इलाहाबाद हाईकोट
"अविवाहित बालिग माता-पिता साथ रहने के हकदार": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंतरधार्मिक लिव-इन जोड़े को पुलिस सुरक्षा प्रदान करने का दिया आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक अंतरधार्मिक लिव-इन दंपति को उनकी नाबालिग बेटी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस सुरक्षा प्रदान की, जिसमें दावा किया गया था कि बच्चे की मां के पूर्व ससुराल वाले दंपति को धमकी दे रहे थे।जस्टिस शेखर बी सराफ और जस्टिस विपिन चंद्र दीक्षित की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि बच्चे के जैविक पिता और माता अलग-अलग धर्म के हैं और 2018 से एक साथ रह रहे हैं। अदालत ने कहा कि बच्चा वर्तमान में एक वर्ष और चार महीने का है। अदालत ने कहा कि बताया...
पीड़िता ने खुद ही परेशानी को न्योता दिया, वह स्वयं इसके लिए जिम्मेदार: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कॉलेज स्टूडेंट से दुष्कर्म के आरोपी को दी जमानत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कॉलेज स्टूडेंट से दुष्कर्म के आरोपी व्यक्ति को जमानत दी। कोर्ट ने यह कहते हुए राहत दी कि पीड़िता ने स्वयं ही परेशानी को न्योता दिया और वह स्वयं इस घटना के लिए जिम्मेदार थी।पीड़िता ने आरोप लगाया कि एक बार में मुलाक़ात के बाद आरोपी ने उसे नशे की हालत में अपने रिश्तेदार के फ्लैट पर ले जाकर दो बार दुष्कर्म किया।पीड़िता का कहना था कि वह शराब के नशे में थी और आराम करने के लिए सहारे की जरूरत थी, इसलिए उसने आरोपी के साथ जाने पर सहमति जताई।जस्टिस संजय कुमार सिंह की एकल पीठ...
नोएडा ऑथोरिटी ने पार्टी का टैक्स गलत मद में जमा किया: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने GST Act की धारा 73 के तहत लगाए गए जुर्माने के लिए करदाता को मुआवजा देने का निर्देश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (NOIDA) को करदाता को 19,22,778 रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया, जो माल और सेवा कर अधिनियम 2017 (GST Act) की धारा 73 के तहत कार्यवाही में करदाता पर कर और जुर्माने के रूप में लगाया गया।याचिकाकर्ता ने गौतमबुद्ध नगर (NOIDA) में अपनी संपत्ति किराए पर दी थी। संपत्ति से प्राप्त किराया GST Act के तहत कर योग्य था। याचिकाकर्ता ने नोएडा में 97,18,500 रुपये का एकमुश्त पट्टा किराया और 17,49,330 रुपये का कर जमा किया। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि उसने...
Section 16(3) Telegraph Act | मुआवजे की पर्याप्तता संबंधित मुद्दों का निर्धारण करने के लिए जिला जज उपयुक्त प्राधिकारी, न कि डीएम: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड बनाम सेंचुरी टेक्सटाइल्स एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, दोहराया है कि टेलीग्राफ अधिनियम, 1885 की धारा 16(3) के तहत, मुआवजे की पर्याप्तता संबंधित मुद्दों को निर्धारित करने के लिए जिला न्यायाधीश उपयुक्त प्राधिकारी है, न कि जिला मजिस्ट्रेट। टेलीग्राफ अधिनियम, 1885 की धारा 16 मुआवजे के लिए विवादों में अधिकारियों को उपलब्ध शक्तियों का वर्णन करती है। टेलीग्राफ अधिनियम की धारा 16(3) इस प्रकार है,"(3) यदि धारा 10,...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेटी और प्रेमी की हत्या करने वाले व्यक्ति समेत 7 लोगों की दोषसिद्धि बरकरार रखी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को 'ऑनर' किलिंग के एक दुखद मामले में 2006 में अपनी बेटी और उसके प्रेमी की हत्या करने वाले व्यक्ति समेत सात लोगों की दोषसिद्धि बरकरार रखी।जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस प्रवीण कुमार गिरि की खंडपीठ ने कहा कि 19 साल पहले हुई यह घटना पिता द्वारा अपनी बेटी और उसके प्रेमी के बीच के रिश्ते को अस्वीकार करने का नतीजा थी, जो मृतक की हत्या के लिए "पर्याप्त मकसद" था।खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा,"यह स्थापित कानून है कि एक व्यक्ति झूठ बोल सकता है, लेकिन परिस्थितियां झूठ नहीं बोल सकतीं।...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुन्नी वक्फ बोर्ड चुनाव के लिए निर्देशों के अनुपालन पर यूपी अल्पसंख्यक विभाग सचिव से हलफनामा मांगा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वे उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया दो महीने के भीतर पूरी करने के लिए हाईकोर्ट के मार्च 2024 के निर्देशों का अनुपालन दर्शाने वाला हलफनामा दाखिल करें।जस्टिस राजीव सिंह की पीठ ने स्पष्ट किया कि यदि न्यायालय द्वारा मांगा गया हलफनामा अगली सूचीबद्धता तिथि 19 मई तक दाखिल नहीं किया जाता है तो संबंधित अधिकारी अवमानना के आरोप तय करने के...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अयोध्या में राम मंदिर के आसपास के कथित 'सिख फॉर जस्टिस' सदस्यों को जमानत देने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते 'सिख फॉर जस्टिस' के दो कथित सदस्यों और खालिस्तानी समर्थकों को जमानत देने से इनकार कर दिया था, जिन्हें पिछले साल जनवरी में अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर के आसपास 'रेकी' करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।जस्टिस संगीता चंद्रा और जस्टिस श्रीप्रकाश सिंह की खंडपीठ ने इस तथ्य का संज्ञान लिया कि निचली अदालत ने उन्हें जमानत देने से इनकार करते हुए प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ पर्याप्त सामग्री पाई थी कि उन्होंने 22 जनवरी को अयोध्या में कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की योजना...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नीलाम की गई संपत्ति पर जानबूझकर मुकदमे को लंबा खींचने के लिए लोन गारंटरों पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2017 में नीलाम की गई संपत्ति के संबंध में जानबूझकर मुकदमे को लंबा खींचने के लिए लोन गारंटरों पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।लोन गारंटरों (याचिकाकर्ताओं) को नीलाम की गई संपत्ति को खाली करने और नीलामी खरीदार के पक्ष में जुर्माना अवार्ड देते हुए जस्टिस संगीता चंद्रा ने कहा,“यह न्यायालय रिट क्षेत्राधिकार के न्यायसंगत क्षेत्राधिकार होने और वादी की जिम्मेदारी के संबंध में पूर्वोक्त न्यायिक मिसालों पर गौर करने के बाद तथ्यों का स्पष्ट और पूर्ण खुलासा करते हुए किसी भी सक्रिय गलत...
Savarkar Defamation Case | राहुल गांधी को हाईकोर्ट से लगा झटका, समन आदेश खारिज करने से किया इनकार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को वीडी सावरकर मानहानि मामले में राहत देने से इनकार किया, जो लखनऊ में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में लंबित है।गांधी ने पिछले साल दिसंबर में उन्हें आरोपी के तौर पर समन करने के अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।अपनी याचिका में गांधी ने सेशन कोर्ट के उस आदेश को भी चुनौती दी, जिसमें शिकायतकर्ता एडवोकेट नृपेंद्र पांडे द्वारा जून 2023 में उनकी शिकायत खारिज किए जाने के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका को...
