बेहद चिंताजनक: हाइकोर्ट ने ओखला औद्योगिक क्षेत्र में कथित ड्रग सिंडिकेट पर स्वतः संज्ञान लिया
Amir Ahmad
28 Jan 2026 4:30 PM IST

दिल्ली हाइकोर्ट ने शहर के ओखला औद्योगिक क्षेत्र में कथित रूप से सक्रिय ड्रग सिंडिकेट को लेकर स्वतः संज्ञान लिया। इस दौरान हाइकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।
चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एमीक्स क्यूरी नियुक्त किया, जिन्हें क्षेत्र का दौरा कर तथ्यों की जांच करने का निर्देश दिया गया। हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि एमिक्स क्यूरी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस कार्रवाई के संबंध में आवश्यक आदेश पारित किए जाएंगे।
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया, जब हाइकोर्ट एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें आरोप लगाया गया कि ओखला औद्योगिक क्षेत्र में चल रहा ड्रग सिंडिकेट देश के युवाओं और आर्थिक संस्कृति को नुकसान पहुंचा रहा है।
सुनवाई की शुरुआत में हाइकोर्ट ने याचिका की भाषा और प्रारूप पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रार्थना संक्षिप्त और स्पष्ट होनी चाहिए न कि एक निबंध के रूप में। इसके बाद प्रतिवादी वकील ने दलील दी कि याचिका व्यक्तिगत विवाद से प्रेरित प्रतीत होती है।
इस पर हाइकोर्ट ने याचिका को जनहित याचिका के रूप में स्वीकार करने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को लागत लगाने की चेतावनी दी। खंडपीठ ने कहा कि जनहित याचिका के माध्यम से व्यक्तिगत स्वार्थ साधने की अनुमति नहीं दी जा सकती और पीआईएल की पवित्रता बनाए रखना आवश्यक है।
हालांकि हाइकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिका में उठाया गया मुद्दा अपने आप में गंभीर है। इसी आधार पर हाइकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए भी पूरे मामले का स्वतः संज्ञान लेने का निर्णय किया। अदालत ने आदेश दिया कि याचिका के शीर्षक में आवश्यक संशोधन कर इसे स्वतः संज्ञान याचिका के रूप में पंजीकृत किया जाए।
हाइकोर्ट ने संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि यदि एमिक्स क्यूरी जांच के लिए क्षेत्र का दौरा करते हैं तो उन्हें पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाए।
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने अदालत में उपस्थित पुलिस अधिकारी से मौखिक रूप से कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है और स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने पुलिस से इस दिशा में ठोस कार्रवाई करने का संकेत भी दिया।
मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को निर्धारित की गई।

