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हत्या मामले में मुख्य आरोपी को भगाने में मदद करना साफ तौर पर मिलीभगत दिखाता है: हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत से इनकार किया
हत्या मामले में मुख्य आरोपी को भगाने में मदद करना साफ तौर पर मिलीभगत दिखाता है: हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत से इनकार किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक आरोपी द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका खारिज की, जिस पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन कौर भाभी की हत्या के मुख्य संदिग्ध को भागने में मदद करने का आरोप है। कोर्ट ने कहा कि ऐसा व्यवहार साफ तौर पर मिलीभगत दिखाता है और याचिकाकर्ता को गिरफ्तारी से पहले के चरण में विवेकाधीन राहत का हकदार नहीं बनाता।जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा,"याचिकाकर्ता ने कथित तौर पर मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह को घटना के तुरंत बाद जांच एजेंसी के अधिकार क्षेत्र से भागने में मदद की, जो साफ तौर पर उसकी...

धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी के बेटे को राहत, हाईकोर्ट ने फर्म के अकाउंट को फ्रॉड घोषित करने का फैसला किया रद्द
धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी के बेटे को राहत, हाईकोर्ट ने फर्म के अकाउंट को फ्रॉड घोषित करने का फैसला किया रद्द

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कथित तौर पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का फैसला रद्द कर दिया, जिसमें अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अंबानी की फर्म के बैंक अकाउंट को फ्रॉड घोषित किया गया था।मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने कहा कि जय अनमोल अंबानी को कोई शो कॉज नोटिस नहीं भेजा गया, जो एक ऐसे पते पर भेजा गया, जिसे कंपनी ने 2020 में खाली कर दिया था।जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि फ्रॉड घोषित करने से पहले याचिकाकर्ता को कभी कोई शो कॉज नोटिस नहीं दिया गया और इस घोषणा को रद्द कर दिया।रिपोर्ट में कहा गया कि कोर्ट...

S. 482 CrPC | हाईकोर्ट कर्ज या देनदारी की प्री-ट्रायल जांच करके चेक बाउंस मामलों को रद्द नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
S. 482 CrPC | हाईकोर्ट कर्ज या देनदारी की प्री-ट्रायल जांच करके चेक बाउंस मामलों को रद्द नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (19 दिसंबर) को कहा कि हाईकोर्ट के लिए विवादित तथ्यों की प्री-ट्रायल जांच करके चेक डिसऑनर की कार्यवाही रद्द करना गलत है, खासकर जब नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 (NI Act) की धारा 139 के तहत एक कानूनी अनुमान शिकायतकर्ता के पक्ष में काम करता हो।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने पटना हाईकोर्ट का फैसला रद्द करते हुए यह बात कही, जिसमें हाईकोर्ट ने CrPC की धारा 482 के तहत अपनी अंतर्निहित शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए चेक डिसऑनर की शिकायत रद्द कर दी...

बिजली अधिनियम की धारा 127(2) के तहत जमा की गई वैधानिक जमा राशि पर उपभोक्ता ब्याज का दावा नहीं कर सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
'बिजली अधिनियम की धारा 127(2) के तहत जमा की गई वैधानिक जमा राशि पर उपभोक्ता ब्याज का दावा नहीं कर सकता': बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 127(2) के तहत अनिवार्य रूप से जमा की गई राशि पर ब्याज का दावा करने का उपभोक्ता के पास कोई लागू करने योग्य वैधानिक अधिकार नहीं है, जब बिजली के अनधिकृत उपयोग के मूल्यांकन को अपील में रद्द कर दिया जाता है। कोर्ट ने कहा कि धारा 127(2) के तहत जमा राशि वैधानिक अपील को बनाए रखने के लिए एक पूर्व शर्त है और यह टैरिफ या उपभोग शुल्क के भुगतान के लिए नहीं है; लाइसेंसधारी पर ब्याज का भुगतान करने का पारस्परिक दायित्व बनाने वाले किसी भी स्पष्ट...

किस्मत दरवाज़े खोलती है, कड़ी मेहनत आपको आगे ले जाती है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से रिटायर हुए जस्टिस अचल कुमार पालीवाल
'किस्मत दरवाज़े खोलती है, कड़ी मेहनत आपको आगे ले जाती है': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से रिटायर हुए जस्टिस अचल कुमार पालीवाल

जस्टिस अचल कुमार पालीवाल ने शुक्रवार (19 दिसंबर) को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को अलविदा कहा, जिससे उनका 35 साल का शानदार न्यायिक करियर खत्म हो गया।26 दिसंबर, 1963 को जन्मे जस्टिस पालीवाल 1990 में एमपी न्यायिक सेवा में शामिल हुए। इन सालों में वे धीरे-धीरे पदोन्नति पाते गए सिविल जज, सीनियर सिविल जज और चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के रूप में काम किया। बाद में न्यायिक सेवा में डिस्ट्रिक्ट जज के रूप में भी काम किया।उन्हें 2012 में सिलेक्शन ग्रेड और 2018 में सुपर टाइम स्केल दिया गया, जो उनके बेहतरीन सेवा...

