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एनडीपीएस मामलों में शीघ्र सुनवाई के लिए दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य से कहा
एनडीपीएस मामलों में शीघ्र सुनवाई के लिए दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य से कहा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों के ढुलमुल रवैये और लंबी सुनवाई पर ध्यान देते हुए कहा है कि राज्य प्रशासन को मामलों विशेषकर एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। जस्टिस अरुण मोंगा ने कहा, “हलफनामे की सामग्री के साथ-साथ राज्य द्वारा तैयार की गई मानक संचालन प्रक्रिया और कार्रवाई को देखने के बाद इस न्यायालय को पूरी उम्मीद है कि राज्य पूरी गंभीरता...

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी में जबरन धर्म परिवर्तन विरोधी कानून के तहत दर्ज एफआईआर में ब्रॉडवेल क्रिश्चियन हॉस्पिटल सोसाइटी के अध्यक्ष और अन्य आरोपियों को अंतरिम संरक्षण दिया
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी में जबरन धर्म परिवर्तन विरोधी कानून के तहत दर्ज एफआईआर में ब्रॉडवेल क्रिश्चियन हॉस्पिटल सोसाइटी के अध्यक्ष और अन्य आरोपियों को अंतरिम संरक्षण दिया

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में जबरन धर्म परिवर्तन मामले में ब्रॉडवेल क्रिश्चियन हॉस्पिटल सोसाइटी के अध्यक्ष और अन्य आरोपियों की याचिका पर नोटिस जारी किया। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम रूप से किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा भी प्रदान की। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ इस मामले में राज्य पुलिस द्वारा याचिकाकर्ताओं के खिलाफ दायर तीन नई प्रथम सूचना रिपोर्टो (एफआईआर) में कार्यवाही को रद्द करने से इनकार करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के...

शून्य/अमान्य विवाह से पैदा हुआ बच्चा मिताक्षरा कानून द्वारा शासित हिंदू अविभाजित परिवार में जन्म से सहदायिक नहीं माना जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
शून्य/अमान्य विवाह से पैदा हुआ बच्चा मिताक्षरा कानून द्वारा शासित हिंदू अविभाजित परिवार में जन्म से सहदायिक नहीं माना जा सकता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि शून्य या अमान्य विवाह से पैदा हुआ बच्चा मिताक्षरा कानून द्वारा शासित हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) में माता-पिता के हिस्से का हकदार है। साथ ही ये भी स्पष्ट किया कि ऐसे बच्चे को जन्म से एचयूएफ सहदायिक नहीं माना जा सकता है।सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा, "यदि कोई व्यक्ति शून्य या अमान्य विवाह से पैदा हुआ है, जिसे हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 16 की उप-धारा (1) या (2) द्वारा वैधता प्रदान की गई है, तो उसका मिताक्षरा...

मणिपुर हिंसा- सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र राज्य को सड़क मार्ग में रुकावट के बीच लोगों को आवश्यक चीज़ों की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, एयर ड्रॉपिंग का सुझाव
मणिपुर हिंसा- सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र राज्य को सड़क मार्ग में रुकावट के बीच लोगों को आवश्यक चीज़ों की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, एयर ड्रॉपिंग का सुझाव

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को भारत सरकार और मणिपुर राज्य सरकार को मणिपुर हिंसा से प्रभावित लोगों को भोजन, दवाएं और अन्य आवश्यक वस्तुओं जैसी बुनियादी आपूर्ति का वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने लोगों तक राशन न पहुंचने देने वाली नाकाबंदी से निपटाने का भी निर्देश दिया और सरकार से ऐसा करने के लिए सभी विकल्प तलाशने का आग्रह किया, जिसमें लोगों के लिए एयर ड्राप से राशन पहुंचाने का विकल्प भी शामिल है।मामले के मानवीय पहलुओं से निपटने के लिए...

