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कोविड के दौर में भी पराली जल रही थी, फिर भी आसमान नीला था; दिल्ली प्रदूषण के लिए सिर्फ किसानों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
कोविड के दौर में भी पराली जल रही थी, फिर भी आसमान नीला था; दिल्ली प्रदूषण के लिए सिर्फ किसानों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में लगातार बनी रहने वाली वायु प्रदूषण की समस्या के लिए किसानों को अलग से दोषी ठहराने की प्रवृत्ति पर सवाल उठाया। अदालत ने कहा कि स्टबल बर्निंग (पराली जलाना) कोविड लॉकडाउन के दौरान भी हो रही थी, जब दिल्ली की हवा अप्रत्याशित रूप से साफ थी और लोग नीला आसमान देख पा रहे थे।चीफ जस्टिस सुर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ एम.सी. मेहता मामले की सुनवाई कर रही थी, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की वायु गुणवत्ता से संबंधित है। अदालत ने कहा कि पराली जलाने के...

यूपी में SIR के खिलाफ सपा नेता अरविंद कुमार सिंह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, समय-सीमा में 3 महीने की बढ़ोतरी की मांग
यूपी में SIR के खिलाफ सपा नेता अरविंद कुमार सिंह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, समय-सीमा में 3 महीने की बढ़ोतरी की मांग

सपा नेता अरविंद कुमार सिंह ने यूपी में मतदाता सूची की स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।वे चुनाव आयोग की 27 अक्टूबर की अधिसूचना और उससे जुड़े सभी आदेशों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने गणना (Enumeration), कंट्रोल टेबल अपडेट, ड्राफ्ट रोल और फाइनल पब्लिकेशन के लिए निर्धारित समय-सीमा को 3 महीने बढ़ाने की प्रार्थना की है।यह गौर करने योग्य है कि सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ देशभर में चल रहे SIR मामलों पर सुनवाई कर रही है। इससे...

पश्चिम बंगाल में 99% मतदाताओं को मिले SIR फॉर्म; बड़े पैमाने पर मतदाता वंचित करने के दावे बेबुनियाद: चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से कहा
पश्चिम बंगाल में 99% मतदाताओं को मिले SIR फॉर्म; बड़े पैमाने पर मतदाता वंचित करने के दावे बेबुनियाद: चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से कहा

भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि पश्चिम बंगाल में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के कारण बड़े पैमाने पर मतदाता वंचित होने के आरोप “काफी बढ़ा-चढ़ाकर पेश” किए गए हैं और इन्हें “राजनीतिक हितों” के लिए हवा दी जा रही है।सांसद डोला सेन की उस जनहित याचिका के जवाब में दायर शपथपत्र में—जिसमें 24 जून और 27 अक्टूबर 2025 को जारी SIR आदेशों की वैधता को चुनौती दी गई है—आयोग ने कहा कि यह प्रक्रिया संवैधानिक रूप से अनिवार्य, स्थापित और नियमित रूप से की जाने वाली प्रक्रिया...

हाईकोर्ट का धुरंधर फिल्म की रिलीज़ पर रोक लगाने से इनकार, CBFC को दिया यह निर्देश
हाईकोर्ट का 'धुरंधर' फिल्म की रिलीज़ पर रोक लगाने से इनकार, CBFC को दिया यह निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को अशोक चक्र विजेता दिवंगत मेजर मोहित शर्मा के माता-पिता की उस याचिका को बंद किया, जिसमें फिल्म "धुरंधर" की रिलीज़ पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई थी।रणवीर सिंह स्टारर यह फिल्म जिसे आदित्य धर ने डायरेक्ट किया, 05 दिसंबर को रिलीज़ होने वाली है।जस्टिस सचिन दत्ता ने बोर्ड को निर्देश दिया कि फिल्म सर्टिफिकेशन पर फैसला लेने से पहले माता-पिता द्वारा अपनी याचिका में उठाए गए मुद्दों पर विचार और जांच करें।माता-पिता की ओर से पेश वकील ने कहा कि यह मामूली समानता का मामला नहीं है...

