बॉम्बे हाईकोर्ट

स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत विवाह केवल इसलिए अवैध नहीं कि पति-पत्नी में से कोई भी उस जिले में 30 दिनों तक नहीं रहा, जहां विवाह रजिस्टर था: बॉम्बे हाईकोर्ट
स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत विवाह केवल इसलिए अवैध नहीं कि पति-पत्नी में से कोई भी उस जिले में 30 दिनों तक नहीं रहा, जहां विवाह रजिस्टर था: बॉम्बे हाईकोर्ट

स्पेशल मैरिज 1954 के तहत विधिवत प्रमाणित विवाह को केवल इसलिए अवैध या शून्य नहीं माना जा सकता, क्योंकि पति-पत्नी में से किसी ने अधिनियम की धारा 5 का पालन नहीं किया। जिसके अनुसार उनमें से किसी एक को 30 दिनों तक उस जिले में रहना अनिवार्य है, जहाँ उन्होंने अपना विवाह रजिस्टर कराया।जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस अद्वैत सेठना की खंडपीठ ने कहा कि विशेष विवाह अधिनियम के तहत विवाह रजिस्ट्रार द्वारा एक बार विवाह प्रमाणपत्र जारी किए जाने के बाद यह विवाह की वैधता का निर्णायक सबूत होता है जब तक कि इसे कानून...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मोबाइल फोन पर अदालती कार्यवाही की ऑडियो रिकॉर्डिंग करने वाले व्यक्ति पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मोबाइल फोन पर अदालती कार्यवाही की ऑडियो रिकॉर्डिंग करने वाले व्यक्ति पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक आदेश में एक वादी पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जो अपने मोबाइल फोन पर अदालती कार्यवाही की ऑडियो रिकॉर्डिंग कर रहा था।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खता की खंडपीठ ने आदेश में दर्ज किया कि वादी - साजिद अब्दुल जब्बार पटेल जो एक मामले में प्रतिवादी का रिश्तेदार है, ने अपने कदाचार के लिए 1 लाख रुपए का जुर्माना देने की पेशकश की।आदेश में कहा गया कि जब पीठ दो भाइयों के बीच संपत्ति विवाद से संबंधित रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी तो एक निजी प्रतिवादी के रिश्तेदारों में से एक पटेल को...

हिंदू माइनॉरिटी एंड गार्जियनशिप एक्ट के तहत प्राकृतिक अभिभावक स्वयं और नाबालिगों के लिए संयुक्त परिवार की संपत्तियों के प्रबंधक के रूप में कार्य कर सकता है: बॉम्बे हाईकोर्ट
हिंदू माइनॉरिटी एंड गार्जियनशिप एक्ट के तहत 'प्राकृतिक अभिभावक' स्वयं और नाबालिगों के लिए संयुक्त परिवार की संपत्तियों के 'प्रबंधक' के रूप में कार्य कर सकता है: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने हाल ही में कहा कि हिंदू संयुक्त परिवार का सबसे बड़ा सदस्य होने के नाते एक प्राकृतिक अभिभावक नाबालिग की कानूनी आवश्यकता और लाभ के पहलू को ध्यान में रखते हुए संयुक्त परिवार में नाबालिगों के अधिकारों से निपटने के लिए शक्तियों का प्रयोग कर सकता है। सिंगल जज जस्टिस संतोष चपलगांवकर ने बीड में जिला न्यायालय की ओर से पारित एक दिसंबर, 2023 के आदेश को रद्द कर दिया, जिसके द्वारा पूजा पोपलघाट द्वारा पुणे में अपने और अपने तीन नाबालिग बच्चों के लिए जमीन बेचने के लिए दायर...

