ताज़ा खबरें
संभल मस्जिद के खिलाफ मुकदमे पर सुप्रीम कोर्ट का सोमवार तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (22 अगस्त) को उत्तर प्रदेश की संभल मस्जिद के खिलाफ हिंदू वादियों द्वारा दायर मुकदमे पर सोमवार (25 अगस्त) तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया।जस्टिस पमिदिघंतम श्री नरसिम्हा और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की खंडपीठ इलाहाबाद हाईकोर्ट के 19 मई, 2025 के आदेश के खिलाफ संभल मस्जिद समिति की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि संभल स्थित शाही जामा मस्जिद के खिलाफ मुकदमा उपासना स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 के तहत प्रतिबंधित नहीं है।याचिकाकर्ता की ओर से...
BREAKING| BNS की धारा 152 के तहत दर्ज FIR में 'The Wire' के संपादक और करण थापर को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने दंडात्मक कार्रवाई पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल द वायर (The Wire) के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन और सलाहकार संपादक करण थापर को असम पुलिस द्वारा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 के तहत दर्ज की गई FIR में गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने सीनियर एडवोकेट नित्या रामकृष्णन द्वारा उल्लेख किए जाने के बाद मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। उन्होंने दलील दी कि असम पुलिस की FIR में याचिकाकर्ताओं को अंतरिम सुरक्षा प्रदान करने के बाद...
BREAKING| सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों को खाना खिलाना गैरकानूनी है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि आवारा कुत्तों को केवल उन्हीं जगहों पर खाना खिलाया जाए, जो प्रत्येक नगरपालिका वार्ड में अधिकारियों द्वारा बनाए जाने वाले समर्पित भोजन स्थलों पर ही हों।यदि कोई इस निर्देश का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने आवारा कुत्तों को अनियमित रूप से खाना खिलाने से होने वाली अप्रिय घटनाओं की रिपोर्टों के आधार पर यह निर्देश दिया। कोर्ट ने...
BREAKING | सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले के आदेश में किया संशोधन, कहा- Delhi-NCR में टीकाकरण के बाद ही छोड़े जाएंगे उठाए गए आवारा कुत्तें
सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त को दो जजों की बेंच द्वारा दिए गए उस निर्देश पर रोक लगा दी, जिसमें कहा गया था कि दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से उठाए गए आवारा कुत्तों को नहीं छोड़ा जाना चाहिए।जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की तीन जजों की बेंच ने स्पष्ट किया कि उठाए गए आवारा कुत्तों को नसबंदी, कृमिनाशक और टीकाकरण के बाद उसी क्षेत्र में वापस छोड़ा जाना चाहिए, जहां से उन्हें उठाया गया था, सिवाय उन कुत्तों के जो रेबीज से संक्रमित हैं, जिनके रेबीज से संक्रमित होने का संदेह...
"वोट-चोरी" अभियान के लिए कांग्रेस की मान्यता रद्द करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका
सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई, जिसमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Congress) का राजनीतिक दल के रूप में रजिस्ट्रेशन रद्द करने और पार्टी नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा भारत के चुनाव आयोग के विरुद्ध "वोट-चोरी" अभियान की जांच के लिए एक विशेष जाँच दल गठित करने की मांग की गई।एक अस्थायी उपाय के रूप में याचिकाकर्ता ने कांग्रेस, गांधी, खड़गे, उनके प्रतिनिधियों को मामले के लंबित रहने के दौरान कोई भी सार्वजनिक बयान, भाषण, अभियान या चुनाव आयोग के अधिकार, निष्पक्षता और विश्वसनीयता...