पश्चिम बंगाल की SIR प्रक्रिया में मताधिकार छिनने के डर से जूझ रहे CAA-संरक्षित शरणार्थियों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई
पश्चिम बंगाल की SIR प्रक्रिया में मताधिकार छिनने के डर से जूझ रहे CAA-संरक्षित शरणार्थियों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उन बांग्लादेशी शरणार्थियों की याचिका पर नोटिस जारी किया है जिन्हें 2019 के नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत नागरिकता प्रमाणपत्र जारी होने में हो रही देरी के कारण मताधिकार से वंचित होने का डर है।चीफ़ जस्टिस सुर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ NGO 'आत्मदीप' द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर सुनवाई कर रही थी। यह याचिका कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देती है जिसमें हिंदू, बौद्ध, ईसाई और जैन शरणार्थियों की सुरक्षा से जुड़ी PIL को यह कहते हुए खारिज...

वैश्विक टर्नओवर पर जुर्माने के नियम को लेकर एप्पल की याचिका, दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
वैश्विक टर्नओवर पर जुर्माने के नियम को लेकर एप्पल की याचिका, दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को एप्पल की उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें कंपनी ने प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 में किए गए संशोधन को चुनौती दी। इस संशोधन के तहत भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) को कंपनियों के खिलाफ उनके वैश्विक टर्नओवर के आधार पर जुर्माना लगाने का अधिकार दिया गया।संशोधित प्रावधान के अनुसार यदि कोई कंपनी प्रभुत्व के दुरुपयोग या प्रतिस्पर्धा-विरोधी गतिविधियों की दोषी पाई जाती है तो उस पर पिछले तीन वित्तीय वर्षों के औसत टर्नओवर का अधिकतम 10 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है।चीफ...

हाईवे पर शराब की दुकानों पर हाईकोर्ट का सख्त रुख, राजस्थान सरकार से दो महीने में हटाने या स्थानांतरित करने का आदेश
हाईवे पर शराब की दुकानों पर हाईकोर्ट का सख्त रुख, राजस्थान सरकार से दो महीने में हटाने या स्थानांतरित करने का आदेश

राजस्थान हाईकोर्ट ने राजमार्गों पर शराब दुकानों के संचालन को लेकर राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए बड़ा आदेश दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से 500 मीटर की प्रतिबंधित सीमा के भीतर स्थित सभी शराब की दुकानों को, चाहे वे नगर निकाय क्षेत्र, स्थानीय स्वशासन संस्थाओं या विकास प्राधिकरणों की सीमा में ही क्यों न आती हों, दो माह के भीतर हटाया या स्थानांतरित किया जाए।चीफ जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी एवं जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने कहा कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट...

मुकदमा दायर होने से पहले बेची गई संपत्ति पर कुर्की नहीं लगाई जा सकती : सुप्रीम कोर्ट
मुकदमा दायर होने से पहले बेची गई संपत्ति पर कुर्की नहीं लगाई जा सकती : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी संपत्ति का रजिस्टर्ड सेल डीड के माध्यम से मुकदमा दायर होने से पहले ही हस्तांतरण हो चुका है तो उस संपत्ति को सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के आदेश 38 नियम 5 के तहत निर्णय से पहले कुर्क नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि इस प्रावधान के तहत कुर्की केवल उसी संपत्ति पर लगाई जा सकती है, जो मुकदमा दायर होने की तारीख पर प्रतिवादी की स्वामित्व वाली हो।जस्टिस बी. वी. नागरत्ना एवं जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने केरल हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट के फैसलों को पलटते हुए यह...

महाराष्ट्र लोकल बॉडी चुनाव में और देरी नहीं हो सकती: सुप्रीम कोर्ट ने डीलिमिटेशन प्रोसेस को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
महाराष्ट्र लोकल बॉडी चुनाव में और देरी नहीं हो सकती: सुप्रीम कोर्ट ने डीलिमिटेशन प्रोसेस को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र में लोकल बॉडी के लिए डीलिमिटेशन प्रोसेस की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की। कोर्ट ने कहा कि इससे राज्य में चुनावों में और रुकावट नहीं आनी चाहिए, जो 2022 से रुके हुए हैं।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने निखिल के कोलेकर की याचिका खारिज की, जिन्होंने फाइनल डीलिमिटेशन प्रस्तावों को मंजूरी देने के लिए राज्य चुनाव आयोग द्वारा डिविजनल कमिश्नरों को अधिकार सौंपने को चुनौती दी थी।याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए सीनियर...

