पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पालतू कुत्ते को श्रीकृष्ण का गेटअप देना अपराध नहीं, भक्ति की अभिव्यक्ति: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महिला के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करते हुए कहा कि जन्माष्टमी के अवसर पर अपने पालतू कुत्ते को भगवान श्रीकृष्ण की वेशभूषा पहनाकर उसकी तस्वीर व्हाट्सऐप पर साझा करना भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 298 के तहत अपराध नहीं है।हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में धार्मिक भावनाएं आहत करने की मंशा साबित नहीं होती और कानून के तहत अपराध के आवश्यक तत्व भी मौजूद नहीं हैं।जस्टिस सुभाष मेहला की एकलपीठ ने कहा कि किसी व्यक्ति की निजी आस्था और अनुभवों से प्रेरित अभिव्यक्ति को केवल इसलिए अपराध...

सीमा पार माल की कमी के लिए भारतीय रेलवे तभी जिम्मेदार जब नुकसान उसके नेटवर्क पर हुआ हो: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 34 वर्ष पुराने एक मामले में ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की अपील खारिज करते हुए कहा कि विदेश से भारत आने वाले रेल माल में कमी या नुकसान के लिए भारतीय रेलवे को तभी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जब यह साबित हो कि नुकसान भारतीय रेलवे के नेटवर्क पर हुआ था।जस्टिस पंकज जैन ने कहा,"जब किसी स्थान से जो भारत के बाहर है, रेल के माध्यम से सामान भारत लाया जाता है, तब रेलवे प्रशासन को केवल उसी स्थिति में जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जब माल का मालिक यह साबित करे कि सामान का...

पत्नी के कथित अवैध संबंध का पता चलने के तीन महीने बाद हुई आत्महत्या: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी के पिता को दी अग्रिम जमानत
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने के एक मामले में आरोपी के पिता को अग्रिम जमानत दी।अदालत ने कहा कि पत्नी के कथित अवैध संबंध की जानकारी मिलने और मृतक की आत्महत्या के बीच लगभग तीन महीने का अंतर था, जो किसी व्यक्ति के प्रारंभिक मानसिक आघात से उबरने के लिए पर्याप्त और उचित समय माना जा सकता है। जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा,"कथित अवैध संबंध का पता चलने और मृतक की मृत्यु के बीच लगभग तीन महीने का अंतर है जो इस प्रकार की जानकारी से लगे शुरुआती सदमे से उबरने के लिए पर्याप्त और उचित समय...

लिव-इन रिलेशनशिप में थे दोनों, संबंध बिगड़ने के बाद दर्ज हुई FIR; रेप के आरोपी म्यूजिक डायरेक्टर को नियमित जमानत: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रेप समेत अन्य गंभीर आरोपों का सामना कर रहे एक म्यूजिक डायरेक्टर को नियमित जमानत देते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि आरोपी और शिकायतकर्ता लिव-इन रिलेशनशिप में थे तथा दोनों की सगाई भी हो चुकी थी। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि रेप और अन्य आरोप उस अवधि से संबंधित हैं, जो FIR दर्ज होने से काफी पहले की है और ऐसा प्रतीत होता है कि संबंध खराब होने के बाद मामला दर्ज कराया गया।जस्टिस विक्रम अग्रवाल की पीठ ने कहा कि दोनों पक्ष बालिग हैं और 6 अगस्त 2025 को उनकी...

फुटपाथ पर चलना मौलिक अधिकार, अतिक्रमण की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करें: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने लुधियाना नगर निगम को शहर के फुटपाथों पर अतिक्रमण की शिकायतों की तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।अदालत ने कहा कि सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्धारित फुटपाथों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं होने देना नगर निगम का दायित्व है। एक्टिंग चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने यह आदेश जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया।यह जनहित याचिका स्थानीय समाचार पत्र अर्जन पत्रिका के संपादक जसबीर सिंह ने दायर की थी। याचिका में...

