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एक्टिविस्ट साकेत गोखले ने SC में RTI दाखिल कर लंबित अंतरिम जमानत आवेदनों की संख्या और निपटारे के लिए औसत समय की जानकारी मांगी
एक्टिविस्ट साकेत गोखले ने SC में RTI दाखिल कर लंबित अंतरिम जमानत आवेदनों की संख्या और निपटारे के लिए औसत समय की जानकारी मांगी

आरटीआई एक्टिविस्ट साकेत गोखले ने भारत के सुप्रीम कोर्ट में एक आरटीआई दायर की है, जिसमें पहले से लंबित अंतरिम जमानत आवेदनों की संख्या और इस तरह की याचिकाओं को सूचीबद्ध करने के लिए लिए जाने वाले औसत समय की जानकारी मांगी गई है। उन्होंने पूछा है:• कृपया अंतरिम जमानत के वर्तमान बैकलॉग / मामलों की संख्या बताएं! भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय की रजिस्ट्री के पास लंबित आवेदनों की संख्या जिन्हें 12/11/2020 तक पहली बार सूचीबद्ध नहीं किया गया है।• कृपया रजिस्ट्री के पास अंतरिम जमानत आवेदन दाखिल करने और...

अर्नब गोस्वामी ने पुलिस के काम में बाधा डालने के मामले में अग्र‌िम जमानत याचिका दायर की, पत्नी और बेटे के खिलाफ भी है एफआईआर
अर्नब गोस्वामी ने पुलिस के काम में बाधा डालने के मामले में अग्र‌िम जमानत याचिका दायर की, पत्नी और बेटे के खिलाफ भी है एफआईआर

आत्महत्या के लिए उकसाने के कथित मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद, रिपब्लिक टीवी प्रमुख अर्नब गोस्वामी ने एनएम जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन में अपने और अपने पर‌िजनों के खिलाफ दर्ज मामले में गिरफ्तारी की आशंका के मद्देनज़र मुंबई के सेशंस कोर्ट के समक्ष अग्र‌िम जमानत याचिका दायर की है। एनएम जोशी पुलिस स्टेशन में अर्नब गोस्वामी के खिलाफ पुलिस अधिकारियों के काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया है।रायगढ़ पुलिस ने अर्नब गोस्वामी को इंटीरियर ‌डिजाइनर अन्वय नाइक को आत्महत्या के ‌लिए उकसाने के...

सुप्रीम कोर्ट ने अर्नब गोस्वामी को जमानत दी, कहा-न‌िजी स्वतंत्रता बरकरार रहनी चा‌हिए
सुप्रीम कोर्ट ने अर्नब गोस्वामी को जमानत दी, कहा-न‌िजी स्वतंत्रता बरकरार रहनी चा‌हिए

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को रिपब्लिक टीवी एंकर अर्नब गोस्वामी को अंतरिम जमानत दे दी। उन्हें 2018 के इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक की आत्महत्या के मामले में चार नवंबर को न्यायिक हिरासत में लिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सह आरोपी नीतीश सारदा और फिरोज मोहम्मद शेख की अंतरिम रिहाई की भी अनुमति दी। कोर्ट ने कहा, "अंतरिम जमानत देने के लिए आवेदन को खारिज करने में उच्च न्यायालय त्रुटि में था।"जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और इंदिरा बनर्जी की एक अवकाश पीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट के 9 नवंबर के आदेश के खिलाफ दायर...