गलत मिसाल कायम हो सकती है: सुप्रीम कोर्ट ने भीमा कोरेगांव के आरोपी गौतम नवलखा को हाउस अरेस्ट करने की इजाजत देने वाले पहले के आदेश पर संदेह जताया
'गलत मिसाल कायम हो सकती है': सुप्रीम कोर्ट ने भीमा कोरेगांव के आरोपी गौतम नवलखा को हाउस अरेस्ट करने की इजाजत देने वाले पहले के आदेश पर संदेह जताया

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपने नवंबर 2022 के आदेश पर संदेह जताया, जिसमें मानवाधिकार कार्यकर्ता और भीमा कोरेगांव के आरोपी गौतम नवलखा को उनके बिगड़ते स्वास्थ्य के आधार पर नजरबंदी से रिहा करने और घर में नजरबंद करने की अनुमति दी गई। अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि ऐसा आदेश 'गलत मिसाल' कायम कर सकता है।जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस जेबी पारदीवाला की खंडपीठ नवलखा के उस आवेदन पर विचार कर रही, जिसमें मुंबई में अपने अरेस्ट स्थान को स्थानांतरित करने की मांग की गई। पुणे के भीमा कोरेगांव में 2018 में हुई...

मणिपुर हिंसा | सुप्रीम कोर्ट ने आईटी मिन‌िस्ट्री को एक वेबसाइट बनाने का निर्देश दिया, ताकि जनता अदालत द्वारा नियुक्त समिति को सूचनाएं दे सके
मणिपुर हिंसा | सुप्रीम कोर्ट ने आईटी मिन‌िस्ट्री को एक वेबसाइट बनाने का निर्देश दिया, ताकि जनता अदालत द्वारा नियुक्त समिति को सूचनाएं दे सके

सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर जातीय संघर्ष से संबंधित यौन हिंसा के मामलों को असम ट्रांसफर करते हुए कई दिशा निर्देश जारी किए।उल्लेखनीय है कि यौन हिंसा से जुड़े मामलों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है, और वर्तमान में ऐसे मामलों की संख्या 27 हो चुकी है।अदालत के निर्देशों में कानूनी कार्यवाही को सुव्यवस्थित करने, न्याय तक पहुंच प्रदान करने और सेवानिवृत्त हाईकोर्ट के जजों वाली एक महिला समिति द्वारा की जा रही जांच को सुविधाजनक बनाने का निर्देश दिया गया है।विशेष रूप से, केंद्र सरकार को...

हाईकोर्ट सीआरपीसी की धारा 482 के तहत एफआईआर रद्द करने की याचिका पर कार्रवाई कर सकता है, भले ही इसके लंबित रहने के दौरान आरोप पत्र दायर किया जा चुका हो : सुप्रीम कोर्ट
हाईकोर्ट सीआरपीसी की धारा 482 के तहत एफआईआर रद्द करने की याचिका पर कार्रवाई कर सकता है, भले ही इसके लंबित रहने के दौरान आरोप पत्र दायर किया जा चुका हो : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट एफआईआर रद्द कर सकते हैं, भले ही सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दायर याचिका लंबित होने के दौरान आरोप पत्र (Charge Sheet) दायर किया जा चुका हो।जस्टिस अनिरुद्ध बोस, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ ने यह टिप्पणी की,"यह अच्छी तरह से स्थापित है कि हाईकोर्ट के पास एफआईआर रद्द करने के लिए सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दायर याचिका पर विचार करने और कार्रवाई करने की शक्ति बनी रहेगी, भले ही ऐसी याचिका के लंबित रहने के दौरान पुलिस द्वारा आरोप...

अनुच्छेद 370 एक समझौता था, राष्ट्रपति के पास  प्लग खींचने  की विस्तृत शक्ति : उत्तरदाताओं ने सुप्रीम कोर्ट में कहा [ दिन- 13]
अनुच्छेद 370 एक समझौता था, राष्ट्रपति के पास ' प्लग खींचने ' की विस्तृत शक्ति : उत्तरदाताओं ने सुप्रीम कोर्ट में कहा [ दिन- 13]

अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के संबंध में संविधान पीठ की कार्यवाही के 13 वें दिन, सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एसके कौल, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने उत्तरदाताओं द्वारा दिए गए तर्कों को सुना।असंभवता राष्ट्रपति की शक्तियों को पंगु नहीं बना सकती: एजीएजी द्वारा उठाए गए तर्कों का पहला पहलू यह था कि कानून किसी को वह काम करने के लिए मजबूर नहीं करता जो वह नहीं कर सकता। इस संदर्भ में, उन्होंने कहा कि चूंकि संविधान सभा पहले ही भंग हो चुकी है, इसलिए राष्ट्रपति को अब...