'आम तौर पर 32 साल का व्यक्ति वसीयत नहीं बनाता': पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने संदिग्ध हालात में 4 साल के बच्चे के नाम प्रॉपर्टी करने वाली वसीयत खारिज की
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रतिवादी (डिफेंडेंट) की रेगुलर दूसरी अपील खारिज की। प्रतिवादी ने दो अदालतों के उन फैसलों को चुनौती दी थी, जिनमें एक वसीयत को जाली करार दिया गया था और डिक्लेरेशन, कब्ज़े और स्थायी रोक (परमानेंट इंजंक्शन) के मुकदमे को वादी के पक्ष में सुनाया गया था। इन फैसलों में 32 साल के व्यक्ति द्वारा वसीयत बनाने पर संदेह जताया गया था। [2026 LiveLaw (PH) 211]जस्टिस विक्रम अग्रवाल ने कहा,"वसीयत बनाते समय गुरसेवक सिंह की उम्र लगभग 32 साल थी। यह अपने आप में एक संदिग्ध बात है, क्योंकि...

कथित उत्पीड़न के कारण दिया गया इस्तीफ़ा 'स्वेच्छा से' नहीं था: हाईकोर्ट ने IIT रोपड़ की PhD स्कॉलर को पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (IIT), रोपड़ को निर्देश दिया कि वह एक PhD स्कॉलर को अपनी पढ़ाई फिर से शुरू करने की अनुमति दे। कोर्ट ने माना कि उसका इस्तीफ़ा स्वेच्छा से नहीं दिया गया, बल्कि फैकल्टी सदस्यों द्वारा कथित उत्पीड़न के कारण पैदा हुए मजबूर करने वाले हालात में दिया गया। [2026 LiveLaw (PH) 211]जस्टिस कुलदीप तिवारी ने कहा,"इस कोर्ट को यह घोषित करने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि इस्तीफ़ा स्वेच्छा से नहीं दिया गया, बल्कि जैसा कि ऊपर बताया गया, यह मजबूर करने...

सरकार नागरिकों की जमीन पर अवैध कब्जा कर मालिकाना हक का दावा नहीं कर सकती: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट, मुआवजा देने का आदेश
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि कल्याणकारी राज्य होने के नाते सरकार नागरिकों की निजी जमीन पर प्रतिकूल कब्जे का सिद्धांत लागू कर मालिकाना हक का दावा नहीं कर सकती। अदालत ने हरियाणा सरकार को बिना भूमि अधिग्रहण के सिंचाई नहर के लिए इस्तेमाल की गई निजी जमीन का उचित मुआवजा तीन महीने के भीतर देने का निर्देश दिया।जस्टिस रमेश कुमारी ने कहा कि राज्य का दायित्व अपने नागरिकों के जीवन, स्वतंत्रता और संपत्ति की रक्षा करना है। सरकार को नागरिकों की जमीन पर अवैध कब्जा कर उसे अपनी...

प्रतिकूल कब्जे (Adverse Possession) के आधार पर निजी जमीन पर मालिकाना हक का दावा नहीं कर सकता राज्य: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि एक कल्याणकारी राज्य (Welfare State) होने के नाते सरकार निजी भूमि पर प्रतिकूल कब्जे (Adverse Possession) का दावा कर मालिकाना हक हासिल नहीं कर सकती। अदालत ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिया कि सिंचाई नहर (डिस्ट्रिब्यूटरी) के लिए इस्तेमाल की गई निजी जमीन का उचित मुआवजा तीन महीने के भीतर भूमि मालिकों को दिया जाए।2026 LiveLaw (PH) 209 में जस्टिस रमेश कुमारी ने कहा कि राज्य का दायित्व नागरिकों के जीवन, स्वतंत्रता और संपत्ति की रक्षा करना है। सरकार नागरिकों की जमीन पर...

शौर्य चक्र सम्मानित बलविंदर सिंह संधू हत्याकांड: NIA मामले में आरोपी को जमानत देने से हाईकोर्ट का इनकार
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने शौर्य चक्र सम्मानित कॉमरेड बलविंदर सिंह संधू की हत्या से जुड़े NIA मामले में आरोपी गुरविंदर सिंह उर्फ बाबा की नियमित जमानत याचिका खारिज की।अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री प्रथम दृष्टया आरोपी की आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता की ओर संकेत करती है। जस्टिस अर्चना पुरी और जस्टिस रमेश कुमारी की खंडपीठ ने कहा कि उपलब्ध सामग्री से यह प्रतीत होता है कि आरोपी का झुकाव आतंकवाद की ओर था।अदालत ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 43-डी(5) के कड़े...