क्या मुख्यमंत्री को गिरफ्तार किया जाएगा अगर किसी व्यक्ति ने सैलरी का भुगतान नहीं करने के लिए सुसाइड नोट में उनका नाम लिखा?  : साल्वे ने अर्नब गोस्वामी की ओर से तर्क पेश किए
"क्या मुख्यमंत्री को गिरफ्तार किया जाएगा अगर किसी व्यक्ति ने सैलरी का भुगतान नहीं करने के लिए सुसाइड नोट में उनका नाम लिखा?" : साल्वे ने अर्नब गोस्वामी की ओर से तर्क पेश किए

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को अर्नब गोस्वामी के मामले में सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने अदालत से कहा कि अर्नब गोस्वामी के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत आत्महत्या का अपराध स्थापित करने के लिए आवश्यक बुनियादी सामग्रियों के परीक्षण के आधार पर कोई मामला नहीं बनता। साल्वे ने कहा,"पिछले महीने महाराष्ट्र में एक व्यक्ति ने यह कहते हुए आत्महत्या कर ली कि मुख्यमंत्री वेतन देने में असफल रहे? आप क्या करेंगे? मुख्यमंत्री को गिरफ्तार करेंगे?"अर्नब गोस्वामी को 2018 के आत्महत्या मामले में...

डिजिटल / ऑनलाइन मीडिया को सूचना और प्रसारण मंत्रालय के दायरे में लाया गया
डिजिटल / ऑनलाइन मीडिया को सूचना और प्रसारण मंत्रालय के दायरे में लाया गया

डिजिटल / ऑनलाइन मीडिया को सूचना और प्रसारण मंत्रालय के दायरे में लाया गया है। निम्नलिखित प्रविष्टियों फिल्म्स और ऑडियो-विज़ुअल कार्यक्रम, समाचार और वर्तमान मामलों की सामग्री को शामिल करने के लिए भारत सरकार की दूसरी अनुसूची (व्यवसाय का आवंटन) नियमों में संशोधन किया गया है।इसमें डिजिटल / ऑनलाइन मीडिया में फिल्म्स और ऑडियो-विज़ुअल कार्यक्रम, समाचार और वर्तमान मामलों की सामग्री शामिल होगी। इसका मतलब है कि नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम आदि जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन न्यूज पोर्टल मंत्रालय के नियंत्रण...

अर्नब गोस्वामी  केस : अगर अदालत आज हस्तक्षेप नहीं करती है, तो हम विनाश के रास्ते पर यात्रा कर रहे हैं : जस्टिस चंद्रचूड़
अर्नब गोस्वामी केस : "अगर अदालत आज हस्तक्षेप नहीं करती है, तो हम विनाश के रास्ते पर यात्रा कर रहे हैं" : जस्टिस चंद्रचूड़

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और इंदिरा बनर्जी की एक अवकाश पीठ वर्तमान में रिपब्लिक टीवी एंकर अर्नब गोस्वामी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें बॉम्बे हाईकोर्ट के 9 नवंबर के आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें उन्हें अन्वय नाइक की आत्महत्या मामले में अंतरिम जमानत से इनकार कर दिया था। सुनवाई के दौरान, न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने आश्चर्य व्यक्त किया कि क्या आत्महत्या के उकसाने के लिए अपराध को पैसे का भुगतान न करने के लिए आमंत्रित किया जा सकता है, गोस्वामी की हिरासत और उच्च...

पूर्वाग्रह पैदा करने का दुर्भावनापूर्ण प्रयास: अर्नब गोस्वामी की पत्नी ने मामले की तत्काल लिस्टिंग पर दवे के पत्र के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट सेक्रेटरी जनरल को लेटर लिखा
"पूर्वाग्रह पैदा करने का दुर्भावनापूर्ण प्रयास": अर्नब गोस्वामी की पत्नी ने मामले की तत्काल लिस्टिंग पर दवे के पत्र के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट सेक्रेटरी जनरल को लेटर लिखा

रिपब्लिक टीवी प्रमुख अर्नब गोस्वामी की पत्नी समीब्रत रे गोस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल को एससीबीए अध्यक्ष दुष्यंत दवे के पत्र पर बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अर्नब गोस्वामी की याचिका को कथित रूप से चयनात्मक सूचीबद्ध करने पर पत्र लिखा है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दुष्यंत दवे ने 2018 के आत्महत्या के मामले में रिपब्लिक टीवी प्रमुख अर्नब गोस्वामी द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका की 'असाधारण तत्काल सूची' का पुरजोर विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल को पत्र...