बदलापुर मुठभेड़ को फर्जी बताने के मजिस्ट्रेट के फैसले पर ठाणे अदालत की रोक से बॉम्बे हाईकोर्ट हैरानी जताई
बदलापुर मुठभेड़ को फर्जी बताने के मजिस्ट्रेट के फैसले पर ठाणे अदालत की रोक से बॉम्बे हाईकोर्ट हैरानी जताई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने ठाणे सत्र अदालत के एक न्यायाधीश द्वारा मजिस्ट्रेट जांच के निष्कर्षों पर रोक लगाने पर गुरुवार को हैरानी जताई , जिसमें निष्कर्ष निकाला गया था कि बदलापुर यौन उत्पीड़न मामले में आरोपियों के माता-पिता द्वारा लगाए गए आरोपों में 'सार' था।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने सवाल किया कि इस तरह का आदेश कैसे पारित किया जा सकता है, खासकर जब मामला उनके समक्ष पहले से ही लंबित है। विशेष रूप से, बदलापुर यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी मृतक की 'हत्या' के आरोपी पांच...

26/11 मुंबई आतंकी हमला मामले में बरी हुए व्यक्ति ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की आजीविका के अधिकार की मांग की, जज ने याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग किया
26/11 मुंबई आतंकी हमला मामले में बरी हुए व्यक्ति ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की 'आजीविका के अधिकार' की मांग की, जज ने याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग किया

26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले में एक आरोपी फहीम अरशद मोहम्मद यूसुफ अंसारी ने बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की है और 'पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट' की मांग की है, ताकि वह अपनी आजीविका चलाने के लिए कोई रोजगार कर सके। उसे 6 मई, 2010 को मामले से बरी कर दिया गया था। याचिका को शुरू में जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और डॉ नीला गोखले की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था। हालांकि, पीठ ने मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। इसके बाद, मामले का उल्लेख जस्टिस सारंग कोतवाल की अगुवाई वाली खंडपीठ...

अवैध कार्य के लिए निरक्षरता बचाव नहीं, ₹5 करोड़ मुआवजे की याचिका खारिज: बॉम्बे हाईकोर्ट
अवैध कार्य के लिए निरक्षरता बचाव नहीं, ₹5 करोड़ मुआवजे की याचिका खारिज: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक व्यक्ति की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसने नवी मुंबई नगर निगम से उसके 'अनधिकृत' ढांचे को ध्वस्त करने के लिए पांच करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की थी।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाता की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता हनुमान नाइक (54) ने दावा किया है कि नवी मुंबई के दरावे इलाके में उसका 50 साल से अधिक पुराना मकान है। उन्होंने अपने घर को ध्वस्त कर दिया क्योंकि यह 50 साल पुराना हो गया था और खराब स्थिति में था और 2022 में उन्होंने एक बहुमंजिला इमारत का निर्माण किया।...

Skoda-Volkswagen Case: बॉम्बे हाईकोर्ट ने सीमा शुल्क विभाग से पूछा, कारण बताओ नोटिस समय-वर्जित क्यों नहीं
Skoda-Volkswagen Case: बॉम्बे हाईकोर्ट ने सीमा शुल्क विभाग से पूछा, कारण बताओ नोटिस समय-वर्जित क्यों नहीं

भारतीय सीमा शुल्क अधिकारियों द्वारा 1.4 बिलियन अमरीकी डालर की कर मांग को चुनौती देने वाली स्कोडा ऑटो वोक्सवैगन इंडिया की याचिका में , बॉम्बे हाईकोर्ट ने आज सीमा शुल्क प्राधिकरण से एक हलफनामा दायर करने के लिए कहा जिसमें बताया गया है कि कंपनी को जारी सितंबर 2024 का कारण बताओ नोटिस सीमा द्वारा वर्जित क्यों नहीं है।जस्टिस बर्गेस कोलाबावाला और जस्टिस फिरदोश पूनीवाला की खंडपीठ ने कहा, ''सीमा के मुद्दे पर, जो तथ्यात्मक है, कृपया एक संक्षिप्त हलफनामा दायर करें जिसमें बताया जाए कि सीमा का सवाल ही...