Haryana Civil Services: हाईकोर्ट ने शुरुआती परीक्षा के नतीजों में दखल देने से इनकार किया, फाइनल आंसर की को सही ठहराया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सिविल सर्विसेज (HCS) (एग्जीक्यूटिव ब्रांच) और उससे जुड़ी सेवाओं की शुरुआती परीक्षा के नतीजों को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं को खारिज किया। कोर्ट ने दोहराया कि विषय के जानकारों द्वारा तय की गई आंसर की में दखल देने के मामले में अदालतों को संयम बरतना चाहिए। [2026 LiveLaw (PH) 208]जस्टिस जगमोहन बंसल ने कहा,"इस मामले में संबंधित आयोग ने ईमानदारी और पारदर्शिता से काम किया। आयोग ने उम्मीदवारों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को सुलझाने की कोशिश की। अगर याचिकाकर्ताओं की...

फर्जी जमानत आदेश बनाकर ₹10 लाख से अधिक की ठगी का मामला: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने वकील को अग्रिम जमानत देने से किया इनकार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फर्जी जमानत आदेश तैयार कर शिकायतकर्ताओं से 10 लाख रुपये से अधिक की कथित ठगी करने के आरोपी एक वकील की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की।अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि केवल वकील होना अग्रिम जमानत दिए जाने का आधार नहीं हो सकता। जस्टिस दीपक गुप्ता ने कहा,"सिर्फ इसलिए कि याचिकाकर्ता एक प्रैक्टिस करने वाले वकील है, उसे अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती। किसी व्यक्ति का पेशा उसे कानून से ऊपर नहीं रखता और न ही अग्रिम जमानत पर विचार के लिए अलग मानक तय करता है।" अदालत ने कहा कि अग्रिम...

हरियाणा में नेशनल हेल्थ मिशन के कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी मिलेगा 7वें वेतन आयोग का फ़ायदा: हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि नेशनल हेल्थ मिशन (NHM), हरियाणा के तहत कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारी 7वें वेतन आयोग के फ़ायदों के हकदार हैं। कोर्ट ने माना कि एक बार जब राज्य ने सोच-समझकर एक व्यवस्थित वेतन ढांचा अपनाया और पहले के वेतन आयोगों के फ़ायदे दिए तो वह मनमाने ढंग से समानता से इनकार नहीं कर सकता। [2026 LiveLaw (PH) 206]।जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा,"राज्य से एक आदर्श नियोक्ता (model employer) के तौर पर, निष्पक्षता, पारदर्शिता और एकरूपता के साथ काम करने की उम्मीद की जाती है।...

पैसेंजर ट्रेन में बम धमाका रेलवे एक्ट के तहत 'हादसा', रेलवे मुआवज़ा देने के लिए ज़िम्मेदाक: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पैसेंजर ट्रेन में बम धमाके के पीड़ितों को मुआवज़ा देने के लिए भारत सरकार (यूनियन ऑफ़ इंडिया) की ज़िम्मेदारी बरकरार रखी। कोर्ट ने कहा कि ऐसी घटना रेलवे एक्ट, 1989 की धारा 124 के तहत "हादसे" की परिभाषा में आती है। [2026 LiveLaw (PH) 204]जस्टिस पंकज जैन ने कहा,"एक बार यह तय हो जाने के बाद कि ट्रेन में आग या धमाका 'हादसे' की परिभाषा में आता है तो भारत सरकार ट्रेन/रेलवे स्टेशन पर बम धमाके से हुई मौत के लिए मुआवज़ा देने की अपनी ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकती।" कोर्ट ने भारत...

भूमि अधिग्रहण मुआवजा तय करने में अदालतें धारा 26 के मानकों से बंधी नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण मामलों में मुआवजा बढ़ाने से संबंधित संदर्भ याचिकाओं पर निर्णय करते समय अदालतें या प्राधिकरण, उचित मुआवजा एवं पारदर्शिता अधिकार, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 26 में निर्धारित बाजार मूल्य के मानकों से बाध्य नहीं हैं।जस्टिस हरकेश मनुजा ने स्पष्ट किया कि धारा 26 में दिए गए मानक केवल कलेक्टर के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत हैं। ये अदालतों या प्राधिकरणों की स्वतंत्र न्यायिक शक्ति को सीमित नहीं कर...