BREAKING: वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन पर समय-वृद्धि से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, ट्रिब्यूनल जाने की छूट
BREAKING: वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन पर समय-वृद्धि से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, ट्रिब्यूनल जाने की छूट

सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संपत्तियों का विवरण सरकारी डिजिटल पोर्टल पर अपलोड करने के लिए समय-सीमा बढ़ाने से सोमवार को इनकार किया। अदालत ने कहा कि क़ानून के प्रावधानों के तहत वक्फ ट्रिब्यूनल को उचित मामलों में समय बढ़ाने का अधिकार दिया गया और आवेदक व्यक्तिगत रूप से ट्रिब्यूनल के समक्ष आवेदन कर सकते हैं।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने सभी अर्ज़ियों का निस्तारण करते हुए आवेदकों को तय समय-सीमा समाप्त होने से पहले संबंधित ट्रिब्यूनल से संपर्क करने की स्वतंत्रता प्रदान...

क्लास X के स्टूडेंट की बकाया फीस जमा करने के लिए आगे आया वकील, हाईकोर्ट ने स्कूल से एडमिशन बहाल करने को कहा
क्लास X के स्टूडेंट की बकाया फीस जमा करने के लिए आगे आया वकील, हाईकोर्ट ने स्कूल से एडमिशन बहाल करने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने देश की राजधानी के प्राइवेट स्कूल से क्लास X के स्टूडेंट का एडमिशन बहाल करने को कहा, जिसका नाम फीस न देने की वजह से काट दिया गया था। एक वकील ने बकाया फीस चुकाने के लिए 2.5 लाख रुपये देने की पेशकश की थी।जस्टिस विकास महाजन ने वकील आर.के. कपूर के इस कदम की सराहना की, जिन्होंने स्टूडेंट की मदद की और यह सुनिश्चित किया कि उसके परिवार की आर्थिक परेशानियां उसकी पढ़ाई में रुकावट न बनें।यह याचिका नाबालिग स्टूडेंट अर्णव राज ने दायर की थी। एक एप्लीकेशन दायर कर पहले के एक निर्देश में बदलाव...

आसाराम की सजा निलंबन अवधि में पुलिस सुरक्षा शर्त में संशोधन करेगा गुजरात हाईकोर्ट
आसाराम की सजा निलंबन अवधि में पुलिस सुरक्षा शर्त में संशोधन करेगा गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने सोमवार को संकेत दिया कि वह आसाराम की छह महीने की सजा निलंबन अवधि के दौरान उनके आसपास तीन पुलिसकर्मियों की तैनाती संबंधी शर्त में संशोधन करेगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि पुलिस सुरक्षा से जुड़ी शर्त में बदलाव किया जाएगा जबकि बाकी सभी शर्तें यथावत प्रभावी रहेंगी।गौरतलब है कि छह नवंबर को हाईकोर्ट ने मेडिकल आधार पर आसाराम की सजा को छह महीने के लिए निलंबित करते हुए उन्हें अंतरिम जमानत पर रिहा किया था। यह सजा वर्ष 2013 के बलात्कार मामले में गांधीनगर की सेशन कोर्ट द्वारा सुनाई गई आजीवन...