अगर शादी का वादा करते समय किसी पुरुष का इरादा किसी लड़की को धोखा देकर उसके साथ यौन संबंध बनाना है, तो उसकी सहमति अमान्य हो जाती है: बॉम्बे हाईकोर्ट
अगर शादी का वादा करते समय किसी पुरुष का इरादा किसी लड़की को धोखा देकर उसके साथ यौन संबंध बनाना है, तो उसकी सहमति अमान्य हो जाती है: बॉम्बे हाईकोर्ट

जब शादी का वादा झूठा हो और वादा करते समय वादा करने वाले की मंशा वादा निभाने की न होकर उसे धोखा देकर यौन संबंध बनाने के लिए राजी करने की हो, तो यह 'तथ्य की गलत धारणा' है और यह लड़की की सहमति को 'नुकसान पहुंचाता' है, यह बात बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में नाबालिग से बलात्कार के आरोपी व्यक्ति की बलात्कार की सजा को बरकरार रखते हुए कही। स‌िंगल जज जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के ने आरोपी की इस दलील पर गौर किया कि पीड़िता का एकतरफा प्रेम संबंध था और इसलिए पीड़िता की उससे शादी करने की इच्छा पर उन्होंने यौन...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने Big Boss, IPL  2023 और अन्य कलर्स टीवी शो के अनाधिकृत प्रसारण के लिए विदेशी कंपनी के खिलाफ दर्ज FIR खारिज की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने Big Boss, IPL 2023 और अन्य कलर्स टीवी शो के अनाधिकृत प्रसारण के लिए विदेशी कंपनी के खिलाफ दर्ज FIR खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में नीदरलैंड स्थित गेमिंग कंपनी के खिलाफ दर्ज FIR खारिज की, जिस पर वायकॉम 18 समूह के विभिन्न लोकप्रिय शो जैसे 'Big Boss 'नेगिंग' 'असुर' 'IPL 2023' आदि को विभिन्न क्षेत्रीय ओवर द टॉप (OTT) प्लेटफॉर्म पर अनाधिकृत रूप से प्रसारित करने का आरोप है।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और डॉ नीला गोखले की खंडपीठ ने कहा कि कंपनी - प्ले वेंचर्स एनवी और उसके एक कर्मचारी गुलामअब्बास मुनि, जो सोहेल खान प्रोडक्शंस के CEO भी हैं, ने वायकॉम 18 समूह के साथ सौहार्दपूर्ण ढंग से इस मुद्दे को सुलझा...

14 वर्षीय लड़की के पास अपने कार्यों को समझने के लिए पर्याप्त ज्ञान और क्षमता: बॉम्बे हाईकोर्ट ने POCSO आरोपी को जमानत दी
14 वर्षीय लड़की के पास अपने कार्यों को समझने के लिए पर्याप्त ज्ञान और क्षमता: बॉम्बे हाईकोर्ट ने POCSO आरोपी को जमानत दी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार 24 वर्षीय व्यक्ति को यह देखते हुए जमानत दी कि पीड़िता के पास अपने कार्यों के बारे में पूरी जानकारी और क्षमता है, क्योंकि वह स्वेच्छा से आरोपी के साथ 4 दिनों तक रही थी।जस्टिस मिलिंद जाधव की पीठ ने आदेश में पीड़िता के बयानों पर विचार किया, जिसमें उसने कहा कि उसका आरोपी के साथ सहमति से संबंध था। वह उसके कार्यों से अवगत थी और आवेदक के साथ 3 दिन और 3 रातों से अधिक समय तक रही थी।पीठ ने इस बात पर भी जोर दिया...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने जर्मन बेकरी विस्फोट के दोषी की नासिक जेल में जनरल बैरक में ट्रांसफर करने की याचिका खारिज की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने जर्मन बेकरी विस्फोट के दोषी की नासिक जेल में जनरल बैरक में ट्रांसफर करने की याचिका खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार (18 फरवरी) को जर्मन बेकरी ब्लास्ट मामले के मुख्य दोषियों में से एक मिर्जा हिमायत बेग की याचिका खारिज कर दी, जिसमें जेल अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई थी कि उन्हें 'अंडा सेल' से नासिक सेंट्रल जेल के हाई सिक्योरिटी रिस्‍क वाले बैरक में स्थानांतरित किया जाए। जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और ज‌स्टिस डॉ नीला गोखले की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता किसी भी 'मनोवैज्ञानिक आघात' से नहीं गुजर रहा है, जैसा कि उसने अदालत को दिए गए अपने पत्र याचिका में आरोप लगाया है। कोर्ट...