जस्टिस एनवी रमाना ने 25वें राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस पर कानूनी सहायता अधिकारियों की सराहना की
जस्टिस एनवी रमाना ने 25वें राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस पर कानूनी सहायता अधिकारियों की सराहना की

25वें राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस पर कानूनी सहायता कर्मियों को उनके ईमानदारी से समर्पण के लिए बधाई देते हुए भारत के उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश और कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस एनवी रमाना ने कहा की, भारत के कानूनी सहायता आंदोलन में आज का दिन ऐतिहासिक है। यह वर्ष राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। हाल के दिनों में हमने महामारी के कारण कई चुनौतियों का सामना किया है। आप सभी की मदद से, अभिनव विचारों के साथ, हमने इन समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया। हम उन सभी...

अर्नब गोस्वामी ने अपनी जमानत याचिका खारिज करने के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी
अर्नब गोस्वामी ने अपनी जमानत याचिका खारिज करने के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी

रिपब्लिक टीवी के प्रमुख अर्नब गोस्वामी ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है जिसमें 2018 के आत्महत्या मामले में अंतरिम जमानत के लिए उनकी याचिका को खारिज कर दिया है। इससे पहले सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने रिपब्लिक टीवी के एंकर अर्नब गोस्वामी को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था। गोस्वामी को मुंबई पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने के बाद 4 नवंबर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था और 2018 में दो अन्य सह-अभियुक्तों भी हैं।न्यायालय ने कहा था कि...

हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 21 ए के तहत याचिका को स्थानांतरित करने की शक्ति का प्रयोग कब किया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने समझाया
हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 21 ए के तहत याचिका को स्थानांतरित करने की शक्ति का प्रयोग कब किया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने समझाया

सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 21 ए के तहत याचिका को स्थानांतरित करने की शक्ति केवल तब ही लागू की जा सकती है, जब बाद की याचिका या तो न्यायिक पृथक्करण (धारा 10 के तहत) या तलाक की मांग करने वाली याचिका (धारा 13 के तहत) हो।जस्ट‌िस वी रामसुब्रमण्यन ने यह भी कहा कि नागरिक प्रक्रिया संहिता की धारा 25 (1) के तहत सुप्रीम कोर्ट उपल्‍ब्‍ध शक्ति को हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 21 ए छीनती नहीं है।इस मामले में, पति ने पुणे फैमिली कोर्ट के समक्ष तलाक की याचिका दायर की थी। बाद में,...

सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र

सुप्रीम कोर्ट में कैसा रहा पिछला सप्ताह। आइए जानते हैं 2 नवंबर से 6 नवंबर तक सुप्रीम कोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र। घर की चारदीवारी के भीतर अनुसूचित जाति और जनजाति के व्यक्ति को डराना या अपमान SC-ST एक्ट के तहत अपराध नहीं: सुप्रीम कोर्टसुप्रीम कोर्ट ने माना है कि किसी इमारत की चारदीवारी के भीतर अनुसूचित जाति और जनजाति के व्यक्ति का अपमान या डराना अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत अपराध नहीं है। इस मामले में दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि अभियुक्त ने...

भरण पोषण उचित और यथार्थवादी होना चाहिए, एलिमनी का उद्देश्य जीवनसाथी को सजा देना नहीं है : सुप्रीम कोर्ट
भरण पोषण उचित और यथार्थवादी होना चाहिए, एलिमनी का उद्देश्य जीवनसाथी को सजा देना नहीं है : सुप्रीम कोर्ट

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि अंतरिम/ स्थायी निर्वाह व्यय/ भरण पोषण देने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आश्रित पति-पत्नी विवाह की विफलता के कारण निराश्रित न हो, न कि दूसरे पति-पत्नी/जीवनसाथी को सजा देना। रजनेश बनाम नेहा मामले में बुधवार को अपना फैसला देते हुए जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस आर सुभाष रेड्डी की पीठ ने कहा कि भरण पोषण (Maintenance) के लिए दी जाने वाली राशि उचित और यथार्थवादी होनी चाहिए, और दोनों में से किसी भी चरम सीमा से बचना चाहिए अर्थात पत्नी को दिए जाने वाले...

