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सुप्रीम कोर्ट ने सरकार का रुख दिखाने के लिए आरटीआई के जवाबों पर भरोसा करने पर नाराजगी जताई
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार का रुख दिखाने के लिए आरटीआई के जवाबों पर भरोसा करने पर नाराजगी जताई

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान सरकार का रुख दिखाने के लिए आरटीआई (RTI) के जवाबों पर भरोसा करने पर नाराजगी जताई।जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ हज और उमराह टूर ऑपरेटरों के लिए जीएसटी छूट की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।याचिकाकर्ता के वकील ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत कुछ जवाबों पर भरोसा करते हुए कहा कि सरकार ने हज सेवाओं को धार्मिक गतिविधियों के रूप में मान्यता दी है।पीठ...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
गवाहों का क्रॉस एक्जामिनेशन एक ही दिन में पूरा करने की कोशिश करें: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक बार जब गवाह विटनेस बॉक्स में है और और उनका प्रति परीक्षण (क्रॉस एक्जामिन) किया जा रहा है तो यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए कि उस दिन जिरह पूरी हो जाए।जस्टिस एसके कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 19 मार्च, 2021 के आदेश ("आक्षेपित आदेश") आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका पर विचार करते हुए यह टिप्पणी की।आक्षेपित आदेश में हाईकोर्ट ने उस आवेदक को जमानत देने से इनकार कर दिया था जिसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने अच्छे आचरण के आधार पर चोरी मामले के दोषियों को रिहा किया

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को चोरी के अपराध में कारावास की सजा काट रहे व्यक्तियों की दोषसिद्धि के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए अच्छे आचरण की कसौटी के आधार पर उनकी रिहाई का निर्देश दिया।जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की खंडपीठ ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 379 के तहत अपराध के लिए अपीलकर्ताओं पर अदालतों द्वारा दी गई तीन महीने की सजा के संबंध में निर्देश जारी किया। साथ ही कहा कि अपीलकर्ताओं के खिलाफ कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।पीठ ने यह देखते हुए निर्देश जारी किया कि...

अगर सभी राजनीतिक मुद्दों को हम सुनेंगे तो राजनीतिक प्रतिनिधि किसलिए चुने जाते हैं? सीजेआई रमाना
"अगर सभी राजनीतिक मुद्दों को हम सुनेंगे तो राजनीतिक प्रतिनिधि किसलिए चुने जाते हैं?" सीजेआई रमाना

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एन वी रमाना ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसी सभी याचिकाएं 'अंडर द सन' दायर की जा रही हैं, जिन मुद्दों को कोर्ट में लाने के बजाए सरकार के सामने रखना चाहिए। उन्होंने गुरुवार को सरकार से राहत की मांग के बजाय अदालत के समक्ष दायर राजनीतिक मुद्दों पर याचिकाओं पर नाराजगी व्यक्त की।एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय द्वारा अवैध अप्रवासियों के निर्वासन की मांग वाली एक जनहित याचिका की तत्काल सूची के लिए अनुरोध के बाद सीजेआई ने टिप्पणी की,"उपाध्याय जी, हर रोज मुझे केवल आपका मामला सुनना है- संसद...

नीट-पीजी 2021 काउंसलिंग : सुप्रीम कोर्ट ने उन छात्रों की याचिका को खारिज किया जिन्होंने राज्य कोटा सीटों को मॉप-अप राउंड में भाग लेने के लिए सरेंडर किया
नीट-पीजी 2021 काउंसलिंग : सुप्रीम कोर्ट ने उन छात्रों की याचिका को खारिज किया जिन्होंने राज्य कोटा सीटों को मॉप-अप राउंड में भाग लेने के लिए सरेंडर किया