राष्ट्रपति के संदर्भ में राज्यों द्वारा अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर करने के प्रश्न का उत्तर देने से सुप्रीम कोर्ट बचेगा
सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि वह राष्ट्रपति के संदर्भ के 14वें प्रश्न पर विचार नहीं करेगा कि क्या संविधान अनुच्छेद 131 के तहत मुकदमे के अलावा, केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच विवादों का निपटारा करने के सुप्रीम कोर्ट के अधिकार क्षेत्र पर रोक लगाता है, और क्या कोई राज्य संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत रिट याचिका दायर कर सकता है।यह बात जस्टिस पीएस नरसिम्हा द्वारा मंगलवार को पूछे गए उस सवाल के बाद आई, जिसमें उन्होंने पूछा था कि जब मुद्दे ज़्यादातर विधेयकों पर राष्ट्रपति और राज्यपाल की...
जनहित याचिका का इस्तेमाल प्रतिस्पर्धी अधिकारियों के बीच बदला लेने के तंत्र के रूप में नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि जनहित याचिका के तंत्र का इस्तेमाल प्रतिस्पर्धी सरकारी अधिकारियों के बीच बदला लेने के लिए नहीं किया जा सकता।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस के. विनोद चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच उन अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें झारखंड सरकार द्वारा पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति करते समय प्रकाश सिंह एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य (2006) 8 एससीसी 1 में दिए गए निर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया।ये अवमानना याचिकाएं झारखंड विधानसभा...
सुप्रीम कोर्ट ने लोन स्वीकृत करने के लिए रिश्वत लेने के आरोप में SBI अधिकारी को हटाने का आदेश बहाल किया
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (20 अगस्त) को दोहराया कि रिट अदालतें केवल प्रक्रियागत अनियमितताओं या प्राकृतिक न्याय के उल्लंघन के मामलों में ही अनुशासनात्मक जांच में हस्तक्षेप कर सकती हैं।जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस मनमोहन की खंडपीठ ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की अपील स्वीकार करते हुए भ्रष्टाचार के आरोपी बैंक कर्मचारी को हटाने के अनुशासनात्मक प्राधिकारी के फैसले को बहाल कर दिया। न्यायालय ने पटना हाईकोर्ट का आदेश यह कहते हुए रद्द कर दिया कि उसने प्रक्रियागत अनियमितता या प्राकृतिक न्याय के उल्लंघन के...
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लापता बच्चों के आंकड़े प्रस्तुत करने का निर्देश दिया
बाल तस्करी और खोया/पाया पोर्टल पर दर्ज लापता बच्चों के अनसुलझे मामलों पर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में केंद्र को उन कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कड़े शब्दों में याद दिलाने का निर्देश दिया, जिन्होंने लापता बच्चों के मामलों से संबंधित आंकड़े प्रस्तुत नहीं किए।यह याचिका उन बच्चों की दुर्दशा को उजागर करती है, जो कई राज्यों में सक्रिय संगठित तस्करी नेटवर्क के शिकार हैं।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने यह निर्देश तब दिया, जब एडिशनल सॉलिसिटर जनरल...
सुप्रीम कोर्ट का MP/MLAs, जजों, पत्रकारों, IAS अधिकारियों को हैदराबाद में भूमि आवंटन रद्द करने वाले फैसले पर पुनर्विचार से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर, 2024 के अपने फैसले के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिसमें हैदराबाद नगर निगम सीमा के भीतर सांसदों, विधायकों, नौकरशाहों, न्यायाधीशों, रक्षा कर्मियों, पत्रकारों आदि की आवासीय समितियों को भूमि के अधिमान्य आवंटन रद्द कर दिया गया था।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ ने सीनियर एडवोकेट सीएस वैद्यनाथन, अनीता शेनॉय, मुकुल रोहतगी, सिद्धार्थ लूथरा, आत्माराम नाडकर्णी, विकासरंजन भट्टाचार्य, जयदीप गुप्ता और दामा शेषाद्रि नायडू सहित कई एडवोकेट/सीनियर...