लंबे समय तक जेल में रहने से विचाराधीन कैदियों का मानसिक स्वास्थ्य खराब हो सकता है, नशीली दवाओं का सेवन बढ़ सकता है: बॉम्बे हाईकोर्ट ने 9 साल से अधिक समय से जेल में बंद हत्या के आरोपी को जमानत दी
'लंबे समय तक जेल में रहने से विचाराधीन कैदियों का मानसिक स्वास्थ्य खराब हो सकता है, नशीली दवाओं का सेवन बढ़ सकता है': बॉम्बे हाईकोर्ट ने 9 साल से अधिक समय से जेल में बंद हत्या के आरोपी को जमानत दी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार (14 फरवरी) को जेल में नौ साल से अधिक समय बिताने वाले एक व्यक्ति को जमानत देते हुए, किसी व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर लंबे समय तक कारावास के कारण होने वाले दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभावों पर जोर दिया। जस्टिस मिलिंद जाधव ने कहा कि आवेदक गणेश मेंडारकर ने हत्या के आरोप में नौ साल और पच्चीस दिन जेल में बिताए, जबकि मामले में सह-आरोपी पहले से ही जमानत पर बाहर थे।ज‌स्टिस माधव ने आदेश में कहा,"लंबे समय तक कारावास के दौरान कारावास-पश्चात सिंड्रोम की स्थिति पैदा हो...

विशेष रिसीवर अदालत का एजेंट, अदालती आदेशों के क्रियान्वयन के लिए पुलिस द्वारा उसे तत्काल सहायता दी जानी चाहिए: बॉम्बे हाईकोर्ट
विशेष रिसीवर अदालत का 'एजेंट', अदालती आदेशों के क्रियान्वयन के लिए पुलिस द्वारा उसे तत्काल सहायता दी जानी चाहिए: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने आईपीआर मुकदमे के संबंध में अतिरिक्त विशेष रिसीवर (जो न्यायालय रिसीवर को रिपोर्ट करते हैं) को सहायता प्रदान करने में पुलिस अधिकारियों की विफलता के मुद्दे को उठाया, यह देखते हुए कि वे न्यायालय के एजेंट हैं जो एकपक्षीय अंतरिम आदेशों को निष्पादित करते हैं और इसलिए उन्हें पुलिस तंत्र द्वारा तत्काल प्रभावी सहायता दी जानी चाहिए। ऐसे मामलों में पुलिस सहायता प्रदान करने की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए, जस्टिस मनीष पिताले ने कहा, "यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि न्यायालय रिसीवर को रिपोर्ट...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने POCSO मामले में जमानत दी, कहा 25 वर्षीय आरोपी कोई शिकारी नहीं बल्कि 16 वर्षीय किशोरी के साथ सहमति से संबंध बनाने वाला  युवक
बॉम्बे हाईकोर्ट ने POCSO मामले में जमानत दी, कहा 25 वर्षीय आरोपी कोई 'शिकारी' नहीं बल्कि 16 वर्षीय किशोरी के साथ सहमति से संबंध बनाने वाला 'युवक'