नीट-पीजी 2021 काउंसलिंग मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उन छात्रों की याचिका को खारिज कर दिया, जिन्होंने मॉप-अप राउंड में भाग लेने की अनुमति मांगते हुए राज्य कोटा काउंसलिंग के राउंड -2 में आवंटित सीटों से इस्तीफा दे दिया था।हालांकि, कोर्ट ने ऐसे छात्रों को राज्य की सीटों में फिर से शामिल होने की अनुमति दी है, जहां से उन्होंने शुरुआत में 9 अप्रैल की शाम 5 बजे तक इस्तीफा दे दिया था।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ उन छात्रों द्वारा दायर याचिकाओं पर...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने कन्नूर यूनिवर्सिटी के कुलपति की पुन: नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने चार अप्रैल को कन्नूर यूनिवर्सिटी के कुलपति की पुन: नियुक्ति को चुनौती देते हुए एसएलपी में नोटिस जारी किया।जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने विशेष अनुमति याचिका पर नोटिस जारी किया। इसमें केरल हाईकोर्ट के 23 फरवरी, 2022 के आदेश ("आक्षेपित निर्णय") की आलोचना की गई। इस आदेश में एक खंडपीठ ने कुलपति की पुन: नियुक्ति को चुनौती देने वाली रिट को खारिज करने के एकल न्यायाधीश के आदेश को बरकरार रखा था।एकल न्यायाधीश ने कन्नूर यूनिवर्सिटी के सीनेट और अकादमिक परिषद के...

सिर्फ कानून के गलत तरीके से लागू होने या सबूतों के गलत मूल्यांकन के आधार पर मध्यस्थ अवार्ड केवल रद्द नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
सिर्फ कानून के गलत तरीके से लागू होने या सबूतों के गलत मूल्यांकन के आधार पर मध्यस्थ अवार्ड केवल रद्द नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (30 मार्च) को माना कि मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 2013 की धारा 34 (2) (बी) में उल्लिखित आधारों के अलावा, एक मध्यस्थ अवार्ड केवल तभी रद्द किया जा सकता है जब यह पेटेंट अवैधता द्वारा दूषित हो, ना कि कानून के गलत तरीके से लागू होने या सबूतों के गलत मूल्यांकन के आधार पर।जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली एक अपील की अनुमति दी, जिसने जिला न्यायाधीश के आदेश की पुष्टि की थी कि मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
कानून की उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना किसी की निजी संपत्ति पर जबरन कब्जा करना मानवाधिकार और संवैधानिक अधिकार दोनों का उल्लंघन : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कानून की उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति पर जबरन कब्जा करना उसके मानवाधिकार और संवैधानिक अधिकार दोनों का उल्लंघन है।सुख दत्त रात्रा और भगत राम ने उस जमीन के मालिक होने का दावा किया जिसका इस्तेमाल 1972-73 में 'नारग फगला रोड' के निर्माण के लिए किया गया था। उन्होंने 2011 में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के समक्ष एक रिट याचिका दायर की, जिसमें विषय भूमि के मुआवजे या अधिनियम के तहत अधिग्रहण की कार्यवाही शुरू करने की मांग की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
"वकीलों की चतुराई को चिन्हित करना होगा, एक पति और पत्नी के बीच 60 मामले!": सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक विवाद मामले में कहा

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार को वैवाहिक विवाद (Matrimonial Dispute) के एक मामले की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की, "वकीलों की चतुराई को चिन्हित करना होगा, एक पति और पत्नी के बीच 60 मामले!"यह टिप्पणी न्यायमूर्ति हिमा कोहली की ओर से आई, जब याचिकाकर्ता के वकील ने भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमाना की अध्यक्षता वाली पीठ को सूचित किया कि पति और पत्नी द्वारा शादी के 30 साल और अलग होने के 11 साल में 60 मामले दर्ज किए गए हैं।याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने अदालत से मामले को शांत करने और इसे...

घरेलू हिंसा अधिनियम को लागू करने के लिए केंद्र सरकार को धन आवंटित करना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
घरेलू हिंसा अधिनियम को लागू करने के लिए केंद्र सरकार को धन आवंटित करना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 के प्रावधानों के कार्यान्वयन को अकेले राज्यों पर नहीं छोड़ सकती। अधिनियम के तहत अधिकारों के प्रवर्तन के लिए केंद्र सरकार को भी धन आवंटित करने की जिम्मेदारी वहन करनी चाहिए।जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस एस रवींद्र भट की एक पीठ गैर सरकारी संगठन "वी द वीमेन ऑफ इंडिया" द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें अन्य बातों के साथ-साथ संरक्षण अधिकारियों की नियुक्ति से संबंधित प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने और घरेलू...