पत्नी ने सास और देवरों के खिलाफ धारा 498ए आईपीसी के तहत दर्ज कराई थी एफआईआर, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द करते हुए कहा-क्रूरता के आरोप दूर की कौड़ी और अस्पष्ट
पत्नी ने सास और देवरों के खिलाफ धारा 498ए आईपीसी के तहत दर्ज कराई थी एफआईआर, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द करते हुए कहा-क्रूरता के आरोप दूर की कौड़ी और अस्पष्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक महिला की ओर से अपने ससुराल पक्ष के खिलाफ आईपीसी की धारा 498 ए के तहत शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया। पत्नी ने ससुराल पक्ष के खिलाफ क्रूरता के अपराध का आरोप लगाया था।सुप्रीम कोर्ट ने कार्यवाही को रद्द करते हुए कहा कि आरोप "सामान्य और साधारण किस्म के" थे। महिला ने अपनी सास और दो देवरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, जिनमें से एक देवर न्यायिक अधिकारी है।हाईकोर्ट ने धारा 482 सीआरपीसी के तहत कार्यवाही को रद्द करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद आरोपी...

सुप्रीम कोर्ट ने 1995 के दोहरे हत्याकांड मामले में पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई
सुप्रीम कोर्ट ने 1995 के दोहरे हत्याकांड मामले में पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पूर्व सांसद (एमपी) और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता प्रभुनाथ सिंह को 1995 के दोहरे हत्याकांड मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। शीर्ष अदालत ने मृतकों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया। घटना में घायलों को पांच-पांच लाख रुपये देने का निर्देश दिया। ये मुआवजा बिहार सरकार और दोषी अलग-अलग देंगे। अदालत ने सिंह को आईपीसी की धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास के अपराध में सात साल कैद की सजा भी सुनाई। दो हफ्ते पहले अदालत ने सिंह को 1995 के दोहरे हत्याकांड...

सुप्रीम कोर्ट के जज, जस्टिस पीके मिश्रा ने दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येन्द्र जैन की जमानत याचिका से खुद को अलग किया; अंतरिम जमानत 12 सितंबर तक बढ़ाई
सुप्रीम कोर्ट के जज, जस्टिस पीके मिश्रा ने दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येन्द्र जैन की जमानत याचिका से खुद को अलग किया; अंतरिम जमानत 12 सितंबर तक बढ़ाई

सुप्रीम कोर्ट के जज, जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आम आदमी पार्टी (आप) नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री सत्येन्द्र जैन की जमानत याचिका पर सुनवाई से शुक्रवार को खुद को अलग कर लिया। जैन को मई 2022 में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। इस साल की शुरुआत में उन्हें मेडिकल कारणों से अंतरिम जमानत दी गई थी।जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस मिश्रा की खंडपीठ अप्रैल में जमानत देने से इनकार करने के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली जैन की याचिका पर सुनवाई...

पुलिस की फाइनल रिपोर्ट खारिज करने के बाद मजिस्ट्रेट नाराजी याचिका (Protest Petition) पर संज्ञान ले सकते हैं: सुप्रीम कोर्ट
पुलिस की फाइनल रिपोर्ट खारिज करने के बाद मजिस्ट्रेट नाराजी याचिका (Protest Petition) पर संज्ञान ले सकते हैं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फाइनल रिपोर्ट प्राप्त होने पर मजिस्ट्रेट नाराजी याचिका (Protest Petition) को शिकायत मामले के रूप में मानने के लिए अपने विवेक का प्रयोग कर सकते है।जानिए नाराजी याचिका (Protest Petition) क्या होती है और कौन कर सकता है इसे दाखिल?जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस दीपांकर दत्ता की खंडपीठ ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 173 के तहत पुलिस रिपोर्ट प्राप्त होने पर मजिस्ट्रेट तीन विकल्पों का उपयोग कर सकता है।सबसे पहले वह निर्णय ले सकता है कि आगे बढ़ने के लिए कोई पर्याप्त आधार नहीं है और...

