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कर्मचारी से बकाये की रिकवरी के लिए ग्रेच्युटी रोकी जा सकती है : सुप्रीम कोर्ट
कर्मचारी से बकाये की रिकवरी के लिए ग्रेच्युटी रोकी जा सकती है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी कर्मचारी से बकाये की वसूली के लिए उसकी ग्रेच्युटी रोकी जा सकती है। इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने स्टील ऑथरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा दी गयी उन दलीलों को खारिज कर दिया था कि कंपनी को उस सेवानिवृत्त कर्मचारी की ग्रेच्युटी रोकने और उस पर ब्याज का भुगतान न करने का हक है, जिसने कंपनी की ओर से दिया गया आवास खाली नहीं किया था। हाईकोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए 'राम नरेश सिंह बनाम बोकारो स्टील लिमिटेड एवं अन्य' के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2017 में दिये गये फैसले...

अ‌‌भ‌ियुक्त का वकील के माध्यम से प्रतिनिधित्व का अध‌िकार जीवन के मौलिक अध‌िकार का ह‌िस्साः सुप्रीम कोर्ट
अ‌‌भ‌ियुक्त का वकील के माध्यम से प्रतिनिधित्व का अध‌िकार जीवन के मौलिक अध‌िकार का ह‌िस्साः सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक वकील के माध्यम से प्रतिनिधित्व का अधिकार नियत प्रक्रिया खंड का हिस्सा है और भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत अधिकार में संदर्भित है।ट्रायल कोर्ट ने सूबेदार और बुद्धू को हत्या के एक मामले दोषी ठहराया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट में ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ उनकी अपील लंबित होने के दौरान ही बुद्धू की मृत्यु हो गई, जिससे उनकी अपील और कार्यवाही रुकी रही।अंतिम सुनवाई के लिए जब अपील पेश हुई तो हाईकोर्ट ने देखा कि यद्यपि कारण सूची में अपीलार्थी-अभियुक्तों के...

दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई, एडवोकेट के पेशेगत अधिकारों के खिलाफ, SCBA ने एडवोकेट महमूद प्राचा के दफ्तर पर पुलिस छापे की निंदा की, एटा में एडवोकेट हमले पर भी जताया रोष
"दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई, एडवोकेट के पेशेगत अधिकारों के खिलाफ", SCBA ने एडवोकेट महमूद प्राचा के दफ्तर पर पुलिस छापे की निंदा की, एटा में एडवोकेट हमले पर भी जताया रोष

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने एडवोकेट महमूद प्राचा के दफ्तर में दिल्ली पुलिस की छापेमारी की निंदा की है, साथ ही उत्तर प्रदेश के एटा जिले में एक वकील पर पुलिस हमले पर भी रोष जताया है। SCBA ने एक बयान जारी कर एडवोकेट प्राचा के दफ्तर से गोपनीय जानकारियां जब्त करने की कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण कहा है।बयान में कहा गया है कि ऐसा कृत्य एक वकील को बिना भय या पक्षपात के पेशे के अभ्यास से रोकता है। उल्लेखनीय है कि प्राचा दिल्ली दंगों की साजिश के मामलों में कई आरोपियों का प्रतिनिधित्व कर रहे...

सुप्रीम कोर्ट मंथली राउंड अप, दिसंंबर 2020 : जानिए सुप्रीम कोर्ट में कैसा रहा दिसंंबर 2020
सुप्रीम कोर्ट मंथली राउंड अप, दिसंंबर 2020 : जानिए सुप्रीम कोर्ट में कैसा रहा दिसंंबर 2020

आइए जानते हैंं कि सुप्रीम कोर्ट में कैसा रहा दिसंंबर 2020 का माह। मंंथली राउंंड अप।बाल संरक्षण गृहों में रहने वाले बच्चों को किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार ही उनके परिवारों को वापस सौंपा जाए : सुप्रीम कोर्ट ने दिशानिर्देश जारी किए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आठ राज्यों में बाल संरक्षण गृहों में रहने वाले बच्चों को किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार ही उनके परिवारों को वापस सौंपने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सॉलिसिटर-जनरल...