पीएमएलए बनाम आईबीसी : सुप्रीम कोर्ट ने समाधान आवेदकों द्वारा खरीदी गई संपत्ति को ईडी द्वारा जब्त करने पर चिंता जताई
पीएमएलए बनाम आईबीसी : सुप्रीम कोर्ट ने समाधान आवेदकों द्वारा खरीदी गई संपत्ति को ईडी द्वारा जब्त करने पर चिंता जताई

केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि वह उन संपत्तियों के संबंध में एक तंत्र के साथ आएगी, जो धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत परिभाषित अपराध की आय हैं, लेकिन दिवाला और दिवालियापन संहिता (आईबीसी) के तहत दिवालिया प्रक्रिया में एक नए मालिक द्वारा खरीदी गई हैं।इसमें शामिल सवाल यह है कि क्या उन मामलों में जहां संपत्ति को मूल मालिक द्वारा धन शोधन के माध्यम से हासिल किया गया है, क्या प्रवर्तन निदेशालय ऐसी संपत्ति को आईबीसी प्रक्रिया के तहत एक नए मालिक द्वारा खरीदे जाने के बाद जब्त कर...

एनजीटी की क्षेत्रीय पीठ को भोपाल से जबलपुर स्थानांतरित करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
एनजीटी की क्षेत्रीय पीठ को भोपाल से जबलपुर स्थानांतरित करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एक्ट, 2010 के कार्यान्वयन से उत्पन्न 'विभिन्न विसंगतियों' को चुनौती देने वाली एक याचिका में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से एनजीटी की क्षेत्रीय पीठ को भोपाल से जबलपुर स्थानांतरित करने के निर्देश देने की भी मांग की है।जस्टिस के एम जोसेफ और जस्टिस हृषिकेश रॉय ने आगे निर्देश दिया है कि पक्ष पांच दिनों में अपनी लिखित दलीलें दाखिल कर सकते हैं।मध्य प्रदेश हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन के साथ जिला बार एसोसिएशन, जिला जबलपुर...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने मां का समर्थन नहीं मिलने के कारण विवाहित बेटी के अनुकंपा नियुक्ति के दावे को खारिज किया

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मंगलवार को एक विवाहित बेटी के सरकारी सेवा में अपने पिता की मृत्यु के कारण अनुकंपा नियुक्ति के दावे को खारिज किया क्योंकि विधवा मां ने उसका नाम प्रायोजित नहीं किया।जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ ने कहा कि मध्य प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति योजना के नियम 2.2 के अनुसार जीवित पति या पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति के लिए बच्चे को प्रायोजित करना होता है।याचिकाकर्ता ने अप्रैल 2021 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा पारित फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
'गंभीर आरोप': सुप्रीम कोर्ट ने करोड़ों रुपये के घोटाले में आईपीएस अधिकारी के खिलाफ जांच की मांग वाली याचिका में नोटिस जारी किया, याचिकाकर्ता के मामले को वापस लेने के अनुरोध को अस्वीकार किया

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मंगलवार को याचिकाकर्ता के मामले को वापस लेने के अनुरोध की अनुमति देने से इनकार करते हुए एक रिट याचिका में नोटिस जारी किया, जिसमें उत्तराखंड के एक आईपीएस अधिकारी द्वारा कथित रूप से किए गए कई करोड़ बैंक घोटाले और एक व्हिसल ब्लोअर की कथित हत्या की जांच की मांग की गई थी।सीजेआई एनवी रमाना, जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने "आपने इस तरह के गंभीर आरोप लगाए हैं" यह टिप्पणी तब की जब याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए याचिका...

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (द्वारका) ने मरीजों के परिवारों द्वारा डॉक्टरों को हमले से बचाने के लिए दिशा-निर्देश की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (द्वारका) ने मरीजों के परिवारों द्वारा डॉक्टरों को हमले से बचाने के लिए दिशा-निर्देश की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

राजस्थान में एक मरीज के परिवार द्वारा कथित रूप से प्रताड़ित किए जाने के कारण हाल ही में एक महिला डॉक्टर की आत्महत्या की घटना की पृष्ठभूमि में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारका ने सुप्रीम कोर्ट का रुख कर उन डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है, जिन पर मरीजों के इलाज में कमी के शक पर मारपीट और हमले किये जाते हैं।सुप्रीम कोर्ट में दायर उक्त जनहित याचिका में सार्वजनिक सेवा के लिए अपनी जान गंवाने वाले ऐसे मृत डॉक्टरों के परिवार और आश्रितों को मुआवजा देने के लिए एक तंत्र...

