IFS Cadre Allocation | होम स्टेट को इनसाइडर कैडर क्लेम करने के लिए पहली पसंद बताना ज़रूरी: दिल्ली हाईकोर्ट

Shahadat

14 Jan 2026 9:51 AM IST

  • IFS Cadre Allocation | होम स्टेट को इनसाइडर कैडर क्लेम करने के लिए पहली पसंद बताना ज़रूरी: दिल्ली हाईकोर्ट

    दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि ऑल इंडिया सर्विसेज़ कैडर एलोकेशन पॉलिसी के तहत अपने होम स्टेट कैडर में एलोकेशन चाहने वाले अधिकारी को अपने होम स्टेट को पहली पसंद के तौर पर बताना ज़रूरी है। सिर्फ़ होम स्टेट में सेवा करने की इच्छा ज़ाहिर करने या उसे निचली पसंद के तौर पर लिस्ट करने से कोई लागू करने योग्य अधिकार नहीं बनता।

    जस्टिस नवीन चावला और मधु जैन की डिवीज़न बेंच ने कहा,

    “हमारे विचार से प्रतिवादी को उसके होम कैडर, यानी राजस्थान राज्य में इनसाइडर वैकेंसी के लिए सही ही नहीं माना गया, क्योंकि उसने इसे अपने कैडर एलोकेशन में छठी पसंद के तौर पर चुना था…”

    कोर्ट ने इस तरह सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) का आदेश रद्द कर दिया, जिसमें केंद्र को एक सुपरन्यूमरेरी पोस्ट बनाकर इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) अधिकारी को राजस्थान कैडर आवंटित करने का निर्देश दिया गया।

    यह मामला एक अधिकारी के कैडर एलोकेशन से जुड़ा था, जिसने IFS परीक्षा 2009 के लिए आवेदन पत्र भरते समय अपने होम स्टेट राजस्थान में काम करने की इच्छा ज़ाहिर की थी, लेकिन अपनी अंतिम कैडर पसंद सूची में, राजस्थान को छठी पसंद पर रखा और हिमाचल प्रदेश को पहली पसंद पर।

    उसकी मेरिट पोजीशन और कैडर एलोकेशन पॉलिसी के लागू होने के कारण उसे आखिरकार नागालैंड कैडर आवंटित किया गया।

    CAT ने कहा कि चूंकि राजस्थान अधिकारी का होम स्टेट था और इनसाइडर वैकेंसी मौजूद थी, इसलिए उसे वहां एलोकेशन के लिए विचार किया जाना चाहिए था, भले ही यह उसकी छठी पसंद थी।

    इस आदेश के खिलाफ केंद्र की अपील में हाईकोर्ट ने कैडर एलोकेशन पॉलिसी, 2008 के क्लॉज़ 5 से 8 का विस्तृत विश्लेषण किया। साथ ही कहा कि पॉलिसी की योजना में साफ़ तौर पर उन उम्मीदवारों को जो अपने होम कैडर में इनसाइडर के तौर पर एलोकेशन का दावा करना चाहते हैं, उन्हें इसे पहली पसंद देने की ज़रूरत है।

    कोर्ट ने समझाया,

    “मान लीजिए, एक कैंडिडेट ने, जैसा कि इस मामले में रेस्पोंडेंट ने किया, अपने होम स्टेट को पहली पसंद के बजाय छठी पसंद के तौर पर चुना। कैंडिडेट मेरिट के आधार पर एक बाहरी कैंडिडेट के तौर पर दी गई पहली पाँच पसंदों में से किसी एक का हकदार था। अगर होम स्टेट की पसंद को प्राथमिकता दी जाती है तो ऐसे कैंडिडेट को ज़रूरी तौर पर होम कैडर दिया जाएगा, भले ही यह उसकी पसंद न हो, पहली पाँच पसंदों के अलावा। इससे ऐसे कैंडिडेट को उसकी मेरिट और पसंद के अनुसार कैडर अलॉट करने के अधिकार से वंचित कर दिया जाएगा। कैडर अलॉटमेंट पॉलिसी में इसका प्रावधान नहीं है।”

    कोर्ट ने C.M. Thri Vikrama Varma बनाम Avinash Mohanty & Ors. (2011) मामले पर भी भरोसा किया, जहां सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऑल इंडिया सर्विस में नियुक्त किसी सदस्य को किसी खास राज्य कैडर में अलॉट किए जाने का कोई अधिकार नहीं है, बल्कि उसे भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 16(1) के तहत अलॉटमेंट के मामले में निष्पक्ष और समान व्यवहार का अधिकार है।

    इस तरह कोर्ट ने पाया कि CAT ने रेस्पोंडेंट-अधिकारी को राजस्थान कैडर अलॉट करने का निर्देश देकर गलती की और उसका आदेश रद्द कर दिया।

    Case title: Union Of India v. Shri Raj Priy Singh

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