राहुल गांधी नागरिकता विवाद | BJP कार्यकर्ता ने रायबरेली में वकीलों पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया, हाईकोर्ट ने मामला लखनऊ ट्रांसफर किया
राहुल गांधी नागरिकता विवाद | BJP कार्यकर्ता ने रायबरेली में वकीलों पर 'जान से मारने की धमकी' देने का आरोप लगाया, हाईकोर्ट ने मामला लखनऊ ट्रांसफर किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता और रायबरेली के सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दायर आपराधिक शिकायत मामले को रायबरेली के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट-IV की कोर्ट से लखनऊ की स्पेशल MP/MLA कोर्ट में तुरंत ट्रांसफर करने का निर्देश दिया।जस्टिस बृज राज सिंह की बेंच ने इस तरह BJP कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर (मूल शिकायतकर्ता) द्वारा BNSS की धारा 447 के तहत दायर ट्रांसफर एप्लीकेशन को मंज़ूरी दी।अपनी ट्रांसफर याचिका में शिशिर ने रायबरेली कोर्ट में तनावपूर्ण और हिंसक...

राबड़ी देवी और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ केस जज विशाल गोगने से ट्रांसफर करने की याचिका खारिज
राबड़ी देवी और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ केस जज विशाल गोगने से ट्रांसफर करने की याचिका खारिज

दिल्ली कोर्ट ने शुक्रवार (19 दिसंबर) को राबड़ी देवी की याचिका खारिज की, जिसमें उन्होंने अपने और अपने परिवार के सदस्यों, जिनमें उनके पति लालू यादव और बेटे तेजस्वी यादव शामिल हैं, उनके खिलाफ राउज़ एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगने की कोर्ट से केस ट्रांसफर करने की मांग की थी।पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, राबड़ी देवी ने जज पर पक्षपात का आरोप लगाया था।रिपोर्ट में कहा गया कि प्रिंसिपल एंड डिस्ट्रिक्ट सेशंस जज दिनेश भट्ट ने चार केस ट्रांसफर करने की याचिका खारिज की, जिनमें ED और CBI के केस भी शामिल...

प्रधानमंत्री पर कथित सोशल मीडिया पोस्ट मामले में BJP कार्यकर्ता की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार
प्रधानमंत्री पर कथित सोशल मीडिया पोस्ट मामले में BJP कार्यकर्ता की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बेंगलुरु निवासी भाजपा कार्यकर्ता गुरुदत्त शेट्टी द्वारा दायर उस रिट याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कथित रूप से निशाना बनाने वाली सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर गुजरात पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ गुरुदत्त शेट्टी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका उस पोस्ट से संबंधित थी, जो सोशल मीडिया मंच X (पूर्व में ट्विटर) पर...

नोएडा पुलिस पर 14 घंटे की अवैध हिरासत और कस्टोडियल यौन उत्पीड़न का आरोप, महिला वकील ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
नोएडा पुलिस पर 14 घंटे की अवैध हिरासत और कस्टोडियल यौन उत्पीड़न का आरोप, महिला वकील ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

सुप्रीम कोर्ट ने आज एक महिला अधिवक्ता द्वारा दायर रिट याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उन्हें नोएडा के एक पुलिस थाने में रातभर लगभग 14 घंटे तक अवैध रूप से हिरासत में रखा गया और इस दौरान पुलिस अधिकारियों द्वारा कस्टोडियल यौन उत्पीड़न, शारीरिक यातना और जबरदस्ती की गई। याचिका पर जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए केंद्र को 7 जनवरी 2026 तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।याचिका में संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(g), 21...

सरासर उद्दंडता: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने CJM को जवाब देने के लिए सब-इंस्पेक्टर तैनात करने पर SSP को फटकारा, जवाब तलब
सरासर उद्दंडता: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने CJM को जवाब देने के लिए सब-इंस्पेक्टर तैनात करने पर SSP को फटकारा, जवाब तलब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को बदायूं के सीनियर पुलिस अधीक्षक (SSP) के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उसे सरासर उद्दंडता करार दिया। अदालत ने SSP द्वारा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) को जवाब देने का काम एक सब-इंस्पेक्टर को सौंपने पर सख्त आपत्ति जताई और उनसे व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर यह स्पष्ट करने को कहा कि उनके खिलाफ अलग से सिविल अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए।जस्टिस जे.जे. मुनिर और जस्टिस संजीव कुमार की खंडपीठ एक ऐसे आपराधिक अपील मामले की सुनवाई कर रही थी, जो वर्ष 1984 से लंबित है...