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (13 फरवरी) को 16 साल की नाबालिग लड़की से 15 महीने तक बलात्कार करने और उसे दो बार गर्भवती करने के आरोप में गिरफ्तार 25 वर्षीय व्यक्ति को जमानत देते हुए कहा कि वह कोई 'यौन शिकारी' नहीं बल्कि एक युवा है, जो लड़की के साथ सहमति से संबंध में शामिल था। सिंगल जज जस्टिस मिलिंद जाधव ने लड़की के बयानों से नोट किया कि उसका आवेदक- मोहम्मद अजान खान के साथ प्रेम संबंध था, जिसे अप्रैल 2024 में लड़की के पिता द्वारा बलात्कार के आरोपों और कड़े यौन अपराधों से बच्चों की रोकथाम (POCSO)...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य को 4 सप्ताह के भीतर पालघर जिला उपभोक्ता फोरम को कार्यात्मक बनाने के लिए कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य को 4 सप्ताह के भीतर पालघर जिला उपभोक्ता फोरम को कार्यात्मक बनाने के लिए कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पालघर जिले में जिला उपभोक्ता फोरम की स्थापना की मांग वाली जनहित याचिका का आज निपटारा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने उपभोक्ता फोरम का गठन पहले ही किया है।सुनवाई के दौरान, राज्य के वकील ने प्रस्तुत किया कि 04 फरवरी 2025 की एक सरकारी अधिसूचना के अनुसार, पालघर में जिला उपभोक्ता फोरम की स्थापना पहले ही की जा चुकी है। वकील ने आगे प्रस्तुत किया कि उपभोक्ता फोरम के स्टाफिंग पैटर्न को निर्धारित करने के लिए सरकार द्वारा 10 फरवरी 2025 को एक अधिसूचना जारी की गई है। चीफ़ जस्टिस आलोक अराधे...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने जाति की स्थिति के आधार पर बेंचमार्क दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के लिए सिविल सेवा प्रयासों की सीमा निर्धारित करने वाले नियमों को बरकरार रखा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने जाति की स्थिति के आधार पर बेंचमार्क दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के लिए सिविल सेवा प्रयासों की सीमा निर्धारित करने वाले नियमों को बरकरार रखा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सिविल सेवा परीक्षा नियम 2024 के नियम 3 को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया, जो सामान्य/आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग/अन्य पिछड़ा वर्ग (GL/EWS/OBC) श्रेणी के तहत बेंचमार्क विकलांगता वाले व्यक्तियों (PwBD) को 9 प्रयास प्रदान करता है, जबकि SC/ST श्रेणी से संबंधित लोगों को असीमित प्रयास प्रदान करता है।दोनों श्रेणियों के लिए प्रयासों की संख्या पर प्रतिबंध को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि OBC और SC/ST श्रेणियों में PwBD के बीच भेदभाव नहीं किया जा सकता है। उन्होंने...

एमएसएमई एक्ट की धारा 18(5) के तहत 90 दिनों के भीतर अवार्ड देने में विफल रहने पर भी सुविधा परिषद का अधिदेश समाप्त नहीं होता: बॉम्बे हाईकोर्ट
एमएसएमई एक्ट की धारा 18(5) के तहत 90 दिनों के भीतर अवार्ड देने में विफल रहने पर भी सुविधा परिषद का अधिदेश समाप्त नहीं होता: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की जस्टिस सोमशेखर सुंदरसन की पीठ ने माना कि एमएसएमई सुविधा परिषद के अधिदेश को केवल इस आधार पर समाप्त नहीं किया जा सकता कि वह संदर्भ दर्ज करने की तिथि से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम, 2006 (एमएसएमई अधिनियम) की धारा 18(5) के तहत 90 दिनों के भीतर कोई निर्णय देने में विफल रही है। पीठ ने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि यह समय अवधि निर्देशिका प्रकृति की है। तथ्यमध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 34 के तहत इस याचिका में याचिकाकर्ता, महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) ने...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने दुर्घटना मामले में जांच ट्रांसफर करने की एक्ट्रेस उर्मिला कोठारे की याचिका पर नोटिस जारी किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने दुर्घटना मामले में जांच ट्रांसफर करने की एक्ट्रेस उर्मिला कोठारे की याचिका पर नोटिस जारी किया

तेज रफ्तार कार से दिसंबर, 2024 में टक्कर लगने और मरने वाले मजदूर की मौत के मामले की जांच को लेकर लोकप्रिय मराठी एक्ट्रेस उर्मिला कोठारे ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मामले की जांच मुंबई पुलिस की अपराध शाखा को सौंपने की मांग की।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने बुधवार (12 फरवरी) को मामले की सुनवाई की और प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया। अदालत ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और संबंधित कार की मैकेनिकल इंस्पेक्शन रिपोर्ट को भी सुरक्षित रखने का आदेश दिया।इस हादसे में...