घर की चारदीवारी के भीतर अनुसूचित जाति और जनजाति के व्यक्ति को डराना या अपमान SC-ST एक्ट के तहत अपराध नहीं: सुप्रीम कोर्ट
घर की चारदीवारी के भीतर अनुसूचित जाति और जनजाति के व्यक्ति को डराना या अपमान SC-ST एक्ट के तहत अपराध नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि किसी इमारत की चारदीवारी के भीतर अनुसूचित जाति और जनजाति के व्यक्ति का अपमान या डराना अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत अपराध नहीं है।इस मामले में दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि अभियुक्त ने अवैध रूप से पीड़ित की इमारत की चारदीवारी में प्रवेश किया और गालियां देना शुरू कर दिया और जान से मारने की धमकी दी और जातिगत टिप्पणियों/ अपशब्दों आदि का इस्तेमाल किया।जस्टिस एल नागेश्वर राव, हेमंत गुप्ता और अजय रस्तोगी की पीठ ने हाईकोर्ट के फैसले...

मीडिया आपको जानकारी देता है? अपने स्रोत का खुलासा करें; सुप्रीम कोर्ट ने चीन एवं भारत के बीच एमओयू के खिलाफ जनहित याचिका की प्रति केंद्र सरकार को सौंपने का याचिकाकर्ता को दिया निर्देश
"मीडिया आपको जानकारी देता है? अपने स्रोत का खुलासा करें"; सुप्रीम कोर्ट ने चीन एवं भारत के बीच एमओयू के खिलाफ जनहित याचिका की प्रति केंद्र सरकार को सौंपने का याचिकाकर्ता को दिया निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, गुजरात और महाराष्ट्र सरकार एवं अडानी ग्रुप ऑफ कंपनीज तथा चीनी समकक्षों के बीच हुए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) को समाप्त करने के निर्देश देने संबंधी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाककर्ता को शुक्रवार को निर्देश दिया कि वे केंद्र सरकार को याचिका की एक प्रति उपलब्ध कराये। मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने याचिका में कही गयी इस बात का संज्ञान लिया कि याचिकाकर्ता की जानकारी का स्रोत मीडिया है। परिणामस्वरूप, बेंच ने याचिकाकर्ता को...

हमें आयोग से कोई सरोकार नहीं सुनिश्चित करें कि अब शहर में स्मॉग न हो : सुप्रीम कोर्ट ने पराली जलाने के मामले में केंद्र से कहा
"हमें आयोग से कोई सरोकार नहीं सुनिश्चित करें कि अब शहर में स्मॉग न हो" : सुप्रीम कोर्ट ने पराली जलाने के मामले में केंद्र से कहा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली में पराली जलाने और परिणामस्वरूप वायु प्रदूषण के मुद्दे के बारे में याचिका पर सुनवाई की। एसजी तुषार मेहता ने शुरू किया, "जहां तक ​​अध्यादेश ("राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन") का संबंध है, हमने आयोग के सदस्यों की नियुक्ति की है। आयोग आज ही कार्य करना शुरू कर देगा।" "हमें इससे कोई सरोकार नहीं है। कई आयोग और दिमाग काम कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि आप यह सुनिश्चित करें कि अब शहर में स्मॉग न हो", सीजेआई एस ए बोबडे ने कहा...