वकालतनामा स्टांप और सदस्यता शुल्क बढ़ाने को चुनौती: राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया
वकालतनामा स्टांप और सदस्यता शुल्क बढ़ाने को चुनौती: राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान एडवोकेट कल्याण निधि (संशोधन) अधिनियम, 2020 को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया। इस संशोधन अधिनियम के जरिए वकालतनामा पर लगने वाले कल्याण स्टांप शुल्क को चार गुना बढ़ाया गया। साथ ही राजस्थान अधिवक्ता कल्याण निधि की सदस्यता शुल्क में भी वृद्धि की गई।याचिका में कहा गया कि राजस्थान अधिवक्ता कल्याण निधि अधिनियम 1987 का मूल उद्देश्य अधिक से अधिक अधिवक्ताओं को इसके दायरे में लाना है ताकि उन्हें सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी लाभ मिल सकें। हालांकि,...

POCSO अपराध में जमानत के दौरान शादी या बच्चे का जन्म अप्रासंगिक: एमपी हाईकोर्ट ने 20 साल की सजा बरकरार रखी
POCSO अपराध में जमानत के दौरान शादी या बच्चे का जन्म अप्रासंगिक: एमपी हाईकोर्ट ने 20 साल की सजा बरकरार रखी

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने हाल ही में अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि POCSO Act के तहत अपराधों में जमानत के दौरान आरोपी और पीड़िता के बीच हुई शादी या उस विवाह से संतान का जन्म, सजा में रियायत देने के लिए किसी भी तरह से प्रासंगिक नहीं माना जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में सहानुभूति दिखाने का आधार नहीं बनता।जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रामकुमार चौबे की खंडपीठ ने यह टिप्पणी साजन भट्ट द्वारा दायर आपराधिक अपील खारिज करते हुए की। अपील में आरोपी ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले...

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व पंजाब मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की आय से अधिक संपत्ति मामले में जमानत याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व पंजाब मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की आय से अधिक संपत्ति मामले में जमानत याचिका पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें कथित आय से अधिक संपत्ति से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में उन्हें नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ उनकी SLP पर नोटिस जारी किया, जिसने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(b) के सपठित धारा 13(2) के तहत पंजाब...

सुप्रीम कोर्ट को राज्य सरकार का आश्वासन- अप्रैल, 2026 तक पूरे हो जाएंगे राजस्थान नगर पालिका चुनाव
सुप्रीम कोर्ट को राज्य सरकार का आश्वासन- अप्रैल, 2026 तक पूरे हो जाएंगे राजस्थान नगर पालिका चुनाव

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राजस्थान सरकार के इस भरोसे को रिकॉर्ड किया कि राज्य में शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव अप्रैल, 2026 के बाद टाले नहीं जाएंगे, जबकि राजस्थान हाईकोर्ट के उस आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया, जिसमें चुनावों को उस समय सीमा के भीतर कराने की इजाज़त दी गई थी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक संयम लोढ़ा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई...

कैश फॉर क्वेरी मामला: दिल्ली हाईकोर्ट से महुआ मोइत्रा को राहत, CBI चार्जशीट के लिए लोकपाल की मंजूरी रद्द
कैश फॉर क्वेरी मामला: दिल्ली हाईकोर्ट से महुआ मोइत्रा को राहत, CBI चार्जशीट के लिए लोकपाल की मंजूरी रद्द

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता और सांसद महुआ मोइत्रा को बड़ी राहत देते हुए कैश फॉर क्वेरी विवाद से जुड़े मामले में लोकपाल द्वारा CBI को चार्जशीट दाखिल करने की मंजूरी देने का आदेश रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने लोकपाल के आदेश को कानून के प्रावधानों के विपरीत करार देते हुए कहा कि लोकपाल ने लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम 2013 के प्रावधानों को सही ढंग से नहीं समझा।जस्टिस अनिल क्षेतरपाल और जस्टिस हरिश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने यह आदेश पारित करते हुए लोकपाल से कहा कि वह मंजूरी...

आखिरी बार साथ देखे जाने की थ्योरी अकेले पुख्ता सबूत के बिना सज़ा को कायम नहीं रख सकती: सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के आरोपी को बरी किया
'आखिरी बार साथ देखे जाने' की थ्योरी अकेले पुख्ता सबूत के बिना सज़ा को कायम नहीं रख सकती: सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के आरोपी को बरी किया

सुप्रीम कोर्ट ने एक व्यक्ति की हत्या की सज़ा यह मानते हुए रद्द की कि पूरी तरह से परिस्थितिजन्य सबूतों पर आधारित अभियोजन का मामला, अन्य पुख्ता सबूतों की गैरमौजूदगी में केवल "आखिरी बार साथ देखे जाने" की थ्योरी के आधार पर कायम नहीं रखा जा सकता।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की बेंच ने दोषी की अपील को मंज़ूरी देते हुए कहा,"यह एक ऐसा मामला है, जहां आखिरी बार साथ देखे जाने के सबूत के अलावा, अपीलकर्ता के खिलाफ कोई अन्य पुख्ता सबूत नहीं है। इसलिए केवल आखिरी बार साथ देखे जाने के आधार पर...