Anchoring The Intangible: प्रोपर्टी और ट्रस्ट के रूप में क्रिप्टोकरेंसी पर मद्रास हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
Anchoring The Intangible: प्रोपर्टी और ट्रस्ट के रूप में क्रिप्टोकरेंसी पर मद्रास हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

रुतिकुमारी बनाम ज़ानमाई लैब्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य में मद्रास हाईकोर्ट द्वारा दिया गया निर्णय वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्तियों के संबंध में कानूनी स्पष्टता की दिशा में भारत की यात्रा में एक निर्णायक कदम है। इस विवाद में ज़ानमाई लैब्स द्वारा संचालित वजीरएक्स क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज प्लेटफॉर्म में एक निवेशक रुतिकुमारी शामिल था, जिसके पोर्टफोलियो खाते में लगभग 9,55,148.20 रुपये थेयह विवाद जुलाई 2024 में एक विनाशकारी साइबर हमले के मद्देनजर सामने आया, जिसके कारण वजीरएक्स के ठंडे बटुए में से एक का...

ब्रेकिंग प्लेटफॉर्म लॉक-इन: भारत को मैसेजिंग पारस्परिकता की आवश्यकता क्यों है? एक कानूनी विश्लेषण
ब्रेकिंग प्लेटफॉर्म लॉक-इन: भारत को मैसेजिंग पारस्परिकता की आवश्यकता क्यों है? एक कानूनी विश्लेषण

हाल ही में, मेटा ने घोषणा की कि यूरोप के डिजिटल बाजार अधिनियम के जनादेश के तहत, उसने समान निजता गारंटी बनाए रखने के लिए वॉट्सऐप के भीतर तृतीय-पक्ष पारस्परिकता सुविधाओं का निर्माण किया है। इस पृष्ठभूमि में, मुख्य रूप से अराताई, हाइक मैसेंजर और वॉट्सऐप के उदाहरणों का उपयोग करके, यह प्लेटफॉर्म पारस्परिकता पर भारत के रुख की खोज करने के लायक है और क्या स्थापित खिलाड़ियों पर एक प्लेटफॉर्म पारस्परिकता कानून उनके बाजार नियंत्रण और प्रभुत्व को प्रभावित करता है, जिससे सभी हितधारकों के लिए निष्पक्ष...

1,200 मासिक मानदेय भ्रमात्मक: पुलिस थानों में कार्यरत अंशकालिक सफाइकर्मी भी न्यूनतम मजदूरी के हकदार : इलाहाबाद हाईकोर्ट
1,200 मासिक मानदेय भ्रमात्मक: पुलिस थानों में कार्यरत अंशकालिक सफाइकर्मी भी न्यूनतम मजदूरी के हकदार : इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया कि पुलिस थानों में काम करने वाले अंशकालिक सफाईकर्मियों को भी न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 के तहत तय वेतन पाने का अधिकार है भले ही उनकी नियुक्ति अस्थायी या पार्ट-टाइम आधार पर ही क्यों न हो। अदालत ने कहा कि वर्ष 2019 के सरकारी आदेश से तय किया गया 1,200 प्रतिमाह का मानदेय भ्रमात्मक है और यह वैधानिक अधिकारों को खत्म नहीं कर सकता।जस्टिस जे.जे. मुनिर की पीठ ने ललितपुर जिले के मदनपुर और बर्रार नरहट पुलिस थानों में कार्यरत दो सफाईकर्मियों की याचिका...

आर्म्स रूल्स 2016 के तहत रूल 32 के उल्लंघन को साबित किए बिना गन लाइसेंस कैंसिल नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
आर्म्स रूल्स 2016 के तहत रूल 32 के उल्लंघन को साबित किए बिना गन लाइसेंस कैंसिल नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि आर्म्स रूल्स 2016 के रूल 32 के अनुसार फायरआर्म लाइसेंस कैंसिल करने से पहले यह ज़रूरी है कि फैसला करने वाला अथॉरिटी यह तय करे कि संबंधित नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।जस्टिस कुणाल रवि सिंह ने कहा,"रूल 32 को पढ़ने से यह साफ है कि रूल 32 के तहत लाइसेंस कैंसिल करने से पहले अथॉरिटी को यह राय बनानी होगी कि क्या कोई लाइसेंसी फायरआर्म सही प्रोटेक्टिव गियर में नहीं ले जाया गया या उसे लहराया गया, चलाया गया या किसी पब्लिक जगह या फायरआर्म फ्री ज़ोन में खाली फायरिंग की गई। ऐसे...