गवाह दस्तावेज़ की शर्तों से सहमत नहीं होता, उसे निष्पादित करने वाला व्यक्ति सहमत होता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
दस्तावेज के गवाह और उसे निष्पादित करने वाले व्यक्ति के बीच अंतर करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि गवाह दस्तावेज़ की शर्तों से सहमत नहीं होता, जबकि उसे निष्पादित करने वाला व्यक्ति सहमत होता है।प्रतिवादी नंबर 3 को खुदरा दुकान डीलरशिप के लिए नीलामी में संबंधित संपत्ति आवंटित की गई। याचिकाकर्ता ने उक्त प्रतिवादी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि उसने संपत्ति को पट्टे पर देते समय ब्रोशर जून, 2023 के खंड 4 (vi) (ए) के तहत निर्धारित अनिवार्य प्रावधान का उल्लंघन किया।भूमि की पेशकश...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 45 साल तक बिना किराया दिए संपत्ति पर कब्ज़ा करने वाले बेईमान किरायेदार पर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
पिछले हफ़्ते इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किरायेदार पर 45 साल से ज़्यादा समय तक संपत्ति पर कब्ज़ा करने और किराया न देने के लिए 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, जो मकान मालकिन को वापस चाहिए, जिससे वह अपने नए ग्रेजुएट बेटे के लिए फ़ैक्टरी शुरू कर सके।अपीलीय प्राधिकरण के आदेश के खिलाफ किरायेदार की याचिका खारिज करते हुए जस्टिस पंकज भाटिया ने कहा,“वर्तमान मामले में मकान मालकिन के बेटे को व्यवसाय स्थापित करने के लिए रिहाई की मांग की गई, जिसने वर्ष 1981 में ग्रेजुएशन की उपाधि प्राप्त की और वह बेरोजगार है तथा...
जस्टिस यशवंत वर्मा को शपथ दिलाने के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर, उनके तबादले के आदेश को रद्द करने की मांग
इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है, जिसमें हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को न्यायाधीश यशवंत वर्मा को पद की शपथ दिलाने से रोकने का निर्देश देने की मांग की गई है, जो वर्तमान में अपने आधिकारिक आवासीय परिसर में अवैध नकदी रखने के आरोपों पर इन-हाउस जांच का सामना कर रहे हैं। अधिवक्ता विकास चतुर्वेदी द्वारा दायर की गई जनहित याचिका में कहा गया है कि न्यायमूर्ति वर्मा का स्थानांतरण और प्रस्तावित शपथ संविधान का उल्लंघन है।याचिकाकर्ता ने तर्क दिया है कि यह स्पष्ट नहीं है कि "वह कौन...
स्वतंत्र इच्छा, 'अल्लाह' के एक होने और 'मुहम्मद' के उसका पैगम्बर होने का यकीन करने पर ही इस्लाम में परिवर्तित हुआ जा सकता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा इस्लाम में धर्म परिवर्तन तभी वैध माना जा सकता है, जब वह वयस्क हो, स्वस्थ दिमाग वाला हो और अपनी स्वतंत्र इच्छा से तथा "ईश्वर (अल्लाह) की एकता" और "मुहम्मद के पैगम्बर चरित्र" में अपने विश्वास और आस्था के कारण इस्लाम धर्म अपनाता हो।न्यायालय ने आगे कहा कि कोई भी धार्मिक परिवर्तन तभी वैध माना जाता है, जब मूल धर्म के सिद्धांतों के स्थान पर किसी नए धर्म के सिद्धांतों में "हृदय परिवर्तन" और "ईमानदारी से विश्वास" हो।जस्टिस मंजू रानी चौहान की पीठ ने कहा कि...
गैरकानूनी धर्म परिवर्तन गंभीर अपराध, न्यायालय पक्षकारों के बीच समझौते के आधार पर कार्यवाही रद्द नहीं कर सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि गैरकानूनी धर्म परिवर्तन गंभीर अपराध है और न्यायालय पक्षकारों के बीच समझौते के आधार पर कार्यवाही रद्द नहीं कर सकता।न्यायालय ने इस बात पर भी जोर दिया कि बलात्कार के अपराध के संबंध में कोई भी समझौता, जो किसी महिला के सम्मान के खिलाफ हो, जो उसके जीवन की जड़ को हिलाकर रख दे और उसके सर्वोच्च सम्मान को गंभीर आघात पहुंचाए, उसके सम्मान और गरिमा दोनों को ठेस पहुंचाए, न्यायालय को “स्वीकार्य नहीं” है।जस्टिस मंजू रानी चौहान की पीठ ने तौफीक अहमद द्वारा भारतीय दंड संहिता (IPC) की...