राज्यपाल द्वारा अनिश्चितकाल तक बिल रोकने से विधानसभा निष्क्रिय हो जाएगी: सुप्रीम कोर्ट
विधेयकों को मंजूरी से संबंधित मुद्दों पर राष्ट्रपति के संदर्भ की सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (21 अगस्त) को मौखिक रूप से टिप्पणी की कि यदि राज्यपाल अनिश्चित काल के लिए विधेयकों को रोकते हैं, तो यह विधायिका को निष्क्रिय कर देगा। क्या ऐसी स्थिति में अदालतें हस्तक्षेप करने के लिए शक्तिहीन हैं, अदालत ने पूछा।चीफ़ जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस एएस चंदुरकर की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। सॉलिसिटर जनरल की इस दलील का जवाब देते...
सुप्रीम कोर्ट ने दृष्टिबाधित CLAT-PG उम्मीदवारों को कंप्यूटर पर उत्तर देने की अनुमति दी
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि CLAT के भविष्य के संस्करणों में उपस्थित होने वाले दृष्टिबाधित उम्मीदवारों को जेएडब्ल्यूएस (जॉब एक्सेस विद स्पीच) स्क्रीन रीडर के उपयोग सहित सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए, और कंप्यूटर पर वर्ड डॉक्यूमेंट पर सवालों के जवाब देने के लिए अनुकूलित कीबोर्ड और माउस का उपयोग करने की अनुमति दी जानी चाहिए।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि अखिल भारतीय बार परीक्षा के लिए दृष्टिबाधित उम्मीदवारों के लिए सुविधाओं के संबंध में 5 दिसंबर,...
ऑनलाइन मनी गेम्स पर लगा प्रतिबंध, संसद में विधेयक को मिली मंजूरी
लोकसभा में पारित होने के एक दिन बाद ही राज्यसभा ने आज ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन विधेयक, 2025 को मंजूरी दे दी, जिसका उद्देश्य 'ऑनलाइन मनी गेम्स' और उससे संबंधित बैंक सेवाओं, विज्ञापनों आदि की पेशकश पर प्रतिबंध लगाना है।केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस विधेयक को विचार एवं पारित करने के लिए राज्यसभा में प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में उन्होंने उल्लेख किया कि यह विधेयक ऑनलाइन गेमिंग उद्योग के दो-तिहाई हिस्से को बढ़ावा देने और ऑनलाइन मनी गेम्स से...
अगर राज्यपाल विधेयकों पर अड़े रहे तो राजनीतिक समाधान भी हैं, अदालतें समय-सीमा तय नहीं कर सकतीं: सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा
सॉलिसिटर जनरल ने विधेयकों को मंज़ूरी देने से संबंधित राष्ट्रपति के संदर्भ की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में कहा कि अगर कुछ राज्यपाल विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों पर अड़े रहें तो राज्यों को न्यायिक समाधानों के बजाय राजनीतिक समाधान तलाशने होंगे।देश की हर समस्या का समाधान अदालतें नहीं हैं, यह बात सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस एएस चंदुरकर की संविधान पीठ के समक्ष कही।यदि राज्यपाल विधेयकों...
S.186 IPC के तहत 'बाधा' शारीरिक बल तक सीमित नहीं, बल्कि लोक सेवक के कर्तव्य निर्वहन में किसी भी प्रकार की बाधा है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (20 अगस्त) को स्पष्ट किया कि आईपीसी की धारा 186 के तहत दोषसिद्धि के लिए हिंसा या शारीरिक बल प्रयोग की आवश्यकता नहीं है। न्यायालय ने कहा कि किसी लोक सेवक के वैध कर्तव्य में बाधा, धमकी, भय या जानबूझकर असहयोग के माध्यम से भी डाली जा सकती है, बशर्ते कि इससे कर्तव्य निर्वहन में कठिनाई हो। कोर्ट ने कहा,"हमारा मानना है कि भारतीय दंड संहिता की धारा 186 में प्रयुक्त 'बाधा' शब्द केवल शारीरिक बाधा डालने तक ही सीमित नहीं है। यह आवश्यक नहीं कि यह आपराधिक बल प्रयोग का कृत्य हो। यह...