बिलकीस बानो केस | क्या जुर्माना ना भरने का सजा में छूट पर असर पड़ेगा ? सुप्रीम कोर्ट ने पूछा
बिलकीस बानो केस | क्या जुर्माना ना भरने का सजा में छूट पर असर पड़ेगा ? सुप्रीम कोर्ट ने पूछा

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पूछा कि क्या सजा के हिस्से के रूप में लगाए गए जुर्माने का भुगतान न करने से बिलकिस बानो मामले में दोषियों की सजा में छूट पर असर पड़ेगा। यह सवाल सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा से पूछा गया, जब उन्होंने पीठ को सूचित किया कि हाल ही में, वह जिस दोषी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जुर्माने की पूरी राशि मुंबई की एक सत्र अदालत को भुगतान कर दी गई है।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ गुजरात में 2002 के सांप्रदायिक दंगों के दौरान कई हत्याओं और हिंसक यौन उत्पीड़न के...

दावा दाखिल करने में ईपीएफओ कर्मी आईबीसी समयसीमा का पालन करें, गलती करने वाले अफसरों पर हो कार्रवाई : सुप्रीम कोर्ट
दावा दाखिल करने में ईपीएफओ कर्मी आईबीसी समयसीमा का पालन करें, गलती करने वाले अफसरों पर हो कार्रवाई : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के आयुक्त और कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे दिवाला और दिवालियापन संहिता, 2016 के तहत समयसीमा का अनुपालन करें। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि अनुपालन में विफलता के मामले में समय-सीमा को लेकर गलती करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवी भट्टी की पीठ ने टिप्पणी की, ".. हमारा विचार है कि ईपीएफओ के आयुक्त और कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने चाहिए कि...

पीड़ित के बेटे के साथ समझौते के आधार पर हत्या के आरोपी को जमानत, गुजरात हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट हैरान
पीड़ित के बेटे के साथ 'समझौते' के आधार पर हत्या के आरोपी को जमानत, गुजरात हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट हैरान

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में गुजरात हाइकोर्ट के एक आदेश पर आश्चर्य व्यक्त किया। गुजरात हाईकोर्ट ने हत्या के एक मामले में एक आरोपी को उसके और मूल शिकायतकर्ता (मृतक के बेटे) के बीच 'समझौते' के आधार पर जमानत दे दी थी।कोर्ट ने इतने बड़े पैमाने पर गंभीर आपराधिक मामलों को व्यक्तिगत निपटान की अनुमति देने के औचित्य पर सवाल उठाया। साथ ही कोर्ट ने गंभीर अपराधों के आरोपी किसी व्यक्ति इस आधार पर जमानत देने कि उसका अपराध का पूर्व इतिहास नहीं है, के निहितार्थ पर सवाल उठाया।कोर्ट ने कहा,"अजीब बात है कि सिंगल जज...

स्थगन या पास ओवर मांगने वाले वकील न बनें खुद बहस करने वाले वकील बनें: जस्टिस बीवी नागरत्ना ने युवा वकील से कहा
स्थगन या पास ओवर मांगने वाले वकील न बनें खुद बहस करने वाले वकील बनें': जस्टिस बीवी नागरत्ना ने युवा वकील से कहा

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बीवी नागरत्ना ने गुरुवार को जूनियर वकीलों के अपने करियर की शुरुआत में ही अदालत में बहस शुरू करने के महत्व पर जोर दिया।यह टिप्पणी आज की अदालती कार्यवाही के दौरान उस समय की गई, जब एक जूनियर वकील ने 'मुख्य वकील' के खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जस्टिस नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ से एक मामले की सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया।जस्टिस नागरत्ना ने वकील को आज 'मुख्य वकील' की भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा,"आप वहां हैं इसलिए आप बहस कर सकते हैं,...