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद के लिए ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन अनिवार्य नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निर्णय दिया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर नियुक्ति के लिए यह अप्रासंगिक है कि उम्मीदवार ने स्नातक किया है या स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि मेरिट सूची न्यूनतम योग्यता यानी हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की योग्यता के आधार पर तैयार की जानी चाहिए, न कि स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री के आधार पर।याचिकाकर्ता ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर अपने चयन पर विचार करने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था, लेकिन उसका आवेदन इसलिए अस्वीकार कर दिया गया क्योंकि वह...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पैनल एडवोकेट से कथित अतिरिक्त फीस की एकतरफा वसूली के FCI के आदेश को रद्द किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) द्वारा एक पैनल में शामिल एडवोकेट से कथित रूप से अधिक भुगतान की गई फीस की वसूली के लिए जारी आदेशों को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने यह निर्णय प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के उल्लंघन के आधार पर दिया। अदालत ने कहा कि अधिकारियों ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर एक कलंककारी आदेश पारित किया, जिससे याचिकाकर्ता को उन सेवाओं के लिए मुआवजे से वंचित किया जा रहा था, जो उन्होंने प्रदान की थीं।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने कहा कि...
मृतक कर्मचारी के उत्तराधिकारियों को परिसीमा जैसे तकनीकी आधार पर मेडिकल बिलों की प्रतिपूर्ति से वंचित नहीं किया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
मेडिकल बिलों की प्रतिपूर्ति के मुद्दे पर विचार करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि जहां सेवा के आकस्मिक लाभों की पात्रता है, वहां कानून में देरी और सीमा के आधार पर उन्हें अस्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।याचिकाकर्ता विधवा ने अपने पति के चिकित्सा बिलों की प्रतिपूर्ति के लिए नियोक्ता से संपर्क किया। सीमा द्वारा वर्जित होने के कारण उसका दावा खारिज कर दिया गया। तदनुसार, उसने भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट से संपर्क किया और दलील दी कि वह विधवा है और अपने पति की मृत्यु से सदमे में है।...
प्रोबेशनर की सेवाएं समाप्त करना बर्खास्तगी या निष्कासन नहीं, जब तक कि यह चरित्र या ईमानदारी पर सवाल न उठाए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि प्रोबेशनर की सेवा समाप्ति का आदेश न तो बर्खास्तगी का आदेश है और न ही निष्कासन, जब तक कि उसके चरित्र या ईमानदारी के विरुद्ध कुछ न हो जो इसे दंड का आदेश बनाता है।जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी ने कहा,"यह अच्छी तरह से स्थापित है कि रोजगार के नियमों के तहत या संविदात्मक अधिकार के प्रयोग में किसी प्रोबेशनर की सेवाओं की समाप्ति न तो बर्खास्तगी है और न ही निष्कासन। हालांकि अगर आदेश कर्मचारी के चरित्र या ईमानदारी के विरुद्ध है तो यह दंड के रूप में एक आदेश होगा भले ही कर्मचारी केवल...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसिड अटैक सर्वाइवर पुरुष की सहायता के लिए राज्य अधिकारियों से ऐसे मामलों में उचित संवेदनशीलता दिखाने को कहा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में हापुड़ के जिला मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया कि वह एसिड अटैक सर्वाइवर पुरुष को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष के तहत चार सप्ताह के भीतर अनुग्रह राशि की प्रक्रिया पूरी कर जारी करें।जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की खंडपीठ ने एसिड अटैक सर्वाइवर से जुड़े मामलों में राज्य अधिकारियों द्वारा उचित संवेदनशीलता दिखाने की आवश्यकता पर बल दिया।खंडपीठ ने इस संबंध में केंद्र सरकार की एक योजना मौजूद होने के बावजूद सर्वाइवर के दावे की प्रक्रिया में...
राहुल गांधी की नागरिकता रद्द करने का अनुरोध विचाराधीन: केंद्र सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया
केंद्र सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया कि कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की नागरिकता रद्द करने की मांग करने वाले आवेदन पर अभी विचार किया जा रहा है।कर्नाटक से भाजपा सदस्य (एस. विग्नेश शिशिर) द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) पर जस्टिस अताउ रहमान मसूदी और जस्टिस अजय कुमार श्रीवास्तव-1 की पीठ के समक्ष यह दलील दी गई।याचिका में गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता की सीबीआई जांच की मांग की गई।सुनवाई के दौरान भारत के उप सॉलिसिटर जनरल सूर्यभान पांडे ने गांधी की नागरिकता पर निर्णय...

















