद बरी होने को स्वत: ही तलाक देने का आधार नहीं माना जा सकता, यदि तलाक की याचिका में इस तरह का आधार न दिया गया हो : सुप्रीम कोर्ट
आपराधिक मामला दायर करने और उसके बाद बरी होने को स्वत: ही तलाक देने का आधार नहीं माना जा सकता, यदि तलाक की याचिका में इस तरह का आधार न दिया गया हो : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि विवाह के लिए एक पक्ष द्वारा कोई आपराधिक मामला दायर करने और उसके बाद बरी होने को स्वत: ही तलाक देने के लिए आधार के रूप में नहीं माना जा सकता यदि तलाक की याचिका में इस तरह का आधार नहीं उठाया गया है। न्यायमूर्ति आर बानुमति , न्यायमूर्ति एस अब्दुल नज़ीर और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ एक अपील पर विचार किया, जिसमें (दूसरी अपील की अनुमति देते हुए) एक व्यक्ति को इस आधार पर तलाक दे दिया कि उसके खिलाफ पत्नी द्वारा दायर की गई...

दस्तावेजी सबूतों के अभाव में मात्र मौखिक गवाही नागरिकता का सबूत नहींः गुवाहाटी हाईकोर्ट
दस्तावेजी सबूतों के अभाव में मात्र मौखिक गवाही नागरिकता का सबूत नहींः गुवाहाटी हाईकोर्ट

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने दोहराया है कि फॉरेनर्स एक्ट, 1946 के तहत की गई कार्यवाही में दस्तावेजी साक्ष्य के अभाव में दी गई मौखिक गवाही नागरिकता का प्रमाण नहीं है। जस्टिस मनोजीत भुयन और जस्टिस पार्थिवज्योति सैकिया की खंडपीठ ने 25 अक्टूबर, 2018 को फॉरेनर्स ट्र‌िब्यूनल, मोरीगांव के फैसले को बरकरार रखा, जिसमें नूरुल अमीन नामक एक व्यक्ति को 1971 असम समझौते के अनुसार विदेशी घोषित किया गया था। अपनी नागरिकता साबित करने के लिए याचिकाकर्ता ने 10 दस्तावेज पेश किए थे, अपने अनुमानित पिता के नाम के सबूत के रूप...

कंज़्यूमर फोरम के पास प्रतिवादी के जवाब दाखिल करने की अवधि 45 दिनों से अधिक बढ़ाने का अधिकार नहीं : सुप्रीम कोर्ट
कंज़्यूमर फोरम के पास प्रतिवादी के जवाब दाखिल करने की अवधि 45 दिनों से अधिक बढ़ाने का अधिकार नहीं : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि उपभोक्ता मामले में प्रतिवादी (opposite party) के जवाब दाखिल करने की समय अवधि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत निर्धारित 45 दिनों की अवधि से अधिक नहीं बढ़ाई जा सकती। न्यायालय ने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 ने उपभोक्ता फोरम को 45 दिनों की अवधि से आगे का समय बढ़ाने का अधिकार नहीं दिया है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 13 के तहत निर्धारित समय अवधि अनिवार्य है, और निर्देशिका नहीं, पीठ के लिए न्यायमूर्ति विनीत सरन द्वारा लिखित निर्णय अभिनिर्धारित किया गया।...

ग्रीन पटाखे : रोक के बावजूद बेरियम नाइट्रेट का इस्तेमाल ? सुप्रीम कोर्ट ने पटाखा कंपनियों की CBI जांच के आदेश दिए
ग्रीन पटाखे : रोक के बावजूद बेरियम नाइट्रेट का इस्तेमाल ? सुप्रीम कोर्ट ने पटाखा कंपनियों की CBI जांच के आदेश दिए

एक अहम फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु स्थित शिवकाशी की पटाखा निर्माण कंपनियों द्वारा पटाखों में प्रतिबंधित बेरियम नाइट्रेट के इस्तेमाल के आरोपों की CBI जांच का आदेश दिया है।मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबड़े की पीठ ने सीबीआई से 6 हफ्ते में जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई 8 हफ्ते बाद करेगा।दरअसल मंगलवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की वकील ने पीठ को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के रोक लगाने के बावजूदअभी भी बाजार में बेरियम नाइट्रेट से बने पटाखे बिक रहे हैं। हालांकि...

फडणवीस को झटका : चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामलों का खुलासा ना करने पर ट्रायल चलता रहेगा : सुप्रीम कोर्ट
फडणवीस को झटका : चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामलों का खुलासा ना करने पर ट्रायल चलता रहेगा : सुप्रीम कोर्ट

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को झटका देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उस पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है , जिसमें चुनावी हलफनामे में दो आपराधिक मामलों का खुलासा ना करने पर नागपुर की अदालत में ट्रायल को बहाल कर दिया था। जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की तीन जजों वाली बेंच ने सोमवार को जारी अपने आदेश में कहा है कि पुनर्विचार याचिकाओं के लिए कोई आधार नहीं मिला है, इसलिए इन्हें खारिज किया जाता है। 18 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के...

LLM छात्रा से बलात्कार: चिन्मयानंद की जमानत रद्द करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार किया, ट्रायल को दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग पर नोटिस 
LLM छात्रा से बलात्कार: चिन्मयानंद की जमानत रद्द करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार किया, ट्रायल को दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग पर नोटिस 

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बलात्कार के आरोपी भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद को जमानत देने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली LLM की छात्रा द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की पीठ ने कहा कि आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं है। पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट ने यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त शर्तें लगाई थीं कि आरोपी सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे या धमकी नहीं देंगे।साथ ही पीठ ने मामले के...

ब्रेकिंग : संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त ने CAA के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप आवेदन दायर
ब्रेकिंग : संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त ने CAA के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप आवेदन दायर

एक महत्वपूर्ण घटना में, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त ने विवादास्पद नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक हस्तक्षेप आवेदन दायर किया है।विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र के इस कदम की आलोचना की है। MEA के प्रवक्ता ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि भारत के जिनेवा में स्थायी मिशन को संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त ने मानवाधिकार से सोमवार शाम को सूचित किया कि उनके कार्यालय ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय में एक हस्तक्षेप आवेदन दायर किया है।MEA ने कहा कि नागरिकता...

रिटायर्ड लोगों को सुरक्षा ज़रूरी, 15 साल या अधिक की नौकरी के बाद VRS लेने वाले SBI कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट  ने पेंशन का हकदार माना
रिटायर्ड लोगों को सुरक्षा ज़रूरी, 15 साल या अधिक की नौकरी के बाद VRS लेने वाले SBI कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट ने पेंशन का हकदार माना

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारी जिन्होंने 15 वर्ष या उससे अधिक वर्षों की सेवा के बाद 2000 वीआरएस योजना के अनुसार जैसे कि कट-ऑफ तारीख पर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली है, एसबीआई पेंशन फंड नियमों के अनुसार आनुपातिक पेंशन के हकदार हैं। जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस एम आर शाह और जस्टिस बीआर गवई की 3-जजों वाली बेंच ने वीआरएस के तहत पेंशन की स्वीकार्यता के संबंध में न्यायाधीशों के बीच विचारों के परस्पर विरोधी संदर्भ का जवाब देते यह कहा। सवाल यह था कि क्या पेंशनभोगी सेवा में...