सुप्रीम कोर्ट ने लैंगिक भेदभाव के आधार पर हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 15 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने लैंगिक भेदभाव के आधार पर हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 15 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को लैंगिक भेदभाव के आधार पर हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 15 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा। याचिकाकर्ता ने यह तर्क देते हुए प्रावधान को चुनौती दी है कि किसी महिला की बिना वसीयत मृत्यु के मामले में संपत्ति की विरासत के नियमों में भेदभाव होता है, उन नियमों की तुलना में, जहां एक पुरुष की मृत्यु हो जाती है।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने केंद्र सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने...

क्या आर्य समाज मंदिरों को विवाह संपन्न कराते समय विशेष विवाह अधिनियम का पालन करना होगा ? सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार
क्या आर्य समाज मंदिरों को विवाह संपन्न कराते समय विशेष विवाह अधिनियम का पालन करना होगा ? सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार

सुप्रीम कोर्ट सोमवार (4 अप्रैल) को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया, जिसमें मध्य भारत आर्य प्रतिनिधि सभा ("सभा"), एक आर्य समाज संगठन को विवाह संपन्न करते समय विशेष विवाह अधिनियम, 1954 ("एसएमए") के प्रावधानों का पालन करने का निर्देश दिया गया था। हाईकोर्ट ने आगे कहा था कि एसएमए के तहत सक्षम प्राधिकारी के अलावा कोई भी विवाह प्रमाण पत्र जारी नहीं कर सकता है।जस्टिस के एम जोसेफ और जस्टिस हृषिकेश रॉय ने नोटिस जारी किया और साथ ही हाईकोर्ट के उस आदेश...

अगर कोविड ना होता, तो ये मामला सुना होता  : सीजेआई ने चुनावी बॉन्ड मामले की जल्द सुनवाई पर सहमति जताई
"अगर कोविड ना होता, तो ये मामला सुना होता " : सीजेआई ने चुनावी बॉन्ड मामले की जल्द सुनवाई पर सहमति जताई

भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना मंगलवार को अधिवक्ता प्रशांत भूषण द्वारा किए गए उल्लेख पर चुनावी बॉन्ड योजना को चुनौती देने वाली याचिका पर जल्द सुनवाई के लिए सहमत हुए।भूषण ने प्रस्तुत किया, "यह मामला एक साल से अधिक समय से सूचीबद्ध नहीं हुआ। हर दो महीने में, चुनावी बॉन्ड की नई किश्त जारी की जाती है। वास्तव में आज, एक रिपोर्ट है कि कलकत्ता की एक कंपनी ने आबकारी छापे को रोकने के लिए चुनावी बांड के माध्यम से 40 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। यह लोकतंत्र को विकृत कर रहा है।"सीजेआई रमना ने कहा,...

सुनिश्चित करें कि माता- पिता के कर्ज के कारण कोविड के कारण अनाथ हुए बच्चे संपत्ति से वंचित ना रहें : सुप्रीम कोर्ट का अधिकारियों को निर्देश
सुनिश्चित करें कि माता- पिता के कर्ज के कारण कोविड के कारण अनाथ हुए बच्चे संपत्ति से वंचित ना रहें : सुप्रीम कोर्ट का अधिकारियों को निर्देश

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने, अन्य बातों के साथ-साथ, राज्य सरकार / केंद्र शासित प्रदेशों को उन बच्चों के संबंध में सामाजिक जांच रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया को पूरा करने का निर्देश दिया जिनकी पहचान मार्च, 2020 के बाद माता-पिता या दोनों में से किसी एक को खोने के लिए की गई है और उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने को कहा है।मृत माता-पिता की वित्तीय देनदारियों के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी और जिला मजिस्ट्रेट को जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण की सहायता लेने का निर्देश...