आप कैसी गवर्निंग बॉडी हैं, जिसके पास ताकत ही नहीं है? बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने तेलंगाना क्रिकेट एसोसिएशन को मेंबर बनाने में हो रही देरी पर BCCI से पूछा

  • आप कैसी गवर्निंग बॉडी हैं, जिसके पास ताकत ही नहीं है? बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने तेलंगाना क्रिकेट एसोसिएशन को मेंबर बनाने में हो रही देरी पर BCCI से पूछा

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से पूछा कि क्या वह एक ऐसी गवर्निंग बॉडी है, जिसके पास ताकत ही नहीं है? कोर्ट ने यह सवाल BCCI की ओर यह दलील दिए जाने के बाद पूछा कि वह हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (HCA) और तेलंगाना क्रिकेट एसोसिएशन (TCA) दोनों को एक साथ बैठाकर BCCI में TCA की सदस्यता पर विवाद को हल नहीं कर सकता।

    जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और डॉ नीला गोखले की खंडपीठ ने BCCI की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट डॉ बीरेंद्र सराफ से यह सवाल किया। उन्होंने कहा कि हालांकि शीर्ष निकाय ने HCA को TCA की 'सहयोगी सदस्यता' पर फैसला करने का आदेश दिया है, लेकिन वह दोनों संघों को एक साथ बैठाकर विवाद को हल नहीं कर सकता।

    सराफ ने कहा,

    "मैं अपने (BCCI) संविधान का पालन कर रहा हूं, जो मुझे जुलाई 2021 में BCCI द्वारा पारित आदेश का पालन नहीं करने के लिए HCA के खिलाफ कोई कार्रवाई करने का अधिकार नहीं देता है। साथ ही, BCCI उन्हें एक साथ बैठकर विवाद को सुलझाने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। इसने निर्णय लिया है कि HCA और TCA को एक साथ बैठकर विवाद को सुलझाना चाहिए। यह इससे आगे नहीं जा सकता।"

    इस पर, जस्टिस मोहिते-डेरे ने बीच में टोकते हुए कहा, "क्यों? क्या आप बिना किसी अधिकार वाली शासी संस्था हैं? क्या आपको अपने आदेश का अनुपालन सुनिश्चित नहीं करना चाहिए?" इस बीच, पीठ ने पाया कि HCA और TCA ने अपनी बैठकों के संबंध में कुछ पत्रों/ईमेल का आदान-प्रदान किया था। हालांकि, पीठ ने इन पत्रों की 'भाषा' पर कड़ी आपत्ति जताई।

    पीठ ने TCA के वकील विवेक कांतवाला से जानना चाहा कि "यह किस तरह की भाषा है?" जिन्होंने समझाया कि उनके मुवक्किलों ने इस तरह से प्रतिक्रिया दी, क्योंकि HCA ने बैठक के लिए आमंत्रित करने वाले पत्र में जिस भाषा का इस्तेमाल किया था, वह भी इस मुद्दे को हल करने के लिए पांच साल तक इधर-उधर भागने के बाद।

    इस प्रकार, HCA के वकील ने पीठ को सूचित किया कि उनके संघ का शीर्ष निकाय 29 मार्च को TCA के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेगा। बयान को स्वीकार करते हुए पीठ ने तदनुसार सुनवाई स्थगित कर दी।

    पृष्ठभूमि

    TCA ने BCCI की 'सदस्यता' के लिए आवेदन किया था, जिसने जुलाई 2021 में इस आधार पर सदस्यता से इनकार कर दिया कि HCA पहले से ही शीर्ष निकाय का सदस्य है। चूंकि HCA, BCCI का पूर्णकालिक सदस्य है और प्रत्येक राज्य से केवल एक संघ ही पूर्णकालिक सदस्य हो सकता है, इसलिए BCCI ने HCA को TCA द्वारा सहयोगी सदस्य बनने की याचिका पर निर्णय लेने का निर्देश दिया था। यह उल्लेख करना अनुचित नहीं होगा कि HCA ने TCA की पूर्णकालिक सदस्य बनने की याचिका का विरोध किया है।

    लेकिन TCA ने आरोप लगाया कि ऐसे स्पष्ट आदेशों के बावजूद, HCA अंतिम निर्णय लेने में टालमटोल कर रहा है और इसलिए उसने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।

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