कॉपीराइट शिकायत पर गीत हटाना वैध, फेसबुक की कार्रवाई बरकरार: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फेसबुक पेज से सामग्री हटाए जाने को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि कॉपीराइट धारक की शिकायत मिलने के बाद मंच ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के अनुसार कार्रवाई की थी। इसलिए गीत हटाने में कोई अवैधता नहीं है।जस्टिस जगमोहन बंसल ने कहा कि रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि याचिकाकर्ता को यह जानकारी दे दी गई कि उसके पेज से एक गीत इसलिए हटाया गया, क्योंकि उसे कॉपीराइट स्वामी की अनुमति के बिना अपलोड किया गया।...

कानूनी वारिस, मृतक ट्रस्टी द्वारा 'रिप्रेजेंटेटिव कैपेसिटी' में दायर मुकदमे को आगे नहीं बढ़ा सकते; यह अधिकार जीवित ट्रस्टी के पास होता है: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि मृतक ट्रस्टी के कानूनी वारिसों को उस मुकदमे को आगे बढ़ाने के लिए पक्षकार नहीं बनाया जा सकता, जिसे ट्रस्टी ने 'रिप्रेजेंटेटिव कैपेसिटी' (प्रतिनिधि के तौर पर) में दायर किया। कोर्ट ने दोहराया कि ऐसे मुकदमे को आगे बढ़ाने का अधिकार केवल जीवित या विधिवत नियुक्त ट्रस्टियों के पास होता है। [2026 LiveLaw (PH) 200]।जस्टिस विकास बहल ने रिवीजन याचिका खारिज की, जिसमें ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई, जिसमें मृतक वादी के कानूनी वारिस को प्रतिस्थापित (substitution)...

जजों पर प्रभाव का दावा करके पैसे ऐंठने से न्याय व्यवस्था में जनता का भरोसा कम होता है: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने ज़मानत देने से इनकार किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को रेगुलर ज़मानत देने से इनकार किया। उस पर एक धोखाधड़ी की योजना में शामिल होने का आरोप है, जिसमें हाईकोर्ट के जजों पर प्रभाव डालकर कोर्ट से अपने पक्ष में आदेश दिलाने के झूठे बहाने से एक मुक़दमेबाज़ से बड़ी रकम ऐंठी गई थी।जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज ने कहा,"यह कोर्ट याचिकाकर्ता पर लगे उन खास आरोपों को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता, जिनमें कहा गया कि वह पैसे इकट्ठा करने में सक्रिय रूप से शामिल है और शिकायतकर्ता को बार-बार भरोसा दिलाता है कि सह-आरोपियों द्वारा...

क्या लिव-इन कपल्स कानूनी शर्तें पूरी किए बिना पुलिस सुरक्षा मांग सकते हैं?: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का जवाब
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक कपल की याचिका खारिज की। इस कपल ने अपने लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर रिश्तेदारों द्वारा कथित तौर पर परेशान किए जाने से सुरक्षा की मांग की। कोर्ट ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप के लिए कानूनी रूप से मान्य शर्तों को पूरा किए बिना ऐसी सुरक्षा नहीं दी जा सकती। [2026 LiveLaw (PH) 196]जस्टिस संदीप मौदगिल ने गौर किया कि याचिकाकर्ता लिव-इन रिलेशनशिप में साथ रह रहे थे, लेकिन याचिकाकर्ता नंबर 2 (लड़का) की उम्र अभी शादी के लायक नहीं हुई। वह बाद में याचिकाकर्ता नंबर 1 (लड़की) से शादी...

पंजाब सरकार ने पत्रकार रत्तनदीप ढालीवाल की याचिका का किया विरोध, हाईकोर्ट में कहा- समय से पहले दायर की गई याचिका
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में पत्रकार और यूट्यूबर रत्तनदीप सिंह ढालीवाल द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने उसका विरोध करते हुए कहा कि यह याचिका समय से पहले दायर की गई और सुनवाई योग्य नहीं है।मामले की सुनवाई जस्टिस राजेश भारद्वाज की पीठ के समक्ष हुई। सुनवाई के दौरान पंजाब के एडवोकेट जरनल मनींदरजीत सिंह बेदी ने अदालत को बताया कि पिछली सुनवाई में याचिकाकर्ता को अपने दावों के समर्थन में शपथपत्र दाखिल करने के लिए कहा गया।हालांकि, याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि शपथपत्र दाखिल किया...