यूपी पुलिस के अत्याचारों की कोई सीमा नहीं: BCI ने एटा में वकील पर हमले के मामले में CJI और CJ, इलाहाबाद हाईकोर्ट से दोषी के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश देने का अनुरोध किया
"यूपी पुलिस के अत्याचारों की कोई सीमा नहीं": BCI ने एटा में वकील पर हमले के मामले में CJI और CJ, इलाहाबाद हाईकोर्ट से दोषी के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश देने का अनुरोध किया

कुछ दिनों पहले उत्तर प्रदेश के एटा जिले में घटी घटना को गंभीरता से लेते हुए, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भारत के मुख्य न्यायाधीश और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से "तत्काल कदम" उठाने का अनुरोध किया है। विज्ञप्‍ति में दोषी पुलिस कर्मियों का पता लगाने और उत्तर प्रदेश सरकार को उन्हें तत्काल निलं‌‌बित करने, स्थानांतरित करने और उन्हें सेवा से हटाने के लिए निर्देश जारी करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है।उल्‍लेखनीय है कि पुलिस ने एक घर का दरवाजा तोड़कर एक वकील...

मीडिया को हेट स्पीच, फेक न्यूज, निजता के उल्लंघन आदि पर जवाबदेह बनाया जाए, सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में मीडिया ट्रिब्यूनल की स्थापना की मांग
"मीडिया को हेट स्पीच, फेक न्यूज, निजता के उल्लंघन आदि पर जवाबदेह बनाया जाए", सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में मीडिया ट्रिब्यूनल की स्थापना की मांग

फिल्म निर्माता नीलेश नवलखा ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर दर्शकों/नागरिकों द्वारा मीडिया व्यवसाय के खिलाफ दर्ज शिकायतों की सुनवाई और शीघ्र निस्तारण के लिए एक स्वतंत्र, नियामक 'मीडिया ट्रिब्यूनल' की स्थापना की मांग की है।याचिकाकर्ता ने कहा है कि मीडिया व्यवसाय की भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार और अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत नागरिकों के सूचना के अधिकार, अनुच्छेद 21 के तहत गरिमा और प्रतिष्ठ के अधिकार, साथ ही राष्ट्र में शांति और सद्भाव के हितों के संरक्षण के लिए, मीडिया व्यवसायों...

एनडीटीवी, प्रणव रॉय और राधिका रॉय पर शेयरधारकों से सूचना छ‌िपाने के आरोप में 27 करोड़ रुपए का जुर्माना, एनडीटीवी ने आरोपों को खारिज किया
एनडीटीवी, प्रणव रॉय और राधिका रॉय पर शेयरधारकों से सूचना छ‌िपाने के आरोप में 27 करोड़ रुपए का जुर्माना, एनडीटीवी ने आरोपों को खारिज किया

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एनडीटीवी के प्रमोटरों राधिका और प्रणय रॉय को प्रतिभूति बाजारों तक पहुंचने से रोकने से एक वर्ष बाद एनडीटीवी शेयरधारकों से मूल्य संवेदनशील जानकारी छुपाने के आरोप में राध‌िका और प्रणब रॉय और आरआरपीआर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड पर 27 करोड़ का जुर्माना लगाया है।फर्म के तीन प्रमोटरों पर संयुक्त रूप से और गंभीर रूप से 25 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है राधिका और प्रणब रॉय को एक-एक करोड़ रुपए का अलग भुगतान करना होगा। प्रणय रॉय और राधिका रॉय ने कहा कि...

लॉ कमीशन को वैधानिक निकाय घोषित करने की मांग, अध्यक्ष व सदस्य भी नियुक्त किए जाएं, सुप्रीम कोर्ट में याचिका
लॉ कमीशन को वैधानिक निकाय घोषित करने की मांग, अध्यक्ष व सदस्य भी नियुक्त किए जाएं, सुप्रीम कोर्ट में याचिका

सर्वोच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर मांग की गई है कि केंद्र को निर्देश दिया जाए कि वह एक महीने के लिए भारत के विधि आयोग/लाॅ कमीशन के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति करे और इसे एक वैधानिक निकाय बनाए। वैकल्पिक रूप से, याचिकाकर्ता- सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता और भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय ने आग्रह किया है कि संविधान के संरक्षक और मौलिक अधिकारों के रक्षक होने के नाते, न्यायालय आवश्यक नियुक्ति करने के लिए अपनी संवैधानिक शक्ति का उपयोग कर सकता है। याचिका में कहा गया है कि,''कार्रवाई का कारण...

चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता हैः सर्वोच्च न्यायालय ने केरल में पंचायत अध्यक्ष पदों के आरक्षण के खिलाफ दायर याचिका खारिज की
'चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता है'ः सर्वोच्च न्यायालय ने केरल में पंचायत अध्यक्ष पदों के आरक्षण के खिलाफ दायर याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट की अवकाश पीठ ने गुरुवार को उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें राज्य चुनाव आयोग द्वारा स्थानीय निकाय प्रमुखों के लिए जारी आरक्षण अधिसूचना को चुनौती दी गई थी। अधिसूचना को चुनौती देते हुए कहा गया था कि इससे पंचायत अध्यक्षों और नगर पालिका चेयरपर्सन के पदों का क्रमिक/ लगातार आरक्षण होगा। जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस हेमंत गुप्ता की खंडपीठ ने इस याचिका को खारिज करते हुए कहा कि,''चुनाव प्रक्रिया को बीच में नहीं रोका जा सकता है।'' पीठ ने उल्लेख किया कि स्थानीय निकाय चुनावों के...

सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए दिशा-निर्देश देने और विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं की सुरक्षा के लिए याचिका दायर
सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल में "स्वतंत्र और निष्पक्ष" चुनाव के लिए दिशा-निर्देश देने और विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं की सुरक्षा के लिए याचिका दायर

पश्चिम बंगाल राज्य में "स्वतंत्र और निष्पक्ष" चुनाव कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है।याचिकाकर्ता पुनीत कौर ढांडा की ओर से दायर याचिका में पश्चिम बंगाल राज्य में फर्जी मतदाताओं के बारे में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए चुनाव आयोग को निर्देश जारी करने का भी अनुरोध किया गया है, ताकि चुनाव आयोग को "फर्जी मतदाताओं" को मतदाता सूची से हटाने के लिए उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया जा सके।जनहित याचिका ने दावा किया है कि हिंदू को वोट देने की अनुमति नहीं है और फर्जी...

ई-कोर्ट को शारीरिक रूप से अक्षम वकीलों-वादियों के लिए सुगम बनाने के लिए कदम उठाए जाएं, जस्टिस चंद्रचूड़ ने उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को लिखा पत्र
'ई-कोर्ट को शारीरिक रूप से अक्षम वकीलों-वादियों के लिए सुगम बनाने के लिए कदम उठाए जाएं', जस्टिस चंद्रचूड़ ने उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को लिखा पत्र

सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी ने ई-कोर्ट सेवाओं की सुगमता के लिए सुगम वेबसाइटों के महत्व पर जोर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के जज और ई-कमेटी के चेयरमैन जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने सभी उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को एक पत्र भेजा है, जिसमें सुगम बुनियादी ढांचे की आवश्यकता पर विस्तार चर्चा की गई है।पत्र में डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के विकास और शारीरिक रूप से अक्षम वकीलों-वादियों को समान रूप से कानूनी पेशे में भाग लेने के लिए सक्षम बनाने की बात कही गई है।पत्र में कहा गया है, "डिजिटल बुनियादी ढांचे...

तब्लीगी जमात : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को बरी होने वाले विदेशियों को वापस भेजने में मदद करने को कहा 
तब्लीगी जमात : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को बरी होने वाले विदेशियों को वापस भेजने में मदद करने को कहा 

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली के निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात मण्डली में भाग लेने के लिए COVID -19 से संबंधित दिशानिर्देशों की धज्जियां उड़ाने के सभी आरोपों से मुक्त होने के बाद विदेशी नागरिकों को उनके देशों में वापस भेजने के लिए केंद्र को सहायता करने के लिए कहा। अदालत ने आगे उल्लेख किया कि उपरोक्त अवलोकन संबंधित विभाग के रास्ते में नहीं आएगा, यदि वे आरोपमुक्त / बरी होने की शुद्धता पर सवाल उठाने का इरादा रखते हैं।पीठ ने कहा, "इसके अधीन, प्रतिनिधित्व को नोडल अधिकारी द्वारा तेजी से आगे...

हर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक अदालत हों, 100 रुपये की नोटबंदी हो : सुप्रीम कोर्ट में याचिका
'हर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक अदालत हों, 100 रुपये की नोटबंदी हो : सुप्रीम कोर्ट में याचिका

भारत के सभी जिलों में एक वर्ष के भीतर प्रत्येक मामले को निपटाने के लिए जनादेश के साथ, भ्रष्टाचार निरोधक अदालतों की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है। भाजपा नेता और अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि लंबे समय से आर्थिक अपराध और व्यापक भ्रष्टाचार के मामले देश में विकास की प्रक्रिया को धीमा कर रहे हैं।दलीलों में कहा गया है, "मामलों के लंबे समय तक लंबित रहने और कमज़ोर भ्रष्टाचार-विरोधी कानूनों के कारण, कल्याणकारी योजनाओं और सरकारी विभागों में से...