सुप्रीम कोर्ट का आवारा कुत्तों को उठाने संबंधी MCD के सर्कुलर के खिलाफ याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में दिल्ली नगर निगम (MCD) द्वारा आवारा कुत्तों को उठाने के लिए जारी किए गए सर्कुलर के खिलाफ दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया।यह याचिका जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत की गई। हालांकि, खंडपीठ ने तत्काल सुनवाई के अनुरोध को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने आवारा कुत्तों के मामले में आदेश सुरक्षित रख लिया है।आवेदन का उल्लेख करने वाले वकील ने जब स्पष्ट...
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत अपराध की परिसीमा अवधि ड्रग्स एनालिस्ट की रिपोर्ट प्राप्त होने से शुरू होती है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत 3 वर्ष के कारावास से दंडनीय अपराधों की परिसीमा अवधि की गणना सरकारी विश्लेषक की रिपोर्ट के प्रकाशन की तिथि से की जानी चाहिए।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ केरल हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें अपीलकर्ता के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम की धारा 32 के तहत कार्यवाही जारी रखने की अनुमति दी गई थी और शिकायतों को परिसीमा अवधि के भीतर माना गया...
IPC की धारा 172-188 से जुड़े अपराधों को धारा 195 के प्रतिबंध को दरकिनार करने के लिए विभाजित नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धांत निर्धारित किए
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि CrPC की धारा 195 मजिस्ट्रेट को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 172-188 के तहत अपराधों का संज्ञान लेने से तब तक रोकती है, जब तक कि संबंधित लोक सेवक शिकायत दर्ज न करे, यह प्रतिबंध उन अन्य अपराधों पर भी लागू होता है, जो इन प्रावधानों से इतने निकटता से जुड़े हैं कि उन्हें विभाजित नहीं किया जा सकता।पूर्व उदाहरणों पर चर्चा के बाद न्यायालय ने कहा:"इस प्रकार, उपरोक्त के मद्देनजर, कानून का सारांश इस प्रकार दिया जा सकता है कि उस लोक सेवक द्वारा शिकायत अवश्य की जानी चाहिए,...
कुछ हाईकोर्ट जजों का प्रदर्शन निराशाजनक, उन्हें यह प्रतिबिंबित करना चाहिए कि उन पर प्रतिदिन कितना सार्वजनिक धन खर्च किया गया: जस्टिस सूर्यकांत
सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस सूर्यकांत ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कुछ हाईकोर्ट जजों की कार्य प्रतिबद्धता पर निराशा व्यक्त की। जज ने कहा कि जहां कुछ हाईकोर्ट जज अपनी प्रतिबद्धता के प्रति दृढ़ हैं और न्याय के पथप्रदर्शक के रूप में भारी दायित्व निभाते हैं, वहीं कुछ ऐसे भी हैं, जिनका प्रदर्शन "बेहद निराशाजनक" है।जज ने टिप्पणी की,"जिन लोगों का समर्पण कम है, उनसे मेरा एक साधारण अनुरोध है। हर रात तकिये पर सिर रखने से पहले, खुद से एक प्रश्न पूछें: आज मुझ पर कितना सार्वजनिक धन खर्च किया गया? क्या मैंने...
बेंगलुरु सेंट्रल में वोटर लिस्ट में हेराफेरी के राहुल गांधी के आरोपों की SIR जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका
2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान बेंगलुरु सेंट्रल निर्वाचन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट में हेराफेरी के संबंध में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के लिए पूर्व जज की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (SIR) के गठन की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई।वकील रोहित पांडे द्वारा दायर याचिका में यह भी निर्देश देने की मांग की गई कि न्यायालय के निर्देशों का पालन होने और मतदाता सूची का स्वतंत्र ऑडिट पूरा होने तक मतदाता सूची में कोई और संशोधन या अंतिम रूप न...




