सुप्रीम कोर्ट ने अर्नब गोस्वामी को पत्र लिखने पर महाराष्ट्र विधानसभा सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया, रिपब्लिक टीवी एंकर की गिरफ्तारी पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने अर्नब गोस्वामी को पत्र लिखने पर महाराष्ट्र विधानसभा सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया, रिपब्लिक टीवी एंकर की गिरफ्तारी पर रोक लगाई

एक असाधारण कदम उठाते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को महाराष्ट्र विधानसभा के सचिव को रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक, अर्नब गोस्वामी को पत्र भेजकर विधानसभा द्वारा जारी विशेषाधिकार हनन के नोटिस पर अदालत से संपर्क करने के लिए कथित रूप से डराने के लिए अवमानना नोटिस किया गया। शीर्ष अदालत ने यह भी आदेश दिया कि गोस्वामी को उनके खिलाफ विधानसभा द्वारा जारी विशेषाधिकार नोटिस के अनुपालन में गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए। गोस्वामी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने पीठ को बताया कि सचिव के पत्र...

सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम बापू केस पर हार्पर कॉलिन्स की किताब गनिंग फॉर द गॉडमैन के प्रकाशन की अनुमति देने के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम बापू केस पर हार्पर कॉलिन्स की किताब 'गनिंग फॉर द गॉडमैन' के प्रकाशन की अनुमति देने के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट के उस अंतरिम आदेश के खिलाफ दायर अपील को खारिज कर दिया, जिसमें हार्पर कॉलिन्स की किताब 'गनिंग फॉर द गॉडमैन' के प्रकाशन की अनुमति दी गई थी, जो आसाराम बापू के खिलाफ आपराधिक मामले पर आधारित है। न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ ने संचिता गुप्ता द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया, जिसे नाबालिग से बलात्कार से संबंधित एक मामले में स्वयंभू धर्मगुरु के सहयोगी के रूप में दोषी ठहराया गया था। इस मामले में उसने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया...

SARFAESI कार्यवाही के खिलाफ रोक के  आदेश आम तौर पर सुरक्षित ऋणदाता को सुने बिना पारित नहीं किया जाना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट
SARFAESI कार्यवाही के खिलाफ रोक के आदेश आम तौर पर सुरक्षित ऋणदाता को सुने बिना पारित नहीं किया जाना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि SARFAESI की कार्यवाही को चुनौती देने वाली रिट याचिकाओं में रोक के आदेशों को आम तौर पर सुरक्षित ऋणदाता को सुने बिना पारित नहीं किया जाना चाहिए। अंतरिम आदेश सार्वजनिक धन की शीघ्र वसूली के उद्देश्य को पराजित करते हैं, पीठ, जिसमें जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस अजय रस्तोगी शामिल हैं, ने कहा कि इसलिए, हाईकोर्ट को बेहद सावधानी बरतनी चाहिए और इस तरह के मामलों में रोक लगाने के लिए अपने विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए।अदालत ने कहा कि, यूनाइटेड बैंक ऑफ...

पेंशन पर रोक के खिलाफ रिट याचिका के लिए कार्यवाही का एक हिस्सा वहां उत्पन्न हुआ जहां व्यक्ति पेंशन प्राप्त कर रहा था : सुप्रीम कोर्ट
पेंशन पर रोक के खिलाफ रिट याचिका के लिए कार्यवाही का एक हिस्सा वहां उत्पन्न हुआ जहां व्यक्ति पेंशन प्राप्त कर रहा था : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गुरुवार को दिए गए एक महत्वपूर्ण फैसले के अनुसार, एक सेवानिवृत्त कर्मचारी उस स्थान पर पेंशन पर रोक के खिलाफ रिट याचिका दायर कर सकता है, जहां वह निवास कर रहा है और उस उच्च न्यायालय जाने की आवश्यकता नहीं है जहां पेंशन प्राधिकरण स्थित है। न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली 3 न्यायाधीशों की पीठ ने रिट दाखिल करने के लिए भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 (2) के तहत कार्रवाई का कारण उस स्थान को बताया, जहां पेंशनर निवास कर रहा है और पेंशन प्राप्त कर रहा है।सुप्रीम कोर्ट ने शांति...