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से पूछा, अगर चार्जशीट अधूरी है तो क्या आरोपी ‌डिफॉल्ट जमानत मांग सकता है?
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से पूछा, अगर चार्जशीट अधूरी है तो क्या आरोपी ‌डिफॉल्ट जमानत मांग सकता है?

सुप्रीम कोर्ट को हाल ही में एक दिलचस्प सवाल का सामना करना पड़ा।सवाल यह था कि क्या अधूरी चार्जशीट किसी आरोपी को आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 167(2) के तहत ‌डिफॉल्ट जमानत का हकदार बना देगी और क्या इस अधूरी चार्जशीट के आधार पर मामले का संज्ञान लिया जा सकता है?सुप्रीम कोर्ट के समक्ष यह सवाल एक ऐसे मामले में उठा, जहां सीआरपीसी की धारा 167 के अनुसार 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दायर की गई थी।डिफॉल्ट जमानत की मांग के लिए दायर याचिका में याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि अधूरी चार्जशीट संज्ञान लेने के...

एमबीबीएस: सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना में कम्पीटेंट अथॉरिटी कोटा में स्थानीय उम्मीदवारों के लिए 100% आरक्षण में हस्तक्षेप करने से इनकार किया; कहा- हाईकोर्ट सुनवाई कर सकता है
एमबीबीएस: सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना में 'कम्पीटेंट अथॉरिटी कोटा' में स्थानीय उम्मीदवारों के लिए 100% आरक्षण में हस्तक्षेप करने से इनकार किया; कहा- हाईकोर्ट सुनवाई कर सकता है

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को जून 2014 के बाद स्थापित मेडिकल कॉलेजों में 'कम्पीटेंट अथॉरिटी कोटा' (Competent Authority Quota) में स्थानीय उम्मीदवारों के लिए 100 प्रतिशत आरक्षण की तेलंगाना सरकार की नई शुरू की गई नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।3 जुलाई के आदेश द्वारा राज्य सरकार ने तेलंगाना के गठन के बाद स्थापित मेडिकल कॉलेजों में सभी सक्षम प्राधिकारी कोटा सीटें राज्य में रहने वाले स्थानीय एमबीबीएस उम्मीदवारों के लिए आरक्षित कर दी।कोर्ट ने तर्क दिया कि यह तेलंगाना के...

ठीक-ठीक नहीं कह सकते कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा कब बहाल होगा; चुनाव के लिए तैयार: सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार
ठीक-ठीक नहीं कह सकते कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा कब बहाल होगा; चुनाव के लिए तैयार: सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि वह जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए कोई सटीक समयसीमा नहीं दे सकती। साथ ही यह स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर का केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा अस्थायी होगा।भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने संविधान पीठ से कहा,"मैं पूर्ण राज्य के दर्जे के लिए सटीक समय अवधि देने में असमर्थ हूं, जबकि यह कह रहा हूं कि केंद्रशासित प्रदेश का दर्जा अस्थायी स्थिति है।एसजी ने यह बयान जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को रद्द करने और केंद्रशासित प्रदेश के रूप में...

फ़िशिंग हमले के लिए सुप्रीम कोर्ट की फर्जी वेबसाइट, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने पब्लिक अलर्ट जारी किया
फ़िशिंग हमले के लिए सुप्रीम कोर्ट की फर्जी वेबसाइट, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने पब्लिक अलर्ट जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की एक फर्जी वेबसाइट के बारे में सार्वजनिक अलर्ट जारी किया है। यह वेबसाइट फ़िशिंग हमले के लिए बनाई गई है। सुप्रीम कोर्ट ने एक सार्वजनिक नोटिस में बड़े पैमाने पर जनता को दृढ़ता से सलाह दी कि वे प्रामाणिकता की पुष्टि किए बिना प्राप्त लिंक पर न तो क्लिक करें और न ही शेयर करें। कोर्ट ने आगे कहा कि वह किसी भी व्यक्ति से कोई व्यक्तिगत जानकारी, वित्तीय जानकारी या निजी जानकारी नहीं मांगता है।नोटिस में कहा गया है,1. भारत के सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री को फ़िशिंग हमले के बारे...