National Uniform Public Holiday Policy
डेवलपर की ओर से रिफंड की पेशकश करने भर से, कब्जा सौंपने हुई देरी के एवज में मुआवजे का दावा करने का फ्लैट खरीदारों का अधिकार नहीं छ‌िन जाता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि फ्लैट खरीदारों को मुआवजे का दावा करने से महज इसलिए मना नहीं किया जाता है क्योंकि डेवलपर ने ब्याज के साथ रिफंड का एक एग्जिट ऑफर पेश किया था। एक वास्तविक फ्लैट खरीदार के लिए, जिसने प्रोजेक्ट में एक निवेशक या फाइनेंसर के रूप में अपार्टमेंट नहीं बुक किया है, बल्क‌ि एक घर खरीदने के उद्देश्य से किया है, रिफंड का एकमात्र प्रस्ताव मुआवजे का दावा करने की पात्रता छीनता नहीं है।उक्त टिप्पणियां जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, इंदु मल्होत्रा ​​और इंदिरा बनर्जी की पीठ ने राष्ट्रीय उपभोक्ता...

COVID-19 के कारण लिमिटेशन अवधि बढ़ाने का आदेश अब भी ऑपरेटिव : सुप्रीम कोर्ट ने देरी से फाइल किये गये लिखित बयान को रिकॉर्ड पर लेने का एनसीडीआरसी को निर्देश दिया
'COVID-19 के कारण लिमिटेशन अवधि बढ़ाने का आदेश अब भी ऑपरेटिव' : सुप्रीम कोर्ट ने देरी से फाइल किये गये लिखित बयान को रिकॉर्ड पर लेने का एनसीडीआरसी को निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अदालतों और न्यायाधिकरणों में फाइलिंग के लिए लिमिटेशन अवधि बढाये जाने को लेकर 23 मार्च 2020 का उसका आदेश अब भी प्रभावी है। न्यायमूर्ति विनीत सरन और न्यायमूर्ति एस रवीन्द्र भट की खंडपीठ ने यह टिप्पणी राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) की ओर से जारी उस आदेश को निरस्त करते हुए की, जिसमें आयोग ने लिखित बयान लेने से यह कहते हुए मना कर दिया था कि उसे शिकायत का जवाब दाखिल करने के लिए 45 दिन से अधिक समय देने का अधिकार नहीं है।कोर्ट ने कहा कि इस मामले में लिखित...

सरकार ऐसे बर्ताव नहीं कर सकती जैसे समय सीमा कानून उस पर लागू नहीं होता : सुप्रीम कोर्ट ने एसएलपी दाखिल करने में 462 दिनों की देरी के लिए अधिकारियों पर जुर्माना लगाया
सरकार ऐसे बर्ताव नहीं कर सकती जैसे समय सीमा कानून उस पर लागू नहीं होता : सुप्रीम कोर्ट ने एसएलपी दाखिल करने में 462 दिनों की देरी के लिए अधिकारियों पर जुर्माना लगाया

एक बार फिर से मात्र औपचारिकता निभाने के लिए सरकार द्वारा देरी से अपील दाखिल करने पर अनिच्छा जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एसएलपी दाखिल करने में 462 दिनों की देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से वसूले जाने के लिए 15000 रुपये का जुर्माना लगाया। पीठ ने तब याचिका को समय सीमा के कारण खारिज दिया और न्यायिक समय की बर्बादी के लिए याचिकाकर्ता पर 15,000 / - रुपये का जुर्माना लगाया।उन्होंने कहा, "हमने इसे वकील के सामने रखा कि जुर्माना बहुत अधिक होगा लेकिन इस तथ्य के लिए कि एक युवा वकील हमारे...

निविदा के विशेषज्ञ मूल्यांकन पर  रिट कोर्ट द्वारा दूसरा अनुमान नहीं लगाया सकता, जब तक कि निविदा प्राधिकरण की ओर मनमानी या दुर्भावना का आरोप ना लगें : सुप्रीम कोर्ट
निविदा के विशेषज्ञ मूल्यांकन पर रिट कोर्ट द्वारा दूसरा अनुमान नहीं लगाया सकता, जब तक कि निविदा प्राधिकरण की ओर मनमानी या दुर्भावना का आरोप ना लगें : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी विशेष निविदा के विशेषज्ञ मूल्यांकन, विशेषकर जब तकनीकी मूल्यांकन की बात आती है, तो रिट कोर्ट द्वारा दूसरा अनुमान नहीं लगाया सकता, जब तक कि निविदा प्राधिकरण की ओर मनमानी या दुर्भावना का आरोप नहीं लगाया जाता है। दरअसल पुलिस महानिरीक्षक, कश्मीर ज़ोन, क्षेत्रीय कश्मीर पुलिस मुख्यालय, श्रीनगर ने सैनिकों के लिए विभिन्न प्रकार के वाणिज्यिक वाहनों (ईंधन के बिना) व उपकरणों की आपूर्ति के लिए प्रतिष्ठित ट्रांसपोर्टरों, पंजीकृत फर्मों / संगठनों से वित्तीय वर्ष 2020-2021 के...